प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष कैलाशवासी महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर शनिवार को अल्लापुर स्थित श्री मठ बाघंबरी गद्दी में समाधि पूजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन देशभर से साधु-संत और महात्मा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बाघंबरी मठ पहुंचे।मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज के साथ अखाड़े के पंच परमेश्वर, महामंडलेश्वर और संतों ने विधि-विधान से समाधि पूजन किया। इस अवसर पर मठ को फूलों और झालरों से सजाया गया था। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संतों ने महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रार्थना की।कार्यक्रम के तहत सुबह समाधि स्थल पर अभिषेक किया गया। इसके बाद पंच परमेश्वर, ब्राह्मणों और महामंडलेश्वरों द्वारा गृह शांति एवं विष्णु सहस्रनाम हवन किया गया। हवन के उपरांत समाधि पूजन और पुष्पांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ।समाधि पूजन में एक हजार से अधिक साधु-संत शामिल हुए। पूजन के बाद दोपहर 12 बजे से श्रद्धालुओं और संतों के लिए प्रसाद वितरण शुरू किया गया। महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुजी अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सदैव लोगों के बीच जीवित रहेंगे। उन्होंने देशभर से पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष कैलाशवासी महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर शनिवार को अल्लापुर स्थित श्री मठ बाघंबरी गद्दी में समाधि पूजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन देशभर से साधु-संत और महात्मा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बाघंबरी मठ पहुंचे।मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज के साथ अखाड़े के पंच परमेश्वर, महामंडलेश्वर और संतों ने विधि-विधान से समाधि पूजन किया। इस अवसर पर मठ को फूलों और झालरों से सजाया गया था। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संतों ने महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रार्थना की।कार्यक्रम के तहत सुबह समाधि स्थल पर अभिषेक किया गया। इसके बाद पंच परमेश्वर, ब्राह्मणों और महामंडलेश्वरों द्वारा गृह शांति एवं विष्णु सहस्रनाम हवन किया गया। हवन के उपरांत समाधि पूजन और पुष्पांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ।समाधि पूजन में एक हजार से अधिक साधु-संत शामिल हुए। पूजन के बाद दोपहर 12 बजे से श्रद्धालुओं और संतों के लिए प्रसाद वितरण शुरू किया गया। महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुजी अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सदैव लोगों के बीच जीवित रहेंगे। उन्होंने देशभर से पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
- प्रशासनिक उपेक्षा की बलि चढ़ा शंकरगढ़: 'आदर्श नगर पंचायत' बना 'नरक पंचायत', घुटनों तक भरे पानी और गंदगी के बीच जीने को मजबूर जनता प्रयागराज। शासन-प्रशासन के कागजों में 'आदर्श' का दर्जा प्राप्त शंकरगढ़ नगर पंचायत आज बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा की पराकाष्ठा झेल रहा है। कहने को तो यहाँ 12 वार्ड हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हर वार्ड में जनसमस्याओं का अंबार लगा हुआ है। नालियाँ पूरी तरह चोक हैं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और नरकीय जीवन जीने को मजबूर आम जनता की सुध लेने वाला कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि या अधिकारी धरातल पर नजर नहीं आ रहा। *वार्ड 2 और 5 का बुरा हाल: घुटनों तक जमा पानी, डूडा कॉलोनी हुई जर्जर* सबसे भयावह स्थिति वार्ड नंबर 2 और वार्ड नंबर 5 की है। यहाँ की मुख्य सड़कों और गलियों में घुटनों तक जलजमाव बना हुआ है। कीचड़ और सड़ते कचरे के बीच से होकर गुजरना स्थानीय निवासियों की नियति बन चुका है। बीमारियाँ फैलने का डर लगातार बना हुआ है। इसी क्षेत्र में स्थित डूडा कॉलोनी, जहाँ सैकड़ों गरीब और मजदूर परिवार रहते हैं, पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इमारत की स्थिति अत्यंत दयनीय है और यहाँ रहने वाले नागरिक हर पल किसी अनहोनी के साए में जीने को मजबूर हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत प्रशासन मौन साधे बैठा है। *मासूम बच्चे जोखिम में: विधायक के स्कूल के पास भी घुटनों तक पानी* हैरानी की बात तो यह है कि मुख्य मार्ग से महज 20 मीटर की दूरी पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. वाचस्पति का निजी विद्यालय 'एमवी कॉन्वेंट' संचालित होता है। यहाँ रोज आने वाले नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चे घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। जब क्षेत्र के इतने महत्वपूर्ण स्थान और स्कूल के आसपास यह आलम है, तो आम बस्तियों का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। *करोड़ों का बजट स्वीकृत, फिर भी विकास शून्य: क्या हुआ बंदरबांट?