साहब! आपकी नाक के नीचे से गुजर रही हैं अवैध ट्रॉलियां, क्या आपको कमीशन का इंतजार है? अजीत मिश्रा (खोजी) 🏕️। लालगंज में 'खाकी' मौन, खनन माफिया का 'सिंहासन' बुलंद!🏕️ सत्ता का संरक्षण या सिस्टम की दलाली? लालगंज में मिट्टी की खुली लूट! खनन माफिया के रसूख तले दबा प्रशासन, क्या महदेवा में कानून मर गया है? वर्दी मौन, माफिया बुलंद: आखिर महदेवा चौकी के सामने क्यों अंधी हो जाती है पुलिस? जीरो टॉलरेंस पर दाग: लालगंज में खनन माफियाओं के आगे क्यों नतमस्तक है सिस्टम? साहब! आपकी नाक के नीचे से गुजर रही हैं अवैध ट्रॉलियां, क्या आपको कमीशन का इंतजार है? ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती - उत्तर प्रदेश। बस्ती। प्रदेश की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को अगर कहीं सबसे ज्यादा शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है, तो वह है जनपद बस्ती का लालगंज थाना क्षेत्र। यहाँ कानून का इकबाल किसी रसूखदार की दहलीज पर दम तोड़ चुका है। महदेवा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का जो नंगा नाच चल रहा है, उसने यह साफ कर दिया है कि यहाँ शासन के आदेश नहीं, बल्कि खनन सिंडिकेट का 'सिक्का' चलता है। 🔥चौकी के बगल से गुजरती चुनौती हैरत की बात तो यह है कि जिस महदेवा चौकी की जिम्मेदारी कानून की रक्षा करना है, उसी की नाक के ठीक नीचे से मिट्टी लदी ट्रॉलियां फर्राटा भर रही हैं। यह दृश्य किसी फ़िल्मी विलेन की धौंस जैसा है—जहाँ वर्दी मूकदर्शक बनी बैठी है और माफिया अपनी तिजोरियां भर रहा है। जब दिन के उजाले से लेकर रात के सन्नाटे तक अवैध वाहनों का रेला पुलिस के सामने से गुजरे और कोई 'हाथ' न उठे, तो इसे 'मिलीभगत' न कहा जाए तो और क्या कहा जाए? 🔥सत्ता का संरक्षण या सिस्टम की लाचारी? स्थानीय ग्रामीणों के बीच यह चर्चा आम है कि इस काले कारोबार को किसी बड़े 'सफेदपोश' का वरदहस्त प्राप्त है। क्या महदेवा चौकी के पास से गुजरने वाले इन वाहनों को रोकने की हिम्मत पुलिस में नहीं है? या फिर 'सुविधा शुल्क' के खेल में राजस्व को चूना लगाना अब सिस्टम की आदत बन चुका है? यह केवल मिट्टी का खनन नहीं, बल्कि सरकारी इकबाल का चीरहरण है। राजस्व की खुलेआम चोरी हो रही है, पर्यावरण के नियमों को धूल चटाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हैं। 🎯सवाल जो जवाब मांगते हैं... खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो जिला प्रशासन का डर है और न ही योगी सरकार के कड़े तेवरों का। सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर यह 'सिंडिकेट' कितना प्रभावशाली है कि लालगंज पुलिस अपनी आँखें मूंदे बैठी है? क्या आला अधिकारियों को भी इस लूट की भनक नहीं है, या फिर भ्रष्टाचार की यह जड़ें ऊपर तक फैली हुई हैं? "लालगंज का महदेवा क्षेत्र आज कानून के मजाक का केंद्र बन गया है। अगर चौकी के बगल से गुजरती ट्रॉलियां नहीं रुक रही हैं, तो मान लेना चाहिए कि यहाँ कानून का राज नहीं, बल्कि माफिया का 'जंगलराज' प्रभावी है।" 🔥अब आर-पार की बारी अब देखना यह है कि इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन जागता है या फिर इन सफेदपोश रसूखदारों के आगे नतमस्तक रहता है। क्या इन माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी या फिर लालगंज की धरती को इसी तरह बेदर्दी से चीरा जाता रहेगा? बस्ती की जनता अब जुमलों पर नहीं, बल्कि 'एक्शन' पर नजर टिकाए बैठी है।
साहब! आपकी नाक के नीचे से गुजर रही हैं अवैध ट्रॉलियां, क्या आपको कमीशन का इंतजार है? अजीत मिश्रा (खोजी) 🏕️। लालगंज में 'खाकी' मौन, खनन माफिया का 'सिंहासन' बुलंद!🏕️ सत्ता का संरक्षण या सिस्टम की दलाली? लालगंज में मिट्टी की खुली लूट! खनन माफिया के रसूख तले दबा प्रशासन, क्या महदेवा में कानून मर गया है? वर्दी मौन, माफिया बुलंद: आखिर महदेवा चौकी के सामने क्यों अंधी हो जाती है पुलिस? जीरो टॉलरेंस पर दाग: लालगंज में खनन माफियाओं के आगे क्यों नतमस्तक है सिस्टम? साहब! आपकी नाक के नीचे से गुजर रही हैं अवैध ट्रॉलियां, क्या आपको कमीशन का इंतजार है? ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती - उत्तर प्रदेश। बस्ती। प्रदेश की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को अगर कहीं सबसे ज्यादा शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है, तो वह है जनपद बस्ती का लालगंज थाना क्षेत्र। यहाँ कानून का इकबाल किसी रसूखदार की दहलीज पर दम तोड़ चुका है। महदेवा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का जो नंगा नाच चल रहा है, उसने यह साफ कर दिया है कि यहाँ शासन के आदेश नहीं, बल्कि खनन सिंडिकेट का 'सिक्का' चलता है। 🔥चौकी के बगल से गुजरती चुनौती हैरत की बात तो यह है कि जिस महदेवा चौकी की जिम्मेदारी कानून की रक्षा करना है, उसी की नाक के ठीक नीचे से मिट्टी लदी ट्रॉलियां फर्राटा भर रही हैं। यह दृश्य किसी फ़िल्मी विलेन की धौंस जैसा है—जहाँ वर्दी मूकदर्शक बनी बैठी है और माफिया अपनी तिजोरियां भर रहा है। जब दिन के उजाले से लेकर रात के सन्नाटे तक अवैध वाहनों का रेला पुलिस के सामने से गुजरे और कोई 'हाथ' न उठे, तो इसे 'मिलीभगत' न कहा जाए तो और क्या कहा जाए? 🔥सत्ता का संरक्षण या सिस्टम की लाचारी? स्थानीय ग्रामीणों के बीच यह चर्चा आम है कि इस काले कारोबार को किसी बड़े 'सफेदपोश' का वरदहस्त प्राप्त है। क्या महदेवा चौकी के पास से गुजरने वाले इन वाहनों को रोकने की हिम्मत पुलिस में नहीं है? या फिर 'सुविधा शुल्क' के खेल में राजस्व को चूना लगाना अब सिस्टम की आदत बन चुका है? यह केवल मिट्टी का खनन नहीं, बल्कि सरकारी इकबाल का चीरहरण है। राजस्व की खुलेआम चोरी हो रही है, पर्यावरण के नियमों को धूल चटाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हैं। 🎯सवाल जो जवाब मांगते हैं... खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो जिला प्रशासन का डर है और न ही योगी सरकार के कड़े तेवरों का। सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर यह 'सिंडिकेट' कितना प्रभावशाली है कि लालगंज पुलिस अपनी आँखें मूंदे बैठी है? क्या आला अधिकारियों को भी इस लूट की भनक नहीं है, या फिर भ्रष्टाचार की यह जड़ें ऊपर तक फैली हुई हैं? "लालगंज का महदेवा क्षेत्र आज कानून के मजाक का केंद्र बन गया है। अगर चौकी के बगल से गुजरती ट्रॉलियां नहीं रुक रही हैं, तो मान लेना चाहिए कि यहाँ कानून का राज नहीं, बल्कि माफिया का 'जंगलराज' प्रभावी है।" 🔥अब आर-पार की बारी अब देखना यह है कि इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन जागता है या फिर इन सफेदपोश रसूखदारों के आगे नतमस्तक रहता है। क्या इन माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी या फिर लालगंज की धरती को इसी तरह बेदर्दी से चीरा जाता रहेगा? बस्ती की जनता अब जुमलों पर नहीं, बल्कि 'एक्शन' पर नजर टिकाए बैठी है।
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🏕️। लालगंज में 'खाकी' मौन, खनन माफिया का 'सिंहासन' बुलंद!🏕️ सत्ता का संरक्षण या सिस्टम की दलाली? लालगंज में मिट्टी की खुली लूट! खनन माफिया के रसूख तले दबा प्रशासन, क्या महदेवा में कानून मर गया है? वर्दी मौन, माफिया बुलंद: आखिर महदेवा चौकी के सामने क्यों अंधी हो जाती है पुलिस? जीरो टॉलरेंस पर दाग: लालगंज में खनन माफियाओं के आगे क्यों नतमस्तक है सिस्टम? साहब! आपकी नाक के नीचे से गुजर रही हैं अवैध ट्रॉलियां, क्या आपको कमीशन का इंतजार है? ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती - उत्तर प्रदेश। बस्ती। प्रदेश की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को अगर कहीं सबसे ज्यादा शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है, तो वह है जनपद बस्ती का लालगंज थाना क्षेत्र। यहाँ कानून का इकबाल किसी रसूखदार की दहलीज पर दम तोड़ चुका है। महदेवा क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का जो नंगा नाच चल रहा है, उसने यह साफ कर दिया है कि यहाँ शासन के आदेश नहीं, बल्कि खनन सिंडिकेट का 'सिक्का' चलता है। 🔥चौकी के बगल से गुजरती चुनौती हैरत की बात तो यह है कि जिस महदेवा चौकी की जिम्मेदारी कानून की रक्षा करना है, उसी की नाक के ठीक नीचे से मिट्टी लदी ट्रॉलियां फर्राटा भर रही हैं। यह दृश्य किसी फ़िल्मी विलेन की धौंस जैसा है—जहाँ वर्दी मूकदर्शक बनी बैठी है और माफिया अपनी तिजोरियां भर रहा है। जब दिन के उजाले से लेकर रात के सन्नाटे तक अवैध वाहनों का रेला पुलिस के सामने से गुजरे और कोई 'हाथ' न उठे, तो इसे 'मिलीभगत' न कहा जाए तो और क्या कहा जाए? 