कुरूद के पूर्व विधायक लेखराम साहू ने खेत में मजदूरों के साथ की धान रोपाई, जाना हाल-चाल कुरूद के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस, नई दिल्ली श्री लेखराम साहू ने सोमवार को अपने गृह ग्राम सिलौटी पहुंचकर अपने खेत का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेत में धान की रोपाई कर रहे मजदूर भाइयों एवं बहनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और स्वयं भी धान रोपाई में सहयोग किया। इस अवसर पर श्री साहू ने खेत में काम कर रहे मजदूरों के साथ कुछ समय बिताया और खेती-किसानी से जुड़ी उनकी परेशानियों एवं इस वर्ष की रोपाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मजदूरों ने बताया कि इस बार रोपाई के समय लगातार अधिक बारिश होने के कारण धान की रोपाई में कुछ विलंब हुआ है। हालांकि अब मौसम अनुकूल होने से तेजी से रोपाई का कार्य जारी है और करीब एक सप्ताह के भीतर क्षेत्र में धान की रोपाई लगभग पूरी हो जाने की संभावना है। पूर्व विधायक श्री साहू ने कहा कि किसान और खेतिहर मजदूर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेत में उनके साथ काम करने से न केवल खेती की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है, बल्कि मेहनतकश मजदूरों के प्रति सम्मान और आत्मीयता भी मजबूत होती है। उन्होंने सभी किसानों एवं मजदूरों को बेहतर फसल और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।
कुरूद के पूर्व विधायक लेखराम साहू ने खेत में मजदूरों के साथ की धान रोपाई, जाना हाल-चाल कुरूद के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस, नई दिल्ली श्री लेखराम साहू ने सोमवार को अपने गृह ग्राम सिलौटी पहुंचकर अपने खेत का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेत में धान की रोपाई कर रहे मजदूर भाइयों एवं बहनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और स्वयं भी धान रोपाई में सहयोग किया। इस अवसर पर श्री साहू ने खेत में काम कर रहे मजदूरों के साथ कुछ समय बिताया और खेती-किसानी से जुड़ी उनकी परेशानियों एवं इस वर्ष की रोपाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मजदूरों ने बताया कि इस बार रोपाई के समय लगातार अधिक बारिश होने के कारण धान की रोपाई में कुछ विलंब हुआ है। हालांकि अब मौसम अनुकूल होने से तेजी से रोपाई का कार्य जारी है और करीब एक सप्ताह के भीतर क्षेत्र में धान की रोपाई लगभग पूरी हो जाने की संभावना है। पूर्व विधायक श्री साहू ने कहा कि किसान और खेतिहर मजदूर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेत में उनके साथ काम करने से न केवल खेती की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है, बल्कि मेहनतकश मजदूरों के प्रति सम्मान और आत्मीयता भी मजबूत होती है। उन्होंने सभी किसानों एवं मजदूरों को बेहतर फसल और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।
- कुर्मी समाज द्वारा राजिम में छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिभा खोज प्रतियोगिता परीक्षा का सफल आयोजन, 54 प्रतिभागी हुए शामिल राजिम :- कुर्मी समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रदेश कुर्मी क्षत्रिय समाज युवा प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेशव्यापी छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिभा खोज प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया गया। इस तारतम्य में गरियाबंद जिले के प्रतिभागियों के लिए राजिम में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां निर्धारित समय 12 से 02 बजे तक परीक्षा आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में जिले के कुर्मी समाज के 54 प्रतिभावान युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए समाज के जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों के द्वारा आकर्षक पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है। जिसमें