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मुंबई में आयोजित 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ 2026) के दौरान विश्व सिनेमा के भविष्य की एक अनूठी झलक देखने को मिली। इस महोत्सव में जर्मनी की प्रतिष्ठित फिल्म अकादमी बाडेन-वुर्टेमबर्ग जीएमबीएच की दस पुरस्कार विजेता छात्र फिल्मों का शानदार प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों ने अपनी रचनात्मकता, भावनात्मक गहराई और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बिनोद झा (संपादक)
मुंबई में आयोजित 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ 2026) के दौरान विश्व सिनेमा के भविष्य की एक अनूठी झलक देखने को मिली। इस महोत्सव में जर्मनी की प्रतिष्ठित फिल्म अकादमी बाडेन-वुर्टेमबर्ग जीएमबीएच की दस पुरस्कार विजेता छात्र फिल्मों का शानदार प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों ने अपनी रचनात्मकता, भावनात्मक गहराई और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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- मुंबई में आयोजित 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ 2026) के दौरान विश्व सिनेमा के भविष्य की एक अनूठी झलक देखने को मिली। इस महोत्सव में जर्मनी की प्रतिष्ठित फिल्म अकादमी बाडेन-वुर्टेमबर्ग जीएमबीएच की दस पुरस्कार विजेता छात्र फिल्मों का शानदार प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों ने अपनी रचनात्मकता, भावनात्मक गहराई और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- दरभंगा जिले के बहुअरवा में हुए एक सड़क हादसे में घायल पीड़ित और उनके परिवार से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह जानकारी सामने आई कि इलाज के खर्च के लिए परिवार को लगभग ₹30,000 का कर्ज लेना पड़ा है, और घायल का उपचार अभी भी जारी है। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर वर्षों से खराब पड़ी सड़क के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं, जिसमें लोग घायल हो रहे हैं और अपनी जान गँवा रहे हैं, की जिम्मेदारी किसकी है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान सड़क की इस बदहाली पर कब जाएगा, यह एक गंभीर चिंता का विषय है। यदि सड़क की मरम्मत समय पर नहीं हो सकती, तो कम से कम दुर्घटना पीड़ितों के लिए उचित मुआवजा और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से न जूझना पड़े। लोगों से अपील की गई है कि वे इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों की आवाज बनें। एक एकजुट आवाज प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक उनकी पीड़ा पहुंचा सकती है और न्याय की मांग को मजबूत कर सकती है। पीड़ित परिवार का एक विस्तृत इंटरव्यू वीडियो जल्द ही जारी किया जाएगा, जिसमें उनकी पूरी आपबीती साझा की जाएगी।1
- मिथिलांचल में पहली बार 'मिथिला आइडल 2026 – मैथिली सुरक महासंग्राम' नामक एक भव्य गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह मंच उन सभी गायकों के लिए एक बड़ा अवसर है जिनकी आवाज़ उनकी पहचान बन सकती है। इस प्रतियोगिता में विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्रथम विजेता को ₹1,00,000, द्वितीय विजेता को ₹71,000, और तृतीय विजेता को ₹51,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। ऑडिशन 28 और 29 जून 2026 को पटना, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, जनकपुर (नेपाल), खजुरिया (नेपाल) और झंझारपुर जैसे विभिन्न स्थानों पर शुरू होंगे। जिन लोगों के अंदर गायकी का हुनर है, उन्हें अपनी आवाज़ से पूरे मिथिलांचल को मंत्रमुग्ध करने के लिए इस मंच पर आमंत्रित किया गया है।1
- मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 15 की मौजूदा दशा ऐसी है कि एक थार वाहन भी वहाँ अपनी शक्ति भूल गया। सड़क की खराब स्थिति के कारण थार इस कदर फंस गई कि उसे निकालने के लिए ट्रैक्टर की सहायता लेनी पड़ी। अंततः, एक ट्रैक्टर की मदद से थार को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- मधुबनी में सनातन संस्कारों का एक विशाल महासंगम आयोजित किया गया, जहाँ सामूहिक उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार और शुभ विवाह जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों की धूम मची। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में सनातन परंपराओं की गूंज सुनाई दी।1
- यह जानकारी दी गई है कि पूरे बिहार राज्य में एक जैसी खराब स्थिति बनी हुई है। पोस्ट में लोगों से विशेष रूप से मधुबनी जिले के मौजूदा हालात पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है, जो इस बदहाली का एक स्पष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।1
- कमलावाड़ी फिजिकल एकेडमी ने जयनगर के कमलाबारी में सेना एवं सुरक्षा बलों में चयनित युवाओं के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और समाजसेवियों ने भाग लिया। समारोह में भारतीय सुरक्षा बलों में चयनित हुए विजय कुमार, रविंद्र कुमार, शंभू कुमार और केशव किशोर को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मुख्य अतिथि के रूप में अजय सिंह, रामचंद्र मंडल, शिवकुमार यादव और संतोष कुमार शर्मा उपस्थित रहे, जिन्हें पारंपरिक पाक-दुपट्टा देकर सम्मानित किया गया। अकादमी के सहायक ट्रेनर गौड़ी कुमार, जितेंद्र कुमार और आयुष कुमार ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्य ट्रेनर मनीष कुमार, प्रवीण कुमार और सुरेश कुमार ने चयनित युवाओं की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास और समर्पण से ही सफलता मिलती है। उपस्थित लोगों ने चयनित युवाओं का उत्साह बढ़ाया और अकादमी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के युवाओं को सेना एवं सुरक्षा बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और गौरव से भरा रहा, जिसमें मुकेश, राकेश, मनोज सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।4
- कई बार पुलिस थानों में कमरों के बाहर या ड्यूटी चार्ट में 'OD' लिखा देखा जाता है, जिसका अर्थ 'Officer of the Day' होता है। हालांकि, अक्सर लोगों को इसके कार्य, जनता की शिकायतों में इसकी भूमिका और थाना व्यवस्था में इसकी जिम्मेदारियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। 'आवाज़-ए-किशोर | सच दिखाओ LIVE' द्वारा इस वीडियो में इन्हीं सभी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब बेहद आसान भाषा में दिए गए हैं। यह जानकारी साझा करने का उद्देश्य लोगों को पुलिस व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है, ताकि जनमानस अपने अधिकारों और पुलिस की भूमिका से अवगत हो सके।1