सनातन धर्म और साधु-संतों पर अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं : पण्डोखर सरकार* *👉दतिया l ब्रेकिंग l* *👉सनातन धर्म और साधु-संतों पर अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं : पण्डोखर सरकार* *👉दिव्य दरबार में दामोदर यादव के कथित बयानों पर जताई कड़ी नाराजगी, बोले—विरोध और असहमति की भी होती है मर्यादा* *👉दतिया // पण्डोखर धाम पीठाधीश्वर एवं त्रिकालदर्शी गृहस्थ संत गुरुशरण महाराज ने अपने दिव्य दरबार के दौरान सनातन* धर्म, धार्मिक परंपराओं एवं साधु-संतों को लेकर की जा रही कथित *अमर्यादित टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की,उन्होंने दामोदर यादव द्वारा कथित रूप से की गई टिप्पणियों का उल्लेख* करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैचारिक मतभेद और *असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन किसी धर्म, परंपरा अथवा साधु-संतों के प्रति अपमानजनक एवं असम्मानजनक भाषा* का प्रयोग उचित नहीं है,पण्डोखर धाम के *संस्थापक एवं ट्रस्टी मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि दिव्य दरबार* के लाइव प्रसारण के दौरान *गुरुशरण महाराज ने दामोदर यादव के कथित बयानों का उल्लेख किया और उनकी भाषा* एवं *कथित टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति* जताई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी *विषय पर अपनी बात रखते समय शब्दों की मर्यादा, सामाजिक संवेदनशीलता और उसके* व्यापक प्रभाव का ध्यान रखा जाना चाहिए।आलोचना का अधिकार, लेकिन भाषा में मर्यादा जरूरी, *पण्डोखर सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने विचार रखने और* किसी विषय पर असहमति व्यक्त करने का अधिकार है। *लोकतांत्रिक समाज में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन असहमति व्यक्त करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखना* भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष से मतभेद *होने के कारण संपूर्ण धार्मिक परंपरा अथवा संत समाज को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग उचित नहीं माना जा* सकता।उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना सहिष्णुता, संस्कार, सद्भाव और मानव *कल्याण से जुड़ी हुई है। सनातन परंपरा ने सदैव विभिन्न विचारों और मान्यताओं के बीच संवाद की परंपरा को महत्व दिया* है।ऐसे में किसी भी प्रकार की टिप्पणी करते समय धार्मिक *भावनाओं और सामाजिक सौहार्द का ध्यान रखना आवश्यक है।संत समाज के योगदान का किया उल्लेख गुरुशरण महाराज* ने अपने संबोधन में संत समाज की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय *परंपरा में साधु-संतों का योगदान केवल धार्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि उन्होंने समाज में सेवा, संस्कार, लोककल्याण* , मानवता और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण *भूमिका निभाई है।उन्होंने कहा कि किसी संत या धार्मिक व्यक्ति के किसी विचार अथवा कार्य से असहमति हो सकती* है और उस पर प्रश्न भी उठाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए भी भाषा और अभिव्यक्ति की एक मर्यादा होती है। *किसी व्यक्ति विशेष के साथ मतभेद को संपूर्ण संत समाज या सनातन परंपरा के विरुद्ध टिप्पणी* का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।दामोदर यादव को मर्यादित भाषा रखने की *नसीहत दिव्य दरबार के दौरान पण्डोखर सरकार ने दामोदर यादव का उल्लेख* करते हुए उनके कथित बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अपने संबोधन में उन्हें *सार्वजनिक रूप से अपनी भाषा और आचरण में संयम बरतने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर बोले गए* शब्दों का प्रभाव व्यापक समाज पर पड़ता है, इसलिए *किसी भी व्यक्ति को बोलते समय अपनी जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।उन्होंने कहा कि धार्मिक विषयों पर चर्चा* करते समय विशेष सावधानी आवश्यक है। धर्म, आस्था और संत परंपरा से जुड़े विषय करोड़ों *लोगों की भावनाओं से जुड़े होते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की आलोचना करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर* किया जाना चाहिए।