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कागज़ पर ऑल ओके ज़मीन पर 'ज़ीरो प्रयागराज नैनी डीटीआई सेंटर की पीली पट्टी का सच कागज़ पर ऑल ओके ज़मीन पर 'ज़ीरो प्रयागराज नैनी डीटीआई सेंटर की पीली पट्टी का सच डीटीआई प्रयागराज नैनी स्थित डीटीआई ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट सेंटर का ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की ज़मीन पर सीमेंट की इन्टरलाकिगं ईंट की पक्की सड़क है उस पर गंदगी लेकिन जो मोटरसाइकिल टेस्ट ट्रैक है, वहां की पीली पट्टियां लाइन का एरो पूरी तरह मिट चुके हैं या गायब हैं आवेदक बाइक लेकरअसमंजस में टेस्ट देने पर है मजबूर प्रयागराज के नैनी स्थित डीटीआई सेंटर पर कागज़ों में तो उत्तर प्रदेश का परिवहन विभाग हाईटेक हो चुका है, टेस्ट ट्रैक वर्ल्ड क्लास बताए जाते हैं और स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं लेकिन इस हाईटेक दावे की असली ज़मीनी हकीकत' क्या है वो आज हम आपको नैनी के इस ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक से दिखा रहे हैं जहाँ ट्रैक पर ना तो पीली पट्टियाँ साफ़ दिख रही हैं और ना ही जमीन पर दिशा बताने वाले पीला पट्टी वाले एरो बने हैं यहां मोटरसाइकिल का टेस्ट ट्रैक नियम के मुताबिक आवेदक को ज़मीन पर बनी पीली पट्टियों का एरो के निशानों को देखकर बाइक से आठ के आकार में या निर्धारित ट्रैक पर घुमानी होती है लेकिन ज़रा नज़र डालिए पट्टियाँ गायब हैं जमीन पर पीला एरो का कोई नामोनिशान नहीं है अब सवाल यह है कि बिना गाइडलाइन के आवेदक बाइक कहाँ मोड़े और कहाँ चलाए आवेदक को पता ही नहीं चल रहा कि बाइक कहाँ से मोड़नी है और कहाँ ले जानी है जरा सा भी ट्रैक से आवेदक बाहर जाता है तो कैमरा रिजेक्ट कर देता है और वहां उपस्थित कर्मचारी बोलते हैं कि फेल हो गए इस पर आवेदक ने कहा पीले पट्टी ऐरो मिटा हुआ है तो जानकारी कैसे मिले कर्मचारी का कहना है कि यह मेरा काम नहीं है हमारा काम टेस्ट कंडक्ट कराना है मेंटेनेंस का काम ऊपर के सीनियर ऑफिसर्स ठेकेदार का होता है मेरा काम नहीं है देखने और सोचने वाली बात है कि आवेदक फीस भर रहे हैं चक्कर काट रहे हैं उनकी गलती न होने के बावजूद वो फेल हो रहे हैं इस नुकसान का ज़िम्मेदार कौन है सच्चाई यही है कि सेंटर का रखरखाव मेनटेनेंस मानक अनुसार पूरे नहीं तरीके से दिखाई नहीं दे रहे हैं केवल कागज़ों में फ़ाइलें दौड़ रही हैं टेंडर और मेंटेनेंस के नाम पर बजट बन रहे हैं लेकिन ज़मीनी स्तर पर सब कुछ खोखला है प्रयागराज नैनी का यह डीटीआई सेंटर इस बात का जीता जागता सबूत है कि कैसे डी टी आई सेंटर के प्रशासनिक की लापरवाही का खामियाज़ा आम जनता को अपनी जेब और समय गंवाकर चुकाना पड़ता है बिना पीली पट्टी वाली एरो के टेस्ट लेना आवेदकों के साथ सरासर अन्याय है अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद डी टी आई सेंटर के कर्मचारी एवं टेंडर ठीकेदारों की नींद खुलती है या फिर यह कागजी खेल यूं ही चलता रहेगा ।

1 hr ago
user_प्रेस मोहम्मद नईम
प्रेस मोहम्मद नईम
Local News Reporter Allahabad, Prayagraj•
1 hr ago

कागज़ पर ऑल ओके ज़मीन पर 'ज़ीरो प्रयागराज नैनी डीटीआई सेंटर की पीली पट्टी का सच कागज़ पर ऑल ओके ज़मीन पर 'ज़ीरो प्रयागराज नैनी डीटीआई सेंटर की पीली पट्टी का सच डीटीआई प्रयागराज नैनी स्थित डीटीआई ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट सेंटर का ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की ज़मीन पर सीमेंट की इन्टरलाकिगं ईंट की पक्की सड़क है उस पर गंदगी लेकिन जो मोटरसाइकिल टेस्ट ट्रैक है, वहां की पीली पट्टियां लाइन का एरो पूरी तरह मिट चुके हैं या गायब हैं आवेदक बाइक लेकरअसमंजस में टेस्ट देने पर है मजबूर प्रयागराज के नैनी स्थित डीटीआई सेंटर पर कागज़ों में तो उत्तर प्रदेश का परिवहन विभाग हाईटेक हो चुका है, टेस्ट ट्रैक वर्ल्ड क्लास बताए जाते हैं और स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं लेकिन इस हाईटेक दावे की असली ज़मीनी हकीकत' क्या है वो आज हम आपको नैनी के इस ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक से दिखा रहे हैं जहाँ ट्रैक पर ना तो पीली पट्टियाँ साफ़ दिख रही हैं और ना ही जमीन पर दिशा बताने वाले पीला पट्टी वाले एरो बने हैं यहां मोटरसाइकिल का टेस्ट ट्रैक नियम के मुताबिक आवेदक को ज़मीन पर बनी पीली पट्टियों का एरो के निशानों को देखकर बाइक से आठ के आकार में या निर्धारित ट्रैक पर घुमानी होती है लेकिन ज़रा नज़र डालिए पट्टियाँ गायब हैं जमीन पर पीला एरो का कोई नामोनिशान नहीं है अब सवाल यह है कि बिना गाइडलाइन के आवेदक बाइक कहाँ मोड़े और कहाँ चलाए आवेदक को पता ही नहीं चल

