फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सख्त हुए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह 👉20 फरवरी को 1068 पंचायत घरों में एक साथ दवा सेवन अभियान पब्लिक की लहर शाहजहांपुर, 17 फरवरी। धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद में 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक संचालित फाइलेरिया आईडीए कार्यक्रम की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 20 फरवरी को दोपहर 12 बजे जनपद के समस्त 1068 पंचायत घरों में एक साथ अधिक से अधिक लोगों को अधिकारियों की उपस्थिति में फाइलेरिया की दवा खिलाई जाए। जिलाधिकारी ने एमओआईसी को निर्देशित किया कि विशेष वर्ग बाहुल्य क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर दवा वितरण सुनिश्चित किया जाए। विकासखंड जैतीपुर की प्रगति संतोषजनक न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है, जिसे सामान्य भाषा में हाथीपांव कहा जाता है। यह रोग एक बार हो जाने पर पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता। इससे हाथ-पैर, महिलाओं के स्तन तथा पुरुषों के अंडकोष में असामान्य सूजन आ जाती है। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर जिला भी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, इसलिए सभी को साल में एक बार दवा अवश्य खानी चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि फाइलेरिया आईडीए कार्यक्रम जनपद के चयनित 13 विकासखंडों—जैतीपुर, खुदागंज, निगोही, सिंधौली, पुवायां, भावलखेड़ा, ददरौल, कांट, जलालाबाद, मिर्जापुर, कलान तथा शहरी क्षेत्र शाहजहांपुर—में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को एलबेन्डाजोल, डीईसी एवं आइवरमेक्टिन तीन प्रकार की औषधियां दी जा रही हैं। प्रत्येक दो सदस्यीय टीम को प्रतिदिन 25 घरों (लगभग 125-130 जनसंख्या) को दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। अभियान के अंतर्गत एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। दवा खाली पेट नहीं लेने की सलाह दी गई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं आशा कार्यकर्ताओं के घरों को डिपो के रूप में चिन्हित किया गया है, ताकि छूटे हुए लोग बाद में वहां जाकर आशा के सामने दवा का सेवन कर सकें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है। कुछ व्यक्तियों में हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, विशेषकर जिनमें पहले से माइक्रोफाइलेरिया मौजूद हो या जिन्होंने खाली पेट दवा ली हो। ऐसे लक्षण सामान्यतः स्वतः ठीक हो जाते हैं, अन्यथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लिया जा सकता है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि फाइलेरिया मुक्त शाहजहांपुर के लक्ष्य को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करें।
फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सख्त हुए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह 👉20 फरवरी को 1068 पंचायत घरों में एक साथ दवा सेवन अभियान पब्लिक की लहर शाहजहांपुर, 17 फरवरी। धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद में 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक संचालित फाइलेरिया आईडीए कार्यक्रम की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 20 फरवरी को दोपहर 12 बजे जनपद के समस्त 1068 पंचायत घरों में एक साथ अधिक से अधिक लोगों को अधिकारियों की उपस्थिति में फाइलेरिया की दवा खिलाई जाए। जिलाधिकारी ने एमओआईसी को निर्देशित किया कि विशेष वर्ग बाहुल्य क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर दवा वितरण सुनिश्चित किया जाए। विकासखंड जैतीपुर की प्रगति संतोषजनक न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है, जिसे सामान्य भाषा में हाथीपांव कहा जाता है। यह रोग एक बार हो जाने पर पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता। इससे हाथ-पैर, महिलाओं के स्तन तथा पुरुषों के अंडकोष में असामान्य सूजन आ जाती है। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर जिला भी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, इसलिए सभी को साल में एक बार दवा अवश्य खानी
चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि फाइलेरिया आईडीए कार्यक्रम जनपद के चयनित 13 विकासखंडों—जैतीपुर, खुदागंज, निगोही, सिंधौली, पुवायां, भावलखेड़ा, ददरौल, कांट, जलालाबाद, मिर्जापुर, कलान तथा शहरी क्षेत्र शाहजहांपुर—में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को एलबेन्डाजोल, डीईसी एवं आइवरमेक्टिन तीन प्रकार की औषधियां दी जा रही हैं। प्रत्येक दो सदस्यीय टीम को प्रतिदिन 25 घरों (लगभग 125-130 जनसंख्या) को दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। अभियान के अंतर्गत एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। दवा खाली पेट नहीं लेने की सलाह दी गई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं आशा कार्यकर्ताओं के घरों को डिपो के रूप में चिन्हित किया गया है, ताकि छूटे हुए लोग बाद में वहां जाकर आशा के सामने दवा का सेवन कर सकें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है। कुछ व्यक्तियों में हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, विशेषकर जिनमें पहले से माइक्रोफाइलेरिया मौजूद हो या जिन्होंने खाली पेट दवा ली हो। ऐसे लक्षण सामान्यतः स्वतः ठीक हो जाते हैं, अन्यथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लिया जा सकता है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि फाइलेरिया मुक्त शाहजहांपुर के लक्ष्य को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करें।
