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एक फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मामले में, एक परिवार को मात्र एक दस्तखत के कारण भीषण बर्बादी का सामना करना पड़ा है। इस घटना ने पूरे परिवार को प्रभावित किया है।
Pramod Kumar
एक फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मामले में, एक परिवार को मात्र एक दस्तखत के कारण भीषण बर्बादी का सामना करना पड़ा है। इस घटना ने पूरे परिवार को प्रभावित किया है।
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- बाराबंकी शहर के व्यस्त धनोखर चौराहे पर मंगलवार को ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल के अवसर पर अखिल भारतीय मंगला मुखी किन्नर समाज पीरबटावन किन्नर समाज द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसने एक अनोखा और भावुक दृश्य प्रस्तुत किया। समाज में प्रायः अलग नजरिए से देखे जाने वाले किन्नर समुदाय ने इस आयोजन के माध्यम से सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश दिया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। इस भंडारे की अगुवाई गुरु हीरा किन्नर ने की, जिनके साथ प्रियंका चेला, प्रीत चेला और सानिया पोती चेला जैसे अन्य किन्नर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करते दिखे। भंडारा शुरू होने से पहले, सभी किन्नरों ने विधि-विधान से भगवान बजरंगबली की पूजा-अर्चना की और समाज में सुख-शांति व भाईचारे की कामना की। पूजा के उपरांत शुरू हुए भंडारे में राहगीरों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें उमड़ पड़ीं। लोगों ने बड़े उत्साह और सम्मान के साथ प्रसाद ग्रहण किया। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किन्नर समाज द्वारा इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन का महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। आमतौर पर ताली बजाकर आशीर्वाद देने वाले किन्नर समुदाय का यह सेवा भाव लोगों के बीच गहरी चर्चा का विषय बन गया। धनोखर चौराहे पर देर तक भक्ति, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन केवल एक भंडारा मात्र नहीं था, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी था कि आस्था और इंसानियत में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होता। इस कार्यक्रम के माध्यम से किन्नर समाज ने सामाजिक समरसता की एक नई इबारत लिखी।1
- जनपद बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर ब्लॉक व तहसील अंतर्गत परसा कल्लीपुरवा गांव में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल के अवसर पर एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। यह भंडारा चौहान जनसेवा केंद्र के संचालक राहुल चौहान द्वारा ग्रामीणों के सहयोग से संपन्न कराया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने पूड़ी-सब्जी, हलवा और बूंदी का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान शीतल जल का भी वितरण किया गया। आयोजक राहुल चौहान ने बताया कि उनकी रुचि बचपन से ही धार्मिक कार्यों, सामाजिक कार्यों और समाज सेवा में रही है, और वे हमेशा ऐसे कार्यों में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे पिछले कई वर्षों से ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार को ग्रामीणों के सहयोग से इसी प्रकार विशाल भंडारों का आयोजन करते आ रहे हैं। राहुल चौहान ने अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भगवान महावीर की कृपा बनी रही तो वे भविष्य में भी निरंतर समाज सेवा करते रहेंगे और ऐसे भंडारों का आयोजन कराते रहेंगे। इस अवसर पर अमरनाथ चौहान, नीरज चौहान, अरुण चौहान, अभिषेक चौहान, सोनू चौहान, सिकंदर चौहान, विकास चौहान, सुब राज, अमन सोनकर, भागीरथ मिश्री, सोनू यादव, बबलू यादव, नन्हे लाल एल आई सी, डॉक्टर मुकेश चौहान, राम लोटन चौहान सहित समस्त चौहान परिवार और ग्रामवासी गण उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कस्बा बड़ागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर गंभीर लापरवाही को लेकर चर्चा में है। यहाँ इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और मरीज तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। मृतक फकीर मोहम्मद पुत्र अशरफ अली, निवासी बड़ागांव, की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में सीएचसी बड़ागांव लेकर पहुँचे। परिजनों का दावा है कि अस्पताल पहुँचने के बाद करीब आधे घंटे तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। वे बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल स्टाफ की बेरुखी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण इलाज शुरू ही नहीं हो सका। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर उपचार मिल जाता तो फकीर मोहम्मद की जान बच सकती थी। इलाज के अभाव में तड़पते हुए मरीज ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ पर लापरवाही और बदहाल व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वजह से मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, सीएचसी बड़ागांव में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाएं अब आम बात हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है, क्योंकि सरकार एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, वहीं सरकारी अस्पतालों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।1
