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60 की उम्र में 35 के युवक से इश्क! भागकर रचाई शादी
Deepak yadav
60 की उम्र में 35 के युवक से इश्क! भागकर रचाई शादी
- User2478Dumka, Jharkhand💣6 hrs ago
- User1280Bhatapara, Baloda Bazar👏7 hrs ago
- दीवानराम, नैनीताल उत्तराखंडओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंड😤7 hrs ago
- User8454Modanganj, Jehanabad😡12 hrs ago
- User8454Modanganj, Jehanabad👏12 hrs ago
- User5518Bhadravati, Chandrapur🙏12 hrs ago
- User9381Araria, Bihar😂12 hrs ago
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- 60 की उम्र में 35 के युवक से इश्क! भागकर रचाई शादी1
- आज बिहार व्यवसायी संघ बिहार की ओर से शहर से चर्चित व्यवसायी रोहित सिंह के याद में दोपहर समय एक बजे दिन में आरा परिसदन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। मौके पर 2 मिनट का मौन रखा गया। आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने क्या कहा सुनिए3
- आरा से संजय श्रीवास्तव की रिपोर्ट मकर संक्रांति के मौके पर करमन टोला स्थित विश्वराज हॉस्पिटल में चुरा दही का कार्यक्रम और ठंड से बचाव के लिए शॉल बाटा गया। डॉ रंजना वर्षा और डॉक्टर महावीर प्रसाद गुप्ता के द्वारा वितरित किया गया। मौके पर काफी संख्या में लोगों ने चूड़ा दही का आनंद लिया। मौके पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर महावीर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि हर एक साल यह कार्यक्रम होता है। इस कार्यक्रम में सभी लोग इस भोज में शामिल होते हैं। डेंटल सर्जन कॉस्मेटिक विशेषज्ञ डॉक्टर रंजना वर्षा ने कहा कि इस मौके पर जरूरतमंदों को ठंड को देखते हुए शॉल का वितरण भी किया गया है। जिससे ठंड में इन लोगों को राहत मिल सके। बता दे की इस कार्यक्रम में संजय महासेठ अरविंद कुमार सिंह सहित कई डॉक्टर कई समाजसेवी और अस्पताल के कर्मचारी भी शामिल रहे।1
- मकर संक्रांति के मौके पर करमन टोला स्थित विश्वराज हॉस्पिटल में चुरा दही का कार्यक्रम और ठंड से बचाव के लिए शॉल बाटा गया डॉ रंजना वर्षा और डॉक्टर महावीर प्रसाद गुप्ता के द्वारा1
- मकर संक्रांति का शुभ अवसर पर पिरो में नगर परिषद के सभापति किरण उपाध्याय एवं जदयू वरिष्ठ नेता मनोज उपाध्याय के द्वारा दही चूड़ा आयोजन किया गया जिसमें नगर परिषद के तमाम जनता मौजूद रहे आपको बता दे की चूड़ा दही कार्यक्रम के बाद गरीब असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण का भी आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोगों के बीच कंबल देकर इस ठंड में उनको राहत देने की कोशिश की गई वही बातचीत के क्रम में नगर परिषद के सभापति किरण उपाध्याय ने बताया कि जब से जनता ने हमें मौका दिया है तब से हम अपने क्षेत्र के लिए काम कर रहे हैं और गरीब असहाय लोगों के लिए हमेशा खड़े रहते हैं वहीं जेडीयू के नेता मनोज उपाध्याय ने भी कहा कि जनता ही भगवान है और इनका आदर करना हमारा काम है2
- अरवल जिला के प्रखंड परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया ।यह धारणा प्रदर्शन भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार जी के नृत्वा में किया गया। बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन पर प्रशासन द्वारा लगाई गई रोक ने देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह अधिवेशन पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाना था, जिसकी सभी कानूनी प्रक्रियाएं समय से पूरी कर ली गई थीं। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव में प्रशासन द्वारा अधिवेशन की अनुमति रद्द किया जाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, 19(1)(b) शांतिपूर्ण सभा का अधिकार, 19(1)(c) संगठन बनाने का अधिकार तथा अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार प्रत्येक नागरिक को प्रदान करता है। ऐसे में किसी सामाजिक-वैचारिक संगठन के राष्ट्रीय अधिवेशन को रोकना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। यह अधिवेशन ओबीसी, एससी, एसटी एवं मूलनिवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं सामाजिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित किया जा रहा था। जाति आधारित जनगणना जैसे संवेदनशील मुद्दे को दबाने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि “मौलिक अधिकार तब तक अर्थहीन हैं, जब तक उनके संरक्षण के उपाय न हों।” आज वही मौलिक अधिकार खतरे में दिखाई दे रहे हैं। भारत मुक्ति मोर्चा प्रशासन एवं सरकार से मांग करता है कि— 1. बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति तत्काल प्रभाव से बहाल की जाए। 2. अधिवेशन में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं एवं संगठनों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए। 3. भविष्य में किसी भी संगठन के संवैधानिक, सामाजिक व वैचारिक कार्यक्रमों को राजनीतिक दबाव में रोकने की परंपरा समाप्त की जाए। 4. ओबीसी की जाति आधारित जनगणना के मुद्दे को दबाने की साजिशों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। 5. संविधान के संरक्षक के रूप में महामहिम राष्ट्रपति महोदय अनुच्छेद 356 के तहत आवश्यक संवैधानिक हस्तक्षेप करें। यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भारत मुक्ति मोर्चा, बामसेफ एवं सहयोगी संगठन देशव्यापी, शांतिपूर्ण और चरणबद्ध जनआंदोलन को और व्यापक रूप देंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा की है।1
- आरा से संजय श्रीवास्तव स्कूल बंद होने के कारण बच्चों के शिक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के डायरेक्टर डॉक्टर कुमार द्विजेन्द्र से इस बारे में क्या कहा सुनते हैं1