कुरूद में आरएसएस की प्रभात फेरी, स्वयंसेवकों ने नगर भ्रमण कर दिया एकजुटता का संदेश कुरूद में आरएसएस की प्रभात फेरी, स्वयंसेवकों ने नगर भ्रमण कर दिया एकजुटता का संदेश कुरूद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केशव प्रभात शाखा, कुरूद द्वारा प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से प्रभात फेरी निकाली जाती है। इसी क्रम में शनिवार 8 अगस्त 2026 को सुबह 5:45 बजे स्वयंसेवक कारगिल चौक में एकत्रित हुए। इसके बाद सुबह 6 बजे से प्रभात फेरी प्रारंभ हुई। प्रभात फेरी में आरएसएस के स्वयंसेवक एवं अन्य नागरिक शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए अनुशासन, सामाजिक एकता और राष्ट्रभावना का संदेश दिया। नगर भ्रमण के बाद प्रभात फेरी पुनः निर्धारित स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। केशव प्रभात शाखा द्वारा प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाली इस प्रभात फेरी में स्वयंसेवकों की नियमित सहभागिता रहती है। आयोजन का उद्देश्य समाज में आपसी सद्भाव, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता की भावना को मजबूत करना बताया गया।
कुरूद में आरएसएस की प्रभात फेरी, स्वयंसेवकों ने नगर भ्रमण कर दिया एकजुटता का संदेश कुरूद में आरएसएस की प्रभात फेरी, स्वयंसेवकों ने नगर भ्रमण कर दिया एकजुटता का संदेश कुरूद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केशव प्रभात शाखा, कुरूद द्वारा प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से प्रभात फेरी निकाली जाती है। इसी क्रम में शनिवार
8 अगस्त 2026 को सुबह 5:45 बजे स्वयंसेवक कारगिल चौक में एकत्रित हुए। इसके बाद सुबह 6 बजे से प्रभात फेरी प्रारंभ हुई। प्रभात फेरी में आरएसएस के स्वयंसेवक एवं अन्य नागरिक शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए अनुशासन, सामाजिक एकता और राष्ट्रभावना का संदेश दिया। नगर
भ्रमण के बाद प्रभात फेरी पुनः निर्धारित स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। केशव प्रभात शाखा द्वारा प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाली इस प्रभात फेरी में स्वयंसेवकों की नियमित सहभागिता रहती है। आयोजन का उद्देश्य समाज में आपसी सद्भाव, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता की भावना को मजबूत करना बताया गया।
- गंगरेल वन क्षेत्र में घायल भारतीय अजगर का रेस्क्यू, रायपुर जंगल सफारी में चल रहा उपचार गंगरेल वन क्षेत्र में घायल भारतीय अजगर का रेस्क्यू, रायपुर जंगल सफारी में चल रहा उपचार धमतरी। गंगरेल वन क्षेत्र में घायल अवस्था में मिले भारतीय अजगर (Python molurus) का वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उपचार कराया। 8 अगस्त को मिले अजगर को वन परिक्षेत्र कार्यालय लाकर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें उसके सिर, पूंछ और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव मिले। प्रारंभिक जांच में चोटें किसी कठोर वस्तु या पत्थर से लगने की आशंका जताई गई। डॉ. मयंक पटेल ने अजगर का प्राथमिक उपचार कर आवश्यक दवाएं दीं, जिसके बाद उसकी हालत स्थिर रही। वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रधान और डिप्टी रेंजर राकेश तिवारी की मौजूदगी में उपचार की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। बेहतर चिकित्सा और विशेषज्ञ निगरानी के लिए शनिवार रात अजगर को रायपुर के जंगल सफारी भेज दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। रेस्क्यू अभियान में सर्प मित्र नीरज पांडेय ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घायल या संकटग्रस्त वन्यजीव मिलने पर उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की बजाय तत्काल विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते उसका सुरक्षित रेस्क्यू और उपचार किया जा सके।2
- विश्व आदिवासी दिवस पर भरुवाडीह कला में गूंजा आदिवासी संस्कृति का रंग, भव्य कलश यात्रा एवं सुआ नृत्य ने बांधा समां* रिपोर्टर रोहित वर्मा लोकेशन खरोरा *विश्व आदिवासी दिवस पर भरुवाडीह कला में गूंजा आदिवासी संस्कृति का रंग, भव्य कलश यात्रा एवं सुआ नृत्य ने बांधा समां* खरोरा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी युवा परिषद ग्राम भरुवाडीह कला के तत्वावधान में भव्य कलश यात्रा एवं सुआ नृत्य कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया तथा मोर मयारू सुआ परिवार, भरुवाडीह कला द्वारा मनमोहक सुआ नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान टोना टार चक के सचिव पंचू ध्रुव ने सभा को विशेष रूप से संबोधित करते हुए आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं एवं लोककलाओं के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेखू राम सेन, जनपद सभापति तिल्दा तथा विशिष्ट अतिथि चित्ररेखा सेत कुमार बंजारे, सरपंच ग्राम पंचायत भरुवाडीह कला एवं संतराम कुर्रे, कोटवार रहे। कार्यक्रम में गांव के नागरिकगण नारायण प्रसाद साहू, भगत राम निषाद, शिक्षक दिनेश कुमार वर्मा, नेमसिंह धीवर एवं भोलाराम वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजक समिति के सदस्य योगेश्वर ध्रुव, बलदेव ध्रुव एवं नारायण ध्रुव सहित चैन सिंह ध्रुव, भानु ध्रुव, हुलास सिंह ध्रुव तथा शिक्षक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही और आदिवासी संस्कृति, लोकपरंपरा एवं सामाजिक एकजुटता का सुंदर संदेश देखने को मिला।4
- मुरा गांव में किसान की धान फसल क्षतिग्रस्त करने का आरोप, सरपंच की अगुवाई में कार्रवाई धमतरी। ग्राम पंचायत मुरा (दरबा) में किसान द्वारा बोई गई धान की फसल को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, किसान की फसल को कथित तौर पर ग्राम पंचायत मुरा के सरपंच की अगुवाई में नुकसान पहुंचाया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पूर्व जुलाई-अगस्त के दौरान भी ग्राम मुरा में सरपंच की अगुवाई में कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। अब एक बार फिर किसान की बोई हुई धान फसल को क्षति पहुंचाए जाने का आरोप सामने आने से मामला गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बोई हुई फसल को नुकसान पहुंचाने से पहले संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया और नियमों का पालन किया जाना चाहिए। वहीं, ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और मौके पर राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल किसान की फसल को किस आधार पर और किसके आदेश पर क्षतिग्रस्त किया जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले में संबंधित किसान, ग्राम पंचायत और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।1
- कुर्रा गांव में धर्मांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने जताया विरोध कुरूद। धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र के कुर्रा गांव में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि महिला का परिवार पिछले करीब 5 वर्षों से दूसरे धर्म को मानता था, जिसके बाद महिला के अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। अंतिम संस्कार को लेकर गांव में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। ग्रामीणों और महिला के परिजनों के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर विवाद की स्थिति बनी। फिलहाल मामले में प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को संभालने का प्रयास किया जा रहा है। अंतिम संस्कार को लेकर दोनों पक्षों के दावों और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।3