- भाजपा नेता दीपक सिंह भदौरिया ने राजनीति के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। वे वर्ष 2022 में सक्रिय राजनीति में उतरे थे। रामनगर विधानसभा की जनता को यह अपेक्षा नहीं थी कि वे इतनी अल्प अवधि में ही जनता के बीच अपनी पकड़ मज़बूत कर लेंगे और आगामी 2027 के चुनावों के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत करेंगे। भदौरिया को जनता अपना 'बेटा' और 'नेता' मानती है, और उनमें 'सब का विश्वास, सबका भविष्य' देखती है। जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले एक समाजसेवी के रूप में प्रसिद्ध दीपक सिंह भदौरिया विधानसभा क्षेत्र 267 से संबंधित हैं।1
- उरई से दिल्ली जा रही एक निजी बस में मंगलवार शाम कथित तौर पर एक महिला सिपाही के हंगामे के कारण यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। यह मामला उरई से टूरिस्ट पैकेज लेकर दिल्ली जा रही अमर ट्रेवल्स की बस में सीट को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ, जब बस पूरी तरह से भरी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला सिपाही बस में बैठने पर जोर दे रही थी, जबकि बस स्टाफ ने सीट उपलब्ध न होने की बात कही। आरोप है कि सीट न मिलने पर महिला सिपाही कथित रूप से नाराज हो गई और उसने पुलिसिया रौब दिखाया। इसके बाद, उसके फोन करने पर जालौन चौराहे पर डायल-112 पुलिस ने बस को रुकवा लिया। बस के काफी देर तक खड़े रहने से यात्री परेशान हो उठे और विरोध जताने लगे। इस दौरान महिला सिपाही और कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा यात्रियों से अभद्रता किए जाने के भी आरोप लगे हैं। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब महिला सिपाही ने जेल चौकी का स्टाफ भी मौके पर बुला लिया, जिससे मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और बहस का माहौल बना रहा। इसी बीच, किसी यात्री ने मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को दी। उनके निर्देश पर कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली और हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। सूत्रों के अनुसार, कोतवाल ने महिला सिपाही और जेल चौकी प्रभारी को फटकार भी लगाई, जिसके बाद बस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। इस घटना के बाद यात्रियों में पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी देखी गई, और अब यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस वर्दी के कथित दुरुपयोग और अनुशासनहीनता के इस मामले में संबंधित महिला सिपाही के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई होगी या नहीं।1
- लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में देर रात हुई मारपीट की एक घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिसने क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना बालागंज स्थित लाल मस्जिद के पास एक पेट्रोल पंप के सामने हुई, जहां वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि देर रात हुई इस मारपीट में बेल्टों का जमकर इस्तेमाल किया गया।1
- बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम डाडिया मऊ कटरा निवासी पीड़िता आफरीन बानो पुत्री नेहरूद्दीन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, सिराजुद्दीन, मेराजुद्दीन, कमालुद्दीन, मुसीर, महफूज, नसीम बाबू और अन्य कई लोगों ने एक राय होकर उनके घर पर हमला किया। पीड़िता का कहना है कि इन विपक्षियों ने घर में घुसकर जमकर मारपीट की, जिसके परिणामस्वरूप ताजुद्दीन पुत्र नेहरूद्दीन, आफरीन बानो, स्वालिहा बानो, नाज बानो, नरगिस और नियाजुद्दीन घायल हो गए। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने महिलाओं के साथ गाली गलौज की, अभद्रता की और मारपीट भी की। यह विवाद जमीन के एक पुराने मामले से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विपक्षियों को शक था कि नियाजुद्दीन जमीन की पैमाइश कराने गया था, इसी बात से नाराज़ होकर आरोपियों ने हमला कर दिया। अब पीड़िता ने पुलिस से इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।1
- पति को अपनी पत्नी पर शक हुआ तो वह चुपचाप उसके पीछे निकल पड़ा। पत्नी ने घर से यह कहकर निकली थी कि वह परीक्षा देने जा रही है, लेकिन कुछ ही देर बाद पति ने उसे एक KTM बाइक पर एक युवक के साथ घूमते हुए देख लिया और मौके पर ही पकड़ लिया। जैसे ही पति ने दोनों को रोका, काफी देर तक हंगामा होता रहा। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में पति अपनी पत्नी से सवाल करता नजर आ रहा है, जबकि KTM सवार युवक मौके से निकलने की कोशिश करता दिखाई देता है। इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, यह घटना कहाँ की है और पुलिस में कोई शिकायत दर्ज हुई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।1
- लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के बालागंज स्थित लाल मस्जिद के पास एक पेट्रोल पंप के सामने देर रात जमकर बेल्टें चलीं। इस घटना का एक वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1