दिव्य दरबार के लाइव प्रसारण के दौरान सामने आया बयान पण्डोखर सरकार का *यह वक्तव्य पण्डोखर धाम में आयोजित दिव्य दरबार के लाइव प्रसारण के दौरान सामने आया। उनके संबोधन* में दामोदर यादव द्वारा कथित रूप से की गई टिप्पणियों का संदर्भ देते हुए *सनातन धर्म और साधु-संतों के सम्मान का विषय प्रमुखता से उठाया गया।पण्डोखर सरकार ने अपने संबोधन के माध्यम* से यह संदेश दिया कि धार्मिक विषयों पर विचारों की भिन्नता हो सकती है,लेकिन *सामाजिक सौहार्द और परस्पर सम्मान बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि असहमति* को संवाद के माध्यम से रखा जा सकता है और किसी भी मतभेद को व्यक्तिगत अथवा धार्मिक *अपमान का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।श्रद्धालुओं के बीच भी रही चर्चा दिव्य दरबार के दौरान दिए गए इस वक्तव्य के बाद उपस्थित* श्रद्धालुओं के बीच भी इसकी चर्चा रही,पण्डोखर धाम से जुड़े श्रद्धालुओं *एवं अनुयायियों ने इसे सनातन परंपरा और संत समाज के सम्मान से जोड़कर देखा। वहीं, पण्डोखर सरकार ने अपने संबोधन में* बार-बार भाषा की मर्यादा और सामाजिक सद्भाव *बनाए रखने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक विमर्श करते समय संयम और* सम्मान की भावना आवश्यक है। किसी भी विचार का विरोध तर्क और मर्यादित भाषा के माध्यम से किया जा *सकता है,सार्वजनिक वक्तव्य के संदर्भ में हैं आरोप और* *टिप्पणियां,उल्लेखनीय है कि दामोदर यादव को लेकर समाचार में वर्णित कथित टिप्पणियां एवं आरोप* पण्डोखर सरकार द्वारा दिए गए सार्वजनिक वक्तव्य के संदर्भ में हैं। *समाचार में इन कथित टिप्पणियों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। पण्डोखर सरकार* ने अपने दिव्य दरबार के दौरान इन पर आपत्ति जताते हुए *दामोदर यादव को भविष्य में सनातन धर्म एवं साधु-संतों के संबंध* में संयमित, मर्यादित और सम्मानजनक भाषा का *प्रयोग करने की नसीहत दी।*
सनातन धर्म और साधु-संतों पर अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं : पण्डोखर सरकार* *👉दतिया l ब्रेकिंग l* *👉सनातन धर्म और साधु-संतों पर अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं : पण्डोखर सरकार* *👉दिव्य दरबार में दामोदर यादव के कथित बयानों पर जताई कड़ी नाराजगी, बोले—विरोध और असहमति की भी होती है मर्यादा* *👉दतिया // पण्डोखर धाम पीठाधीश्वर एवं त्रिकालदर्शी गृहस्थ संत गुरुशरण महाराज ने अपने दिव्य दरबार के दौरान सनातन* धर्म, धार्मिक परंपराओं एवं साधु-संतों को लेकर की जा रही कथित *अमर्यादित टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की,उन्होंने दामोदर यादव द्वारा कथित रूप से की गई टिप्पणियों का उल्लेख* करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैचारिक मतभेद और *असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन किसी धर्म, परंपरा अथवा साधु-संतों के प्रति अपमानजनक एवं असम्मानजनक भाषा* का प्रयोग उचित नहीं है,पण्डोखर धाम के *संस्थापक एवं ट्रस्टी मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि दिव्य दरबार* के लाइव प्रसारण के दौरान *गुरुशरण महाराज ने दामोदर यादव के कथित बयानों का उल्लेख किया और उनकी भाषा* एवं *कथित टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति* जताई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी *विषय पर अपनी बात रखते समय शब्दों की मर्यादा, सामाजिक संवेदनशीलता और उसके* व्यापक प्रभाव का ध्यान रखा जाना चाहिए।आलोचना का अधिकार, लेकिन भाषा में मर्यादा जरूरी, *पण्डोखर सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने विचार रखने और* किसी विषय पर असहमति व्यक्त करने का अधिकार है। *लोकतांत्रिक समाज में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन असहमति व्यक्त करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखना* भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष से मतभेद *होने के कारण संपूर्ण धार्मिक परंपरा अथवा संत समाज को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग उचित नहीं माना जा* सकता।उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना सहिष्णुता, संस्कार, सद्भाव और मानव *कल्याण से जुड़ी हुई है। सनातन परंपरा ने सदैव विभिन्न विचारों और मान्यताओं के बीच संवाद की परंपरा को महत्व दिया* है।ऐसे में किसी भी प्रकार की टिप्पणी करते समय धार्मिक *भावनाओं और सामाजिक सौहार्द का ध्यान रखना आवश्यक है।