*“चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर पेयजल परियोजना का जिला कलक्टर काना राम ने किया निरीक्षण”* *4060 करोड़ की महत्त्वपूर्ण योजना से सवाईमाधोपुर और करौली जिले के 1426 गांवों व 8 शहरों को मिलेगा लाभ* *सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहरों में दीर्घकालिक पेयजल समाधान हेतु कार्यों में गुणवत्ता व समयसीमा पर सख्ती* *सवाई माधोपुर, 19 अप्रैल।* जिला कलक्टर काना राम ने रविवार को चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर वृहद पेयजल परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता चम्बल परियोजना के एम शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिला कलक्टर ने मण्डरायल स्थित चंबल सीडब्ल्यूआर सेंटर, फिल्टर प्लांट एवं राजघाट पर बने इनटेक वेल का भी अवलोकन कर जल उपलब्धता एवं क्षमता का आंकलन किया। इस दौरान उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली । उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दीर्घकालिक एवं सतत पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। जिला कलक्टर काना राम ने मण्डरायल के निकट चंबल नदी पर प्रस्तावित इनटेक वेल का निरीक्षण कर परियोजना की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत मण्डरायल के निकट चंबल नदी पर प्रस्तावित इनटेक वेल से जल को पम्प कर रॉ-वॉटर जलाशय में संग्रहित किया जाएगा, तत्पश्चात जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शुद्ध कर पाइपलाइन द्वारा उच्च जलाशयों में पहुंचाकर गांवों एवं शहरों में वितरित किया जाएगा। साथ ही 3 माह की अतिरिक्त जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता के जलाशय भी निर्मित किए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता जी.एस. शर्मा ने अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगभग 4060 करोड़ रुपये की लागत से चंबल आधारित इस वृहद पेयजल परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। पूर्व में एस.एल.एस.एस.सी. की स्वीकृति अनुसार सवाईमाधोपुर और करौली जिले के कुल 1426 गांव एवं 8 शहरों को कवर किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहर (सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बामनवास एवं महूकलां) शामिल हैं। परियोजना के तहत सवाई माधोपुर जिले की विभिन्न तहसीलों में वजीरपुर के 40 गांव, गंगापुर सिटी के 78, बामनवास के 139, खण्डार के 126, सवाई माधोपुर के 147 एवं चौथ का बरवाड़ा के 49 गांवों को लाभान्वित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2054 तक की पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई गई है, जिसमें सवाई माधोपुर जिले की 2054 में अनुमानित जनसंख्या लगभग 19.5 लाख तक को ध्यान में रखते हुए जल आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। परियोजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत सवाई माधोपुर जिले के 126 गांवों में लगभग 22,098 घरेलू जल कनेक्शन प्रदान किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि परियोजना को तीन पैकेजों में विभाजित कर कार्य किया जा रहा है— प्रथम (इनटेक वेल एवं रॉ-वॉटर संरचना), द्वितीय (क्लस्टर पम्प हाउस एवं मुख्य पाइपलाइन) एवं तृतीय (गांवों में वितरण प्रणाली)। जिला कलक्टर ने भूमि आवंटन की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। वर्तमान में अधिकांश स्थलों पर भूमि आवंटन किया जा चुका है तथा शेष कार्य प्रक्रियाधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर कार्यों में गति लाई जाए। गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। *गंगापुर सिटी में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश* निरीक्षण उपरांत जिला कलक्टर काना राम ने अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह के साथ गंगापुर सिटी स्थित चम्बल पम्प हाउस (हिंगोटिया) का निरीक्षण कर जलदाय विभाग कार्यालय में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने ट्यूबवेल संचालन हेतु विद्युत कनेक्शन जारी करने के लिए विद्युत विभाग को 7 दिवस की समयसीमा निर्धारित की तथा 15 नए ट्यूबवेल प्रारंभ करने के निर्देश अधिशाषी अभियंता गंगापुर सिटी रामकेश मीणा को दिए। साथ ही परियोजना से अतिरिक्त 2 एमएलडी जल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए बताया कि वर्तमान में 4 एमएलडी जल प्राप्त हो रहा है, जिसे बढ़ाकर लगभग 6 एमएलडी किए जाने से गंगापुर सिटी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार होगा और आमजन को राहत मिलेगी। जिला कलक्टर ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी तथा इसके पूर्ण होने पर हजारों परिवारों को दीर्घकालिक राहत प्राप्त होगी। —000—
