हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा लालसोट, श्रावण के पहले दिन शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब लालसोट। श्रावण माह के शुभारंभ के साथ गुरुवार को लालसोट पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव के जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक के साथ मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठे। पंच महादेव की नगरी के रूप में विख्यात लालसोट के घाटेश्वर नाथ महादेव, मालेश्वर नाथ महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, चेतन्य महादेव और पंचेश्वर नाथ महादेव मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की। पहाड़ी क्षेत्र की तलहटी में स्थित बाबा घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर में भी दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ जलाभिषेक किया। पूरे दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने प्रमुख शिवालयों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए। मंदिर परिसरों में पुलिस बल तैनात रहा तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी गई, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। श्रावण माह के पहले दिन लालसोट के शिवालयों में उमड़ी आस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था हर वर्ष नए उत्साह के साथ दिखाई देती है।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा लालसोट, श्रावण के पहले दिन शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब लालसोट। श्रावण माह के शुभारंभ के साथ गुरुवार को लालसोट पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव के जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक के साथ मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल
बम' के जयघोष से गूंज उठे। पंच महादेव की नगरी के रूप में विख्यात लालसोट के घाटेश्वर नाथ महादेव, मालेश्वर नाथ महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, चेतन्य महादेव और पंचेश्वर नाथ महादेव मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की। पहाड़ी क्षेत्र की
तलहटी में स्थित बाबा घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर में भी दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ जलाभिषेक किया। पूरे दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने प्रमुख शिवालयों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए। मंदिर
परिसरों में पुलिस बल तैनात रहा तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी गई, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। श्रावण माह के पहले दिन लालसोट के शिवालयों में उमड़ी आस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था हर वर्ष नए उत्साह के साथ दिखाई देती है।
- हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा लालसोट, श्रावण के पहले दिन शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब लालसोट। श्रावण माह के शुभारंभ के साथ गुरुवार को लालसोट पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव के जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक के साथ मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठे। पंच महादेव की नगरी के रूप में विख्यात लालसोट के घाटेश्वर नाथ महादेव, मालेश्वर नाथ महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, चेतन्य महादेव और पंचेश्वर नाथ महादेव मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की। पहाड़ी क्षेत्र की तलहटी में स्थित बाबा घाटेश्वर नाथ महादेव मंदिर में भी दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ जलाभिषेक किया। पूरे दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने प्रमुख शिवालयों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए। मंदिर परिसरों में पुलिस बल तैनात रहा तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी गई, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। श्रावण माह के पहले दिन लालसोट के शिवालयों में उमड़ी आस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था हर वर्ष नए उत्साह के साथ दिखाई देती है।4
- लालसोट : गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा का सैलाब, गुरुजनों का पूजन कर लिया आशीर्वाद उपखंड क्षेत्र में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर चरण वंदना की तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न आश्रमों और मंदिरों में सुबह से देर रात तक भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर गुरु महिमा पर प्रवचन हुए और कई स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संत-महात्माओं ने जीवन में गुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता बताई। वहीं नए शिष्यों के कान में गुरु मंत्र फुंका।1
- विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर मंथन, वृक्षारोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश बामनवास, सवाईमाधोपुर : विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर मंथन, वृक्षारोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश बामनवास :बरनाला के रामसिंहपुरा पुलिस चौकी परिसर में अट्ठाईस्या के पंच-पटेल, अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई आयोजित। चौकी प्रभारी खुशीराम मीणा के नेतृत्व में विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों पर किया गया विचार-विमर्श तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी दिया गया संदेश। बैठक में 9 अगस्त को ग्राम पंचायत नारोली चौड़ में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना एवं विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी की तय की गई रुपरेखा।साथ ही नहर परियोजना के विरोध और मोरेल बांध से आ रहे दूषित पानी पर भी कि गई चिंता व्यक्त। कार्यक्रम का संचालन शिवचरण मीणा (प्राचार्य) ने किया तथा अध्यक्षता हरिप्रसाद मीणा सुंदरी ने की। जानकारी डॉ. शंकरलाल मीणा ने दी।3
