मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा क्षेत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में शुक्रवार को विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली गई। जीतू पटवारी ने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर इस रैली की अगुवाई की, जिसमें सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली शुरू होने से पहले उन्होंने संकटमोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की, जिसके बाद यह रैली बानापुरा कृषि उपज मंडी पहुंची और वहां एक विशाल किसान सभा आयोजित की गई। किसान सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी विधायक और सांसद भाजपा के होने के बावजूद मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी आज तक सुनिश्चित नहीं हो सकी है। जीतू पटवारी ने स्थानीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो स्वयं को किसान हितैषी बताते हैं, वे चुनाव जीतने के बाद किसानों के बीच कितनी बार पहुंचे, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए। बानापुरा मंडी में जीतू पटवारी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वर्ष 2028 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दिया जाएगा और एमएसपी से कम कीमत पर उपज खरीदने वाले व्यापारियों या संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 3 अगस्त तक मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी शुरू नहीं की गई, तो कांग्रेस के नेतृत्व में किसान सड़कों पर उतरकर चक्काजाम आंदोलन करेंगे।
मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा क्षेत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में शुक्रवार को विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली गई। जीतू पटवारी ने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर इस रैली की अगुवाई की, जिसमें सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली शुरू होने से पहले उन्होंने संकटमोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की, जिसके बाद यह रैली बानापुरा कृषि उपज मंडी पहुंची और वहां एक विशाल किसान सभा आयोजित की गई। किसान सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी विधायक और सांसद भाजपा के होने के बावजूद मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी आज तक सुनिश्चित नहीं हो सकी है। जीतू पटवारी ने स्थानीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो स्वयं को किसान हितैषी बताते हैं, वे चुनाव जीतने के बाद किसानों के बीच कितनी बार पहुंचे, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए। बानापुरा मंडी में जीतू पटवारी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वर्ष 2028 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दिया जाएगा और एमएसपी से कम कीमत पर उपज खरीदने वाले व्यापारियों या संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 3 अगस्त तक मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी शुरू नहीं की गई, तो कांग्रेस के नेतृत्व में किसान सड़कों पर उतरकर चक्काजाम आंदोलन करेंगे।
- मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा क्षेत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में शुक्रवार को विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली गई। जीतू पटवारी ने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर इस रैली की अगुवाई की, जिसमें सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली शुरू होने से पहले उन्होंने संकटमोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की, जिसके बाद यह रैली बानापुरा कृषि उपज मंडी पहुंची और वहां एक विशाल किसान सभा आयोजित की गई। किसान सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी विधायक और सांसद भाजपा के होने के बावजूद मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी आज तक सुनिश्चित नहीं हो सकी है। जीतू पटवारी ने स्थानीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो स्वयं को किसान हितैषी बताते हैं, वे चुनाव जीतने के बाद किसानों के बीच कितनी बार पहुंचे, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए। बानापुरा मंडी में जीतू पटवारी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वर्ष 2028 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दिया जाएगा और एमएसपी से कम कीमत पर उपज खरीदने वाले व्यापारियों या संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 3 अगस्त तक मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी शुरू नहीं की गई, तो कांग्रेस के नेतृत्व में किसान सड़कों पर उतरकर चक्काजाम आंदोलन करेंगे।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में जीतू पटवारी ने 100% मूंग खरीदी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि 100% मूंग खरीदी नहीं हुई, तो 3 अगस्त को पूरे मध्य प्रदेश में किसान जनआंदोलन किया जाएगा।1
- नर्मदापुरम के इटारसी में नर्मदापुरम युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहुल गांधी जी के विरोध में हुई कार्रवाई के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का पुतला दहन किया। इस पुतला दहन के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच भारी हलचल और तीखी झड़प जैसी स्थिति देखने को मिली।1
- हरदा जिले की टिमरनी नगरीय सीमा से मात्र 1 किलोमीटर दूर ग्राम सामरधा और धौलपुर जाने वाले रास्ते पर बनी पुलिया पिछले करीब 3 महीनों से बेहद क्षतिग्रस्त और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस जर्जर मार्ग से रोजाना दर्जनों छोटे-बड़े वाहनों के साथ-साथ लगभग तीन गांवों के स्कूली बच्चों से भरे कम से कम 10 वाहन गुजरते हैं। पुलिया की बदहाली से हादसे का अंदेशा इस कदर बढ़ गया है कि आज स्कूल जाने वाले बच्चों ने वाहनों में बैठने से साफ इनकार कर दिया और स्कूल जाने से मना कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ जहां जिलाधीश खुद निर्देश दे रहे हैं कि पुल-पुलियाओं को सुधारा जाए ताकि बच्चों से भरे वाहन दुर्घटनाग्रस्त न हों, वहीं संबंधित विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। राहगीरों को सचेत करने के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने झाड़ी लगे गड्ढे में एक डिवाइडर भी लगाया है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। ग्रामीण गणेश गुर्जर ने सवाल उठाया कि अगर कभी बच्चों की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि किसी भी अनहोनी से बचने के लिए इस पुलिया का जल्द से जल्द निर्माण या दुरुस्तीकरण कराया जाए।3
- सरकार से मांगें पूरी होने का आश्वासन मिलने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अनशन तोड़ने का फैसला किया। सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था। अनशन के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा कि वे सोनम जी से आग्रह करते हैं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से प्राप्त करें। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रभु से सोनम जी के स्वस्थ रहने की प्रार्थना की।1
- खातेगांव स्थित प्रसिद्ध सेठ साड़ी शोरूम ने ग्राहकों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनसे आशीर्वाद की कामना की है। शोरूम प्रबंधन का कहना है कि आम लोगों का विश्वास ही उनके इस प्रतिष्ठान की असली पहचान और आधार बनेगा।1
- इटारसी की मुख्य सब्जी मंडी में नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाए गए पक्के चबूतरे खाली पड़े हैं, जबकि व्यापारी मुख्य रास्तों पर कैरट लगाकर अपनी दुकानें सजा रहे हैं। इसके कारण पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहनों के लिए आवाजाही का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है। विशेष रूप से गुरुवार को लगने वाले हाट बाजार के दौरान यह स्थिति और भी विकराल हो जाती है। मंडी में बढ़ रहे अतिक्रमण और अव्यवस्था से परेशान नागरिकों ने एसडीएम नीलेश शर्मा और नगर पालिका सीएमओ सुश्री सुरेखा जाटव से स्थल का औचक निरीक्षण करने तथा जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- नर्मदापुरम में वीआईपी रोड स्थित सांसद बंगले के सामने शुक्रवार शाम 4:30 बजे NSUI कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के समर्थन और मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी का जलता हुआ पुतला लेकर चलते ट्रैफिक में दौड़ पड़े। पुलिस रोकने के लिए उनके पीछे दौड़ी, जिससे रोड पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी समय कन्या शाला और एसएनजी स्कूल की छुट्टी होने के कारण रास्ते में मौजूद छात्र-छात्राओं ने घबराकर इधर-उधर भागकर खुद को बचाया। प्रदर्शन की कम समय में सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पूरी टीम के साथ सांसद बंगले के सामने बैरिकेडिंग कर रखी थी और मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम भी तैनात थी। NSUI कार्यकर्ताओं द्वारा आग लगाकर पुतले के साथ दौड़ते ही पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने के लिए उनसे झड़प की और कुप्पे व बाल्टी से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। इसके बाद फायर कर्मियों ने तेज प्रेशर से पानी मारकर जलते हुए पुतले को बुझाया।1