दान दिवस अक्षय तृतीया पर इक्षु रस का किया वितरण,पोस्टर प्रतियोगिता के साथ ऋषभदेव पखवाड़े का समापन बामनवास l उपखण्ड क्षेत्र के ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सैकण्डरी स्कूल पिपलाई और वर्धमान कोचिंग सेन्टर के संयुक्त तत्वाधान में ऋषभ पखवाड़े के तहत संस्थान की प्रधानाचार्य कृपा गुर्जर और कोचिंग निदेशक एकता जैन एवं योग शिक्षक रीना गुर्जर और नीरज गुर्जर के निर्देशन में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l इस अवसर विद्यार्थियों ने भगवान ऋषभ देव के जीवन चरित्र से सम्बन्धित पोस्टरों का निर्माण कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया l जिसका निरीक्षण प्रबन्धक अखलेश गुर्जर ने करते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा की बहुत प्रशंसा की इस अवसर पर उन्होंने अक्षय तृतीया के जैन स्वरूप,सम्यक भाव,सम्यक पात्र और अक्षय पूर्ण का त्रिकोण बनाता है जो दान दिवस की महत्ता को और बढ़ावा देता है l यहां दान वस्तु नहीं,बल्कि आत्मिक समझ का परिणाम बन जाता है l पोस्टर प्रतियोगिता में तनुजा राय, अनुष्का महावर,मोहम्मद सहवाज खांन,प्रिंस मीणा,आईसा बानो,दिया कुमारी महावर,कपिल गुर्जर,शिवम महावर,रिजवाना बानो,अनुष्का गौड़,आयुष खटाना,भूपेश राय,सुमिता मीणा, रिजवाना बानो,आर्यन सैनी,धीरज बंजारा,अनम बानो,सना बनो, अन्तिमा राय,अनुष्का खारवाल, आरुषि राय,रितिका सैनी,तनिष्का खारवाल,हरिओम मीणा,अभिजीत सिसोदिया आदि ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया l इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग सेन्टर की निदेशक एकता जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया एक दिव्य अनुभूति का नाम है जो त्याग, संयम और करुणा से बनता है l यह एक क्षुधा-तपस्वी और एक श्रद्धालु सम्राट के दान देने की शाश्वत संस्कृति को जन्म देता है l जो *आरम्भ को अक्षय अनंतता* में में बदलने की सामर्थ्य रखता है l देवाधिदेव प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की 400 दिन की कठिन तपस्या के बाद जब उनका शरीर अत्यन्त क्षीण हो गया तब उन्हें आहार की आवश्यकता हुई l किन्तु दीक्षा के बाद वे पूर्ण रूप से संयमित स्थिति में थे इसलिए लोग उन्हें दोषरहित आहार नहीं दे पा रहे थे l इक्ष्वाकु वंश के राजकुमार श्रेयांश कुमार को अपने पूर्व जन्म की स्मृति से यह समझ प्राप्त हुई जब उन्होंने इक्षु रस को अर्पित कर आहार ग्रहण करवाया l यह क्षण केवल आहार ग्रहण का नहीं अपितु "*दान धर्म के शुद्ध स्वरूप*" की स्थापना का क्षण था l दान दिवस की उपलक्ष्य में कोचिंग के विद्यार्थियों को इक्षु (गन्ने) का रस का वितरण किया गया l इस अवसर पर शिक्षक गणेश योगी,शिवानी मीणा,वंश शर्मा एवं विद्यालय सहायक सीमा राय आदि उपस्थित थे l
दान दिवस अक्षय तृतीया पर इक्षु रस का किया वितरण,पोस्टर प्रतियोगिता के साथ ऋषभदेव पखवाड़े का समापन बामनवास l उपखण्ड क्षेत्र के ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सैकण्डरी स्कूल पिपलाई और वर्धमान कोचिंग सेन्टर के संयुक्त तत्वाधान में ऋषभ पखवाड़े के तहत संस्थान की प्रधानाचार्य कृपा गुर्जर और कोचिंग निदेशक एकता जैन एवं योग शिक्षक रीना गुर्जर और नीरज गुर्जर के निर्देशन में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l इस अवसर विद्यार्थियों ने भगवान ऋषभ देव के जीवन चरित्र से सम्बन्धित पोस्टरों का निर्माण कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया l जिसका निरीक्षण प्रबन्धक अखलेश गुर्जर ने करते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा की बहुत प्रशंसा की इस अवसर पर उन्होंने अक्षय तृतीया के जैन स्वरूप,सम्यक भाव,सम्यक पात्र और अक्षय पूर्ण का त्रिकोण बनाता है जो दान दिवस की महत्ता को
