logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता है। इस स्पष्टीकरण ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं है, तो भारतीय नागरिकता कैसे निर्धारित की जाएगी? MEA के अनुसार, आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज मुख्य रूप से पहचान या निवास के प्रमाण के तौर पर कार्य करते हैं। ये दस्तावेज कुछ गैर-नागरिकों को भी जारी किए जा सकते हैं, जिससे ये भी नागरिकता के विश्वसनीय प्रमाण के रूप में अनुपयोगी हो जाते हैं। मौजूदा व्यवस्था में, भारत में नागरिकता मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत जन्म, वंश या पंजीकरण के आधार पर तय की जाती है। इस स्थिति में, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि सामान्य पहचान दस्तावेज नागरिकता सिद्ध करने में अपर्याप्त हैं, तो भविष्य में व्यक्ति की भारतीय नागरिकता किस आधार पर तय की जाएगी? इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की तैयारी का संकेत है।

2 hrs ago
user_आशीष कुमार मिश्रा
आशीष कुमार मिश्रा
Court reporter Misrikh, Sitapur•
2 hrs ago

विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता है। इस स्पष्टीकरण ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं है, तो भारतीय नागरिकता कैसे निर्धारित की जाएगी? MEA के अनुसार, आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज मुख्य रूप से पहचान या निवास के प्रमाण के तौर पर कार्य करते हैं। ये दस्तावेज कुछ गैर-नागरिकों को भी जारी किए जा सकते हैं, जिससे ये भी

नागरिकता के विश्वसनीय प्रमाण के रूप में अनुपयोगी हो जाते हैं। मौजूदा व्यवस्था में, भारत में नागरिकता मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत जन्म, वंश या पंजीकरण के आधार पर तय की जाती है। इस स्थिति में, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि सामान्य पहचान दस्तावेज नागरिकता सिद्ध करने में अपर्याप्त हैं, तो भविष्य में व्यक्ति की भारतीय नागरिकता किस आधार पर तय की जाएगी? इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की तैयारी का संकेत है।

More news from Sitapur and nearby areas
  • विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता है। इस स्पष्टीकरण ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं है, तो भारतीय नागरिकता कैसे निर्धारित की जाएगी? MEA के अनुसार, आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज मुख्य रूप से पहचान या निवास के प्रमाण के तौर पर कार्य करते हैं। ये दस्तावेज कुछ गैर-नागरिकों को भी जारी किए जा सकते हैं, जिससे ये भी नागरिकता के विश्वसनीय प्रमाण के रूप में अनुपयोगी हो जाते हैं। मौजूदा व्यवस्था में, भारत में नागरिकता मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत जन्म, वंश या पंजीकरण के आधार पर तय की जाती है। इस स्थिति में, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि सामान्य पहचान दस्तावेज नागरिकता सिद्ध करने में अपर्याप्त हैं, तो भविष्य में व्यक्ति की भारतीय नागरिकता किस आधार पर तय की जाएगी? इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की तैयारी का संकेत है।
    2
    विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता है। इस स्पष्टीकरण ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं है, तो भारतीय नागरिकता कैसे निर्धारित की जाएगी?

MEA के अनुसार, आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज मुख्य रूप से पहचान या निवास के प्रमाण के तौर पर कार्य करते हैं। ये दस्तावेज कुछ गैर-नागरिकों को भी जारी किए जा सकते हैं, जिससे ये भी नागरिकता के विश्वसनीय प्रमाण के रूप में अनुपयोगी हो जाते हैं। मौजूदा व्यवस्था में, भारत में नागरिकता मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत जन्म, वंश या पंजीकरण के आधार पर तय की जाती है।

