देवलोंद में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन 10000 की रिश्वत लेते उप यंत्री रंगे हाथ गिरफ्तार रीवा/शहडोल। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रहे लोकायुक्त संगठन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर परिषद खांड बाणसागर, देवलौंद में पदस्थ उपयंत्री सुधा वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की। लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में यह ट्रैप ऑपरेशन अंजाम दिया गया। शिकायतकर्ता मेसर्स जे.के. अग्रवाल, निवासी हुजूर, रीवा ने 7 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि खेल मैदान में स्टेयर निर्माण कार्य का अंतिम भुगतान तैयार होने के बावजूद उपयंत्री सुधा वर्मा मूल्यांकन के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 9 अप्रैल को विशेष टीम गठित कर जाल बिछाया गया और जैसे ही आरोपी ने 10 हजार रुपये की पहली किस्त ली, टीम ने मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने किया। उनके साथ निरीक्षक एस.आर. मरावी और उपनिरीक्षक आकांक्षा शुक्ला सहित 12 सदस्यीय टीम मौजूद रही। स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में पूरी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 (क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। लोकायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9893607619 जारी किया गया है।
देवलोंद में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन 10000 की रिश्वत लेते उप यंत्री रंगे हाथ गिरफ्तार रीवा/शहडोल। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रहे लोकायुक्त संगठन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर परिषद खांड बाणसागर, देवलौंद में पदस्थ उपयंत्री सुधा वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की। लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में यह ट्रैप ऑपरेशन अंजाम दिया गया। शिकायतकर्ता मेसर्स जे.के. अग्रवाल, निवासी हुजूर, रीवा ने 7 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि खेल मैदान में स्टेयर निर्माण कार्य का अंतिम भुगतान तैयार होने के बावजूद उपयंत्री सुधा वर्मा मूल्यांकन के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार
पाटीदार ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 9 अप्रैल को विशेष टीम गठित कर जाल बिछाया गया और जैसे ही आरोपी ने 10 हजार रुपये की पहली किस्त ली, टीम ने मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने किया। उनके साथ निरीक्षक एस.आर. मरावी और उपनिरीक्षक आकांक्षा शुक्ला सहित 12 सदस्यीय टीम मौजूद रही। स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में पूरी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 (क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। लोकायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9893607619 जारी किया गया है।
- कहीं आपने पहचानते तो नहीं अगर पहचानते तो जानकारी दें1
- Post by अजय कुमार केवट1
- रीवा/शहडोल। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रहे लोकायुक्त संगठन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर परिषद खांड बाणसागर, देवलौंद में पदस्थ उपयंत्री सुधा वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की। लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में यह ट्रैप ऑपरेशन अंजाम दिया गया। शिकायतकर्ता मेसर्स जे.के. अग्रवाल, निवासी हुजूर, रीवा ने 7 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि खेल मैदान में स्टेयर निर्माण कार्य का अंतिम भुगतान तैयार होने के बावजूद उपयंत्री सुधा वर्मा मूल्यांकन के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 9 अप्रैल को विशेष टीम गठित कर जाल बिछाया गया और जैसे ही आरोपी ने 10 हजार रुपये की पहली किस्त ली, टीम ने मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने किया। उनके साथ निरीक्षक एस.आर. मरावी और उपनिरीक्षक आकांक्षा शुक्ला सहित 12 सदस्यीय टीम मौजूद रही। स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में पूरी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 (क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। लोकायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9893607619 जारी किया गया है।2
