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बिहार के कैमूर जिले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थकों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह विरोध मुख्यमंत्री के 'हरा गमछा' से जुड़े बयान को लेकर किया गया।
गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
बिहार के कैमूर जिले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थकों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह विरोध मुख्यमंत्री के 'हरा गमछा' से जुड़े बयान को लेकर किया गया।
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- धीना के नदहा-गुरैनी लघु डाल क्षेत्र में गंगा कटान को लेकर किसानों का धरना लगातार छठवें दिन भी जारी रहा। किसानों को समर्थन देने के लिए पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू भी धरना स्थल पर पहुंचे और उनकी समस्याओं को सुना। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दो दिन के भीतर कटानरोधी कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि अधिकारी और सरकार केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन अपने वादों को पूरा नहीं करते। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि गंगा कटान से हर वर्ष सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में समा रही है, फिर भी समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। किसानों ने यह भी बताया कि गंगा कटान के कारण लघु डाल पंप कैनाल पर भी खतरा मंडरा रहा है। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने मौके से सिंचाई विभाग के बंधी प्रखंड के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद और लघु डाल खंड के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों की सुध लेने वाला न तो कोई अधिकारी है और न ही सत्ता पक्ष का कोई प्रतिनिधि, जिसके चलते किसान स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से कराए गए बोल्डर पिचिंग कार्य का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया। धरना स्थल पर कटानरोधी कार्यों में हुए खर्च को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। किसानों ने दावा किया कि पिचिंग कार्य पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि बंधी प्रखंड की ओर से भी लगभग तीन करोड़ रुपये कटानरोधी कार्यों पर लगाए गए थे। हालांकि, पूर्व विधायक द्वारा अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार से बातचीत के दौरान बताया गया कि संबंधित कार्य लगभग 65 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। खर्च की राशि को लेकर सामने आए इन अलग-अलग दावों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। किसानों ने मांग की है कि कटानरोधी कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई हो तथा प्रभावित क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से कटान रोकने के लिए आवश्यक कार्य शुरू कराया जाए।2
- जनगणना के संबंध में सकलडीहा तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SDM कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।1
- चंदौली जिले के खड़ान गांव में पिछले दो से तीन साल से एक नाली का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस नाली पर अभी तक ढक्कन नहीं रखा गया है, जिसके कारण यह अधूरी पड़ी है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में धानापुर सकलडीहा से युवा नेता राजकुमार सनातनी हैं।1
- पुलिस से भागते वक्त कुछ लोगों ने नासा पुलिस पर फायरिंग की। इस दौरान उन्होंने हवा में 58 लाख रुपये के नोटों की गड्डियाँ उड़ाईं और एक गाड़ी भी चराई गई।1
- चंदौली किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने घोड़सारी गांव में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस गोष्ठी की अध्यक्षता राधेश्याम पांडेय ने की, जबकि राम अवध सिंह संगठन मंत्री के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में राजकुमार सिंह सहित कई किसान भी शामिल थे।1
- रोहतास जिले और सासाराम शहर में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी, लू और तेज़ धूप ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर रखा था, जहाँ तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। हालाँकि, मंगलवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को भारी राहत मिली। शाम करीब 4 बजे के बाद सासाराम शहर और आसपास के इलाकों में तेज़ आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा छा गया, जबकि तेज़ हवाओं से पेड़ों की डालियाँ झूमती नज़र आईं और सड़कों पर चल रहे लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। बारिश शुरू होते ही, भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि पिछले कई दिनों से लू के कारण बाज़ारों में सन्नाटा पसरा था और दोपहर में सड़कों पर आवाजाही बहुत कम हो गई थी। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों और आम लोगों के चेहरों पर खुशी देखी गई। बच्चों ने बारिश का आनंद लिया, तो वहीं दुकानदारों और राहगीरों ने भी गर्मी से मिली राहत पर संतोष जताया। हालांकि, तेज़ आंधी के कारण कुछ समय के लिए लोगों को परेशानी भी हुई, लेकिन बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। फ़िलहाल, सासाराम और रोहतास जिले के लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।3
- यह दृश्य रावटसगंज ओवरब्रिज के नीचे का है, जहाँ बाजार में लोगों को बिना हेलमेट के देखा गया।1
- रोहतास जिले के डेहरी से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ पटना जिले के नौबतपुर थाना क्षेत्र के अमरपुर गाँव निवासी सूरज कुमार नामक युवक की लू लगने से तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। सूरज कुमार किसी निजी कार्य से डेहरी आए हुए थे, जब डेहरी पहुँचने के दौरान उन्हें भीषण गर्मी और उमस के कारण चक्कर आने लगे और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। हालांकि, इलाज के बावजूद उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू की। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी करने के बाद, शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया गया है, जहाँ से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक तौर पर लू लगने को ही मौत का कारण बताया जा रहा है, जिसकी पुष्टि डेहरी नगर थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने भी की कि मृतक की मौत हीट वेव की चपेट में आने से हुई है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, स्वास्थ्य विभाग लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के अन्य उपाय अपनाने की सलाह दे रहा है। इस दुखद घटना के बाद मृतक सूरज कुमार के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।1