रहा कि बाइक कहाँ से मोड़नी है और कहाँ ले जानी है जरा सा भी ट्रैक से आवेदक बाहर जाता है तो कैमरा रिजेक्ट कर देता है और वहां उपस्थित कर्मचारी बोलते हैं कि फेल हो गए इस पर आवेदक ने कहा पीले पट्टी ऐरो मिटा हुआ है तो जानकारी कैसे मिले कर्मचारी का कहना है कि यह मेरा काम नहीं है हमारा काम टेस्ट कंडक्ट कराना है मेंटेनेंस का काम ऊपर के सीनियर ऑफिसर्स ठेकेदार का होता है मेरा काम नहीं है देखने और सोचने वाली बात है कि आवेदक फीस भर रहे हैं चक्कर काट रहे हैं उनकी गलती न होने के बावजूद वो फेल हो रहे हैं इस नुकसान का ज़िम्मेदार कौन है सच्चाई यही है कि सेंटर का रखरखाव मेनटेनेंस मानक अनुसार पूरे नहीं तरीके से दिखाई नहीं दे रहे हैं केवल कागज़ों में फ़ाइलें दौड़ रही हैं टेंडर और मेंटेनेंस के नाम पर बजट बन रहे हैं लेकिन ज़मीनी स्तर पर सब कुछ खोखला है प्रयागराज नैनी का यह डीटीआई सेंटर इस बात का जीता जागता सबूत है कि कैसे डी टी आई सेंटर के प्रशासनिक की लापरवाही का खामियाज़ा आम जनता को अपनी जेब और समय गंवाकर चुकाना पड़ता है बिना पीली पट्टी वाली एरो के टेस्ट लेना आवेदकों के साथ सरासर अन्याय है अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद डी टी आई सेंटर के कर्मचारी एवं टेंडर ठीकेदारों की नींद खुलती है या फिर यह कागजी खेल यूं ही चलता रहेगा ।

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  • प्रयागराज में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन पोस्टर जलाकर इस्तीफे की मांग प्रयागराज में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर इस्तीफे की मांग प्रयागराज। सिविल लाइंस स्थित गिरजाघर के पास शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पोस्टर को आग के हवाले कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो”, “ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद” और “ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन देशभर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध कार्यक्रमों के बीच किया गया। कांग्रेस ने 25 सितंबर को विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन में मुस्तकीम अटाला, फैजुल हसन, इम्तियाज सिद्दीकी, आसिफ अहमद, मोहम्मद आरिफ और आरती पाल समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    प्रयागराज में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन पोस्टर जलाकर इस्तीफे की मांग
प्रयागराज में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर इस्तीफे की मांग
प्रयागराज। सिविल लाइंस स्थित गिरजाघर के पास शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पोस्टर को आग के हवाले कर अपना विरोध जताया।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो”, “ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद” और “ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो” जैसे नारे लगाए।
कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन देशभर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध कार्यक्रमों के बीच किया गया। कांग्रेस ने 25 सितंबर को विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में मुस्तकीम अटाला, फैजुल हसन, इम्तियाज सिद्दीकी, आसिफ अहमद, मोहम्मद आरिफ और आरती पाल समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Rajik
    Rajik
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • थाना समाधान दिवस में तीन शिकायतें पहुंचीं, दो राजस्व व एक पुलिस विभाग से संबंधित राजस्व की एक शिकायत का मौके पर हुआ निस्तारण, शेष शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश प्रयागराज। खीरी थाना परिसर में शनिवार को थाना समाधान दिवस एसडीएम कोरांव टीपी (ठाकुर प्रसाद) सिंह के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष वीर प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान कुल तीन शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें दो राजस्व विभाग और एक पुलिस विभाग से संबंधित रही। राजस्व विभाग से संबंधित एक शिकायत का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि अन्य शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। समाधान दिवस में एसडीएम टीपी सिंह ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने फरियादियों को उनकी समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण समाधान का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर मेजा के नायब तहसीलदार चंदन पाल, उपनिरीक्षक हरेन्द्र यादव, सोनजीत यादव, मनोज कुमार, राम प्रवेश मौर्य, महिला उपनिरीक्षक निकिता वर्मा, दीवान राजेश सिंह, मुंशी भूपेंद्र यादव, सीसीटीएनएस कर्मी शिव कुमार व रामसूरत, महिला कांस्टेबल मंजू समेत थाना पुलिस एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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    थाना समाधान दिवस में तीन शिकायतें पहुंचीं, दो राजस्व व एक पुलिस विभाग से संबंधित