* मामले में क्षेत्रीय विधायक डॉ. वाचस्पति का कहना है कि उन्होंने शासन से नगर पंचायत शंकरगढ़ के विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट पास करवाकर स्वीकृत कराया था। लेकिन धरातल पर विकास कार्य पूरी तरह शून्य नजर आ रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि **आखिर शासन द्वारा स्वीकृत किया गया करोड़ों रुपये का विकास बजट कहाँ गया?** क्या विकास के नाम पर आई सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया? यह पूरा मामला उच्चस्तरीय निष्पक्ष जाँच का विषय है। *जिला प्रशासन से सीधे सवाल:* * क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे या महामारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं? * कागजों में आदर्श बनी नगर पंचायत की इस बदहाली का जवाबदेही किसकी है? * क्या डूडा कॉलोनी के गरीबों और मासूम स्कूली बच्चों को इस नरकीय स्थिति से मुक्ति मिलेगी? **स्थानीय नागरिकों की माँग:** शंकरगढ़ की जनता ने जिलाधिकारी प्रयागराज और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेते हुए जलजमाव की निकासी, सड़कों व नालियों की मरम्मत कराने तथा विकास कार्यों के नाम पर हुए कथित बजट घपले की उच्चस्तरीय जाँच कराने की जोरदार माँग की है।1
- विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग... विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए। राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है। राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है। राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है। कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें। कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।4
- प्रयागराज के मऊआइमा में सपा नेता व समर्थकों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी का आरोप, पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार प्रयागराज के मऊआइमा में सपा नेता व समर्थकों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी का आरोप, पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार प्रयागराज। मऊआइमा थाना क्षेत्र के ग्राम दुबाही से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने सपा नेता और उनके समर्थकों पर जानलेवा हमला, घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी देने के संगीन आरोप लगाए हैं। कार्रवाई में हो रही देरी और सुरक्षा की चिंता को देखते हुए पीड़ित पक्ष ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, घटना 22 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे की है, जब उनका बेटा मो० शाहनबाज घर लौट रहा था। रास्ते में एक सुनसान स्थान के पास दबंगों ने उसे रोककर गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इसके तुरंत बाद सपा नेता, वर्तमान ब्लॉक प्रमुख व प्रधान इम्तियाज अहमद और महताब अपने सहयोगियों के साथ आ धमके और शाहनबाज के साथ मारपीट करने लगे। किसी तरह अपनी जान बचाकर मोटरसाइकिल से भाग रहे युवक का आरोपियों ने पीछा भी किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसी रात करीब 12 बजे आरोपी 6-7 अज्ञात लोगों के साथ गोलबंद होकर उनके घर में जबरन घुस आए। हमलावरों ने घर में जमकर उपद्रव मचाया और कुर्सियाँ, बल्ब तथा खिड़कियों के काँच तोड़ दिए। बीच-बचाव करने पहुंची बेटी से मोबाइल छीनकर उसमें बनाई गई वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। स्थानीय स्तर पर उचित सुनवाई न होने की आशंका जताते हुए पीड़ित मुख्तार अहमद ने प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर के समक्ष उपस्थित होकर आपबीती सुनाई और निष्पक्ष जाँच व दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- आज से पितरों को घर बुलाएंगे श्रद्धालु 15 दिन करेंगे पूजा और सेवा। आज से पितरों को घर बुलाएंगे श्रद्धालु 15 दिन करेंगे पूजा और सेवा।1
- Prayagraj kalvan Hospital mein nishulk khana Vitran report mananiy mukhymantri Pradhanmantri ke niyamanusar khana Diya ja raha hai marijon ko nishulk report.abbas. patrakaar.anina.mulk1
- प्रयागराज में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस ने पोस्टर जलाकर की इस्तीफे की मांग प्रयागराज में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस ने पोस्टर जलाकर की इस्तीफे की मांग सिविल लाइंस स्थित गिरजाघर पर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ जोरदार विरोध किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पोस्टर को आग के हवाले कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता न बरतने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने "ज्ञानेंद्र कुमार इस्तीफा दो", "ज्ञानेंद्र कुमार मुर्दाबाद" और "ज्ञानेंद्र कुमार को बर्खास्त करो" के नारे लगाय। मौके पर उपस्थित रहे1
