Shuru
Apke Nagar Ki App…
सडक दुर्घटना में महिला का मिला शव पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सडक दुर्घटना में युवती का मिला शव पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिहे भेजा
जितेन्द्र श्रीवास्तव
सडक दुर्घटना में महिला का मिला शव पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सडक दुर्घटना में युवती का मिला शव पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिहे भेजा
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- सडक दुर्घटना में युवती का मिला शव पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिहे भेजा1
- आपको बता दें कि राजन जी महाराज प्रसिद्ध कथावाचक हैं जो अपने धार्मिक भजनों के लिए विश्व में जाने जाते हैं। प्रभु श्री राम की कथा और सनातन धर्म के प्रचार में उनका बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।1
- सुल्तानपुर हसनपुर नानू लोनिया का पुरवा न्यू वीडियो वायरल 🤙🏻🫵🏻👎🏻🤟🏻🤘🏻👌🏻🤏🏻1
- उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट सीसीटीवी कैमरे से हो रही निगरानी1
- अमेठी पुलिस ने 4 दिन पहले हुई एक हत्या काख़ुलसा करते हुए एक अभियुक्त को मय आला कत्ल के गिरफ्तार कर लिया। जिस व्यक्ति की हत्या हुई थी वह रात में अपने खेत पर फसल की रखवाली करने गया था और गांव के एक व्यक्ति द्वारा चुनावी रंजिश और दी गई धमकी के कारण हत्या की गई थी। आपको बता दें 15 फरवरी को थाना मोहनगंज क्षेत्र के पूरे घिसई मजरे लीही गांव के शिव प्रसाद प्रतिदिन की तरह घर से खाना खाकर अपने खेत में लगे ट्यूबबेल पर फसल और सूअरबाड़े की रखवाली करने के लिए गए थे तभी रात्रि में अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिवप्रसाद के सिर पर गंभीर चोट पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज जांच पड़ताल शुरू की थी। सूचना मिलते ही एसपी अमेठी सरवणन टी भी अन्य अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस और स्वाट टीम को घटना का खुलासा करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और मौके की गहनता से जांच की तो वहां से उसे एक लोहे की सरिया, एक कुल्हाड़ी और पर्स मिला। पर्स मिलते ही पूरा ही मामला आइने की तरह साफ नजर आने लगा। पर्स के आधार पुलिस कातिल तक पहुंच गई। दरअसल वह पर्स उसी थाने में तैनात एक चौकीदार महेश प्रसाद का निकला। उसके बाद पुलिस ने चौकीदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने शिवप्रसाद की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस की पूछताछ के बाद मामला जो खुलकर आया अब उसे सुनिए.... पुलिस की पूछताछ में चौकीदार महेश प्रसाद ने बताया कि ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान शिवप्रसाद ने उसे धमकी दिया था और विपक्षी की मदद की थी। तब से वह शिव प्रसाद को सबक सिखाने के लिए जोड़तोड़ करता रहा है। 14 फरवरी की रात में उसकी ड्यूटी थाने पर लगी थी। महेश ने बताया कि ड्यूटी के दौरान रात 12 बजे थाने के पीछे के रास्ते से अपनी बाइक लेकर निकला और सीधे शिव प्रसाद की ट्यूबबेल पर पहुंच गया जहां वह सो रहा था। उसने लोहे की सरिया से मृतक के सिर पर वार कर किया। वार करते ही मृतक ने उसे पकड़ लिया और उसकी दाहिनी उंगली ने दांत से काट लिया जिससे सरिया उसके हाथ से गिर पड़ी। तभी उसकी निगाह ट्यूबबेल वाले मढ़हे में रखे कुल्हाड़ी और हंसिया पर पड़ी तो उसने दौड़कर उसे पकड़ा और शिवप्रसाद के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद भागते समय लोहे की सरिया और जैकेट से पर्स वहीं गिर गया था। घटना कारित करने के बाद वह बाइक लेकर नहर की पटरी पर पहुंचा और अपने जूते व कपड़े नहर में फेंक कर दूसरा कपड़ा पहनकर उसी पीछे के रास्ते से थाने के अंदर आ गया था। थाने के अंदर आने के बाद वह एकदम सामान्य ढंग से था जैसे कुछ हुआ ही न हो। यहां एक बात और आपको बता दें कि कहीं न कहीं कातिल महेश के दिमाग में ये बात जरूर आई होगी कि वह थाने में चौकीदार है इसलिए वह कुछ भी कर सकता है, उसे ये भी उम्मीद रही होगी कि पुलिस वाले एक तरह से विभागीय होने के नाते उसके खिलाफ कुछ नहीं करेंगे लेकिन कानून की गिरफ्त में आने के बाद चौकीदार की सारी हेकड़ी निकल गई। पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए अभियुक्त महेश को जेल भेज दिया। इस सराहनीय खुलासे के लिए एसपी अमेठी में पूरी टीम को 25 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।1