राजस्व की एक शिकायत का मौके पर हुआ निस्तारण, शेष शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश
प्रयागराज। खीरी थाना परिसर में शनिवार को थाना समाधान दिवस एसडीएम कोरांव टीपी (ठाकुर प्रसाद) सिंह के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष वीर प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान कुल तीन शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें दो राजस्व विभाग और एक पुलिस विभाग से संबंधित रही। राजस्व विभाग से संबंधित एक शिकायत का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि अन्य शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
समाधान दिवस में एसडीएम टीपी सिंह ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने फरियादियों को उनकी समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण समाधान का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर मेजा के नायब तहसीलदार चंदन पाल, उपनिरीक्षक हरेन्द्र यादव, सोनजीत यादव, मनोज कुमार, राम प्रवेश मौर्य, महिला उपनिरीक्षक निकिता वर्मा, दीवान राजेश सिंह, मुंशी भूपेंद्र यादव, सीसीटीएनएस कर्मी शिव कुमार व रामसूरत, महिला कांस्टेबल मंजू समेत थाना पुलिस एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_AII News 7UP
    AII News 7UP
    Prayagraj, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • प्रशासनिक उपेक्षा की बलि चढ़ा शंकरगढ़: 'आदर्श नगर पंचायत' बना 'नरक पंचायत', घुटनों तक भरे पानी और गंदगी के बीच जीने को मजबूर जनता प्रयागराज। शासन-प्रशासन के कागजों में 'आदर्श' का दर्जा प्राप्त शंकरगढ़ नगर पंचायत आज बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा की पराकाष्ठा झेल रहा है। कहने को तो यहाँ 12 वार्ड हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हर वार्ड में जनसमस्याओं का अंबार लगा हुआ है। नालियाँ पूरी तरह चोक हैं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और नरकीय जीवन जीने को मजबूर आम जनता की सुध लेने वाला कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि या अधिकारी धरातल पर नजर नहीं आ रहा। *वार्ड 2 और 5 का बुरा हाल: घुटनों तक जमा पानी, डूडा कॉलोनी हुई जर्जर* सबसे भयावह स्थिति वार्ड नंबर 2 और वार्ड नंबर 5 की है। यहाँ की मुख्य सड़कों और गलियों में घुटनों तक जलजमाव बना हुआ है। कीचड़ और सड़ते कचरे के बीच से होकर गुजरना स्थानीय निवासियों की नियति बन चुका है। बीमारियाँ फैलने का डर लगातार बना हुआ है। इसी क्षेत्र में स्थित डूडा कॉलोनी, जहाँ सैकड़ों गरीब और मजदूर परिवार रहते हैं, पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इमारत की स्थिति अत्यंत दयनीय है और यहाँ रहने वाले नागरिक हर पल किसी अनहोनी के साए में जीने को मजबूर हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत प्रशासन मौन साधे बैठा है। *मासूम बच्चे जोखिम में: विधायक के स्कूल के पास भी घुटनों तक पानी* हैरानी की बात तो यह है कि मुख्य मार्ग से महज 20 मीटर की दूरी पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. वाचस्पति का निजी विद्यालय 'एमवी कॉन्वेंट' संचालित होता है। यहाँ रोज आने वाले नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चे घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। जब क्षेत्र के इतने महत्वपूर्ण स्थान और स्कूल के आसपास यह आलम है, तो आम बस्तियों का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। *करोड़ों का बजट स्वीकृत, फिर भी विकास शून्य: क्या हुआ बंदरबांट?* मामले में क्षेत्रीय विधायक डॉ. वाचस्पति का कहना है कि उन्होंने शासन से नगर पंचायत शंकरगढ़ के विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट पास करवाकर स्वीकृत कराया था। लेकिन धरातल पर विकास कार्य पूरी तरह शून्य नजर आ रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि **आखिर शासन द्वारा स्वीकृत किया गया करोड़ों रुपये का विकास बजट कहाँ गया?