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लालसोट : गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा का सैलाब, गुरुजनों का पूजन कर लिया आशीर्वाद उपखंड क्षेत्र में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर चरण वंदना की तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न आश्रमों और मंदिरों में सुबह से देर रात तक भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर गुरु महिमा पर प्रवचन हुए और कई स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संत-महात्माओं ने जीवन में गुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता बताई। वहीं नए शिष्यों के कान में गुरु मंत्र फुंका।
Girdhari lal Sahu
लालसोट : गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा का सैलाब, गुरुजनों का पूजन कर लिया आशीर्वाद उपखंड क्षेत्र में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर चरण वंदना की तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न आश्रमों और मंदिरों में सुबह से देर रात तक भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर गुरु महिमा पर प्रवचन हुए और कई स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संत-महात्माओं ने जीवन में गुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता बताई। वहीं नए शिष्यों के कान में गुरु मंत्र फुंका।
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- _जिला जन अभाव अभियोग एवं जिला सतर्कता समिति की बैठक_ अधिकारी प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें : जिला कलक्टर दौसा, 30 जुलाई। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि जिला जन अभाव अभियोग एवं जिला सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिवादियों को शीघ्र राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों में गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई करें। गुरुवार को कलक्ट्रेट स्थित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के वीसी रूम में आयोजित जिला जन अभाव अभियोग एवं जिला सतर्कता समिति की वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में जिला कलक्टर ने समिति में दर्ज 15 प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों से कहा कि आमजन से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाए तथा की गई कार्रवाई की सूचना समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग की ओर से पर्याप्त जाप्ता उपलब्ध कराया जा रहा है, इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए। बैठक में गन लाइसेंस की एनओसी, हिताधिकारी की मृत्यु के बाद क्लेम स्वीकृति, अतिक्रमण हटाकर रास्ता चालू करवाने, वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने, पुलिस कार्रवाई संबंधी शिकायत, पेयजल आपूर्ति सुचारु कराने, पीएम किसान सम्मान निधि में जिला परिवर्तन, कॉलोनी एवं आम रास्तों से अतिक्रमण हटाने, पक्का निर्माण कराने सहित विभिन्न मामलों पर विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने प्रकरणों की समीक्षा के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, उपखण्ड अधिकारी दौसा संजू मीना, जिला सतर्कता समिति के सदस्य मोहन लाल बैरवा, लोकेश शर्मा, सुबुद्धि राम मीना, राजकुमार जायसवाल, लड्डूराम मीना, प्रभु दयाल शर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।1
- गंगापुर सिटी विश्व मंच पर गुंजा भारत का नाम राहुल शर्मा ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण पदक टीम स्पर्धा में दिलाया रजत पदक1
- भू-माफियाओं की दबंगई से मिर्जापुर में आक्रोश: स्कूल व श्मशान का रास्ता किया बंद, एएसपी को सौंपा ज्ञापन भू-माफियाओं की दबंगई से मिर्जापुर में आक्रोश: स्कूल व श्मशान का रास्ता किया बंद, एएसपी को सौंपा ज्ञापन रास्ता नहीं खुला तो उग्र आंदोलन और चक्का जाम की दी चेतावनी गंगापुर सिटी / सवाई माधोपुर गंगापुर सिटी तहसील के ग्राम मिर्जापुर (रेगर बस्ती, वार्ड नं. 5) में भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों और अवैध प्लॉटिंग के खेल ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। सदियों पुराने कदीमी देवी-देवताओं के स्थान, सरकारी स्कूल और श्मशान घाट जाने वाले आम रास्ते को दबंगों द्वारा अवैध रूप से बंद किए जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (गंगापुर सिटी) को शिकायती पत्र सौंपकर कड़ा रुख अपनाया है। 100 साल पुराना रास्ता बंद, मासूमों का स्कूल जाना हुआ ठप ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने कदीमी धार्मिक स्थल की जमीन को मनमाने तरीके से आबादी क्षेत्र में दर्शाते हुए अवैध प्लॉटिंग का नक्शा पास करा लिया और रातों-रात मुख्य रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। नौनिहालों पर आफत: रास्ता बंद होने से मासूम बच्चों का सरकारी स्कूल जाना लगभग बंद हो गया है। धार्मिक आस्था पर प्रहार: रेगर समाज के आस्था केंद्र और देवी-देवताओं के स्थान पर पूजा-अर्चना पूरी तरह बाधित हो गई है। अंतिम यात्रा भी दुश्वार: श्मशान घाट जाने का इकलौता मार्ग बंद होने से गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। 