और बढ़ावा देता है l यहां दान वस्तु नहीं,बल्कि आत्मिक समझ का परिणाम बन जाता है l पोस्टर प्रतियोगिता में तनुजा राय, अनुष्का महावर,मोहम्मद सहवाज खांन,प्रिंस मीणा,आईसा बानो,दिया कुमारी महावर,कपिल गुर्जर,शिवम महावर,रिजवाना बानो,अनुष्का गौड़,आयुष खटाना,भूपेश राय,सुमिता मीणा, रिजवाना बानो,आर्यन सैनी,धीरज बंजारा,अनम बानो,सना बनो, अन्तिमा राय,अनुष्का खारवाल, आरुषि राय,रितिका सैनी,तनिष्का खारवाल,हरिओम मीणा,अभिजीत सिसोदिया आदि ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया l इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग सेन्टर की निदेशक एकता जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया एक दिव्य अनुभूति का नाम है जो त्याग, संयम और करुणा से बनता है l यह एक क्षुधा-तपस्वी और एक श्रद्धालु सम्राट के दान देने की शाश्वत संस्कृति को जन्म देता है l जो *आरम्भ को अक्षय अनंतता* में में बदलने की सामर्थ्य रखता है l देवाधिदेव प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की
400 दिन की कठिन तपस्या के बाद जब उनका शरीर अत्यन्त क्षीण हो गया तब उन्हें आहार की आवश्यकता हुई l किन्तु दीक्षा के बाद वे पूर्ण रूप से संयमित स्थिति में थे इसलिए लोग उन्हें दोषरहित आहार नहीं दे पा रहे थे l इक्ष्वाकु वंश के राजकुमार श्रेयांश कुमार को अपने पूर्व जन्म की स्मृति से यह समझ प्राप्त हुई जब उन्होंने इक्षु रस को अर्पित कर आहार ग्रहण करवाया l यह क्षण केवल आहार ग्रहण का नहीं अपितु "*दान धर्म के शुद्ध स्वरूप*" की स्थापना का क्षण था l दान दिवस की उपलक्ष्य में कोचिंग के विद्यार्थियों को इक्षु (गन्ने) का रस का वितरण किया गया l इस अवसर पर शिक्षक गणेश योगी,शिवानी मीणा,वंश शर्मा एवं विद्यालय सहायक सीमा राय आदि उपस्थित थे l
- बामनवास l उपखण्ड क्षेत्र के ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सैकण्डरी स्कूल पिपलाई और वर्धमान कोचिंग सेन्टर के संयुक्त तत्वाधान में ऋषभ पखवाड़े के तहत संस्थान की प्रधानाचार्य कृपा गुर्जर और कोचिंग निदेशक एकता जैन एवं योग शिक्षक रीना गुर्जर और नीरज गुर्जर के निर्देशन में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l इस अवसर विद्यार्थियों ने भगवान ऋषभ देव के जीवन चरित्र से सम्बन्धित पोस्टरों का निर्माण कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया l जिसका निरीक्षण प्रबन्धक अखलेश गुर्जर ने करते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा की बहुत प्रशंसा की इस अवसर पर उन्होंने अक्षय तृतीया के जैन स्वरूप,सम्यक भाव,सम्यक पात्र और अक्षय पूर्ण का त्रिकोण बनाता है जो दान दिवस की महत्ता को और बढ़ावा देता है l यहां दान वस्तु नहीं,बल्कि आत्मिक समझ का परिणाम बन जाता है l पोस्टर प्रतियोगिता में तनुजा राय, अनुष्का महावर,मोहम्मद सहवाज खांन,प्रिंस मीणा,आईसा बानो,दिया कुमारी महावर,कपिल गुर्जर,शिवम महावर,रिजवाना बानो,अनुष्का गौड़,आयुष खटाना,भूपेश राय,सुमिता मीणा, रिजवाना बानो,आर्यन सैनी,धीरज बंजारा,अनम बानो,सना बनो, अन्तिमा राय,अनुष्का खारवाल, आरुषि राय,रितिका सैनी,तनिष्का खारवाल,हरिओम मीणा,अभिजीत सिसोदिया आदि ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया l इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग सेन्टर की निदेशक एकता जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया एक दिव्य अनुभूति का नाम है जो त्याग, संयम और करुणा से बनता है l यह एक क्षुधा-तपस्वी और एक श्रद्धालु सम्राट के दान देने की शाश्वत संस्कृति को जन्म देता है l जो *आरम्भ को अक्षय अनंतता* में में बदलने की सामर्थ्य रखता है l देवाधिदेव प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की 400 दिन की कठिन तपस्या के बाद जब उनका शरीर अत्यन्त क्षीण हो गया तब उन्हें आहार की आवश्यकता हुई l किन्तु दीक्षा के बाद वे पूर्ण रूप से संयमित स्थिति में थे इसलिए लोग उन्हें दोषरहित आहार नहीं दे पा रहे थे l इक्ष्वाकु वंश के राजकुमार श्रेयांश कुमार को अपने पूर्व जन्म की स्मृति से यह समझ प्राप्त हुई जब उन्होंने इक्षु रस को अर्पित कर आहार ग्रहण करवाया l यह क्षण केवल आहार ग्रहण का नहीं अपितु "*दान धर्म के शुद्ध स्वरूप*" की स्थापना का क्षण था l दान दिवस की उपलक्ष्य में कोचिंग के विद्यार्थियों को इक्षु (गन्ने) का रस का वितरण किया गया l इस अवसर पर शिक्षक गणेश योगी,शिवानी मीणा,वंश शर्मा एवं विद्यालय सहायक सीमा राय आदि उपस्थित थे l3