संत समाज के योगदान का किया उल्लेख गुरुशरण महाराज* ने अपने संबोधन में संत समाज की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय *परंपरा में साधु-संतों का योगदान केवल धार्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि उन्होंने समाज में सेवा, संस्कार, लोककल्याण* , मानवता और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण *भूमिका निभाई है।उन्होंने कहा कि किसी संत या धार्मिक व्यक्ति के किसी विचार अथवा कार्य से असहमति हो सकती* है और उस पर प्रश्न भी उठाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए भी भाषा और अभिव्यक्ति की एक मर्यादा होती है। *किसी व्यक्ति विशेष के साथ मतभेद को संपूर्ण संत समाज या सनातन परंपरा के विरुद्ध टिप्पणी* का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।दामोदर यादव को मर्यादित भाषा रखने की *नसीहत दिव्य दरबार के दौरान पण्डोखर सरकार ने दामोदर यादव का उल्लेख* करते हुए उनके कथित बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अपने संबोधन में उन्हें *सार्वजनिक रूप से अपनी भाषा और आचरण में संयम बरतने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर बोले गए* शब्दों का प्रभाव व्यापक समाज पर पड़ता है, इसलिए *किसी भी व्यक्ति को बोलते समय अपनी जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।उन्होंने कहा कि धार्मिक विषयों पर चर्चा* करते समय विशेष सावधानी आवश्यक है। धर्म, आस्था और संत परंपरा से जुड़े विषय करोड़ों *लोगों की भावनाओं से जुड़े होते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की आलोचना करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर* किया जाना चाहिए।दिव्य दरबार के लाइव प्रसारण के दौरान सामने आया बयान पण्डोखर सरकार का *यह वक्तव्य पण्डोखर धाम में आयोजित दिव्य दरबार के लाइव प्रसारण के दौरान सामने आया। उनके संबोधन* में दामोदर यादव द्वारा कथित रूप से की गई टिप्पणियों का संदर्भ देते हुए *सनातन धर्म और साधु-संतों के सम्मान का विषय प्रमुखता से उठाया गया।पण्डोखर सरकार ने अपने संबोधन के माध्यम* से यह संदेश दिया कि धार्मिक विषयों पर विचारों की भिन्नता हो सकती है,लेकिन *सामाजिक सौहार्द और परस्पर सम्मान बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि असहमति* को संवाद के माध्यम से रखा जा सकता है और किसी भी मतभेद को व्यक्तिगत अथवा धार्मिक *अपमान का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।श्रद्धालुओं के बीच भी रही चर्चा दिव्य दरबार के दौरान दिए गए इस वक्तव्य के बाद उपस्थित* श्रद्धालुओं के बीच भी इसकी चर्चा रही,पण्डोखर धाम से जुड़े श्रद्धालुओं *एवं अनुयायियों ने इसे सनातन परंपरा और संत समाज के सम्मान से जोड़कर देखा। वहीं, पण्डोखर सरकार ने अपने संबोधन में* बार-बार भाषा की मर्यादा और सामाजिक सद्भाव *बनाए रखने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक विमर्श करते समय संयम और* सम्मान की भावना आवश्यक है। किसी भी विचार का विरोध तर्क और मर्यादित भाषा के माध्यम से किया जा *सकता है,सार्वजनिक वक्तव्य के संदर्भ में हैं आरोप और* *टिप्पणियां,उल्लेखनीय है कि दामोदर यादव को लेकर समाचार में वर्णित कथित टिप्पणियां एवं आरोप* पण्डोखर सरकार द्वारा दिए गए सार्वजनिक वक्तव्य के संदर्भ में हैं। *समाचार में इन कथित टिप्पणियों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। पण्डोखर सरकार* ने अपने दिव्य दरबार के दौरान इन पर आपत्ति जताते हुए *दामोदर यादव को भविष्य में सनातन धर्म एवं साधु-संतों के संबंध* में संयमित, मर्यादित और सम्मानजनक भाषा का *प्रयोग करने की नसीहत दी।*
- दतिया में राधाष्टमी कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, भजन गाते हुए वीडियो वायरल भजन गाकर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने जमाया रंग, कार्यकर्ताओं ने तालियों के साथ दिया साथ दतिया। मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा शनिवार को दतिया दौरे पर रहे। इस दौरान वे पूर्व जनपद सदस्य रीता सतीश यादव के निवास पर आयोजित राधाष्टमी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजन के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भजन गाकर श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उनके भजन गाते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं और उनके साथ भजन गुनगुनाया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आज शनिवार 4 बजे