प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपए कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष व दुर्ग के सांसद दुर्ग विजय बघेल द्वारा घोषित की गई है। द्वितीय पुरस्कार 17 हजार रुपए अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक दुर्ग प्रीतपाल सिंह बेलचंदन के द्वारा,तृतीय पुरस्कार 15 हजार रुपए दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर के द्वारा,चतुर्थ पुरस्कार 11 हजार रुपए व पंचम पुरस्कार 9 हजार रुपए समाज के पदाधिकारियों द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इसके पश्चात आने वाले 5 अन्य मेधावी प्रतिभागियों को 3-3 हजार प्रति प्रतिभागी सांत्वना पुरस्कार के रूप में प्रदान किए जाएंगे। *नगरपालिका उपाध्यक्ष पूर्णिमा चंद्राकर ने दिया भविष्य निर्माण का संदेश* परीक्षा के सफल समापन के उपरांत आयोजित मार्गदर्शन सत्र में राजिम नगरपालिका उपाध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा चंद्राकर ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों को समाज, राष्ट्र निर्माण और उज्ज्वल भविष्य के लिए कड़ी मेहनत व लगन से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना और आत्मविश्वास का संचार करती हैं। इसके अलावा डॉ ओमप्रकाश वर्मा ने भी प्रतिभागियों को रक्तदान और समाजसेवा के लिए प्रोत्साहित किया। कुर्मी समाज के जिलाध्यक्ष पुरंदर वर्मा ने कहा कि इस तरह के आयोजन से समाज के युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा जिससे आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वे पूर्ण रूप से तैयार होंगे। ऐसे आयोजन से युवाओं को मार्गदर्शन मिलेगा और आने वाले समय में अन्य समाज भी इस आयोजन से प्रेरणा लेंगे। आयोजन को व्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने में समाज के पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा। परीक्षा प्रभारी के रूप में कुर्मी समाज के जिलाध्यक्ष पुरंदर वर्मा एवं केंद्राध्यक्ष के रूप में मनीष देव वर्मा ने दायित्वों का निर्वहन किया। इस दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षक आशीष दिल्लीवार, पर्यवेक्षक डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, सुनील वर्मा, शंकर वर्मा, दशरथ वर्मा, चंद्रशेखर वर्मा और देवेंद्र वर्मा,सोहनलाल वर्मा,विजयमणि वर्मा ,गोपालराम वर्मा,ज्ञानचंद वर्मा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।3
- विश्व आदिवासी दिवस पर भरुवाडीह कला में गूंजा आदिवासी संस्कृति का रंग, भव्य कलश यात्रा एवं सुआ नृत्य ने बांधा समां* रिपोर्टर रोहित वर्मा लोकेशन खरोरा *विश्व आदिवासी दिवस पर भरुवाडीह कला में गूंजा आदिवासी संस्कृति का रंग, भव्य कलश यात्रा एवं सुआ नृत्य ने बांधा समां* खरोरा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी युवा परिषद ग्राम भरुवाडीह कला के तत्वावधान में भव्य कलश यात्रा एवं सुआ नृत्य कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया तथा मोर मयारू सुआ परिवार, भरुवाडीह कला द्वारा मनमोहक सुआ नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान टोना टार चक के सचिव पंचू ध्रुव ने सभा को विशेष रूप से संबोधित करते हुए आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं एवं लोककलाओं के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेखू राम सेन, जनपद सभापति तिल्दा तथा विशिष्ट अतिथि चित्ररेखा सेत कुमार बंजारे, सरपंच ग्राम पंचायत भरुवाडीह कला एवं संतराम कुर्रे, कोटवार रहे। कार्यक्रम में गांव के नागरिकगण नारायण प्रसाद साहू, भगत राम निषाद, शिक्षक दिनेश कुमार वर्मा, नेमसिंह धीवर एवं भोलाराम वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजक समिति के सदस्य योगेश्वर ध्रुव, बलदेव ध्रुव एवं नारायण ध्रुव सहित चैन सिंह ध्रुव, भानु ध्रुव, हुलास सिंह ध्रुव तथा शिक्षक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही और आदिवासी संस्कृति, लोकपरंपरा एवं सामाजिक एकजुटता का सुंदर संदेश देखने को मिला।4