*“चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर पेयजल परियोजना का जिला कलक्टर काना राम ने किया निरीक्षण”* *4060 करोड़ की महत्त्वपूर्ण योजना से सवाईमाधोपुर और करौली जिले के 1426 गांवों व 8 शहरों को मिलेगा लाभ* *सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहरों में दीर्घकालिक पेयजल समाधान हेतु कार्यों में गुणवत्ता व समयसीमा पर सख्ती* *सवाई माधोपुर, 19 अप्रैल।* जिला कलक्टर काना राम ने रविवार को चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर वृहद पेयजल परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता चम्बल परियोजना के एम शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान जिला कलक्टर ने मण्डरायल स्थित चंबल सीडब्ल्यूआर सेंटर, फिल्टर प्लांट एवं राजघाट पर बने इनटेक वेल का भी अवलोकन कर जल उपलब्धता एवं क्षमता का आंकलन किया। इस दौरान उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली । उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में दीर्घकालिक एवं सतत पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए
जाएं। जिला कलक्टर काना राम ने मण्डरायल के निकट चंबल नदी पर प्रस्तावित इनटेक वेल का निरीक्षण कर परियोजना की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत मण्डरायल के निकट चंबल नदी पर प्रस्तावित इनटेक वेल से जल को पम्प कर रॉ-वॉटर जलाशय में संग्रहित किया जाएगा, तत्पश्चात जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शुद्ध कर पाइपलाइन द्वारा उच्च जलाशयों में पहुंचाकर गांवों एवं शहरों में वितरित किया जाएगा। साथ ही 3 माह की अतिरिक्त जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता के जलाशय भी निर्मित किए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता जी.एस. शर्मा ने अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगभग 4060 करोड़ रुपये की लागत से चंबल आधारित इस वृहद पेयजल परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। पूर्व में एस.एल.एस.एस.सी. की स्वीकृति अनुसार सवाईमाधोपुर और करौली जिले के कुल 1426 गांव एवं 8 शहरों को कवर किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहर (सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बामनवास एवं महूकलां) शामिल हैं। परियोजना के तहत सवाई
माधोपुर जिले की विभिन्न तहसीलों में वजीरपुर के 40 गांव, गंगापुर सिटी के 78, बामनवास के 139, खण्डार के 126, सवाई माधोपुर के 147 एवं चौथ का बरवाड़ा के 49 गांवों को लाभान्वित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2054 तक की पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई गई है, जिसमें सवाई माधोपुर जिले की 2054 में अनुमानित जनसंख्या लगभग 19.5 लाख तक को ध्यान में रखते हुए जल आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। परियोजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत सवाई माधोपुर जिले के 126 गांवों में लगभग 22,098 घरेलू जल कनेक्शन प्रदान किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि परियोजना को तीन पैकेजों में विभाजित कर कार्य किया जा रहा है— प्रथम (इनटेक वेल एवं रॉ-वॉटर संरचना), द्वितीय (क्लस्टर पम्प हाउस एवं मुख्य पाइपलाइन) एवं तृतीय (गांवों में वितरण प्रणाली)। जिला कलक्टर ने भूमि आवंटन की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। वर्तमान में अधिकांश स्थलों पर भूमि आवंटन किया जा चुका है तथा शेष कार्य प्रक्रियाधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों
की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर कार्यों में गति लाई जाए। गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। *गंगापुर सिटी में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश* निरीक्षण उपरांत जिला कलक्टर काना राम ने अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह के साथ गंगापुर सिटी स्थित चम्बल पम्प हाउस (हिंगोटिया) का निरीक्षण कर जलदाय विभाग कार्यालय में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने ट्यूबवेल संचालन हेतु विद्युत कनेक्शन जारी करने के लिए विद्युत विभाग को 7 दिवस की समयसीमा निर्धारित की तथा 15 नए ट्यूबवेल प्रारंभ करने के निर्देश अधिशाषी अभियंता गंगापुर सिटी रामकेश मीणा को दिए। साथ ही परियोजना से अतिरिक्त 2 एमएलडी जल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए बताया कि वर्तमान में 4 एमएलडी जल प्राप्त हो रहा है, जिसे बढ़ाकर लगभग 6 एमएलडी किए जाने से गंगापुर सिटी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार होगा और आमजन को राहत मिलेगी। जिला कलक्टर ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी तथा इसके पूर्ण होने पर हजारों परिवारों को दीर्घकालिक राहत प्राप्त होगी। —000—
