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कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने अयोध्या से जुड़े चर्चित प्रकरण की जांच को लेकर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सीतापुर से मिली खबर के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एसआईटी की कार्रवाई में केवल "छोटी मछलियों" को फंसाया गया, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचा लिया गया। राठौर ने इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी के बजाय सीबीआई से कराने की मांग की, ताकि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित हो सके। सांसद ने आगे कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई है और जनता की भावनाओं के साथ मजाक किया गया है। उन्होंने लखनऊ से संबंधित एक मामले का भी जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब आवश्यक मानक पूरे नहीं थे, तब संबंधित संस्थान का पंजीकरण आखिर किस आधार पर किया गया। राकेश राठौर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में अयोध्या प्रकरण को लेकर सियासी बहस के एक बार फिर तेज होने की संभावना है।

5 hrs ago
user_Naresh Gupta Reporter
Naresh Gupta Reporter
सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने अयोध्या से जुड़े चर्चित प्रकरण की जांच को लेकर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सीतापुर से मिली खबर के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एसआईटी की कार्रवाई में केवल "छोटी मछलियों" को फंसाया गया, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचा लिया गया। राठौर ने इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी के बजाय सीबीआई से कराने की मांग की, ताकि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित हो सके। सांसद ने आगे कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई है और जनता की भावनाओं के साथ मजाक किया गया है। उन्होंने लखनऊ से संबंधित एक मामले का भी जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब आवश्यक मानक पूरे नहीं थे, तब संबंधित संस्थान का पंजीकरण आखिर किस आधार पर किया गया। राकेश राठौर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में अयोध्या प्रकरण को लेकर सियासी बहस के एक बार फिर तेज होने की संभावना है।

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  • अयोध्या से जुड़े महंगे घी ने 'मामा' को आश्चर्यचकित कर दिया है। इसी बीच, समाजवादी पार्टी के बागी विधायक कथित तौर पर 'मलाई' मिलने के इंतजार में हैं। वहीं, 'बड़े साहब' रंगों का उपयोग करके मरीजों का मूड बेहतर बनाने की तैयारी में हैं।
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    अयोध्या से जुड़े महंगे घी ने 'मामा' को आश्चर्यचकित कर दिया है। इसी बीच, समाजवादी पार्टी के बागी विधायक कथित तौर पर 'मलाई' मिलने के इंतजार में हैं। वहीं, 'बड़े साहब' रंगों का उपयोग करके मरीजों का मूड बेहतर बनाने की तैयारी में हैं।
    user_Anoop singh
    Anoop singh
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • हरदोई जिला अस्पताल परिसर में शनिवार को सीटी स्कैन वार्ड के पास स्थित जनरेटर में अचानक आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के समय अस्पताल परिसर में कई मरीज, तीमारदार और कर्मचारी मौजूद थे, और आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, एक युवक ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए शुरुआती प्रयास किए, जिससे समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। उपस्थित लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर जनरेटर में आग लगने की घटना हुई थी, जिससे अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि यह लगातार दूसरी घटना जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की लापरवाही को दर्शाती है। फिलहाल आग लगने के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और अस्पताल प्रशासन की ओर से भी घटना की जांच कराए जाने की कोई बात सामने नहीं आई है। वीडियो में अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ और तमाम बाइकों को खड़ा देखा जा सकता है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो अस्पताल में बड़ा हादसा हो सकता था।
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    हरदोई जिला अस्पताल परिसर में शनिवार को सीटी स्कैन वार्ड के पास स्थित जनरेटर में अचानक आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के समय अस्पताल परिसर में कई मरीज, तीमारदार और कर्मचारी मौजूद थे, और आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, एक युवक ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए शुरुआती प्रयास किए, जिससे समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

उपस्थित लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर जनरेटर में आग लगने की घटना हुई थी, जिससे अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि यह लगातार दूसरी घटना जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की लापरवाही को दर्शाती है।

फिलहाल आग लगने के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और अस्पताल प्रशासन की ओर से भी घटना की जांच कराए जाने की कोई बात सामने नहीं आई है। वीडियो में अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ और तमाम बाइकों को खड़ा देखा जा सकता है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो अस्पताल में बड़ा हादसा हो सकता था।
    user_(Journalist) Madhur kumar
    (Journalist) Madhur kumar
    Newspaper publisher संडीला, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आज सुबह लखनऊ के खुर्रम नगर स्थित जगरानी हॉस्पिटल के पास एक खुले नाले में दो बाइक सवार युवक जा गिरे, जिससे वे घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को नाले से बाहर निकाला और उनकी जान बचाई। इस घटना के बाद नगर निगम की घोर लापरवाही को लेकर लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। इलाकाई लोगों का कहना है कि उन्होंने इस खुले नाले के बारे में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासी अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नगर निगम कब जागेगा और क्या वह किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है, क्योंकि राजधानी लखनऊ में खुले नाले लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं।
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    आज सुबह लखनऊ के खुर्रम नगर स्थित जगरानी हॉस्पिटल के पास एक खुले नाले में दो बाइक सवार युवक जा गिरे, जिससे वे घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को नाले से बाहर निकाला और उनकी जान बचाई।