- मुक्तिधाम से कब्रिस्तान तक पौधारोपण, जन सहयोग ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश मुक्तिधाम और कब्रिस्तानों में भी पौधारोपण, जन सहयोग ने शुरू की नई परंपरा कांकेर। शहर की समाजसेवी संस्था जन सहयोग ने वन विभाग के सहयोग से रविवार को शहर के मुक्तिधाम तथा मुस्लिम और ईसाई कब्रिस्तानों में फलदार एवं फूलदार पौधों का रोपण किया। अंतिम संस्कार स्थलों पर पौधारोपण की इस पहल को शहर में पर्यावरण संरक्षण की एक नई परंपरा की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने विभिन्न समाज प्रमुखों के समक्ष अंतिम संस्कार स्थलों पर पौधारोपण का प्रस्ताव रखा था, जिसे सभी समाजों ने सहर्ष स्वीकार किया। इसके बाद 9 अगस्त को पौधारोपण के लिए तिथि निर्धारित की गई। रविवार सुबह 7 बजे मसीह समाज के मनकेशरी स्थित कब्रिस्तान में पौधारोपण किया गया। इसके बाद अन्नपूर्णापारा स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान में पौधे रोपे गए। लगभग 9 बजे सनातन धर्म मुक्तिधाम में भी समाजसेवियों ने पहुंचकर फलदार एवं फूलदार पौधों का रोपण किया। मुस्लिम कब्रिस्तान में अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष जावेद मेमन ने जन सहयोग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार स्थलों पर हरियाली विकसित करने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने अजय पप्पू मोटवानी की समाजसेवा की भी प्रशंसा की। इस दौरान अब्दुल रफीक, हाजी सत्तार, गुलताज खान सहित अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों ने सहयोग किया। क्रिश्चियन समाज की ओर से सेवक नीरज जोफर, डॉ. प्रदीप क्लाडियस, आकाश राव सहित अन्य लोगों ने पौधारोपण में भाग लिया। जन सहयोग की ओर से अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के अलावा धर्मेंद्र देव, जितेंद्र प्रताप देव, दिलीप गंजीर, अखिलेश साहू, आशुतोष देव, शैलेंद्र देहारी, भूतपूर्व सैनिक टीके जैन, दीपक दैहारी और सागर देव ने सक्रिय सहभागिता निभाई। वन विभाग की ओर से परिक्षेत्र सहायक कांकेर अरुण नेताम, परिक्षेत्र सहायक मर्दापोटी विमल ठाकुर, परिक्षेत्र सहायक पुसवाड़ा चैनसिंह वट्टी, पीएस पीढ़ापाल मनोज साहू, परिक्षेत्र सहायक सुरेली हेमलता शोरी, वनरक्षक पुनेश यादव, चेतन पवार, हिमालय खड़हा, सुरेखा नेताम, शेष कुमार नेताम, राजवीर दुग्गा, छबीला नेताम, लोकेंद्र सिन्हा, तिहारीन कवाची और पुष्पलता भंडारी ने सहयोग प्रदान किया। अजय पप्पू मोटवानी ने कहा कि शहर में अंतिम संस्कार स्थलों पर पौधारोपण की नई परंपरा शुरू की गई है। प्रयास रहेगा कि यह परंपरा निरंतर आगे बढ़े और इन स्थानों पर भी हरियाली एवं फूलों की बहार दिखाई दे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ यह पहल सभी समाजों को जोड़ने का भी कार्य करेगी।4
- योग-संगीत शिक्षकों की नियुक्ति पर सवाल, डेढ़ महिने के बाद भी प्रक्रिया अधर में लटके है।1
- कुरूद में आरएसएस की प्रभात फेरी, स्वयंसेवकों ने नगर भ्रमण कर दिया एकजुटता का संदेश कुरूद में आरएसएस की प्रभात फेरी, स्वयंसेवकों ने नगर भ्रमण कर दिया एकजुटता का संदेश कुरूद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केशव प्रभात शाखा, कुरूद द्वारा प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से प्रभात फेरी निकाली जाती है। इसी क्रम में शनिवार 8 अगस्त 2026 को सुबह 5:45 बजे स्वयंसेवक कारगिल चौक में एकत्रित हुए। इसके बाद सुबह 6 बजे से प्रभात फेरी प्रारंभ हुई। प्रभात फेरी में आरएसएस के स्वयंसेवक एवं अन्य नागरिक शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए अनुशासन, सामाजिक एकता और राष्ट्रभावना का संदेश दिया। नगर भ्रमण के बाद प्रभात फेरी पुनः निर्धारित स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। केशव प्रभात शाखा द्वारा प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाली इस प्रभात फेरी में स्वयंसेवकों की नियमित सहभागिता रहती है। आयोजन का उद्देश्य समाज में आपसी सद्भाव, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता की भावना को मजबूत करना बताया गया।3