- Post by Anil Kumar journalist1
- रिफाइनरी हादसे ने उठाए बड़े सवाल, वीवीआईपी कार्यक्रम से पहले सुरक्षा पर सवालिया निशान राज्य के एक बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में वीवीआईपी कार्यक्रम से ठीक पहले हुई गंभीर दुर्घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी विशाल और संवेदनशील परियोजना में इस तरह की घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता, बल्कि इसे स्पष्ट रूप से बड़ी लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पिछले करीब दस दिनों से सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, मंत्री और सत्ताधारी दल के प्रतिनिधि लगातार रिफाइनरी का दौरा कर रहे थे। इन दौरों के दौरान तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ मीडिया कवरेज और प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा था। हालांकि, इन सभी गतिविधियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर अब सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की गंभीरता से जांच और पालन किया जाता, तो इस तरह की दुर्घटना से बचा जा सकता था। यह घटना न केवल प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता पर असर डालती है, बल्कि आम जनता के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी सघन निगरानी और तैयारियों के बावजूद यह चूक कैसे हुई। Prakriti khabar is the fastest emerging and popular News channel which provides all types of Information news, breaking news, sports news, Rajasthan news, Hindi news, business news, education news, etc, Survey reports. प्राकृति ख़बर तेजी से उभरता और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है जो सभी प्रकार की सूचना समाचार, ब्रेकिंग न्यूज, खेल समाचार, राजस्थान समाचार, हिंदी समाचार, व्यापार समाचार, शिक्षा समाचार, आदि, सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रदान करता है। Rajasthan Samachar Rajasthan News राजस्थान समाचार Prakriti khabar प्राकृति ख़बर Prakriti news @prakritinews @prakritikhabar #prakritikhabar #prakritinews #pkwazirpur #trendingnews #virailvideo #trendingnews #trending #viral #rajasthan #BreakingNews #RefineryAccident #VVIPVisit #SafetyLapse #BigNegligence #IndiaNews #IndustrialAccident #Accountability #SystemFailure #NewsUpdate1
- बामनवास l उपखण्ड क्षेत्र के ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सैकण्डरी स्कूल पिपलाई और वर्धमान कोचिंग सेन्टर के संयुक्त तत्वाधान में ऋषभ पखवाड़े के तहत संस्थान की प्रधानाचार्य कृपा गुर्जर और कोचिंग निदेशक एकता जैन एवं योग शिक्षक रीना गुर्जर और नीरज गुर्जर के निर्देशन में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l इस अवसर विद्यार्थियों ने भगवान ऋषभ देव के जीवन चरित्र से सम्बन्धित पोस्टरों का निर्माण कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया l जिसका निरीक्षण प्रबन्धक अखलेश गुर्जर ने करते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा की बहुत प्रशंसा की इस अवसर पर उन्होंने अक्षय तृतीया के जैन स्वरूप,सम्यक भाव,सम्यक पात्र और अक्षय पूर्ण का त्रिकोण बनाता है जो दान दिवस की महत्ता को और बढ़ावा देता है l यहां दान वस्तु नहीं,बल्कि आत्मिक समझ का परिणाम बन जाता है l पोस्टर प्रतियोगिता में तनुजा राय, अनुष्का महावर,मोहम्मद सहवाज खांन,प्रिंस मीणा,आईसा बानो,दिया कुमारी महावर,कपिल गुर्जर,शिवम महावर,रिजवाना बानो,अनुष्का गौड़,आयुष खटाना,भूपेश राय,सुमिता मीणा, रिजवाना बानो,आर्यन सैनी,धीरज बंजारा,अनम बानो,सना बनो, अन्तिमा राय,अनुष्का खारवाल, आरुषि राय,रितिका सैनी,तनिष्का खारवाल,हरिओम मीणा,अभिजीत सिसोदिया आदि ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया l इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग सेन्टर की निदेशक एकता जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया एक दिव्य अनुभूति का नाम है जो त्याग, संयम और करुणा से बनता है l यह एक क्षुधा-तपस्वी और एक श्रद्धालु सम्राट के दान देने की शाश्वत संस्कृति को जन्म देता है l जो *आरम्भ को अक्षय अनंतता* में में बदलने की सामर्थ्य रखता है l देवाधिदेव प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की 400 दिन की कठिन तपस्या के बाद जब उनका शरीर अत्यन्त क्षीण हो गया तब उन्हें आहार की आवश्यकता हुई l किन्तु दीक्षा के बाद वे पूर्ण रूप से संयमित स्थिति में थे इसलिए लोग उन्हें दोषरहित आहार नहीं दे पा रहे थे l इक्ष्वाकु वंश के राजकुमार श्रेयांश कुमार को अपने पूर्व जन्म की स्मृति से यह समझ प्राप्त हुई जब उन्होंने इक्षु रस को अर्पित कर आहार ग्रहण करवाया l यह क्षण केवल आहार ग्रहण का नहीं अपितु "*दान धर्म के शुद्ध स्वरूप*" की स्थापना का क्षण था l दान दिवस की उपलक्ष्य में कोचिंग के विद्यार्थियों को इक्षु (गन्ने) का रस का वितरण किया गया l इस अवसर पर शिक्षक गणेश योगी,शिवानी मीणा,वंश शर्मा एवं विद्यालय सहायक सीमा राय आदि उपस्थित थे l3
