राजस्थान के बारां जिले की कस्बाथाना ग्राम पंचायत में गुरुवार शाम 4 बजे एक प्रशासनिक शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नायब तहसीलदार आशीष गौतम, ग्राम विकास अधिकारी रेखम जाटव, सरपंच योगेश सहरिया, उप सरपंच विजय माली, कानूनगो पूनम चौहान और जलदाय विभाग के एईएन रामगोपाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। शिविर के दौरान, कछियाथाना गांव की महिलाओं ने पहुंचकर गांव में पानी की समस्या को लेकर जलदाय विभाग के एईएन को आवेदन दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की राजस्व, पेयजल, स्वच्छता, सड़क और अन्य जनसमस्याओं को सुना। प्राप्त परिवादों का मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास किया गया और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा।
राजस्थान के बारां जिले की कस्बाथाना ग्राम पंचायत में गुरुवार शाम 4 बजे एक प्रशासनिक शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नायब तहसीलदार आशीष गौतम, ग्राम विकास अधिकारी रेखम जाटव, सरपंच योगेश सहरिया, उप सरपंच विजय माली, कानूनगो पूनम चौहान और जलदाय विभाग के एईएन रामगोपाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। शिविर के दौरान, कछियाथाना गांव की महिलाओं ने पहुंचकर गांव में पानी की समस्या को लेकर जलदाय विभाग के एईएन को आवेदन दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की राजस्व, पेयजल, स्वच्छता, सड़क और अन्य जनसमस्याओं को सुना। प्राप्त परिवादों का मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास किया गया और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा।
- राजस्थान के बारां जिले की कस्बाथाना ग्राम पंचायत में गुरुवार शाम 4 बजे एक प्रशासनिक शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नायब तहसीलदार आशीष गौतम, ग्राम विकास अधिकारी रेखम जाटव, सरपंच योगेश सहरिया, उप सरपंच विजय माली, कानूनगो पूनम चौहान और जलदाय विभाग के एईएन रामगोपाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। शिविर के दौरान, कछियाथाना गांव की महिलाओं ने पहुंचकर गांव में पानी की समस्या को लेकर जलदाय विभाग के एईएन को आवेदन दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की राजस्व, पेयजल, स्वच्छता, सड़क और अन्य जनसमस्याओं को सुना। प्राप्त परिवादों का मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास किया गया और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा।1
- एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की मौजूदगी में ईरान के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।1
- करैरा से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खैराघाट में सरकारी भूमि से लाल मुरम के अवैध उत्खनन का मामला सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ माफिया तत्व जेसीबी मशीनों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन से लाल मुरम निकाल रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व की हानि हो रही है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह अवैध गतिविधि लंबे समय से खुलेआम जारी है, जहाँ दिन-रात जेसीबी मशीनों के माध्यम से मुरम का उत्खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद, जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में काफी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को इस मामले की पूरी जानकारी है, फिर भी अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। ऐसे में क्षेत्र में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि अधिकारी आखिर किस वजह से कार्रवाई करने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- मध्य प्रदेश के डबरा से एक खबर सामने आई है, जहाँ 50 वर्षीय राजू नामक व्यक्ति पर दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप लगा है। यह घटना आठ साल की बच्ची के साथ हुई है। मामले की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।1
- शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र के भयावन गाँव में हुए प्रभान लोधी हत्याकांड में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हत्या के विरोध में मृतक के परिजनों और समर्थकों ने सड़क जाम कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की थी। पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद बलवीर पाल, परमेश्वरदास पाल, मिजाजी पाल और एक अन्य बलवीर पाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस टीम इस प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। गौरतलब है कि भयावन गाँव में निजी क्लीनिक संचालक प्रभान लोधी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके चलते परिजनों ने भौंती थाने के सामने सड़क जाम कर आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने की माँग की थी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जाँच जारी है।1
- पूरा लो-फाई गीत "लाइंग लव (लो-फाई सैड वर्जन)" एक टूटे हुए दिल की कहानी कहता है, जिसमें प्रेमी अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है कि उसने रातों में महबूब का नाम लिखा और आँसुओं से हर ख्वाब भिगो दिए, बावजूद इसके कि सामने वाला सच नहीं कह सका। दिल फिर भी उसी में उलझा रहा, क्योंकि उसकी बातों में भले ही झूठ था, पर प्यार तो उसकी साँसों में बसा था। इस धोखे के बावजूद, वह टूटकर भी मुस्कुराता रहा और बस अपने प्यार का इंतजार करता रहा। गीत का मुख्य हिस्सा बार-बार यही सवाल उठाता है, "व्हाई आर यू लाइंग, बेबी लाइंग?" और कहता है कि इस झूठ ने दिल को रोज रुलाया है। महबूब की यादों की बारिश में प्रेमी ने खुद को ही गँवा दिया है। वह पूछता है कि यह मोहब्बत थी या रुसवाई, और अब तन्हा रातें यह सवाल करती हैं कि क्या वह कभी प्रेमी की भलाई थी भी या नहीं। दर्द की यह गाथा जारी रहती है जहाँ प्रेमी के हाथ में महबूब की तस्वीर है, पर वह किसी और के साथ है। वह खामोशी से जी रहा है और यह दर्द उसके हर लफ्ज में है। गीत का अंत लो-फाई बीट्स पर रोते हुए दिल और यादों के अंतहीन सिलसिले के साथ होता है, जहाँ प्रेमी आज तक यह समझ नहीं पाया है कि वह महबूब एक झूठ था या उसकी दुआ। यह "लाइंग लव" गीत पूरी तरह से लो-फाई संगीत की विशेषता को दर्शाता है, जो अक्सर सॉफ्ट बीट्स, नॉस्टैल्जिक फील और भावुक मूड के लिए जाना जाता है। इस गीत के लिए "अरिजीत सिंह स्टाइल फील" वाला पोस्टर बनाने का भी प्रस्ताव है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की लुहाड़ पंचायत में कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि फर्जी बिलों के ज़रिए और बिना किसी निर्माण कार्य के ही भुगतान निकाल लिया गया है। स्थानीय सूत्रों और शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इन आरोपों के संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लगभग 10 दिन पहले लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद, अब तक न तो कोई जांच दल गठित किया गया है और न ही संबंधित अधिकारियों या जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। जनपद सीईओ की इस चुप्पी को लेकर अब चर्चाएं हो रही हैं।1
- गुरुवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने बीलखेड़ा डांग का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और मां-बाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया, जहाँ साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और पोषाहार वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद, कलेक्टर असावा ने सहरिया बंगले में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क निर्माण और सरकारी योजनाओं से संबंधित अपनी मांगें रखीं। कलेक्टर ने इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कोटरा से कुंडा तक बन रही पीएम जनमन सड़क का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की तथा समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।1