मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की बोरदेही थाना पुलिस ने 34 वर्षीय रघुनाथ यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उसकी पत्नी, ससुर, सास और साले को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। ग्राम मालेगांव निवासी रघुनाथ की मौत के बाद मर्ग जांच, गवाहों के बयान और मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि मृतक को उसकी पत्नी कौशल यदुवंशी, ससुर अर्जुन यदुवंशी, साला गुलाब यदुवंशी और सास रेखा यदुवंशी द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। 27 मार्च 2026 की रात घरेलू विवाद के दौरान रघुनाथ के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में रहने लगा था। सुसाइड नोट में भी इन चारों को ही आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके बाद बोरदेही थाने में अपराध क्रमांक 170/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 एवं 3(5) में केस दर्ज कर पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को चारों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह के पर्यवेक्षण में की गई। इस दौरान एसपी वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि पारिवारिक विवादों का समाधान संवाद और कानूनी प्रक्रिया से करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाने या डायल-112 पर सूचना दें ताकि समय पर किसी की जान बचाई जा सके।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की बोरदेही थाना पुलिस ने 34 वर्षीय रघुनाथ यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उसकी पत्नी, ससुर, सास और साले को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। ग्राम मालेगांव निवासी रघुनाथ की मौत के बाद मर्ग जांच, गवाहों के बयान और मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि मृतक को उसकी पत्नी कौशल यदुवंशी, ससुर अर्जुन यदुवंशी, साला गुलाब यदुवंशी और सास रेखा यदुवंशी द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। 27 मार्च 2026 की रात घरेलू विवाद के दौरान रघुनाथ के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में
रहने लगा था। सुसाइड नोट में भी इन चारों को ही आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके बाद बोरदेही थाने में अपराध क्रमांक 170/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 एवं 3(5) में केस दर्ज कर पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को चारों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह के पर्यवेक्षण में की गई। इस दौरान एसपी वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि पारिवारिक विवादों का समाधान संवाद और कानूनी प्रक्रिया से करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाने या डायल-112 पर सूचना दें ताकि समय पर किसी की जान बचाई जा सके।
- बैतूल कोतवाली पुलिस की ओर से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।1
- आगामी गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर संत गुणवंत बाबा के दरबार में लगने वाले मेले में शामिल होने के लिए बैतूल से संत गुणवंत बाबा की पालकी पदयात्रा रवाना हुई है। रिमझिम बरसात के बीच श्रद्धालुओं का जत्था पदयात्रा करते हुए संत गुणवंत बाबा की तपोस्थली लाखववाडी स्थित गुणवंत धाम के लिए आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा दल के खेडिसावलीगढ़ पहुंचने पर संत गजानन समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। स्वागत करने वालों में हेमू माथनकर, बंडू, अभिषेक राठौर, रूपेश अग्रवाल और बारीक कावरे सहित कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी का भी वितरण किया गया।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई में दोस्ती का फायदा उठाकर एक ढाबा संचालक द्वारा अपने दोस्त की चार पहिया गाड़ी हड़पने और वापस न लौटाने का मामला सामने आया है। ताप्ती वार्ड निवासी पीड़ित सुरेश (उम्र 48 वर्ष), पिता कर्नल तेवर ने मुलताई थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर अपनी मालिकाना हक वाली महिंद्रा जायलो कार (पंजीयन क्रमांक: MP-04-YP-7234) सकुशल वापस दिलाने और अनावेदक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित सुरेश तेवर के अनुसार, आलोकी पेट्रोल पंप के पास गुरुशरण ढाबा (नगर कोट, मुलताई) चलाने वाले ऋषि शर्मा के साथ उनके मित्रवत संबंध थे। इसी मित्रता के आधार पर 12 जून 2026 को ऋषि शर्मा ने 1-2 दिन की अत्यंत आवश्यकता बताकर गाड़ी ली थी। तय समय बीतने के बाद जब पीड़ित ने संपर्क करने की कोशिश की, तो ऋषि ने फोन उठाना बंद कर मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इसके बाद 27 जून 2026 को उसने फोन कर आश्वासन दिया कि गाड़ी सुरक्षित है और वह 9 जुलाई 2026 तक वापस लौटा देगा, लेकिन 9 जुलाई के बाद उसने फिर से मोबाइल बंद कर लिया। मामले में जब पीड़ित ने ऋषि के भाई भिक्कू शर्मा से संपर्क किया, तो उसने भी शुरुआत में बात कराने का आश्वासन दिया और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया। लगातार कोशिशों के बाद भी गाड़ी वापस न मिलने पर पीड़ित सुरेश तेवर ने मुलताई थाने पहुंचकर शिकायती पत्र दिया है और पुलिस प्रशासन से उचित कानूनी कार्रवाई करते हुए अपनी गाड़ी वापस कराने की गुहार लगाई है।2
- बैतूल तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत सेलगांव के हल्का पटवारी क्षेत्र में स्थित किसान धर्मेंद्र संजू कुंभारे की लगभग तीन एकड़ खेत में लगी मक्का की फसल को वन्य प्राणी नीलगायों के झुंड ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। खेड़ी सावलीगढ़ के रहने वाले पीड़ित किसान फसल के इस तरह नष्ट हो जाने से बेहद परेशान हैं। संजू कुंभारे ने बताया कि दिन के समय तो खेत की रखवाली हो जाती है, लेकिन नीलगाय रात में आकर खड़ी फसल को नष्ट कर देती हैं। ऐसी स्थिति में परेशान कृषकों ने वन विभाग और राजस्व विभाग से खेतों में जाकर जांच करने और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की बोरदेही थाना पुलिस ने 34 वर्षीय रघुनाथ यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उसकी पत्नी, ससुर, सास और साले को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। ग्राम मालेगांव निवासी रघुनाथ की मौत के बाद मर्ग जांच, गवाहों के बयान और मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि मृतक को उसकी पत्नी कौशल यदुवंशी, ससुर अर्जुन यदुवंशी, साला गुलाब यदुवंशी और सास रेखा यदुवंशी द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। 27 मार्च 2026 की रात घरेलू विवाद के दौरान रघुनाथ के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में रहने लगा था। सुसाइड नोट में भी इन चारों को ही आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके बाद बोरदेही थाने में अपराध क्रमांक 170/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 एवं 3(5) में केस दर्ज कर पुलिस ने 23 जुलाई 2026 को चारों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह के पर्यवेक्षण में की गई। इस दौरान एसपी वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि पारिवारिक विवादों का समाधान संवाद और कानूनी प्रक्रिया से करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या प्रताड़ना की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाने या डायल-112 पर सूचना दें ताकि समय पर किसी की जान बचाई जा सके।2