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लालसोट में भगवान परशुराम जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, कलश यात्रा रही आकर्षण का केंद्र लालसोट में परशुराम जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा लालसोट। भगवान श्री परशुराम जयंती पर सोमवार को ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा व कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा परशुराम मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया, वहीं महिलाओं की कलश यात्रा आकर्षण का केंद्र रही।
Girdhari lal Sahu
लालसोट में भगवान परशुराम जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, कलश यात्रा रही आकर्षण का केंद्र लालसोट में परशुराम जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा लालसोट। भगवान श्री परशुराम जयंती पर सोमवार को ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा व कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा परशुराम मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया, वहीं महिलाओं की कलश यात्रा आकर्षण का केंद्र रही।
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- लालसोट उपखंड में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती के उपलक्ष में ब्राह्मण समाज लालसोट द्वारा बढ़ाया धर्मशाला के पास स्थित भगवान परशुराम मंदिर से विशाल कलश एवं शोभायात्रा बड़े धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए गुजरी इस दौरान ब्राह्मण समाज के लोगों द्वारा शोभायात्रा पर पुष्प- वर्षा कर जगह-जगह स्वागत सत्कार किया गया। शोभा यात्रा में महिलाएं सिर पर मंगल कलश रखकर मंगल गीत गाते हुए रवाना हुई। वही शोभायात्रा में जमात के अखाड़ों बाजों द्वारा हेरत अंग्रेज कारनामे में दिखाए गए। शोभा यात्रा में ब्राह्मण समाज द्वारा परस्पर मिलवर्तन एवं एकता का संदेश दिया। शोभायात्रा में ब्राह्मण समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।4
- लालसोट में परशुराम जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा लालसोट। भगवान श्री परशुराम जयंती पर सोमवार को ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा व कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा परशुराम मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया, वहीं महिलाओं की कलश यात्रा आकर्षण का केंद्र रही।2
- जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है। प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया: मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया। रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया। आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है। बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई। सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है। क्या हम वाकई जागृत हैं? "अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।" निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है। ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग, मचा हड़कंप पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आया और करीब 20 दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर हालात पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। किसी के हताहत होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 📍 अपडेट का इंतजार जारी... #VkNewsRajasthan #PachpadraRefinery #BreakingNews #Barmer #FireIncident1
- बामनवास l उपखण्ड क्षेत्र के ज्योति शिक्षण संस्थान सीनियर सैकण्डरी स्कूल पिपलाई और वर्धमान कोचिंग सेन्टर के संयुक्त तत्वाधान में ऋषभ पखवाड़े के तहत संस्थान की प्रधानाचार्य कृपा गुर्जर और कोचिंग निदेशक एकता जैन एवं योग शिक्षक रीना गुर्जर और नीरज गुर्जर के निर्देशन में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l इस अवसर विद्यार्थियों ने भगवान ऋषभ देव के जीवन चरित्र से सम्बन्धित पोस्टरों का निर्माण कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया l जिसका निरीक्षण प्रबन्धक अखलेश गुर्जर ने करते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा की बहुत प्रशंसा की इस अवसर पर उन्होंने अक्षय तृतीया के जैन स्वरूप,सम्यक भाव,सम्यक पात्र और अक्षय पूर्ण का त्रिकोण बनाता है जो दान दिवस की महत्ता को और बढ़ावा देता है l यहां दान वस्तु नहीं,बल्कि आत्मिक समझ का परिणाम बन जाता है l पोस्टर प्रतियोगिता में तनुजा राय, अनुष्का महावर,मोहम्मद सहवाज खांन,प्रिंस मीणा,आईसा बानो,दिया कुमारी महावर,कपिल गुर्जर,शिवम महावर,रिजवाना बानो,अनुष्का गौड़,आयुष खटाना,भूपेश राय,सुमिता मीणा, रिजवाना बानो,आर्यन सैनी,धीरज बंजारा,अनम बानो,सना बनो, अन्तिमा राय,अनुष्का खारवाल, आरुषि राय,रितिका सैनी,तनिष्का खारवाल,हरिओम मीणा,अभिजीत सिसोदिया आदि ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया l इस अवसर पर वर्धमान कोचिंग सेन्टर की निदेशक एकता जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया एक दिव्य अनुभूति का नाम है जो त्याग, संयम और करुणा से बनता है l यह एक क्षुधा-तपस्वी और एक श्रद्धालु सम्राट के दान देने की शाश्वत संस्कृति को जन्म देता है l जो *आरम्भ को अक्षय अनंतता* में में बदलने की सामर्थ्य रखता है l देवाधिदेव प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की 400 दिन की कठिन तपस्या के बाद जब उनका शरीर अत्यन्त क्षीण हो गया तब उन्हें आहार की आवश्यकता हुई l किन्तु दीक्षा के बाद वे पूर्ण रूप से संयमित स्थिति में थे इसलिए लोग उन्हें दोषरहित आहार नहीं दे पा रहे थे l इक्ष्वाकु वंश के राजकुमार श्रेयांश कुमार को अपने पूर्व जन्म की स्मृति से यह समझ प्राप्त हुई जब उन्होंने इक्षु रस को अर्पित कर आहार ग्रहण करवाया l यह क्षण केवल आहार ग्रहण का नहीं अपितु "*दान धर्म के शुद्ध स्वरूप*" की स्थापना का क्षण था l दान दिवस की उपलक्ष्य में कोचिंग के विद्यार्थियों को इक्षु (गन्ने) का रस का वितरण किया गया l इस अवसर पर शिक्षक गणेश योगी,शिवानी मीणा,वंश शर्मा एवं विद्यालय सहायक सीमा राय आदि उपस्थित थे l3
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- पचपदरा रिफाइनरी मे लगी भीषण आग 20से अधिक दमकल की गाड़िया पहुंची मौक़े पर आग भुजाने का किया जा रहा प्रयास गोरतलब है कि कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले है1
- Post by Ganesh Yogi1