डेरापुर में दिनदहाड़े कथित अवैध खनन का वीडियो वायरल, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल डेरापुर में दिनदहाड़े कथित अवैध खनन का वीडियो वायरल, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल डेरापुर थाना क्षेत्र के जरौली में कथित अवैध खनन का मामला मंगलवार को उस समय चर्चा में आ गया, जब मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे खनन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो के आधार पर ग्रामीणों ने क्षेत्र में खुलेआम खनन किए जाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव क्षेत्र में दिन के उजाले में खनन का काम चल रहा है, बावजूद इसके संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और विभागीय अमले की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा खनन वास्तव में अवैध है, तो यह प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब दिन में कथित रूप से खनन गतिविधियां चल रही थीं, तो जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ी? ग्रामीणों ने प्रशासन से वायरल वीडियो की जांच कराने, मौके पर स्थलीय निरीक्षण करने और यदि खनन अवैध पाया जाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामला सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका और कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। अब देखना यह है कि वायरल वीडियो के आधार पर प्रशासन जांच कर कथित अवैध खनन की सच्चाई सामने लाता है या मामला महज आरोपों तक सीमित रह जाता है।
डेरापुर में दिनदहाड़े कथित अवैध खनन का वीडियो वायरल, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल डेरापुर में दिनदहाड़े कथित अवैध खनन का वीडियो वायरल, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल डेरापुर थाना क्षेत्र के जरौली में कथित अवैध खनन का मामला मंगलवार को उस समय चर्चा में आ गया, जब मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे खनन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो के आधार पर ग्रामीणों ने क्षेत्र में खुलेआम खनन किए जाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव क्षेत्र में दिन के उजाले में खनन का काम चल रहा है, बावजूद इसके संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और विभागीय अमले की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा खनन वास्तव में अवैध है, तो यह प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब दिन में कथित रूप से खनन गतिविधियां चल रही थीं, तो जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ी? ग्रामीणों ने प्रशासन से वायरल वीडियो की जांच कराने, मौके पर स्थलीय निरीक्षण करने और यदि खनन अवैध पाया जाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामला सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका और कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। अब देखना यह है कि वायरल वीडियो के आधार पर प्रशासन जांच कर कथित अवैध खनन की सच्चाई सामने लाता है या मामला महज आरोपों तक सीमित रह जाता है।
- सिकंदरा। थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी ट्रक चालक अक्षय कुमार ने सोमवार शाम करीब चार बजे पुलिस को तहरीर देकर पड़ोसी समेत चार लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सिकंदरा। थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी ट्रक चालक अक्षय कुमार ने सोमवार शाम करीब चार बजे पुलिस को तहरीर देकर पड़ोसी समेत चार लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने बताया कि रविवार शाम करीब सात बजे उसका पड़ोसी संत शरण से भूमि संबंधी विवाद हो गया था। विवाद की सूचना 112 पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर संत शरण ने रात करीब 10:30 बजे अपने साथियों के साथ पीड़ित के घर के दरवाजे पर पहुंचकर गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद संत शरण, उसकी पत्नी उर्मिला, पुत्र प्रिंस और बहनोई सीताराम ने पीड़ित की पत्नी और पुत्री के साथ लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट की। मारपीट में उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। आरोप है कि हमलावर पीड़ित के पुत्र का मोबाइल फोन भी छीन ले गए। घटना के बाद पीड़ित घायल अवस्था में सिकंदरा थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसकी तहरीर लेकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घायलों का उपचार कराया और मामले की जांच की जा रही है।2