- बांदीकुई में सैनी समाज ने 12% आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन दौसा जिले के बांदीकुई में शुक्रवार को सैनी, माली, कुशवाह एवं मौर्य समाज के प्रतिनिधियों ने 12 प्रतिशत आरक्षण सहित विभिन्न सामाजिक एवं जनहित से जुड़ी मांगों को लेकर उपजिला कलेक्टर (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज के लोगों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि समाज लंबे समय से अपनी जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व और अधिकारों की मांग करता आ रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो समाज व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान समाज के लोगों ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि आरक्षण सहित अन्य सामाजिक मुद्दों का समाधान समाज के हित में आवश्यक है और सरकार को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष किरोड़ी लाल सैनी, तहसील अध्यक्ष कानाराम सैनी, समाजसेवी अंजू सैनी, आभानेरी सरपंच जगदीश प्रसाद सैनी, पिचूपाड़ा सरपंच अर्जुन लाल सैनी, सब्जी मंडी अध्यक्ष काजोड़ मल सैनी, फुले ब्रिगेड अध्यक्ष छुट्टन लाल सैनी, भामाशाह मुकेश सैनी सहित बसवा क्षेत्र एवं आसपास के अनेक गणमान्य नागरिक और समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- 16 अगस्त तक बढ़ी खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि, किसानों को मिला अतिरिक्त अवसर 16 अगस्त तक बढ़ी खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि, किसानों को मिला अतिरिक्त अवसर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच दौसा जिले के किसानों को देना होगा मात्र 0.30 प्रतिशत प्रीमियम दौसा, 30 जुलाई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ-2026 के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 16 अगस्त कर दी गई है। इससे अब हजारों ऐसे किसानों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो किसी कारणवश 31 जुलाई तक अपनी फसलों का बीमा नहीं करा पाए थे। योजना के तहत ऋणी, गैर-ऋणी एवं बटाईदार किसान अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकेंगे। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) दौसा अशोक कुमार मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की आय को सुरक्षित बनाने, खेती में जोखिम कम करने तथा कृषि क्षेत्र को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत किसानों को सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, जलभराव सहित अन्य अधिसूचित प्राकृतिक जोखिमों से फसल क्षति होने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने योजना के सफल संचालन के लिए दौसा जिले के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड का चयन किया है, जो जिले में किसानों को फसल बीमा सुविधा उपलब्ध कराएगी। किसान 16 अगस्त तक राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, निकटतम बैंक, सहकारी समिति, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अथवा अन्य अधिकृत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से अपनी खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) ने बताया कि गैर-ऋणी किसानों के लिए एग्रीस्टैक आईडी अनिवार्य है। साथ ही, योजना के तहत किसान 14 अगस्त तक अपनी बीमित फसल के नाम में आवश्यक संशोधन करवा सकते हैं। वहीं, जो किसान योजना से बाहर होना चाहते हैं, वे 9 अगस्त तक संबंधित वित्तीय संस्था में घोषणा-पत्र प्रस्तुत कर योजना से बाहर होने का विकल्प चुन सकते हैं। मीणा ने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों के लिए प्रीमियम दरें अत्यंत रियायती रखी गई हैं। दौसा जिले के किसानों को खरीफ 2026 की खाद्यान्न, दलहन एवं तिलहन फसलों पर केवल 0.30 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। शेष प्रीमियम राशि का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) दौसा अशोक कुमार मीणा ने किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी खरीफ फसलों का बीमा अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल एक बीमा योजना नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा का मजबूत आर्थिक कवच है। प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य अधिसूचित जोखिमों से फसल को नुकसान होने की स्थिति में यही योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर खेती को सुरक्षित, स्थायी एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।1