इस घटना के बाद नगर निगम की घोर लापरवाही को लेकर लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। इलाकाई लोगों का कहना है कि उन्होंने इस खुले नाले के बारे में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासी अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नगर निगम कब जागेगा और क्या वह किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है, क्योंकि राजधानी लखनऊ में खुले नाले लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं।
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित महोना कस्बे में मोहर्रम के जुलूस के दौरान शुक्रवार रात एक दुखद हादसा हो गया। जुलूस देखने के लिए मकान के एक जर्जर छज्जे पर खड़े लोगों का भार अधिक होने के कारण वह अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। इस घटना में 12 वर्षीय अरमान और अली की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, महोना के वार्ड नंबर- 9 निवासी मुश्ताक अपने घर के बाहर मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों के लिए शरबत बांट रहे थे। इसी दौरान उनके परिवार के सदस्य और आसपास के बच्चे जुलूस देखने के लिए मकान के छज्जे पर चढ़ गए। अधिक भार पड़ने से जर्जर छज्जा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में ऊपर मौजूद लोग और नीचे खड़े कई लोग आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस के साथ एसीपी बीकेटी और डीसीपी उत्तरी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर उपचार के निर्देश दिए। मृतकों के शव का पंचनामा भर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी के मुताबिक, शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा जर्जर छज्जे पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ जाने के कारण हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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    लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित महोना कस्बे में मोहर्रम के जुलूस के दौरान शुक्रवार रात एक दुखद हादसा हो गया। जुलूस देखने के लिए मकान के एक जर्जर छज्जे पर खड़े लोगों का भार अधिक होने के कारण वह अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। इस घटना में 12 वर्षीय अरमान और अली की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, महोना के वार्ड नंबर- 9 निवासी मुश्ताक अपने घर के बाहर मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों के लिए शरबत बांट रहे थे। इसी दौरान उनके परिवार के सदस्य और आसपास के बच्चे जुलूस देखने के लिए मकान के छज्जे पर चढ़ गए। अधिक भार पड़ने से जर्जर छज्जा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में ऊपर मौजूद लोग और नीचे खड़े कई लोग आ गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस के साथ एसीपी बीकेटी और डीसीपी उत्तरी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर उपचार के निर्देश दिए। मृतकों के शव का पंचनामा भर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी के मुताबिक, शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा जर्जर छज्जे पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ जाने के कारण हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
    user_Vishal singh
    Vishal singh
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता है। इस स्पष्टीकरण ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं है, तो भारतीय नागरिकता कैसे निर्धारित की जाएगी? MEA के अनुसार, आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज मुख्य रूप से पहचान या निवास के प्रमाण के तौर पर कार्य करते हैं। ये दस्तावेज कुछ गैर-नागरिकों को भी जारी किए जा सकते हैं, जिससे ये भी नागरिकता के विश्वसनीय प्रमाण के रूप में अनुपयोगी हो जाते हैं। मौजूदा व्यवस्था में, भारत में नागरिकता मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत जन्म, वंश या पंजीकरण के आधार पर तय की जाती है। इस स्थिति में, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि सामान्य पहचान दस्तावेज नागरिकता सिद्ध करने में अपर्याप्त हैं, तो भविष्य में व्यक्ति की भारतीय नागरिकता किस आधार पर तय की जाएगी? इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की तैयारी का संकेत है।
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    विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता है। इस स्पष्टीकरण ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं है, तो भारतीय नागरिकता कैसे निर्धारित की जाएगी?

MEA के अनुसार, आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज मुख्य रूप से पहचान या निवास के प्रमाण के तौर पर कार्य करते हैं। ये दस्तावेज कुछ गैर-नागरिकों को भी जारी किए जा सकते हैं, जिससे ये भी नागरिकता के विश्वसनीय प्रमाण के रूप में अनुपयोगी हो जाते हैं। मौजूदा व्यवस्था में, भारत में नागरिकता मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत जन्म, वंश या पंजीकरण के आधार पर तय की जाती है।

इस स्थिति में, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि सामान्य पहचान दस्तावेज नागरिकता सिद्ध करने में अपर्याप्त हैं, तो भविष्य में व्यक्ति की भारतीय नागरिकता किस आधार पर तय की जाएगी? इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की तैयारी का संकेत है।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter Misrikh, Sitapur•
    12 hrs ago
  • राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में शनिवार, 27 जून 2026 को सुबह लगभग 5:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पंपिंग स्टेशन के पास UP 32 LL 9468 नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद जहाँ कुछ लोग मौके पर खड़े होकर वीडियो बनाने में व्यस्त थे, वहीं MN Action News के डायरेक्टर और पत्रकार समीर खान मुन्ना ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने घायल युवक को तत्काल अपनी स्कूटी से केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान घायल युवक की मृत्यु हो गई। यह घटना एक बार फिर समय पर आपातकालीन सहायता और एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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    राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में शनिवार, 27 जून 2026 को सुबह लगभग 5:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पंपिंग स्टेशन के पास UP 32 LL 9468 नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे के बाद जहाँ कुछ लोग मौके पर खड़े होकर वीडियो बनाने में व्यस्त थे, वहीं MN Action News के डायरेक्टर और पत्रकार समीर खान मुन्ना ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने घायल युवक को तत्काल अपनी स्कूटी से केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया।

दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान घायल युवक की मृत्यु हो गई। यह घटना एक बार फिर समय पर आपातकालीन सहायता और एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
    user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    3 hrs ago
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