- Post by Anil Kumar journalist1
- गंगापुर सिटी के निकट जालोखरा गांव में रविवार को आग लगने से तीन परिवारों को भारी नुकसान हुआ। सूचना पर दमकल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। मुरारी, बाबूलाल और मुकेश माली के खेत स्थित छप्परपोश में अचानक आग लग गई। तेज धूप और हवा के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और छप्पर धू-धू कर जलने लगे। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मिट्टी व पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर नियंत्रण पाया। खसरा नंबर 198 में लगी इस आग से भारी नुकसान हुआ। आगजनी में पांच बकरियां जलकर मर गईं। चार छप्परपोश, छह ट्रैक्टर-ट्रॉली तूड़ा, 20 बोरी गेहूं, दो मोटरसाइकिल, 30 प्लास्टिक पाइप और घरेलू सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों के अनुसार करीब पौने दो लाख रुपए का नुकसान हुआ है। पटवारी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की है।1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग, मचा हड़कंप पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आया और करीब 20 दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर हालात पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। किसी के हताहत होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 📍 अपडेट का इंतजार जारी... #VkNewsRajasthan #PachpadraRefinery #BreakingNews #Barmer #FireIncident1
- लालसोट उपखंड में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती के उपलक्ष में ब्राह्मण समाज लालसोट द्वारा बढ़ाया धर्मशाला के पास स्थित भगवान परशुराम मंदिर से विशाल कलश एवं शोभायात्रा बड़े धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए गुजरी इस दौरान ब्राह्मण समाज के लोगों द्वारा शोभायात्रा पर पुष्प- वर्षा कर जगह-जगह स्वागत सत्कार किया गया। शोभा यात्रा में महिलाएं सिर पर मंगल कलश रखकर मंगल गीत गाते हुए रवाना हुई। वही शोभायात्रा में जमात के अखाड़ों बाजों द्वारा हेरत अंग्रेज कारनामे में दिखाए गए। शोभा यात्रा में ब्राह्मण समाज द्वारा परस्पर मिलवर्तन एवं एकता का संदेश दिया। शोभायात्रा में ब्राह्मण समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।4
- लालसोट में परशुराम जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा लालसोट। भगवान श्री परशुराम जयंती पर सोमवार को ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा व कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा परशुराम मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया, वहीं महिलाओं की कलश यात्रा आकर्षण का केंद्र रही।2
- करोली जिले की उपखण्ड टोडाभीम में तहसीलदार द्वारा महिला नेत्री सोम्या मीना के साथ गाली गलौज बदतमीजी करने के आरोप लगे है।जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।महिला नेत्री सोम्या मीना ने सोमवार शाम 4:00 बजे बताया कि मैं अपने घर के रास्ते के संबंध में उनसे एक परिवादी के रूप में मिलने गई थी, जहां तहसीलदार द्वारा बदतमीजी करते हुए धक्के देकर निकालनेकी की कोशिश की गई थी। इस संबंध में तहसीलदार ने बताया कि कोर्ट की पालना में बंद पडे रास्ते को खुलवाने के लिए पाडला जागीर गांव में गए थे, रास्ते के विवाद को लेकर शुरुआत में महिला ने चैंबर में आकर दबाव बनाया कहा किसके आदेश पर गए थे और दबाव बनाने का प्रयास किया था, जिसकी रिकॉर्डिंग महिला ने नहीं की, महिला द्वारा लगाया आरोप निराधार हैं2
- Post by Anil Kumar journalist1