किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के कास्त खर्रा गांव में बदहाल सड़क व्यवस्था के कारण एक बीमार वृद्ध महिला को कुर्सी पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। लगातार हुई बारिश से गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह जलमग्न और कीचड़ में तब्दील हो गई थी, जिससे गांव तक किसी भी वाहन का पहुंचना असंभव हो गया। ऐसी गंभीर स्थिति में गांव के तौसीफ आलम और तबरेज आलम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बीमार वृद्ध महिला अलेतून निशा को एक कुर्सी पर बैठाया और बल्लों के सहारे उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से टेंपो का इंतजाम कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो अब क्षेत्र में काफी चर्चा बटोर रहे हैं। ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कास्त खर्रा गांव की सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। बरसात शुरू होते ही यहां जलजमाव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन गांव तक नहीं आ पाता, जिससे लोगों की जान आफत में पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे भी सरकार को टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क और नाला निर्माण की मांग को लेकर संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सांसद, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से गांव तक जल्द से जल्द पक्की सड़क और नाले का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी अन्य मरीज की जान बचाने के लिए फिर से उन्हें इसी तरह कीचड़ भरे रास्ते से कुर्सी पर लादकर ले जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के कास्त खर्रा गांव में बदहाल सड़क व्यवस्था के कारण एक बीमार वृद्ध महिला को कुर्सी पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। लगातार हुई बारिश से गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह जलमग्न और कीचड़ में तब्दील हो गई थी, जिससे गांव तक किसी भी वाहन का पहुंचना असंभव हो गया। ऐसी गंभीर स्थिति में गांव के तौसीफ आलम और तबरेज आलम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बीमार वृद्ध महिला अलेतून निशा को एक कुर्सी पर बैठाया और बल्लों के सहारे उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से टेंपो का इंतजाम कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो अब क्षेत्र में काफी चर्चा बटोर रहे हैं। ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कास्त खर्रा गांव की सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। बरसात शुरू होते ही यहां जलजमाव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन गांव तक नहीं आ पाता, जिससे लोगों की जान आफत में पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे भी सरकार को टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क और नाला निर्माण की मांग को लेकर संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सांसद, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से गांव तक जल्द से जल्द पक्की सड़क और नाले का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी अन्य मरीज की जान बचाने के लिए फिर से उन्हें इसी तरह कीचड़ भरे रास्ते से कुर्सी पर लादकर ले जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के कास्त खर्रा गांव में बदहाल सड़क व्यवस्था के कारण एक बीमार वृद्ध महिला को कुर्सी पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। लगातार हुई बारिश से गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह जलमग्न और कीचड़ में तब्दील हो गई थी, जिससे गांव तक किसी भी वाहन का पहुंचना असंभव हो गया। ऐसी गंभीर स्थिति में गांव के तौसीफ आलम और तबरेज आलम ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बीमार वृद्ध महिला अलेतून निशा को एक कुर्सी पर बैठाया और बल्लों के सहारे उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से टेंपो का इंतजाम कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो अब क्षेत्र में काफी चर्चा बटोर रहे हैं। ग्रामीणों ने व्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कास्त खर्रा गांव की सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। बरसात शुरू होते ही यहां जलजमाव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन गांव तक नहीं आ पाता, जिससे लोगों की जान आफत में पड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे भी सरकार को टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क और नाला निर्माण की मांग को लेकर संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सांसद, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से गांव तक जल्द से जल्द पक्की सड़क और नाले का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी अन्य मरीज की जान बचाने के लिए फिर से उन्हें इसी तरह कीचड़ भरे रास्ते से कुर्सी पर लादकर ले जाने को मजबूर होना पड़ेगा।1
- शेखपुरा जिले के जगदीशपुर पंचायत के जगदीशपुर स्कूल का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को साझा करते हुए पूछा गया है कि यह देखने में कैसा लगा। यह वीडियो जगदीशपुर पंचायत के स्कूल को दिखाता है और इसे शेखपुरा जिले में अपने लोगों के लिए प्रस्तुत किया गया है।1
- अररिया के पलासी प्रखंड अंतर्गत कालियागंज बाजार में रोज़ाना लगने वाले जाम से लोग बेहद परेशान हैं। हर दिन लगने वाले इस जाम के कारण लोगों को भारी कठिनाई हो रही है, जिससे त्रस्त होकर अब लोगों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है।2
- अररिया में प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिला कांग्रेस पार्टी के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के राम मंदिर में चंदा चोरी के खिलाफ आयोजित किया गया, जिसमें जिला अध्यक्ष मासूम रेज़ा शामिल रहे।1
- चमचों को आड़े हाथों लेते हुए सीधा संदेश दिया गया है कि अब ट्रेन भी पानी से चलेगी क्योंकि इसके लिए हाइड्रोजन मशीन तैयार हो चुकी है। अब हर चीज पानी से ही चलाई जाएगी और मुस्लिम देशों से भारत में तेल का आना बहुत जल्द पूरी तरह से बंद हो जाएगा।2
- बिहार के कटिहार जिले के पोस्ट फतेहपुर और बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र के आजमगढ़ में शराब को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। यहाँ शराब नहीं बनने के कारण विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले का संबंध बिहार एमडी जावेद (BiharMD javedrap) से है।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत में लगातार हो रही बारिश के कारण एक महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क पर बना डायवर्सन ध्वस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के तहत एल-031-टी-02 से देवरी खास (बीआर-31) तक जाने वाली इस लगभग 3.45 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 1 करोड़ 95 लाख 33 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। इस सड़क का निर्माण कार्य 18 अगस्त 2023 को शुरू होकर 17 मई 2024 को पूरा हुआ था, जिसका जिम्मा संवेदक मोहम्मद सफीक आलम (धनपुरा, किशनगंज) के पास था। देवरी खास को रहमतपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर सुहिया शिव मंदिर चौक के समीप बना डायवर्सन बारिश के पानी में बह गया है। डायवर्सन टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विभाग और प्रशासन स्थिति से अवगत होने के बाद भी उदासीन बना हुआ है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते डायवर्सन की मरम्मत या कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से तत्काल क्षतिग्रस्त डायवर्सन की मरम्मत कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में स्थित फुलवरिया बाजार इस समय खतरे का घर बना हुआ है। यहाँ की बेहद जर्जर सड़क और गंभीर जलजमाव की समस्या ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। इस बदहाली के कारण यहाँ से गुजरने वाले लोग हर दिन अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। सड़क की इस जर्जर स्थिति और जलजमाव की वजह से यहाँ के लोग पूरी तरह से बेहाल हो चुके हैं।1