से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सभी को राधाष्टमी की शुभकामनाएं दीं। भजन गाते हुए डॉ. नरोत्तम मिश्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दतिया में राधाष्टमी कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, भजन गाते हुए वीडियो वायरल भजन गाकर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने जमाया रंग, कार्यकर्ताओं ने तालियों के साथ दिया साथ दतिया। मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा शनिवार को दतिया दौरे पर रहे। इस दौरान वे पूर्व जनपद सदस्य रीता सतीश यादव के निवास पर आयोजित राधाष्टमी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजन के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भजन गाकर श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उनके भजन गाते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं और उनके साथ भजन गुनगुनाया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आज शनिवार 4 बजे से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सभी को राधाष्टमी की शुभकामनाएं दीं। भजन गाते हुए डॉ. नरोत्तम मिश्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के राज्य स्तरीय मेधावी विद्यार्थी स्कूटी वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालयों की कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरित की।1
- पीतांबरा पीठ से रतनगढ़ माता मंदिर तक यात्रा सेवा संकल्प के तहत पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का जगह-जगह हुआ भाव स्वागत एवं तुलादान प्राप्त समाचार के अनुसार पूर्व गृहमंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा की पीतांबरा पीठ दतिया से रतनगढ़ माता धाम तक दर्शन यात्रा का जगह-जगह तोरण द्वार एवं बैनर लगाकर हुआ भव्य स्वागत स्वागत करने वालों में क्षेत्रीय विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल आकाश अग्रवाल अंबर अग्रवाल ने अपने निवास पर एवं श्री राजेश दायरे पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने अपने चेंबर के सामने एवं राकेश खटीक ने ग्वालियर चौराहे पर फूलमाला पहनकर एवं शाल श्रीफल भेंट कर भव्य स्वागत किया स्वागत करने वालों में नगर के गणमानंनागरिकों ने डी.एस .यादव अनूपदातरेंअमजद खान अखिलेश सेन बनवालीसाहू लव यादव सरपंच मिला हुआ साहब सिंह यादव मामा राघव पोद्दार आदि सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने गर्भ जोशी के साथ पूर्व मंत्री का भाव स्वागत किया1
- बबीना के छोटा मनकुआं में हादसा: 11 हजार वोल्ट की लाइन गिरने से भैंस की मौत, किसान ने मांगी मदद 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आने से भैंस की मौत, किसान ने प्रशासन से मदद की लगाई गुहार बबीना। थाना क्षेत्र के ग्राम छोटा मनकुआं में शनिवार शाम करीब सात बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई। बताया गया कि किसान बृजेश यादव की भैंस चरने के बाद घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन टूटकर भैंस के ऊपर गिर गई। करंट की चपेट में आने से भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे को देखकर मौके पर मौजूद लोग दंग रह गए। किसान के अनुसार मृत भैंस की कीमत करीब 1 लाख 45 हजार रुपये बताई जा रही है। भैंस की मौत से किसान को आर्थिक नुकसान हुआ है। किसान बृजेश यादव ने प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। साथ ही विद्युत विभाग से घटना की जांच कर विद्युत लाइनों की स्थिति दुरुस्त कराने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।1
- कट्टर सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी के बयान से मची सियासी हलचल भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम में मंच से दूर रहीं इमरती देवी मंच से दूरी बनाकर मीडिया से बोली“मंच पर हत्या के आरोपी बैठे हैं, ऐसे लोगों के साथ मंच बैठना उचित नहीं ...? इमरती देवी ने व्यंग्य करते हुए कहा समय सबका बदलता है।” पहले किसी और का था, अब किसी और का है और आगे किसी और का होगा।”1
- गणेश उत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, विभिन्न पंडालों में डॉ० संदीप ने की आरतीगणेश उत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, विभिन्न पंडालों में डॉ० संदीप ने की आरती1