🔥सत्ता का संरक्षण या सिस्टम की लाचारी? स्थानीय ग्रामीणों के बीच यह चर्चा आम है कि इस काले कारोबार को किसी बड़े 'सफेदपोश' का वरदहस्त प्राप्त है। क्या महदेवा चौकी के पास से गुजरने वाले इन वाहनों को रोकने की हिम्मत पुलिस में नहीं है? या फिर 'सुविधा शुल्क' के खेल में राजस्व को चूना लगाना अब सिस्टम की आदत बन चुका है? यह केवल मिट्टी का खनन नहीं, बल्कि सरकारी इकबाल का चीरहरण है। राजस्व की खुलेआम चोरी हो रही है, पर्यावरण के नियमों को धूल चटाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हैं। 🎯सवाल जो जवाब मांगते हैं... खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो जिला प्रशासन का डर है और न ही योगी सरकार के कड़े तेवरों का। सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर यह 'सिंडिकेट' कितना प्रभावशाली है कि लालगंज पुलिस अपनी आँखें मूंदे बैठी है? क्या आला अधिकारियों को भी इस लूट की भनक नहीं है, या फिर भ्रष्टाचार की यह जड़ें ऊपर तक फैली हुई हैं? "लालगंज का महदेवा क्षेत्र आज कानून के मजाक का केंद्र बन गया है। अगर चौकी के बगल से गुजरती ट्रॉलियां नहीं रुक रही हैं, तो मान लेना चाहिए कि यहाँ कानून का राज नहीं, बल्कि माफिया का 'जंगलराज' प्रभावी है।" 🔥अब आर-पार की बारी अब देखना यह है कि इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन जागता है या फिर इन सफेदपोश रसूखदारों के आगे नतमस्तक रहता है। क्या इन माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी या फिर लालगंज की धरती को इसी तरह बेदर्दी से चीरा जाता रहेगा? बस्ती की जनता अब जुमलों पर नहीं, बल्कि 'एक्शन' पर नजर टिकाए बैठी है।1
- Post by MSM NEWS मानव सेवा मंच समाचार1
- संतकबीरनगर। आज दिनाँक 10.04.2026 को पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह द्वारा क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्व दवन सिंह की उस्थिति में थाना बखिरा का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया गया, जिसमें सर्वप्रथम थाना स्थानीय पर सुसज्जित सलामी गार्द द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर को सलामी दी गयी तत्पश्चात थाना परिसर / कार्यालय निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की साफ सफाई, पिंक बूथ, बैरक, थाना कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, बंदी गृह, महिला हेल्प डेस्क आदि को चेक करने के साथ-साथ कार्यालय में रखे विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों अपराध रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर, त्यौहार रजिस्टर, भूमि विवाद रजिस्टर, हत्या/बलवा से सम्बन्धित रजिस्टर, बीट सूचना रजिस्टर आदि का बारीकी से निरीक्षण करते हुए इन्हें अद्यतन रखने हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । शस्त्रागार में शस्त्रों को नियमित साफ-सफाई करने, निष्प्रोज्य दंगा नियंत्रण उपकरणों को बदलकर नए प्राप्त करने, लंबे समय से थाने में दाखिल अभियोगों से सम्बन्धित लावारिस एवं जब्त वाहनों का विधिक निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया । साथ ही महिला हेल्प डेस्क पर नियुक्त महिला पुलिस कर्मी को आने वाली महिला फरियादियों की समस्या को सहानुभूति पूर्वक सुनकर उनका तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए गये । थाने पर नियुक्त समस्त अधिकारी/कर्मचारीगण के साथ बैठक की गयी । निरीक्षण के दौरान प्रभारी निरीक्षक बखिरा सतीश कुमार सिंह सहित अन्य अधि0/कर्मचारीगण मौजूद रहे ।4
- खलीलाबाद, संत कबीर नगर ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को खलीलाबाद विकास खंड में ‘सोशल ऑडिट ब्लॉक सभा’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार के सोशल ऑडिट निदेशालय (ग्राम्य विकास विभाग) के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी (DDO) ने की। सभा का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा यह सुनिश्चित करना रहा कि विकास योजनाओं का लाभ पारदर्शी और ईमानदारी से ग्रामीणों तक पहुंचे। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में “जन सहभागिता, पारदर्शिता और जवाबदेही” के मूल मंत्र पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सोशल ऑडिट का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार लाना है। इस दौरान खंड विकास अधिकारी (BDO), जिला समन्वयक, ब्लॉक समन्वयक सहित जनपद के कई अधिकारी उपस्थित रहे। सभा में विभिन्न ग्राम पंचायतों से प्राप्त सोशल ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, साथ ही ग्रामीणों को अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर भी मिला। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनता की भागीदारी आवश्यक है, ताकि “सबका साथ, सबका विकास” का लक्ष्य प्रभावी रूप से पूरा किया जा सके।1