- करोली जिले की उपखण्ड टोडाभीम में तहसीलदार द्वारा महिला नेत्री सोम्या मीना के साथ गाली गलौज बदतमीजी करने के आरोप लगे है।जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।महिला नेत्री सोम्या मीना ने सोमवार शाम 4:00 बजे बताया कि मैं अपने घर के रास्ते के संबंध में उनसे एक परिवादी के रूप में मिलने गई थी, जहां तहसीलदार द्वारा बदतमीजी करते हुए धक्के देकर निकालनेकी की कोशिश की गई थी। इस संबंध में तहसीलदार ने बताया कि कोर्ट की पालना में बंद पडे रास्ते को खुलवाने के लिए पाडला जागीर गांव में गए थे, रास्ते के विवाद को लेकर शुरुआत में महिला ने चैंबर में आकर दबाव बनाया कहा किसके आदेश पर गए थे और दबाव बनाने का प्रयास किया था, जिसकी रिकॉर्डिंग महिला ने नहीं की, महिला द्वारा लगाया आरोप निराधार हैं2
- जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है। प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया: मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया। रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया। आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है। बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई। सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है। क्या हम वाकई जागृत हैं? "अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।" निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है। ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़1
- भाजपा महिला मोर्चा करौली ने जयपुर मे साधा कांग्रेस पर निशाना महिला मोर्चा महामंत्री कृष्णा चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ व प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष राठी राठोड, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, करौली जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन, बालाजी मंडल अध्यक्ष नमो नारायण मीणा के, मार्गदर्शन में,महिला मोर्चा करौली जिला अध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल के नेतृत्व में, हिंडौन सिटी से बस द्वारा 31 भाजपा महिला बहनों को लेकर,भाजपा प्रदेश कार्यालय पटेल मार्ग, सी स्कीम, जयपुर में,प्रदेश व जिलौ की, महिलाओं के साथ,आक्रोश विरोध प्रदर्शन किया गया। नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा राजस्थान। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जमीन पर उतारकर महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाना था।लेकिन दुर्भाग्यवश,इंडिएलाइंस ने राष्ट्रहित से ऊपर अपना राजनीतिक स्वार्थ रखा।यह गठबंधन अपने आचरण से एंटी वूमेन एलियांज बनकर सामने आया है। यह सिर्फ एक राजनीतिक चूक नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के साथ सीधा विश्वासघात है। भारत की महिलाएँ इस अन्याय और इस महिला विरोधी मानसिकता को कभी नहीं भूलेंगी। इस आक्रोश विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में- लज्जा रानी अग्रवाल, मोहन सिनेमा,कृष्णा चौधरी,लक्ष्मी जोशी,राजेश, नीलम, जितेंद्र,ललित,वीरवती, सुनीता शर्मा, रामवती,पूजा कुमारी,मीणा,मोहित, स्नेहलता, कृष्णा शर्मा,पवन,राजेश शर्मा,राजो देवी, मीरा देवी,दिशांत जांगिड़,चमन जांगिड़, गायत्री गॉड, मधु शर्मा सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं4
- पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में सोमवार को लगी भीषण आग के बाद प्रधानमंत्री का 21 अप्रैल को होने वाला कार्यक्रम स्थगित कर कर दिया है। गौरतलब है कि 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ करने आ रहे थे, लेकिन कार्यक्रम से एक दिन पहले रिफाइनरी में भीषण आग लगने के कारण पीएम मोदी का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।1
- सपोटरा के गांव बैरुंडा में एक किसान के छप्पर पोश घर में आग लग गई।जिससे कृषि पाइप सहित लाखों रुपए का सामान जल कर राख हो गया।किसान बैरुंडा निवासी पूर्व सरपंच रामधन बेरवा ने बताया कि उसके खेत पर एक छप्पर पोस घर बना हुआ है, सोमवार सुबह करीब 8:00 बजे शॉर्ट सर्किट के चलते छप्पर पोश घर में अचानक आग लग गई।जिससे छप्पर पोश में रखे कृषि कार्य के लिए हस्ती पाइप तखत पलंग घाट रजाई गद्दे जलकर राख हो गए। शॉर्ट सर्किट से लगु आग को बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली जिससे लाखों रुपए का नुकसान हो गया।1