- *नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने नई दिल्ली स्थित आवास से दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो रहे हैं । राहुल गांधी कुछ ही देर में विशेष विमान से इंदौर के लिए रवाना होंगे* *दिल्ली से LIVE SP NEWS EXCLUSIVE*1
- *सनातन धर्म और साधु-संतों पर अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं : पण्डोखर सरकार* *दामोदर यादव को दिव्य दरबार से लगाई कड़ी फटकार, मर्यादित भाषा की दी नसीहत* पण्डोखर धाम। पण्डोखर सरकार धाम पीठाधीश्वर त्रिकालदर्शी गृहस्थ संत श्री गुरुशरण जी महाराज ने अपने दिव्य दरबार के दौरान दामोदर यादव द्वारा सनातन धर्म तथा साधु-संतों को लेकर की जा रही कथित अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैचारिक मतभेद और असहमति अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी धर्म, परंपरा अथवा साधु-संतों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग उचित नहीं है। पण्डोखर धाम के संस्थापक व ट्रस्टी मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) ने उक्त जानकारी देते हुए बतलाया कि दिव्य दरबार के लाइव प्रसारण के दौरान श्री गुरुशरण जी महाराज ने दामोदर यादव का उल्लेख करते हुए उनके कथित बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई और उन्हें अपनी भाषा एवं आचरण में मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी। पण्डोखर सरकार धाम पीठाधीश्वर ने कहा कि सनातन धर्म सहिष्णुता, संस्कार और सद्भाव की शिक्षा देता है। इसका अर्थ यह नहीं कि सनातन परंपरा तथा साधु-संतों के विरुद्ध लगातार अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाए और समाज मौन रहे। उन्होंने कहा कि आलोचना और वैचारिक विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकते हैं, किंतु विरोध की भी एक मर्यादा होती है। उन्होंने अपने संबोधन में सनातन परंपरा की विशालता का उल्लेख करते हुए कहा कि संत समाज ने सदैव लोककल्याण, धर्म, संस्कृति और मानवता के लिए कार्य किया है। किसी व्यक्ति विशेष अथवा किसी संत से मतभेद होने के आधार पर संपूर्ण संत समाज अथवा सनातन परंपरा के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करना उचित नहीं माना जा सकता। श्री गुरुशरण जी महाराज ने दामोदर यादव को संबोधित करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में बोलते समय शब्दों की मर्यादा और उसके सामाजिक प्रभाव का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने अंदाज में कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में सनातन धर्म एवं साधु-संतों के संबंध में संयमित और सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करने की बात कही। पण्डोखर सरकार का यह वक्तव्य दिव्य दरबार के लाइव प्रसारण के दौरान सामने आया। उनके इस बयान के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच भी इसकी चर्चा रही। उल्लेखनीय है कि दामोदर यादव को लेकर समाचार में वर्णित टिप्पणियां एवं आरोप पण्डोखर सरकार के सार्वजनिक वक्तव्य के संदर्भ में हैं। *भवदीय - मुकेश कुमार गुप्ता (सागर)* पण्डोखर1
- झांसी - पति की मौत के बाद बहू और मासूम को घर से निकाला, ससुराल के दरवाजे पर धरने पर बैठी पीड़िता झांसी - पति की मौत के बाद बहू और मासूम को घर से निकाला, ससुराल के दरवाजे पर धरने पर बैठी पीड़िता झांसी के मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला परवारीपुरा में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने बहू और उसकी पांच साल की मासूम बेटी को घर से निकाल दिया। पीड़िता नेहा की शादी परवारीपुरा निवासी बासुदेव के साथ हुई थी। आरोप है कि जब वह गर्भवती थी, तभी उसके पति की मौत हो गई। और मौत के कुछ दिन बाद ही ससुराल वालों ने उसे घर से बेघर कर दिया। पिछले पांच-छह साल से पीड़िता अपने मायके ग्राम भंडरा में रहकर मजदूरी कर अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही है। न्याय के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। मुख्यमंत्री समेत आला अधिकारियों से शिकायत के बाद जब पुलिस पीड़िता को लेकर ससुराल पहुंची, तो सास ने पुलिस के सामने ही घर में रखने और हक देने से साफ इनकार कर दिया, कमरों के ताले तक नहीं खोले। पीड़िता का ये भी आरोप है कि पति के नाम की बीमा राशि ससुर ने कूटरचित दस्तावेजों से निकाल ली। फिलहाल पुलिस सास को कोतवाली ले गई है और मामले की जांच कर रही है। बाइट - पीड़िता नेहा4