- अम्बेडकरनगर नगर,, अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दूल्हा पुर गांव की घटना।1
- अंबेडकर नगर के महरुआ थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हुआ । जिसमें 25 वर्षीय मोटरसाइकिल सवार युवक को पिकअप जैसे भारी वाहन ने रौंद डाला है। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई । पुलिस ने लाश को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है वहीं परिवार में कोहराम मचा है।1
- अंबेडकरनगर। विकास खंड जहांगीरगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत मुबारकपुर पिकार व कमालपुर पिकार स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय परिसर में शुक्रवार को होम्योपैथी के जनक Samuel Hahnemann (डॉ. हैनिमैन) का जन्मदिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष जागरूकता एवं स्वास्थ्य परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा प्रभारी डॉ. अविनाश राय ने की। उन्होंने डॉ. हैनिमैन के जीवन और उनके द्वारा स्थापित होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि होम्योपैथी शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बीमारियों का जड़ से उपचार करने में सहायक होती है और इसमें दवाओं के दुष्प्रभाव भी नगण्य होते हैं। डॉ. राय ने उपस्थित मरीजों को विभिन्न रोगों में होम्योपैथिक दवाओं के उपयोग, उनकी कार्यप्रणाली और लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे छोटी-बड़ी बीमारियों में होम्योपैथिक उपचार को अपनाएं और नियमित रूप से चिकित्सकीय परामर्श लेते रहें। कार्यक्रम के दौरान कई मरीजों को मौके पर ही परामर्श और दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर डॉ. गिरीश चंद्र, फार्मासिस्ट चंद्रभान, राकेश कुमार, विजय कुमार, अरुण कुमार एवं धारानाथ सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. हैनिमैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में होम्योपैथिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता फैलाना और सस्ती, सुलभ एवं प्रभावी उपचार पद्धति के रूप में इसे बढ़ावा देना रहा।1
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित हाई कोर्ट परिसर से आज एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला अपने हाथ में नवजात बच्चे को लेकर कोर्ट की इमारत की छत पर चढ़ गई और वहां से कूदने का प्रयास करने लगी। महिला को इस हाल में देख कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों और वादकारियों के बीच हड़कंप मच गया। घटना का विवरण प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला अचानक अपने छोटे बच्चे को सीने से लगाकर छत की मुंडेर तक जा पहुंची। उसे नीचे कूदने की मुद्रा में देख वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है और हर कोई इस दृश्य को देख बेचैन है। प्रशासनिक मुस्तैदी सूचना मिलते ही पुलिस और कोर्ट के सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। महिला को बातों में उलझाकर सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। जांच के मुख्य बिंदु पुलिस प्रशासन अब इन पहलुओं पर पड़ताल कर रहा है: महिला की पहचान: महिला कौन है और लखनऊ के किस इलाके या जिले से आई है? सुरक्षा में चूक: हाई कोर्ट जैसी सुरक्षित इमारत की छत तक महिला बच्चे के साथ कैसे पहुंच गई? उद्देश्य: महिला की क्या मजबूरी थी या उसे किस बात का न्याय नहीं मिला, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की? नोट: यह एक संवेदनशील मामला है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता महिला और बच्चे की जान बचाना है, उसके बाद ही विधिक कार्रवाई या पूछताछ की जाएगी। ब्यूरो रिपोर्ट, लखनऊ1