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हनुमान जयंती के अवसर पर नगर के मददी के बगीचा से धूमधाम से निकाली गई हनुमंत लाल की विशाल शोभायात्रा
Vikas Soni
हनुमान जयंती के अवसर पर नगर के मददी के बगीचा से धूमधाम से निकाली गई हनुमंत लाल की विशाल शोभायात्रा
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- पटेरा से अमर सेन की रीपोर्ट अजनी के लाला का प्रकट उत्सव मनाया, शोभायात्रा निकली कुम्हारी नगर में बबली गढ़ धाम मे स्व प्रकट विराजमान है, क्षेत्र की आस्था जुडी जहाँ भक्तो की मनोकामना पूर्ण होती हनुमान जयंती पूरे भारत में दो बार बड़े उत्साह से मनाई जाती है। एक जयंती भगवान हनुमान के जन्म का प्रतीक है, जबकि दूसरी उनकी दुष्ट आत्माओं पर विजय का। हनुमान जी भगवान शिव के अवतार और भगवान राम के परम भक्त हैं। वे समर्पण और भक्ति के साक्षात प्रतीक हैं। भगवान हनुमान के जन्म समय को लेकर कई प्रकार की कथाएँ प्रचलित हैं। हनुमान जयंती आमतौर पर हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा के दिन पड़ती है। कुम्हारी नगर में हनुमान जी प्रकट उत्सव में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई शिव पार्वती मंदिर से शुरू हुई श्री बांके बिहारी जी मंदिर में पूजन हुआ नगर परिक्रमा करती हुई बबलीगढ़ धाम पहुंची जहां हनुमान जी का पूजन हुआ हनुमान चालीसा पाठ और दिव्या आरती के साथ प्रसाद वितरण किया गया भक्ति श्रद्धालुओं ने जय कार्य लगाए जगह-जगह छायाचित्र पर भक्त श्रद्धालुओं ने पूजन किया शोभायात्रा में पुलिस बल तनक नजर आया कुछ स्थानों पर यह कार्तिक माह की चतुर्दशी को मनाया जाता है, जबकि अन्य स्थानों पर मार्गशीर्ष माह की अमावस्या को। कुछ स्थानों पर हनुमान जी का जन्म वैशाख माह से भी जुड़ा हुआ है।1
- रुद्राक्षधाम स्थित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में देर रात तक लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता, हजारों भक्तों ने दर्शन किए सागर। शहर के प्रसिद्ध धर्मस्थल रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में स्थितश्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में अंजनीपुत्र वीर हनुमान जी के प्रकटोत्सव का पुण्य पर्व धार्मिक पूजन संस्कारों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। चरणसेवक पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने परिजनों के साथ प्रातः काल पहुंच कर अभिषेक, 56भोग और आरती के साथ कार्यक्रमों का आरंभ किया। रात्रि 11 बजे तक चले दर्शनार्थियों के क्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी के दर्शन किए। रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण स्थित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी का दिव्य और भव्य मंदिर में प्रात: से ही अखंड रामायण का सस्वर पाठ आरंभ हुआ। प्रातः कालीन अनुष्ठानों के साथ दर्शन आरंभ हुए। श्री हनुमान लला जू को 56 भोग के बाद प्रसादी वितरण भी हुआ। संध्या काल में श्री राधे राधे में मंडल द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति की गई। संध्या आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को ध्वजाओं व आकर्षक रंगीन एलईडी सजावट से सजाया गया था और संगीत के साथ पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह स्वयं दिन भर भगवान हनुमान जी की सेवा में प्रांगण में उपस्थित रहे। शहर के अनेक गणमान्य व जनप्रतिनिधिगण सहित हजारों श्रद्धालुओं ने श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।4
- Post by RAJESH BABELE4
- भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और राजनीतिक विद्वेष की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। ताजा मामला कांग्रेस विधायक श्री राजेंद्र भारती की सदस्यता को आनन-फानन में खत्म करने की कोशिशों से जुड़ा है। आधी रात को खुला सचिवालय: कांग्रेस का कड़ा विरोध कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार के दबाव में विधानसभा सचिवालय को देर रात खोला गया ताकि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके। घटना की भनक लगते ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री पीसी शर्मा तत्काल सचिवालय पहुँचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों से इस असामान्य कार्रवाई पर सवाल किए, जिसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका। मुख्य आरोप और घटनाक्रम: सत्ता का दुरुपयोग: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था (विधानसभा सचिवालय) ने भाजपा सरकार के आगे पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं। अलोकतांत्रिक रवैया: सचिवालय को रात के समय खोलकर की जा रही कार्रवाई को कांग्रेस ने "लोकतंत्र को कुचलने वाला कृत्य" करार दिया है। अराजकता और गुंडागर्दी: जीतू पटवारी ने सरकार की इस हठधर्मिता को भाजपा की 'गुंडागर्दी' बताते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। "पूरी ताकत से लड़ेंगे" – जीतू पटवारी मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा: "भाजपा राजनीतिक विद्वेष की भावना से काम कर रही है। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की सदस्यता को खत्म करने के लिए जिस तरह से तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह अस्वीकार्य है। कांग्रेस इस तानाशाही का पूरी ताकत से मुकाबला करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ेगी।" निष्कर्ष: इस घटना ने मध्य प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है। विधानसभा सचिवालय की कार्यप्रणाली पर उठ रहे ये सवाल प्रदेश की संवैधानिक मर्यादा के लिए चिंता का विषय बन गए हैं1