- जनपद सुलतानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र स्थित मदनपुर पनियार गांव में हुए अमित सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी दीपक सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इससे पहले मृतक की पत्नी शिल्पी सिंह को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, महाशिवरात्रि के अवसर पर अमित सिंह अपनी पत्नी शिल्पी सिंह और साली आरती के साथ बाबा जनवारी नाथ धाम दर्शन के लिए गए थे। वहीं शिल्पी का प्रेमी दीपक सिंह भी मौजूद था। दर्शन के दौरान पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जिसमें अमित द्वारा पत्नी को थप्पड़ मारने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर नाराजगी बढ़ी और रविवार देर रात शिल्पी सिंह व दीपक सिंह ने मिलकर धारदार हथियार से अमित सिंह की गला रेतकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिल्पी सिंह को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दीपक फरार हो गया था। पुलिस टीम ने दबिश देकर दीपक सिंह को कामतागंज-शंभूगंज रोड से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया है। फिलहाल दोनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।4
- अमेठी। अमेठी पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का किया सनसनी खेज खुलासा। चुनावी रंजिश में हुई थी व्यक्ति की हत्या मृतक और हत्यारे लड़ना चाह रहे थे पंचायत चुनाव पुलिस ने आला कत्ल किया बरामद हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और सरिया किया बरामद सी ओ तिलोई ने तीन दिन अथक प्रयास से हुआ खुलासा,पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करने वाली टीम को 25000 देकर किया प्रोत्साहित। जिले के मोहन गंज थाना क्षेत्र के लीही गाँव का मामला1
- प्रोजेक्ट दृष्टि के तहत रोटरी क्लब, एआईआईएमएस और सहयोगी संस्थाओं की पहल एआई तकनीक से वस्तु पहचान, टेक्स्ट टू स्पीच और नेविगेशन में मिलेगी मदद लाभार्थियों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग से आत्मनिर्भरता पर जोर भारत में दृष्टिबाधिता और गंभीर दृष्टिबाधिता आज भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। देश में लगभग एक करोड़ लोग किसी न किसी रूप में दृष्टि संबंधी गंभीर समस्याओं के साथ जीवन जी रहे हैं। खासकर 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग और कम सेवा प्राप्त समुदायों पर इसका प्रभाव अधिक है, जिससे उनकी स्वतंत्रता और आर्थिक उत्पादकता प्रभावित होती है। इसी पृष्ठभूमि में प्रोजेक्ट दृष्टि के तहत एआई-पावर्ड स्मार्ट विजन ग्लासेस के वितरण की पहल की गई। यह कार्यक्रम रोटरी क्लब द्वारा विजन-एआईडी, एसएचजी टेक्नोलॉजी और एआईआईएमएस नई दिल्ली के सहयोग से संचालित किया गया। इसका उद्देश्य अपरिवर्तनीय दृष्टि हानि से जूझ रहे व्यक्तियों को तकनीक आधारित पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराना है। इन स्मार्ट विजन ग्लासेस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुविधाएं शामिल हैं, जिनमें वास्तविक समय में वस्तु पहचान, टेक्स्ट टू स्पीच, चेहरे की पहचान, दृश्य व्याख्या और नेविगेशन सहायता शामिल हैं। इससे लाभार्थियों की पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ती है और वे अपने आसपास के वातावरण के साथ अधिक आत्मविश्वास के साथ जुड़ पाते हैं। लाभार्थियों को केवल उपकरण ही नहीं, बल्कि संरचित प्रशिक्षण, ओरिएंटेशन सत्र और निरंतर तकनीकी सहायता भी प्रदान की जा रही है, ताकि वे इन तकनीकों का अधिकतम लाभ उठा सकें और दीर्घकालिक कार्यात्मक सुधार प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. प्रवीण वशिष्ठ, अधिकारी-इन-चार्ज कम्युनिटी ऑप्थाल्मोलॉजी, डॉ. आरपी सेंटर, एआईआईएमएस नई दिल्ली ने कहा कि एआई-सक्षम सहायक प्रौद्योगिकी नैदानिक देखभाल को पूरक बनाती है, निर्भरता कम करती है और स्वायत्तता को बढ़ाती है। उनके अनुसार ये स्मार्ट विजन ग्लासेस शिक्षा, रोजगार और दैनिक जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलते हैं।1