- बस और पुलिस वाहन में जोरदार भिड़ंत,टीआई जोधन सिंह सहित अन्य गंभीर रूप से घायल उमरिया। उमरिया से चंदिया रोड के मंसूरी पेट्रोल पंप के करीब बस-बोलेरी के भिड़ंत की खबर है,इस घटना में चंदिया पुलिस का बोलेरो वाहन में टीआई सहित कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।खबर है कि दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो चंदिया पुलिस की है। इस घटना में चंदिया टीआई जोधन सिंह परस्ते एवम कांस्टेबल सौरभ दांगी गम्भीर रूप से घायल बताये जा रहे है। टीआई जोधन सिंह हादसे में गम्भीर रूप से घायल हुये है थे,जिस वजह से प्राथमिक उपचार कर उन्हें जबलपुर रेफर किया गया है।1
- ... शहडोल 9 अप्रैल 2026:- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने शहडोल जिले के ग्राम लालपुर में प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण हेतु एयरपोर्ट प्राधिकृत अधिकारियों के साथ हवाई पट्टी लालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एयरपोर्ट के प्राधिकृत अधिकारियों से भूमि विवरण, रनवे की लंबाई चौड़ाई, हवाई पट्टी की स्थिति बाउंड्रीवाल की लंबाई, चौड़ाई सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा कर महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया । इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग, सहायक महाप्रबंधक (प्रचालन) श्री प्रीतिश यादव, श्री गौरव मिश्रा, सहायक महाप्रबंधक (सी. एन. एस), श्री सचिन भाटी, प्रबंधक (ए. टी. सी) श्री प्रमोद वैकुंठराव खरोड़े, प्रबंधक (अग्निशमन) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत के बोदा पंचायत की नवनिर्मित पीसीसी सडक चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट,बता दें नवनिर्मित सडक के बीचोंबीच दरार आ चुकी है जो तस्वीरों में साफ नजर आ रही है साथ ही साइडिंग भी इतनी मजबूती से बनी है कि पैरों से दबाने टूटने लगती है,जनता के टैक्स के पैसों से यह किस तरह का ग्रामीण जनता को सड़क दी जा रही है देखिए और समझिए कि भ्रष्टाचार का चमत्कार4
- “बेटी की पुकार रंग लाई”—3 महीने बाद 26 मजदूरों की घर वापसी, 5.96 लाख का हक भी मिला डिंडोरी से एक बेहद सुकून देने वाली खबर—तेलंगाना में फंसे 26 मजदूरों की तीन महीने बाद सुरक्षित घर वापसी हो गई है। खास बात ये कि प्रशासन ने इनका बकाया मजदूरी भुगतान भी दिलाया है। मेहंदवानी जनपद के सुखलोंडी, पिंडरुखी और धनगांव के ये मजदूर 10 जनवरी को मिर्ची तोड़ने के लिए तेलंगाना के भद्राद्री इलाके गए थे। लेकिन वहां इन्हें न मजदूरी मिल रही थी और न ही घर लौटने दिया जा रहा था। मामले ने तब मोड़ लिया जब 31 मार्च की जनसुनवाई में एक बेटी ने अपने पिता को छुड़ाने की गुहार लगाई। इस पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने तुरंत एक्शन लेते हुए श्रम, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते भद्राद्री से सभी 26 मजदूरों को सुरक्षित छुड़ाया गया और वापस डिंडोरी लाया गया। यहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और करीब 5 लाख 96 हजार रुपये की बकाया मजदूरी भी दिलाई गई। कलेक्टर ने मजदूरों से अपील की है कि वे बिना जानकारी के बाहर काम पर न जाएं और किसी भी ठेकेदार के बहकावे में न आएं। साथ ही जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया गया है। तीन महीने की बेबसी के बाद जब ये मजदूर अपने घर पहुंचे, तो सिर्फ उनके चेहरे ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों में भी खुशी लौट आई। जिला प्रशासन डिंडोरी की इस पहल ने इंसानियत और जिम्मेदारी की एक मिसाल पेश की है। बाइट -- 043
- आज दिनांक 08/04/2026 टीईटी के विरोध में संयुक्त मोर्चा द्वारा उमरिया जिले में भी विशाल रैली का प्रदर्शन तत्पश्चात मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय को सौपा गया ज्ञापन।2