- अपनी काबिलियत को कुछ इस कदर बढ़ाइए कि आपको हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े1
- शासकीय हाई स्कूल बगासपुर में देर रात चोरों ने बोला धाबा स्कूल का ताला तोड़कर ले गए जरूरी सामान प्राप्त जानकारी अनुसार हाई स्कूल से एक कंप्यूटर का पूरा सेट ,प्रिंटर ,इंडक्शन, साउंड बॉक्स चोरी करके ले गए हैं। चोरों के हौसले बुलंद लगातार कर रहे धड़ल्ले से चोरी अभी कुछ दिन पहले बगासपुर पंचायत में भी कैमरे की निगरानी में चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था आज पुनः यह घटना हुई है। पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि इन चोरों के गिरोह को जल्द से जल्द पकड़ कर उचित सजा दी जाए।1
- मधुकर जाटव को मिली अहम जिम्मेदारी, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी से की सौजन्य भेंट अनुसूचित जाति मोर्चा संगठन का महत्वपूर्ण अंग है : श्याम तिवारी सागर। अनुसूचित जाति मोर्चा के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष मधुकर जाटव ने गुरुवार को धर्मश्री स्थित संभागीय भाजपा कार्यालय पहुंचकर जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी से सौजन्य भेंट कर आभार व्यक्त किया। जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने मधुकर जाटव को मिष्ठान खिलाकर नवीन दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि संगठन ने जिस विश्वास के साथ मधुकर जाटव को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, वह निश्चित रूप से उस पर खरे उतरेंगे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति मोर्चा संगठन का महत्वपूर्ण अंग है और समाज के हर वर्ग तक पार्टी की रीति-नीति एवं केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मधुकर जाटव के नेतृत्व में मोर्चा और अधिक सक्रिय होकर कार्य करेगा तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस दौरान नवनियुक्त अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष मधुकर जाटव ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व एवं उपस्तिथ पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने दी2
- Post by RAJESH BABELE4
- लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज उस समय हड़कंप मच गया जब CM हेल्पलाइन (1076) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। अल्प वेतन और कठिन कार्य परिस्थितियों के खिलाफ आवाज उठा रही इन महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जबरन प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की। क्या हैं मुख्य मांगें? प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे दिन-रात जनता की समस्याओं को सुनती हैं, लेकिन उनकी खुद की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उनकी दो प्रमुख मांगें हैं: न्यूनतम वेतन में वृद्धि: वर्तमान सैलरी को बढ़ाकर कम से कम 15,000 रुपये किया जाए। कार्य समय में राहत: ड्यूटी के दौरान कम से कम 50 मिनट का ब्रेक दिया जाए, ताकि वे मानसिक और शारीरिक थकान से उबर सकें। पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दृश्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब महिलाएं शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रही थीं, तब पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए बल प्रयोग किया। वीडियो में महिला कर्मियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की देखी जा सकती है। "हम सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं। क्या 15 हजार रुपये की मांग करना अपराध है? हमें अपराधियों की तरह घसीटा जा रहा है।" - एक प्रदर्शनकारी महिला कर्मी जमीनी हकीकत और चुनौतियां यह घटना उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों की बदहाली को उजागर करती है। महंगाई का बोझ: आज के समय में 8-10 हजार रुपये में घर चलाना लगभग नामुमकिन है। काम का दबाव: हेल्पलाइन पर कॉल का भारी दबाव रहता है, जिसमें बिना पर्याप्त ब्रेक के काम करना मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। सुरक्षा का अभाव: महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाली व्यवस्था में जब महिलाएं अपने हक के लिए सड़क पर आती हैं, तो उन्हें सुरक्षा के बजाय सख्ती का सामना करना पड़ता है। निष्कर्ष मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जो प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का दावा करती है, आज उसके अपने ही 'स्तंभ' (कर्मचारी) संकट में हैं। यह देखना अहम होगा कि सरकार इन महिलाओं की जायज मांगों पर संवेदनशीलता दिखाती है या फिर इस आवाज को पुलिस के दम पर दबा दिया जाएगा। यह महज एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की हताशा है जो न्यूनतम वेतन पर सिस्टम को चलाने में अपना योगदान दे रहे हैं।1