इस स्थिति में, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि सामान्य पहचान दस्तावेज नागरिकता सिद्ध करने में अपर्याप्त हैं, तो भविष्य में व्यक्ति की भारतीय नागरिकता किस आधार पर तय की जाएगी? इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की तैयारी का संकेत है।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter Misrikh, Sitapur•
    2 hrs ago
  • सीतापुर में थाना मछरेहटा पुलिस और एसओजी टीम ने चोरी की एक बड़ी घटना का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में 05 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के पास से चोरी की गई भारी मात्रा में नगदी, जेवरात के साथ-साथ अवैध असलहे और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस पूरे मामले के संबंध में क्षेत्राधिकारी मिश्रित द्वारा बाईट दी गई है, जिसमें इस सफलता की जानकारी साझा की गई।
    2
    सीतापुर में थाना मछरेहटा पुलिस और एसओजी टीम ने चोरी की एक बड़ी घटना का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में 05 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के पास से चोरी की गई भारी मात्रा में नगदी, जेवरात के साथ-साथ अवैध असलहे और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस पूरे मामले के संबंध में क्षेत्राधिकारी मिश्रित द्वारा बाईट दी गई है, जिसमें इस सफलता की जानकारी साझा की गई।
    user_Sanjeev kumar
    Sanjeev kumar
    Agricultural Engineer सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • राजधानी लखनऊ में महिगवां थाना पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने मोबाइल चोरी कर लोगों के साथ साइबर ठगी करने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी कार्रवाई को थाना प्रभारी राधेश्याम मौर्य के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान और नकदी बरामद की है। बरामद सामानों में 11 महंगे एंड्रॉयड फोन और 3 की-पैड फोन सहित कुल 14 मोबाइल फोन शामिल हैं। इसके अलावा, वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। आरोपियों के पास से ₹8,358 नकद भी मिले हैं। पूछताछ में यह सामने आया है कि यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों से मोबाइल फोन चुराता था और फिर उन फोन में मौजूद पर्सनल डेटा, बैंकिंग ऐप्स और यूपीआई का दुरुपयोग कर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाकर साइबर ठगी करता था। पुलिस के बयान के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और बाकी सदस्यों का पता लगाने के लिए अभी जांच जारी है। इस कार्रवाई को लखनऊ पुलिस द्वारा साइबर अपराध और मोबाइल चोरी पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है।
    1
    राजधानी लखनऊ में महिगवां थाना पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने मोबाइल चोरी कर लोगों के साथ साइबर ठगी करने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी कार्रवाई को थाना प्रभारी राधेश्याम मौर्य के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान और नकदी बरामद की है। बरामद सामानों में 11 महंगे एंड्रॉयड फोन और 3 की-पैड फोन सहित कुल 14 मोबाइल फोन शामिल हैं। इसके अलावा, वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। आरोपियों के पास से ₹8,358 नकद भी मिले हैं। पूछताछ में यह सामने आया है कि यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों से मोबाइल फोन चुराता था और फिर उन फोन में मौजूद पर्सनल डेटा, बैंकिंग ऐप्स और यूपीआई का दुरुपयोग कर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाकर साइबर ठगी करता था।

पुलिस के बयान के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और बाकी सदस्यों का पता लगाने के लिए अभी जांच जारी है। इस कार्रवाई को लखनऊ पुलिस द्वारा साइबर अपराध और मोबाइल चोरी पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • राष्ट्रीय विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास रावत, अपने राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्रीय जनता के बीच जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। यह अभियान मुख्य रूप से क्षेत्रीय समस्याओं को उजागर करने पर केंद्रित है, जिसमें सड़कों की बदहाली और ईंट भट्ठों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। अवैध खनन के कारण सड़कों पर मिट्टी गिर जाती है, जिससे राहगीरों को धूल-गर्द जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अभियान के दौरान यह भी सामने आया है कि खेड़ा के पास एक अंडा फैक्ट्री होने के चलते क्षेत्र में मक्खियों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। हयातगंज, हनीखेड़ा और महुआ डंडा जैसे गांवों में मक्खियों की अत्यधिक संख्या के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। राष्ट्रीय विकास मंच इन सभी मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहा है। इन समस्याओं के अतिरिक्त, बिजली की अघोषित कटौती को लेकर भी अधिकारियों से बातचीत की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास रावत लगातार क्षेत्रीय जनता के बीच रहकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
    1
    राष्ट्रीय विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास रावत, अपने राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्रीय जनता के बीच जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। यह अभियान मुख्य रूप से क्षेत्रीय समस्याओं को उजागर करने पर केंद्रित है, जिसमें सड़कों की बदहाली और ईंट भट्ठों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। अवैध खनन के कारण सड़कों पर मिट्टी गिर जाती है, जिससे राहगीरों को धूल-गर्द जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

अभियान के दौरान यह भी सामने आया है कि खेड़ा के पास एक अंडा फैक्ट्री होने के चलते क्षेत्र में मक्खियों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। हयातगंज, हनीखेड़ा और महुआ डंडा जैसे गांवों में मक्खियों की अत्यधिक संख्या के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। राष्ट्रीय विकास मंच इन सभी मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहा है।