- भारतीय जनता युवा मोर्चा बस्सी द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता बस्सी क्षेत्र स्थित विद्यासागर महिला महाविद्यालय में गुरुवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा बस्सी द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश गुर्जर जयपुर देहात दक्षिण, के नेतृत्व में कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती का दीप जलाकर किया इस मौके पर पूर्व मंत्री डॉ कन्हैयालाल मीणा, हेमंत मीणा जिला महामंत्री, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष जगदीश बडीया, विष्णु पंचोली महामंत्री, सी एल जाट, जगमोहन शर्मा, रवि मीणा चेनपुरा, रोहित मीणा, प्रदेश प्रवक्ता, लोकेंद्र सिंह राय थलियां प्रदेश युवा मोर्चा महामंत्री,राजवीर गुर्जर, राजेंद्र खारडीया, व महाविद्यालय के प्रिंसिपल शिवकुमार पंचोली मौजूद थे इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक के के बलेसरा, पीयूष दोपहरिया, ज्ञानप्रकाश अन्य मौजूद थे इस मौके पर आए हुए सभी अतिथियों का माला व साफा पहनाकर स्मृति चिन्ह देकर स्वागत सम्मान किया इस मौके पर कक्षा 10 व कक्षा 12 में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बस्सी विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालय के छात्र छात्राओं का माला पहनाकर प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत सम्मान किया इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश गुर्जर ने सभी छात्र छात्राओं को शिक्षा के बारे में जानकारी दी ओर देश के प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कई तरह की योजनाओं के बारे में बताया इस मौके पर सभी मीडियाकर्मी , पत्रकार बंधु का माला व साफा पहनाकर स्मृति चिन्ह देकर स्वागत सम्मान किया इस दौरान करीब 260 छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया इस मौके पर आए हुए सभी अतिथियों द्वारा छात्र छात्राओं को शिक्षा के बारे में बताया4
- हर साल वही जलभराव, वही आश्वासन... आखिर कब होगा स्थायी समाधान? भांवता में बारिश से फिर डूबा दौसा-कठूमर मार्ग, प्रशासन ने निकाला पानी, ग्रामीण बोले- अब चाहिए स्थायी समाधान कुण्डल। दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र के भांवता गांव में बरसात के साथ ही वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या एक बार फिर सामने आ गई। गांव के राजकीय विद्यालय के समीप स्थित दौसा-कठूमर सड़क का एक हिस्सा बारिश के पानी में डूब जाने से यातायात प्रभावित हो गया। जलभराव के कारण सबसे अधिक परेशानी विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों, ग्रामीणों और राहगीरों को उठानी पड़ी। सूचना मिलने पर प्रशासन हरकत में आया। उपजिला कलेक्टर के निर्देश पर बांदीकुई के कार्यवाहक तहसीलदार, सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता तथा चार पुलिस थानों का जाब्ता मौके पर पहुंचा। करीब 20 से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मेडबंदी हटाकर पानी की निकासी कराई गई, जिससे अवरुद्ध मार्ग पर यातायात दोबारा सुचारु हो सका। कार्यवाहक तहसीलदार ने बताया कि उपजिला कलेक्टर के आदेशानुसार प्रशासन की मौजूदगी में जल निकासी कराकर मार्ग को चालू कराया गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है और प्रशासन केवल अस्थायी रूप से पानी की निकासी कर राहत देकर लौट जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से स्थायी नाले के निर्माण का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जल निकासी को लेकर दोनों पक्षों के विवाद के कारण प्रशासन कोई स्थायी निर्णय नहीं ले पा रहा है। उनका कहना है कि एकतरफा कार्रवाई से लोगों में असंतोष है और समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। जलभराव का सबसे अधिक असर राजकीय विद्यालय के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। बच्चों को पानी से भरे रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। इधर, बारिश का पानी आसपास के खेतों में पहुंचने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो फसलों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी प्रशासन केवल अस्थायी राहत देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेगा या वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी नाले का निर्माण और जलभराव से हमेशा के लिए मुक्ति चाहिए।4
- आम रास्ता खोलने की मांग को लेकर रैगर बस्ती के लोगों का प्रदर्शन मिनी सचिवालय पहुंचकर की नारेबाजी, तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग गंगापुर सिटी। नगर परिषद के वार्ड-5 स्थित मिर्जापुर रैगर बस्ती के महिला-पुरुषों और बच्चों ने गुरुवार को आम रास्ता बंद किए जाने के विरोध में मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भू-माफियाओं पर वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बस्ती में स्थित देवी देवताओं के पूजा स्थल तक जाने वाला वर्षों पुराना आम रास्ता कथित रूप से बंद कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को पूजा-अर्चना के साथ ही आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप था कि इस संबंध में प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। काफी देर तक नारेबाजी और हंगामे के बाद तहसीलदार मिनीसचिवालय पहंुचे और उन्हें ज्ञापन सौंपकर रास्ते से अतिक्रमण हटाने, भूमि पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं होने देने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विवादित भूमि को लेकर पूर्व में हुए इकरारनामे के बावजूद कुछ लोग कथित रूप से नियमों के विपरीत कार्य कर रहे हैं। ज्ञापन में प्रशासन से संबंधित प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई कर आम रास्ता बहाल कराने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में छाजू लाल पुत्र रघुनाथ, भगवान पुत्र रघुनाथ, राजेंद्र पुत्र रामसहाय, नेनू पुत्र रघुनाथ, गोपाल पुत्र रामकिशन, बनवारीलाल पुत्र किशोरीलाल, रमेश पुत्र पुनीराम, रामस्वरूप पुत्र छाजू लाल, केशवराम पुत्र रघुनाथ तथा रतरेश (रतरेश/रतेश) पुत्र मोहन सहित अन्य बस्तीवासी शामिल रहे।2