ग्राम खैराघाट में सरकारी जमीन से लाल मुरम के अवैध उत्खनन के आरोप, कार्रवाई न होने पर उठे सवाल करैरा संवाददाता – गजेन्द्र सिंह कुशवाह करैरा। तहसील से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खैराघाट में सरकारी भूमि से लाल मुरम के अवैध उत्खनन का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ माफिया तत्व जेसीबी मशीनों के माध्यम से सरकारी जमीन से बड़े पैमाने पर लाल मुरम की खुदाई कर रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गतिविधि लंबे समय से जारी है और उत्खनन कार्य खुलेआम किया जा रहा है। लोगों के अनुसार, केवल रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिनदहाड़े भी जेसीबी मशीनें चलाकर मुरम निकाली जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बावजूद अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। ऐसे में क्षेत्र में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किन कारणों से जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ग्राम खैराघाट में सरकारी जमीन से लाल मुरम के अवैध उत्खनन के आरोप, कार्रवाई न होने पर उठे सवाल करैरा संवाददाता – गजेन्द्र सिंह कुशवाह करैरा। तहसील से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खैराघाट में सरकारी भूमि से लाल मुरम के अवैध उत्खनन का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ माफिया तत्व जेसीबी मशीनों के माध्यम से सरकारी जमीन से बड़े पैमाने पर लाल मुरम की खुदाई कर रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गतिविधि लंबे समय से जारी है और उत्खनन कार्य खुलेआम किया जा रहा है। लोगों के अनुसार, केवल रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिनदहाड़े भी जेसीबी मशीनें चलाकर मुरम निकाली जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बावजूद अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। ऐसे में क्षेत्र में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किन कारणों से जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
- ग्राम खैराघाट में सरकारी जमीन से लाल मुरम के अवैध उत्खनन के आरोप, कार्रवाई न होने पर उठे सवाल करैरा संवाददाता – गजेन्द्र सिंह कुशवाह करैरा। तहसील से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खैराघाट में सरकारी भूमि से लाल मुरम के अवैध उत्खनन का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ माफिया तत्व जेसीबी मशीनों के माध्यम से सरकारी जमीन से बड़े पैमाने पर लाल मुरम की खुदाई कर रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गतिविधि लंबे समय से जारी है और उत्खनन कार्य खुलेआम किया जा रहा है। लोगों के अनुसार, केवल रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिनदहाड़े भी जेसीबी मशीनें चलाकर मुरम निकाली जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बावजूद अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई जा रही है। ऐसे में क्षेत्र में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किन कारणों से जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- मध्य प्रदेश के डबरा से एक खबर सामने आई है, जहाँ 50 वर्षीय राजू नामक व्यक्ति पर दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप लगा है। यह घटना आठ साल की बच्ची के साथ हुई है। मामले की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।1
- शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र के भयावन गाँव में हुए प्रभान लोधी हत्याकांड में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हत्या के विरोध में मृतक के परिजनों और समर्थकों ने सड़क जाम कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की थी। पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद बलवीर पाल, परमेश्वरदास पाल, मिजाजी पाल और एक अन्य बलवीर पाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस टीम इस प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। गौरतलब है कि भयावन गाँव में निजी क्लीनिक संचालक प्रभान लोधी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके चलते परिजनों ने भौंती थाने के सामने सड़क जाम कर आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने की माँग की थी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जाँच जारी है।1
- शिवपुरी जिले के पोहरी जनपद सीईओ ऑफिसर सिंह गुर्जर की पहल से ग्राम पंचायत ठेवला के कैमरारे स्थित शांति धाम में चबूतरा और टिन शेड का निर्माण किया गया है। इस विकास कार्य से कैमरारे के ग्रामीणों को अब खुले में अंतिम संस्कार नहीं करना पड़ेगा, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। यह पहल 'खबर का असर' के तहत हुई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।1
- एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की मौजूदगी में ईरान के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।1
- शिवपुरी जिले की नरवर तहसील अंतर्गत बीजौर रेत खदान पर बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान क्षेत्र में पनडुब्बी और एलएनटी मशीनों का उपयोग करके खुलेआम रेत निकाली जा रही है। मौके पर मुरैना जिले की फर्जी रॉयल्टी का इस्तेमाल कर रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अवैध उत्खनन की जानकारी कई बार नरवर एसडीएम, तहसीलदार और जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी है। हालांकि, शिकायतें मिलने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के लिए मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि प्रशासन ईमानदारी से काम कर रहा होता, तो इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन लंबे समय तक नहीं चल पाता, जिससे वे आशंका जता रहे हैं कि इस अवैध कारोबार को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है। इस मामले को लेकर क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अवैध रेत उत्खनन में इस्तेमाल की जा रही मशीनों और वाहनों को भी जब्त करने की मांग उठाई है।1
- शिवपुरी जिले की नरवर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सीहोर के ग्राम पुला में पहाड़ियों से कथित तौर पर अवैध मुरम और मिट्टी का उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भारी मशीनों का उपयोग कर लगातार पहाड़ियों को खोदा जा रहा है, जिससे प्राकृतिक स्वरूप को गंभीर नुकसान पहुँच रहा है और शासन को भारी राजस्व हानि हो रही है। ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है, क्योंकि इस अवैध उत्खनन क्षेत्र से सीहोर थाना ज्यादा दूर नहीं होने के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि दिन-रात चल रहे इस कार्य की जानकारी संबंधित विभागों और प्रशासन को होने के बावजूद भी कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन से संयुक्त रूप से मौके की जांच कर अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनआंदोलन शुरू करने को विवश होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध उत्खनन पर कब तक अंकुश लगाता है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की नरवर तहसील अंतर्गत बीजौर रेत खदान पर बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान क्षेत्र में पनडुब्बी और एलएनटी मशीनों का उपयोग करके खुलेआम रेत निकाली जा रही है। मौके पर वामौर, मुरैना जिले की फर्जी रॉयल्टी दर्शाकर बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन किए जाने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अवैध उत्खनन की सूचना कई बार नरवर एसडीएम, तहसीलदार और जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी, लेकिन इसके बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। इस स्थिति से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्रामीणों में इसे लेकर भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि यदि प्रशासन निष्पक्षता से काम करता तो इतनी बड़ी मात्रा में अवैध उत्खनन लंबे समय तक नहीं चल पाता। ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त की है कि इस अवैध कारोबार को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते शिकायतों के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, अवैध रेत उत्खनन में इस्तेमाल की जा रही मशीनों और वाहनों को जब्त करने की भी मांग उठाई गई है।1