- क्या सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए? नगर पंचायत परपोड़ी, वार्ड 13 में घटिया इंटरलॉकिंग कार्य... Shuru App रिपोर्ट - छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज़ रिपोर्टर: दिनेश कुमार पटेल --- नगर पंचायत परपोड़ी, वार्ड 13 में घटिया इंटरलॉकिंग कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी नगर पंचायत परपोड़ी के वार्ड क्रमांक 13 से एक वीडियो सामने आया है जिसमें इंटरलॉकिंग टाइल्स की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में एक स्थानीय नागरिक टाइल्स को हाथ से उठाकर दिखा रहे हैं। उनका आरोप है कि टाइल्स सही से नहीं जमाई गई हैं और बिना ज्यादा मेहनत के उखड़ जा रही हैं। साथ ही कुछ जगहों पर टाइल्स के बीच में गड्ढे और सीमेंट का काम भी अधूरा दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी बारिश या दबाव में ही यह काम उखड़ सकता है। इससे सरकारी राशि के दुरुपयोग और काम की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्ड के रहवासियों की मांग है कि जिम्मेदार विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें और घटिया काम करने वालों पर कार्रवाई हो। वीडियो में नाली के पास गंदगी और कचरा जमा होने की स्थिति भी देखी जा सकती है, जिसे लेकर भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई है। नगर पंचायत प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए ताकि आम जनता को असुविधा न हो। _पूरी खबर यहां पढ़ें ➡️ छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज़ Shuru App_ --- आपकी राय क्या है? 👇 क्या सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए? 😡 – हां, दोषियों पर कार्रवाई हो 💯 – हां, जनता के पैसे का सही उपयोग हो 👍 – अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण करना चाहिए 🙁 – विकास कार्य में लापरवाही नहीं चलनी चाहिए1
- बलरामपुर जिले के राजपुर में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस, उमड़ा 20से 30हज़ार का जन सैलाब राजपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजपुर के धान मंडी प्रांगण में आदिवासी समाज द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रभर से भारी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 20 हजार लोगों की भीड़ मौजूद रही। पारंपरिक वेशभूषा, पीले झंडों और आदिवासी संस्कृति की झलक से पूरा राजपुर आदिवासी एकता के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री लालसाय मिंस एवं डॉ. प्रतिम राम जी रहे। वहीं ब्लॉक अध्यक्ष दयासागर सिंह पैकरा सहित समाज के कई पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद धान मंडी प्रांगण से विशाल रैली निकाली गई, जो राजपुर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सरगुजा पेट्रोल पंप तक पहुंची। रैली में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग शामिल हुए। हाथों में पीले झंडे और आदिवासी समाज के नारों के साथ निकली रैली ने पूरे नगर का माहौल उत्साह और जोश से भर दिया। इस भव्य आयोजन के आयोजक कृष्णनाथ टोप्पो रहे। कार्यक्रम में अनिल खलखो, देवबली, सुनील करकेटा, आलोक सिंह, अनिल भारती, रवि प्रताप मरावी, तेज प्रताप शांडिल्य, रंजीत बड़ा एवं पारसनाथ सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जल, जंगल, जमीन, आदिवासी संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के संरक्षण का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं में है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन राजपुर में आदिवासी एकता, संस्कृति और सामाजिक शक्ति का शानदार प्रदर्शन बनकर सामने आया। रैली में उमड़ा जनसैलाब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।4