- प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष कैलाशवासी महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर शनिवार को अल्लापुर स्थित श्री मठ बाघंबरी गद्दी में समाधि पूजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन देशभर से साधु-संत और महात्मा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बाघंबरी मठ पहुंचे।मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज के साथ अखाड़े के पंच परमेश्वर, महामंडलेश्वर और संतों ने विधि-विधान से समाधि पूजन किया। इस अवसर पर मठ को फूलों और झालरों से सजाया गया था। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संतों ने महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रार्थना की।कार्यक्रम के तहत सुबह समाधि स्थल पर अभिषेक किया गया। इसके बाद पंच परमेश्वर, ब्राह्मणों और महामंडलेश्वरों द्वारा गृह शांति एवं विष्णु सहस्रनाम हवन किया गया। हवन के उपरांत समाधि पूजन और पुष्पांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ।समाधि पूजन में एक हजार से अधिक साधु-संत शामिल हुए। पूजन के बाद दोपहर 12 बजे से श्रद्धालुओं और संतों के लिए प्रसाद वितरण शुरू किया गया। महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुजी अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सदैव लोगों के बीच जीवित रहेंगे। उन्होंने देशभर से पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।1
- *शराब के नशे में धुत सिपाही सड़क पर सोया, खुद को बताने लगा डीएम का बेटा; जौनपुर पुलिस का वीडियो वायरल जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के किला रोड पर नशे में पूरी तरह धुत एक सिपाही सड़क किनारे बेसुध पड़ा मिला। जब स्थानीय लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया और उसका वीडियो बनाने लगे, तो नशे में धुत सिपाही खुद को डीएम (जिलाधिकारी) का बेटा बताने लगा। सिपाही का यह हाईवोल्टेज ड्रामा और दावा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। *ड्यूटी के दौरान नशे में मिला सिपाही* जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे बेसुध पड़ा सिपाही जौनपुर पुलिस लाइन में तैनात उमाशंकर है। जिस वक्त वह शराब के अत्यधिक नशे में सड़क पर पड़ा था, उस वक्त उसकी ड्यूटी लगी हुई थी। ऑन-ड्यूटी वर्दीधारी पुलिसकर्मी की इस हरकत से पुलिस महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। *सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल* घटनास्थल कोतवाली थाना क्षेत्र का किला रोड बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सिपाही अपनी सुध-बुध खो चुका है और जब लोग उससे पूछताछ करते हैं, तो वह रौब गालिब करते हुए खुद को डीएम का बेटा बताने लगता है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामले में जौनपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही जा रही है।1
- महेक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 13 वर्षीय बच्ची की मौत, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप मऊआइमा, 26 सितंबर। मऊआइमा थाना क्षेत्र के महेक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 13 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान फिजा बानो पुत्री जावेद अहमद, निवासी परसा का पूरा, बीबीपुर, उग्रसेनपुर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार फिजा बानो का महेक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। आरोप है कि इलाज के दौरान बच्ची को गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और 26 सितंबर को उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मऊआइमा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। वहीं, खबर लिखे जाने तक पुलिस ने हॉस्पिटल के मैनेजर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। परिजनों की ओर से लगाए गए गलत इंजेक्शन के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से तत्काल कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महेक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 13 वर्षीय बच्ची की मौत, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप मऊआइमा, 26 सितंबर। मऊआइमा थाना क्षेत्र के महेक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 13 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान फिजा बानो पुत्री जावेद अहमद, निवासी परसा का पूरा, बीबीपुर, उग्रसेनपुर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार फिजा बानो का महेक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। आरोप है कि इलाज के दौरान बच्ची को गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और 26 सितंबर को उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मऊआइमा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। वहीं, खबर लिखे जाने तक पुलिस ने हॉस्पिटल के मैनेजर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। परिजनों की ओर से लगाए गए गलत इंजेक्शन के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से तत्काल कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1