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जनगणना के संबंध में सकलडीहा तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SDM कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
Ajay Singh
जनगणना के संबंध में सकलडीहा तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SDM कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
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- जनगणना के संबंध में सकलडीहा तहसील में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में SDM कुंदन राज कपूर और तहसीलदार अनुराग सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।1
- चंदौली जिले के खड़ान गांव में पिछले दो से तीन साल से एक नाली का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस नाली पर अभी तक ढक्कन नहीं रखा गया है, जिसके कारण यह अधूरी पड़ी है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में धानापुर सकलडीहा से युवा नेता राजकुमार सनातनी हैं।1
- धीना के नदहा-गुरैनी लघु डाल क्षेत्र में गंगा कटान को लेकर किसानों का धरना लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि गंगा कटान के कारण न केवल किसानों की खेती, बल्कि गांवों का अस्तित्व भी खतरे में है। उन्होंने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। मनोज कुमार सिंह डब्लू ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते कटान रोकने का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे किसानों के साथ मिलकर एक बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने भी एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराते हुए इस समस्या के शीघ्र स्थायी समाधान की मांग की।1
- चंदौली जिले के चहनिया विकास खंड के नादी गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, जहाँ गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नियुक्त सफाईकर्मी लंबे समय से गांव में दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण और छोटे बच्चे स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी केवल कागजों में उपस्थिति दर्ज कराकर वेतन उठा रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं दिख रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी कभी-कभार आते भी हैं तो केवल ग्राम प्रधान या प्रभावशाली लोगों के आसपास ही नजर आते हैं, बाकी पूरे गांव की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। ग्रामीणों ने चहनिया ब्लॉक प्रशासन, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत), जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) और जनपद के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, पूछ रहे हैं कि जब महीनों से सफाई नहीं हो रही तो ये अधिकारी क्या कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नादी गांव की स्थिति दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं केवल फाइलों और फोटो सेशन तक सीमित रह गई हैं, और प्रभावी निरीक्षण तथा जवाबदेही की कमी के कारण यह दुर्दशा हुई है। आरोप है कि चहनिया ब्लॉक के कई गांवों में यही हाल है, जहाँ सफाईकर्मी काम नहीं कर रहे लेकिन उनके वेतन पर कोई रोक नहीं। यह स्थिति निगरानी व्यवस्था की पूर्ण विफलता को दर्शाती है। बरसात का मौसम निकट होने से गंदगी और जाम नालियों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिसे अगर जल्द ठीक नहीं किया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है। इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने 'नो वर्क नो पे' नीति लागू करने की मांग की है, उनका कहना है कि काम न करने वाले कर्मचारियों को जनता के पैसे से वेतन देना अनुचित है। उन्होंने जिलाधिकारी चंदौली से नादी गांव सहित चहनिया ब्लॉक के सभी गांवों की सफाई व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच, लापरवाह सफाईकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि केवल कागजी रिपोर्ट और बैठकों से गांव साफ नहीं होंगे, बल्कि जमीनी स्तर पर ईमानदारी से कार्य करने की आवश्यकता है। नादी गांव की यह गंभीर तस्वीर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और स्वच्छ भारत मिशन के दावों की पोल खोलती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों को गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।1
- भारत में अब नॉन-डीसीआर पैनल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप इन पर नेट मीटरिंग की सुविधा नहीं मिलेगी। इस नई व्यवस्था के तहत, नेट मीटरिंग की सुविधा अब केवल डीसीआर पैनल पर ही उपलब्ध होगी।1
- चंदौली किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने घोड़सारी गांव में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस गोष्ठी की अध्यक्षता राधेश्याम पांडेय ने की, जबकि राम अवध सिंह संगठन मंत्री के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में राजकुमार सिंह सहित कई किसान भी शामिल थे।1
- वाराणसी के रामनगर स्थित मालदिया खाले में बिजली की चपेट में आने से एक लाइनमैन की मौत होने की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद मालदिया खाले में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी, और पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद था। इस दौरान, एक महिला और एक बच्चे की मौत और प्रभावित परिवार के भविष्य को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रामनगर (वाराणसी) में बिजली से मौत या करंट लगने की किसी हालिया पुष्टि की हुई घटना की खबर नहीं मिली है। इसी संदर्भ में यह भी बताया गया है कि रामनगर और वाराणसी क्षेत्र में हाल के महीनों में बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने की कई खबरें आई हैं।4