** क्या विकास के नाम पर आई सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया? यह पूरा मामला उच्चस्तरीय निष्पक्ष जाँच का विषय है। *जिला प्रशासन से सीधे सवाल:* * क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे या महामारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं? * कागजों में आदर्श बनी नगर पंचायत की इस बदहाली का जवाबदेही किसकी है? * क्या डूडा कॉलोनी के गरीबों और मासूम स्कूली बच्चों को इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिलेगी? **स्थानीय नागरिकों की माँग:** शंकरगढ़ की जनता ने जिलाधिकारी प्रयागराज और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेते हुए जलजमाव की निकासी, सड़कों व नालियों की मरम्मत कराने तथा विकास कार्यों के नाम पर हुए कथित बजट घपले की उच्चस्तरीय जाँच कराने की जोरदार माँग की है।
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    प्रशासनिक उपेक्षा की बलि चढ़ा शंकरगढ़: 'आदर्श नगर पंचायत' बना 'नरक पंचायत', घुटनों तक भरे पानी और गंदगी के बीच जीने को मजबूर जनता
प्रयागराज। शासन-प्रशासन के कागजों में 'आदर्श' का दर्जा प्राप्त शंकरगढ़ नगर पंचायत आज बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा की पराकाष्ठा झेल रहा है। कहने को तो यहाँ 12 वार्ड हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हर वार्ड में जनसमस्याओं का अंबार लगा हुआ है। नालियाँ पूरी तरह चोक हैं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और नरकीय जीवन जीने को मजबूर आम जनता की सुध लेने वाला कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि या अधिकारी धरातल पर नजर नहीं आ रहा।
*वार्ड 2 और 5 का बुरा हाल: घुटनों तक जमा पानी, डूडा कॉलोनी हुई जर्जर*
सबसे भयावह स्थिति वार्ड नंबर 2 और वार्ड नंबर 5 की है। यहाँ की मुख्य सड़कों और गलियों में घुटनों तक जलजमाव बना हुआ है। कीचड़ और सड़ते कचरे के बीच से होकर गुजरना स्थानीय निवासियों की नियति बन चुका है। बीमारियाँ फैलने का डर लगातार बना हुआ है।
इसी क्षेत्र में स्थित डूडा कॉलोनी, जहाँ सैकड़ों गरीब और मजदूर परिवार रहते हैं, पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इमारत की स्थिति अत्यंत दयनीय है और यहाँ रहने वाले नागरिक हर पल किसी अनहोनी के साए में जीने को मजबूर हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत प्रशासन मौन साधे बैठा है।
*मासूम बच्चे जोखिम में: विधायक के स्कूल के पास भी घुटनों तक पानी*
हैरानी की बात तो यह है कि मुख्य मार्ग से महज 20 मीटर की दूरी पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. वाचस्पति का निजी विद्यालय 'एमवी कॉन्वेंट' संचालित होता है। यहाँ रोज आने वाले नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चे घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। जब क्षेत्र के इतने महत्वपूर्ण स्थान और स्कूल के आसपास यह आलम है, तो आम बस्तियों का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
*करोड़ों का बजट स्वीकृत, फिर भी विकास शून्य: क्या हुआ बंदरबांट?*
मामले में क्षेत्रीय विधायक डॉ. वाचस्पति का कहना है कि उन्होंने शासन से नगर पंचायत शंकरगढ़ के विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट पास करवाकर स्वीकृत कराया था। लेकिन धरातल पर विकास कार्य पूरी तरह शून्य नजर आ रहे हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि **आखिर शासन द्वारा स्वीकृत किया गया करोड़ों रुपये का विकास बजट कहाँ गया?** क्या विकास के नाम पर आई सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया? यह पूरा मामला उच्चस्तरीय निष्पक्ष जाँच का विषय है।
*जिला प्रशासन से सीधे सवाल:*
* क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे या महामारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं?
* कागजों में आदर्श बनी नगर पंचायत की इस बदहाली का जवाबदेही किसकी है?
* क्या डूडा कॉलोनी के गरीबों और मासूम स्कूली बच्चों को इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिलेगी?
**स्थानीय नागरिकों की माँग:**
शंकरगढ़ की जनता ने जिलाधिकारी प्रयागराज और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेते हुए जलजमाव की निकासी, सड़कों व नालियों की मरम्मत कराने तथा विकास कार्यों के नाम पर हुए कथित बजट घपले की उच्चस्तरीय जाँच कराने की जोरदार माँग की है।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    Allahabad, Prayagraj•
    6 hrs ago
  • विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग... विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए। राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है। राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है। राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है। कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें। कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
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    विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग...

विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग
प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए।
राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है।
राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है।
राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है।
कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें।
कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
    user_SHISHIR GUPTA
    SHISHIR GUPTA
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • प्रयागराज के मऊआइमा में सपा नेता व समर्थकों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी का आरोप, पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार प्रयागराज के मऊआइमा में सपा नेता व समर्थकों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी का आरोप, पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार ​प्रयागराज। मऊआइमा थाना क्षेत्र के ग्राम दुबाही से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने सपा नेता और उनके समर्थकों पर जानलेवा हमला, घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी देने के संगीन आरोप लगाए हैं। कार्रवाई में हो रही देरी और सुरक्षा की चिंता को देखते हुए पीड़ित पक्ष ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, घटना 22 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे की है, जब उनका बेटा मो० शाहनबाज घर लौट रहा था। रास्ते में एक सुनसान स्थान के पास दबंगों ने उसे रोककर गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इसके तुरंत बाद सपा नेता, वर्तमान ब्लॉक प्रमुख व प्रधान इम्तियाज अहमद और महताब अपने सहयोगियों के साथ आ धमके और शाहनबाज के साथ मारपीट करने लगे। किसी तरह अपनी जान बचाकर मोटरसाइकिल से भाग रहे युवक का आरोपियों ने पीछा भी किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसी रात करीब 12 बजे आरोपी 6-7 अज्ञात लोगों के साथ गोलबंद होकर उनके घर में जबरन घुस आए। हमलावरों ने घर में जमकर उपद्रव मचाया और कुर्सियाँ, बल्ब तथा खिड़कियों के काँच तोड़ दिए। बीच-बचाव करने पहुंची बेटी से मोबाइल छीनकर उसमें बनाई गई वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। स्थानीय स्तर पर उचित सुनवाई न होने की आशंका जताते हुए पीड़ित मुख्तार अहमद ने प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर के समक्ष उपस्थित होकर आपबीती सुनाई और निष्पक्ष जाँच व दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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    प्रयागराज के मऊआइमा में सपा नेता व समर्थकों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी का आरोप, पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार
प्रयागराज के मऊआइमा में सपा नेता व समर्थकों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी का आरोप, पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार
​प्रयागराज। मऊआइमा थाना क्षेत्र के ग्राम दुबाही से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने सपा नेता और उनके समर्थकों पर जानलेवा हमला, घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी देने के संगीन आरोप लगाए हैं। कार्रवाई में हो रही देरी और सुरक्षा की चिंता को देखते हुए पीड़ित पक्ष ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, घटना 22 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे की है, जब उनका बेटा मो० शाहनबाज घर लौट रहा था। रास्ते में एक सुनसान स्थान के  पास दबंगों ने उसे रोककर गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इसके तुरंत बाद सपा नेता, वर्तमान ब्लॉक प्रमुख व प्रधान इम्तियाज अहमद और महताब  अपने सहयोगियों के साथ आ धमके और शाहनबाज के साथ मारपीट करने लगे। किसी तरह अपनी जान बचाकर मोटरसाइकिल से भाग रहे युवक का आरोपियों ने