इन समस्याओं के अतिरिक्त, बिजली की अघोषित कटौती को लेकर भी अधिकारियों से बातचीत की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास रावत लगातार क्षेत्रीय जनता के बीच रहकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
    user_Hgn news channel
    Hgn news channel
    संडीला, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • Atul ydusyhwhsbkziwcsvhkwgbsbscfsghdvsiwheggsvsvscjwhf Atul vs
    2
    Atul ydusyhwhsbkziwcsvhkwgbsbscfsghdvsiwheggsvsvscjwhf
Atul vs
    user_Atul Atul
    Atul Atul
    हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हरदोई के बेनीगंज में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का ताजिया जुलूस अत्यंत गमगीन माहौल में निकाला गया। 'या हुसैन' की सदाओं से गूंजते हुए इस जुलूस ने पूरे नगर की गलियों को हुसैनी माहौल से भर दिया। सुबह से ही कर्बला में मान्यताओं वाली ताजियों के दफनाने का सिलसिला भी जारी रहा। इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे, हजरत अली व फातिमा के बेटे हजरत इमाम हुसैन और उनके बहत्तर साथियों ने कर्बला में इंसानियत व मानवता का संदेश देते हुए शहादत दी थी, जिसे दसवीं मोहर्रम पर याद किया गया। नगर के बड़े इमाम चौक से शुरू होकर, जुलूस कमेटी अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद व नई बस्ती के इरफान अहमद की अगुवाई में चिन्हित मार्गों से होता हुआ नीबा देवी के पास पहुँचा। यहाँ अकीदतमंदों ने जोरदार मातम किया, और स्थानीय अंजुमनों व अजादारों ने 'छुरी का मातम' व 'सीना जनी' कर 'मर्सिया' पढ़ा। इस दौरान जुलूस में हिंदू समुदाय के लोगों की भी शिरकत देखी गई, जो हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक बना। दूरदराज के गाँवों से आए लोग और बच्चे भी जुलूस देखने में खास उत्साह के साथ मशगूल रहे। जुलूस के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कोतवाली प्रभारी सतीश चंद्र सहित पुलिस बल नीबा देवी के पास मुस्तैद रहा, जहाँ अजादारों को हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत भी करनी पड़ी। पुलिस और स्थानीय ताजियादारों व कमेटी सदस्यों की सूझबूझ से पंचायती ताजिया का जुलूस नीबा देवी के पास से गुजरा। रास्ते में सड़क के दोनों ओर अकीदतमंदों के लिए पानी व शरबत की 'सबीलें' लगी हुई थीं, जिनमें समाजवादी पार्टी के नेता रामचंद्र और समीउल्लाह अंसारी ने भी ठंडा पानी व शरबत वितरित किया। नगर व बेनीगंज देहात के संभ्रांत व्यक्ति भी इस दौरान उपस्थित रहे।
    1
    हरदोई के बेनीगंज में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का ताजिया जुलूस अत्यंत गमगीन माहौल में निकाला गया। 'या हुसैन' की सदाओं से गूंजते हुए इस जुलूस ने पूरे नगर की गलियों को हुसैनी माहौल से भर दिया। सुबह से ही कर्बला में मान्यताओं वाली ताजियों के दफनाने का सिलसिला भी जारी रहा।

इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे, हजरत अली व फातिमा के बेटे हजरत इमाम हुसैन और उनके बहत्तर साथियों ने कर्बला में इंसानियत व मानवता का संदेश देते हुए शहादत दी थी, जिसे दसवीं मोहर्रम पर याद किया गया। नगर के बड़े इमाम चौक से शुरू होकर, जुलूस कमेटी अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद व नई बस्ती के इरफान अहमद की अगुवाई में चिन्हित मार्गों से होता हुआ नीबा देवी के पास पहुँचा। यहाँ अकीदतमंदों ने जोरदार मातम किया, और स्थानीय अंजुमनों व अजादारों ने 'छुरी का मातम' व 'सीना जनी' कर 'मर्सिया' पढ़ा। इस दौरान जुलूस में हिंदू समुदाय के लोगों की भी शिरकत देखी गई, जो हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक बना। दूरदराज के गाँवों से आए लोग और बच्चे भी जुलूस देखने में खास उत्साह के साथ मशगूल रहे।

जुलूस के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कोतवाली प्रभारी सतीश चंद्र सहित पुलिस बल नीबा देवी के पास मुस्तैद रहा, जहाँ अजादारों को हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत भी करनी पड़ी। पुलिस और स्थानीय ताजियादारों व कमेटी सदस्यों की सूझबूझ से पंचायती ताजिया का जुलूस नीबा देवी के पास से गुजरा। रास्ते में सड़क के दोनों ओर अकीदतमंदों के लिए पानी व शरबत की 'सबीलें' लगी हुई थीं, जिनमें समाजवादी पार्टी के नेता रामचंद्र और समीउल्लाह अंसारी ने भी ठंडा पानी व शरबत वितरित किया। नगर व बेनीगंज देहात के संभ्रांत व्यक्ति भी इस दौरान उपस्थित रहे।
    user_बुद्धसेन सोनी
    बुद्धसेन सोनी
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • शुक्रवार को रूपापुर में गंगा एक्सप्रेसवे अंडरपास के निकट एक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक इको कार और रोडवेज बस के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि इको कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे और कार में फँसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकालकर एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार चालक को हल्की चोटें आई हैं, जबकि कार को काफी नुकसान पहुँचा है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुँची और यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया, हालाँकि हादसे के कारण कुछ समय तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। घटना से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और बस तथा कार दोनों के चालकों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है, हालांकि दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
    1
    शुक्रवार को रूपापुर में गंगा एक्सप्रेसवे अंडरपास के निकट एक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक इको कार और रोडवेज बस के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि इको कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे और कार में फँसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकालकर एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार चालक को हल्की चोटें आई हैं, जबकि कार को काफी नुकसान पहुँचा है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुँची और यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया, हालाँकि हादसे के कारण कुछ समय तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। घटना से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और बस तथा कार दोनों के चालकों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है, हालांकि दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
    user_ज्ञानेश मिश्रा
    ज्ञानेश मिश्रा
    Traditional Storyteller हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.