- डेरापुर में दिनदहाड़े कथित अवैध खनन का वीडियो वायरल, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल डेरापुर में दिनदहाड़े कथित अवैध खनन का वीडियो वायरल, प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल डेरापुर थाना क्षेत्र के जरौली में कथित अवैध खनन का मामला मंगलवार को उस समय चर्चा में आ गया, जब मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे खनन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो के आधार पर ग्रामीणों ने क्षेत्र में खुलेआम खनन किए जाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव क्षेत्र में दिन के उजाले में खनन का काम चल रहा है, बावजूद इसके संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और विभागीय अमले की प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा खनन वास्तव में अवैध है, तो यह प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब दिन में कथित रूप से खनन गतिविधियां चल रही थीं, तो जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ी? ग्रामीणों ने प्रशासन से वायरल वीडियो की जांच कराने, मौके पर स्थलीय निरीक्षण करने और यदि खनन अवैध पाया जाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामला सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका और कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। अब देखना यह है कि वायरल वीडियो के आधार पर प्रशासन जांच कर कथित अवैध खनन की सच्चाई सामने लाता है या मामला महज आरोपों तक सीमित रह जाता है।1
- जंगल में फूली कांस, अब छोड़ो बारिश की आस गांवो मर बोली जाने बाली पुरानी कहाबत का आज भी महत्त्व झींझक। गांवों में मौसम को लेकर कही जाने वाली पुरानी कहावतें आज भी ग्रामीण जीवन में खास महत्व रखती हैं। ऐसी ही एक प्रचलित कहावत है—“जंगल में फूली कांस, अब छोड़ो बारिश की आस।” इसका सीधा अर्थ है कि जब जंगल और खेतों के आसपास कांस के सफेद फूल खिलने लगें तो वर्षा ऋतु के विदा होने का समय माना जाता है। कांस का फूलना प्रकृति में मौसम के बदलाव का पारंपरिक संकेत माना जाता रहा है। बुजुर्गों के अनुसार कांस के सफेद फूल दिखाई देने लगें तो बरसात का दौर धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ता है और शरद ऋतु के आगमन की आहट मिलने लगती है। इसी अनुभव को पीढ़ियों से कहावत के रूप में आगे बढ़ाया गया है। हालांकि आधुनिक मौसम विज्ञान के दौर में केवल कांस के फूलने के आधार पर बारिश की सटीक भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, लेकिन यह कहावत ग्रामीण समाज की प्रकृति और मौसम के सूक्ष्म संकेतों को समझने की परंपरा को जरूर दर्शाती है। कांस के सफेद फूल अब गांवों में बदलते मौसम का संदेश देते नजर आने लगे हैं।1
- *थाना अजीतमल क्षेत्रान्तर्गत ग्राम छीतापुर में दीवार गिर जाने से कुछ लोगों के घायल हो जाने के संबंध में क्षेत्राधिकारी अजीतमल द्वारा दी गई बाईट1
- बारावफात को सकुशल एवं शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के सम्बन्ध में पुलिस *आगामी पर्व बारावफात को सकुशल एवं शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा दी गई बाईट👇*1
- औरैया पुलिस 28 अगस्त को रक्षाबंधन, त्योहार को लेकर पूरी तरह अलर्ट। बहनों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवाजाही वाले मार्गों पर विशेष निगरानी। PRV और चीता मोबाइल टीमों को प्रमुख स्थानों पर सक्रिय किया गया। थानों की फर्स्ट मोबाइल, सेकंड मोबाइल और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन लगातार गश्त करेंगे। महिला सुरक्षा के मद्देनजर एंटी रोमियो टीम और कंट्रोल रूम भी रहेंगे सक्रिय। SP अभिषेक भारती के निर्देश पर रक्षाबंधन पर्व को लेकर पुलिस अलर्ट। औरैया पुलिस 28 अगस्त को रक्षाबंधन, त्योहार को लेकर पूरी तरह अलर्ट। बहनों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवाजाही वाले मार्गों पर विशेष निगरानी। PRV और चीता मोबाइल टीमों को प्रमुख स्थानों पर सक्रिय किया गया। थानों की फर्स्ट मोबाइल, सेकंड मोबाइल और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन लगातार गश्त करेंगे। महिला सुरक्षा के मद्देनजर एंटी रोमियो टीम और कंट्रोल रूम भी रहेंगे सक्रिय। SP अभिषेक भारती के निर्देश पर रक्षाबंधन पर्व को लेकर पुलिस अलर्ट।2
- *सावन के अंतिम सोमवार पर अटसू में पुलिस ने पेश की सेवा की मिसाल* औरैया। सावन के चौथे एवं अंतिम सोमवार पर जब पूरा देश शिवमय नजर आया, वहीं जनपद औरैया के अटसू चौराहे से पुलिस की मानवता और सेवा भावना की तस्वीर सामने आई। यहां पुलिस ने डंडे के बजाय सेवा का हाथ बढ़ाते हुए शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा की। अजीतमल थाना क्षेत्र के अटसू चौराहे पर मिशन हेल्पिंग अभियान के तहत पुलिस-पब्लिक के संयुक्त सहयोग से कांवड़ सेवा शिविर लगाया गया। रविवार रात से सोमवार सुबह तक चले शिविर में कांवड़ियों को फल, चाय, कॉफी, पानी और प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही उनके विश्राम के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अजीतमल कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह एवं अटसू चौकी प्रभारी अभय प्रताप सिंह ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना एवं आरती कर किया। इस दौरान चौकी पुलिस स्टाफ, नगर के व्यापारी, नगर पंचायत के सभासदगण और क्षेत्रीय प्रधान प्रतिनिधि मौजूद रहे। पुलिस और जनता के इस संयुक्त सेवा अभियान की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। कांवड़ियों की सेवा के जरिए पुलिस ने सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता की भी मिसाल पेश की।1
- औरैया अजीतमल के छीतापुर गांव में देर रात बड़ा हादसा। पड़ोसी की कच्ची दीवार टीन शेड पर गिरने से पांच लोग दबे। तीन बच्चों समेत पति-पत्नी मलबे में दबकर हुए घायल। सीओ मनोज गंगवार और कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी अजीतमल पहुंचाया। गंभीर घायल धीरेंद्र सिंह को जिला अस्पताल रेफर किया गया। नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली।1