पीछा भी किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसी रात करीब 12 बजे आरोपी 6-7 अज्ञात लोगों के साथ गोलबंद होकर उनके घर में जबरन घुस आए। हमलावरों ने घर में जमकर उपद्रव मचाया और कुर्सियाँ, बल्ब तथा खिड़कियों के काँच तोड़ दिए। बीच-बचाव करने पहुंची बेटी से मोबाइल छीनकर उसमें बनाई गई वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। स्थानीय स्तर पर उचित सुनवाई न होने की आशंका जताते हुए पीड़ित मुख्तार अहमद ने प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर के समक्ष उपस्थित होकर आपबीती सुनाई और निष्पक्ष जाँच व दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
    user_Dheeraj kumar
    Dheeraj kumar
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आज से पितरों को घर बुलाएंगे श्रद्धालु 15 दिन करेंगे पूजा और सेवा। आज से पितरों को घर बुलाएंगे श्रद्धालु 15 दिन करेंगे पूजा और सेवा।
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    आज से पितरों को घर बुलाएंगे श्रद्धालु 15 दिन करेंगे पूजा और सेवा।
आज से पितरों को घर बुलाएंगे श्रद्धालु 15 दिन करेंगे पूजा और सेवा।
    user_AT Samachar
    AT Samachar
    Media house प्रयागराज, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मिशन 2027 को लेकर बूथ स्तर तक पहुंचने पर जोर, जिलेवार घोषणा पत्र के लिए मांगे गए सुझाव प्रयागराज समाजवादी पार्टी के मिशन 2027 को लेकर आयोजित बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता की समस्याओं को समझने पर मिशन 2027 को लेकर बूथ स्तर तक पहुंचने पर जोर, जिलेवार घोषणा पत्र के लिए मांगे गए सुझाव प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के मिशन 2027 को लेकर आयोजित बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता की समस्याओं को समझने पर जोर दिया गया। बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और आगामी चुनाव के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मुहम्मद शारिक ने बताया कि बैठक में पीडीए से जुड़े लोगों की समस्याओं को बूथ स्तर तक जाकर सुनने और उनकी जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पीड़ित, दुखी और असहाय लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं, बच्चों की शिक्षा और रोजगार से जुड़ी स्थिति की जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक जिले का अलग घोषणा पत्र तैयार किए जाने की बात कही गई है। इसके लिए जिले और बूथ स्तर से सुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों के आधार पर स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं को घोषणा पत्र में शामिल करने की योजना है। शारिक ने बैठक में प्रयागराज के नैनी औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी फैक्ट्रियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बंद औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू करने का विषय घोषणा पत्र में शामिल किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, औद्योगिक इकाइयों के संचालन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। उन्होंने महिलाओं से जुड़े आर्थिक मुद्दे का भी उल्लेख किया। शारिक के अनुसार, बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को महिलाओं और बहनों तक पार्टी की प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को कहा गया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को प्रतिवर्ष दो लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में मुफ्त शिक्षा सहित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई। शारिक ने कहा कि घोषणा पत्र में पीडीए परिवारों की शिक्षा, रोजगार और अन्य स्थानीय समस्याओं को शामिल करने के लिए बूथ स्तर से जानकारी जुटाई जाएगी। प्रदेश सचिव ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बूथों पर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें पार्टी के प्रस्तावित घोषणा पत्र में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। — मुहम्मद शारिक प्रदेश सचिव, समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
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    मिशन 2027 को लेकर बूथ स्तर तक पहुंचने पर जोर, जिलेवार घोषणा पत्र के लिए मांगे गए सुझाव प्रयागराज समाजवादी पार्टी के मिशन 2027 को लेकर आयोजित बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता की समस्याओं को समझने पर