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- आशा कार्यकत्रियों का संघर्ष जारी, मानदेय वृद्धि और बकाया भुगतान की मांग पर अडिग शाहजहांपुर। जनपद के जलालाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरिया में आशा कार्यकत्रियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में आशा बहुएं धरनास्थल पर डटी रहीं और प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।1
- शाहजहांपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में मगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने गंभीरता से प्रत्येक शिकायत को सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। जो प्रकरण तत्काल निस्तारित नहीं हो सके, उन्हें संबंधित विभागों को भेज दिया गया है ताकि जल्द से जल्द कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।1
- फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सख्त हुए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह 👉20 फरवरी को 1068 पंचायत घरों में एक साथ दवा सेवन अभियान पब्लिक की लहर शाहजहांपुर, 17 फरवरी। धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद में 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक संचालित फाइलेरिया आईडीए कार्यक्रम की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 20 फरवरी को दोपहर 12 बजे जनपद के समस्त 1068 पंचायत घरों में एक साथ अधिक से अधिक लोगों को अधिकारियों की उपस्थिति में फाइलेरिया की दवा खिलाई जाए। जिलाधिकारी ने एमओआईसी को निर्देशित किया कि विशेष वर्ग बाहुल्य क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर दवा वितरण सुनिश्चित किया जाए। विकासखंड जैतीपुर की प्रगति संतोषजनक न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है, जिसे सामान्य भाषा में हाथीपांव कहा जाता है। यह रोग एक बार हो जाने पर पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता। इससे हाथ-पैर, महिलाओं के स्तन तथा पुरुषों के अंडकोष में असामान्य सूजन आ जाती है। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर जिला भी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, इसलिए सभी को साल में एक बार दवा अवश्य खानी चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि फाइलेरिया आईडीए कार्यक्रम जनपद के चयनित 13 विकासखंडों—जैतीपुर, खुदागंज, निगोही, सिंधौली, पुवायां, भावलखेड़ा, ददरौल, कांट, जलालाबाद, मिर्जापुर, कलान तथा शहरी क्षेत्र शाहजहांपुर—में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को एलबेन्डाजोल, डीईसी एवं आइवरमेक्टिन तीन प्रकार की औषधियां दी जा रही हैं। प्रत्येक दो सदस्यीय टीम को प्रतिदिन 25 घरों (लगभग 125-130 जनसंख्या) को दवा खिलाने का लक्ष्य दिया गया है। अभियान के अंतर्गत एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। दवा खाली पेट नहीं लेने की सलाह दी गई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं आशा कार्यकर्ताओं के घरों को डिपो के रूप में चिन्हित किया गया है, ताकि छूटे हुए लोग बाद में वहां जाकर आशा के सामने दवा का सेवन कर सकें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है। कुछ व्यक्तियों में हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, विशेषकर जिनमें पहले से माइक्रोफाइलेरिया मौजूद हो या जिन्होंने खाली पेट दवा ली हो। ऐसे लक्षण सामान्यतः स्वतः ठीक हो जाते हैं, अन्यथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लिया जा सकता है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि फाइलेरिया मुक्त शाहजहांपुर के लक्ष्य को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करें।2
- पूरनपुर (पीलीभीत): उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत के थाना पूरनपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गहलुइया में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक गौ माता की मृत्यु हो गई। प्रशासनिक उदासीनता का आरोप स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के बाद इसकी सूचना संबंधित विभाग और प्रशासन को दी गई थी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होते देख ग्रामीणों में रोष फैल गया। कार्यकर्ताओं ने संभाली कमान गौ माता के एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता तत्काल भारी संख्या में गहलुइया पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने न केवल घटनास्थल का जायजा लिया, बल्कि प्रशासनिक देरी का इंतजार किए बिना खुद मोर्चा संभाला। विधि-विधान से विदाई: कार्यकर्ताओं ने पूरी श्रद्धा और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ मृत गौ माता का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया। दोषियों पर कार्रवाई की मांग: मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी व्यक्त की और मांग की कि रात में बेसहारा पशुओं के साथ होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।2
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