मिशन 2027 को लेकर बूथ स्तर तक पहुंचने पर जोर, जिलेवार घोषणा पत्र के लिए मांगे गए सुझाव
प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के मिशन 2027 को लेकर आयोजित बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता की समस्याओं को समझने पर जोर दिया गया। बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और आगामी चुनाव के लिए सुझाव प्रस्तुत किए।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मुहम्मद शारिक ने बताया कि बैठक में पीडीए से जुड़े लोगों की समस्याओं को बूथ स्तर तक जाकर सुनने और उनकी जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पीड़ित, दुखी और असहाय लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं, बच्चों की शिक्षा और रोजगार से जुड़ी स्थिति की जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक जिले का अलग घोषणा पत्र तैयार किए जाने की बात कही गई है। इसके लिए जिले और बूथ स्तर से सुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों के आधार पर स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं को घोषणा पत्र में शामिल करने की योजना है।
शारिक ने बैठक में प्रयागराज के नैनी औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी फैक्ट्रियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बंद औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू करने का विषय घोषणा पत्र में शामिल किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, औद्योगिक इकाइयों के संचालन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
उन्होंने महिलाओं से जुड़े आर्थिक मुद्दे का भी उल्लेख किया। शारिक के अनुसार, बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को महिलाओं और बहनों तक पार्टी की प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को कहा गया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को प्रतिवर्ष दो लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है।
बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में मुफ्त शिक्षा सहित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई। शारिक ने कहा कि घोषणा पत्र में पीडीए परिवारों की शिक्षा, रोजगार और अन्य स्थानीय समस्याओं को शामिल करने के लिए बूथ स्तर से जानकारी जुटाई जाएगी।
प्रदेश सचिव ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बूथों पर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें पार्टी के प्रस्तावित घोषणा पत्र में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
— मुहम्मद शारिक
प्रदेश सचिव, समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
    user_Rajik
    Rajik
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष कैलाशवासी महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर शनिवार को अल्लापुर स्थित श्री मठ बाघंबरी गद्दी में समाधि पूजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन देशभर से साधु-संत और महात्मा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बाघंबरी मठ पहुंचे।मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज के साथ अखाड़े के पंच परमेश्वर, महामंडलेश्वर और संतों ने विधि-विधान से समाधि पूजन किया। इस अवसर पर मठ को फूलों और झालरों से सजाया गया था। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संतों ने महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रार्थना की।कार्यक्रम के तहत सुबह समाधि स्थल पर अभिषेक किया गया। इसके बाद पंच परमेश्वर, ब्राह्मणों और महामंडलेश्वरों द्वारा गृह शांति एवं विष्णु सहस्रनाम हवन किया गया। हवन के उपरांत समाधि पूजन और पुष्पांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ।समाधि पूजन में एक हजार से अधिक साधु-संत शामिल हुए। पूजन के बाद दोपहर 12 बजे से श्रद्धालुओं और संतों के लिए प्रसाद वितरण शुरू किया गया। महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुजी अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सदैव लोगों के बीच जीवित रहेंगे। उन्होंने देशभर से पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
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    प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत
प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत
प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष कैलाशवासी महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर शनिवार को अल्लापुर स्थित श्री मठ बाघंबरी गद्दी में समाधि पूजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन देशभर से साधु-संत और महात्मा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बाघंबरी मठ पहुंचे।मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज के साथ अखाड़े के पंच परमेश्वर, महामंडलेश्वर और संतों ने विधि-विधान से समाधि पूजन किया। इस अवसर पर मठ को फूलों और झालरों से सजाया गया था। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संतों ने महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रार्थना की।कार्यक्रम के तहत सुबह समाधि स्थल पर अभिषेक किया गया। इसके बाद पंच परमेश्वर, ब्राह्मणों और महामंडलेश्वरों द्वारा गृह शांति एवं विष्णु सहस्रनाम हवन किया गया। हवन के उपरांत समाधि पूजन और पुष्पांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ।समाधि पूजन में एक हजार से अधिक साधु-संत शामिल हुए। पूजन के बाद दोपहर 12 बजे से श्रद्धालुओं और संतों के लिए प्रसाद वितरण शुरू किया गया।
महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुजी अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सदैव लोगों के बीच जीवित रहेंगे। उन्होंने देशभर से पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
    user_Dheeraj kumar
    Dheeraj kumar
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *शराब के नशे में धुत सिपाही सड़क पर सोया, खुद को बताने लगा डीएम का बेटा; जौनपुर पुलिस का वीडियो वायरल ​जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के किला रोड पर नशे में पूरी तरह धुत एक सिपाही सड़क किनारे बेसुध पड़ा मिला। जब स्थानीय लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया और उसका वीडियो बनाने लगे, तो नशे में धुत सिपाही खुद को डीएम (जिलाधिकारी) का बेटा बताने लगा। सिपाही का यह हाईवोल्टेज ड्रामा और दावा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। *​ड्यूटी के दौरान नशे में मिला सिपाही* ​जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे बेसुध पड़ा सिपाही जौनपुर पुलिस लाइन में तैनात उमाशंकर है। जिस वक्त वह शराब के अत्यधिक नशे में सड़क पर पड़ा था, उस वक्त उसकी ड्यूटी लगी हुई थी। ऑन-ड्यूटी वर्दीधारी पुलिसकर्मी की इस हरकत से पुलिस महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। *​सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल* ​घटनास्थल कोतवाली थाना क्षेत्र का किला रोड बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सिपाही अपनी सुध-बुध खो चुका है और जब लोग उससे पूछताछ करते हैं, तो वह रौब गालिब करते हुए खुद को डीएम का बेटा बताने लगता है। ​इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामले में जौनपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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    *शराब के नशे में धुत सिपाही सड़क पर सोया, खुद को बताने लगा डीएम का बेटा; जौनपुर पुलिस का वीडियो वायरल
​जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के किला रोड पर नशे में पूरी तरह धुत एक सिपाही सड़क किनारे बेसुध पड़ा मिला। जब स्थानीय लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया और उसका वीडियो बनाने लगे, तो नशे में धुत सिपाही खुद को डीएम (जिलाधिकारी) का बेटा बताने लगा। सिपाही का यह हाईवोल्टेज ड्रामा और दावा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
*​ड्यूटी के दौरान नशे में मिला सिपाही*
​जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे बेसुध पड़ा सिपाही जौनपुर पुलिस लाइन में तैनात उमाशंकर है। जिस वक्त वह शराब के अत्यधिक नशे में सड़क पर पड़ा था, उस वक्त उसकी ड्यूटी लगी हुई थी। ऑन-ड्यूटी वर्दीधारी पुलिसकर्मी की इस हरकत से पुलिस महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
*​सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल*
​घटनास्थल कोतवाली थाना क्षेत्र का किला रोड बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सिपाही अपनी सुध-बुध खो चुका है और जब लोग उससे पूछताछ करते हैं, तो वह रौब गालिब करते हुए खुद को डीएम का बेटा बताने लगता है।
​इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामले में जौनपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही जा रही है।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    Allahabad, Prayagraj•
    8 hrs ago
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