500 के स्टाम्प पर इकरारनामा, फिर भी किया धोखा! शिकायत पत्र के अनुसार, खसरा नंबर 502 व 503 के खातेदारों ने 27 दिसंबर 2024 को 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखित में 1 बीघा जमीन रेगर समाज के उपयोग और रास्ते के लिए देने का इकरार किया था। लेकिन अब वादे से मुकरते हुए भू-माफिया जीतू उर्फ जितेन्द्र गुर्जर (मोतीपुरा), संजय गुप्ता (गंगापुर सिटी), लोकेश रेगर (मोतीपुरा) और नवल सिंह गुर्जर (मछिपुरा) द्वारा इकरारनामे की शर्तों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। झूठे मुकदमों की धमकी; ग्रामीणों का अल्टीमेटम: "रास्ता खोलो वरना करेंगे चक्का जाम!" हक की आवाज उठाने पर दबंगों द्वारा गांव के शिक्षित युवाओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर उनका भविष्य बर्बाद करने की धमकियां दी जा रही हैं। दबंगई से परेशान ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है: "यदि प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर रास्ता नहीं खुलवाया, तो पूरा गांव सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम करने को मजबूर होगा!" प्रशासन से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग छाजू लाल, प्रेमचंद, हजारी लाल, नंदू, गोपाल, घनश्याम, रमेश, रामस्वरूप, केशव और नरेश सहित दर्जनों ग्रामीणों ने एएसपी से गुहार लगाई है कि थानाधिकारी सदर (गंगापुर सिटी) एवं उपखंड अधिकारी (SDM) को तुरंत मौके पर भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई कराई जाए और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए।1
- बीजेपी ने अपनी मनमानी से संविधान में कुछ आरक्षण को कम करना चाहते हैं बीजेपी के लिए भीम आर्मी तैयार है जिसको भी संविधान को आरक्षण काम करना चाहते हैं तो भीम आर्मी से नहीं छूटेगा उसका लीडर है चंद्रशेखर रावण1
- बस्सी क्षेत्र स्थित बंशीवारे मंदिर में आरती की लाइव रिपोर्ट देखे आज की1
- 31 जुलाई को विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगेंगे ग्रामीण सेवा शिविर दौसा, 30 जुलाई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 31 जुलाई को ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराया जाएगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को दौसा की भांकरी, बांदीकुई की प्रतापपुरा, सिकराय की अचलपुरा व पीपलकी, महवा की समलेटी, मंडावर की टीकरी किलानोत, लालसोट की मिर्जापुरा व श्यामपुरा कलां, नांगल राजावतान की श्यालावास, रामगढ़ पचवारा की हेमल्यावाला तथा लवाण की पीपल्या चैनपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे।1
- जिला जन अभाव अभियोग एवं जिला सतर्कता समिति की बैठक_ अधिकारी प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें : जिला कलक्टर दौसा, 30 जुलाई। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि जिला जन अभाव अभियोग एवं जिला सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिवादियों को शीघ्र राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों में गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई करें। गुरुवार को कलक्ट्रेट स्थित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के वीसी रूम में आयोजित जिला जन अभाव अभियोग एवं जिला सतर्कता समिति की वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में जिला कलक्टर ने समिति में दर्ज 15 प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपखंड अधिकारियों से कहा कि आमजन से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाए तथा की गई कार्रवाई की सूचना समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग की ओर से पर्याप्त जाप्ता उपलब्ध कराया जा रहा है, इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए। बैठक में गन लाइसेंस की एनओसी, हिताधिकारी की मृत्यु के बाद क्लेम स्वीकृति, अतिक्रमण हटाकर रास्ता चालू करवाने, वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने, पुलिस कार्रवाई संबंधी शिकायत, पेयजल आपूर्ति सुचारु कराने, पीएम किसान सम्मान निधि में जिला परिवर्तन, कॉलोनी एवं आम रास्तों से अतिक्रमण हटाने, पक्का निर्माण कराने सहित विभिन्न मामलों पर विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने प्रकरणों की समीक्षा के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, उपखण्ड अधिकारी दौसा संजू मीना, जिला सतर्कता समिति के सदस्य मोहन लाल बैरवा, लोकेश शर्मा, सुबुद्धि राम मीना, राजकुमार जायसवाल, लड्डूराम मीना, प्रभु दयाल शर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।4
- *कोटा भारतीय रेल की माल परिवहन क्रांति का नया अध्याय: देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू का कोटा मंडल में ट्रायल प्रारंभ* *कोटा मंडल बना देश की सबसे आधुनिक हाई-स्पीड फ्रेट तकनीक की परीक्षण प्रयोगशाला, पहले ही दिन 145 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हुआ सफल परीक्षण* *लगभग एक माह तक कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर खंड पर होंगे ऑसिलेशन, ईबीडी, कपलर फोर्स एवं अन्य उन्नत तकनीकी परीक्षण* कोटा। भारतीय रेलवे के माल परिवहन क्षेत्र में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल से हो रही है। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) के व्यापक तकनीकी परीक्षणों का शुभारंभ आज 29 जुलाई 2026 को हो गया। लगभग एक माह तक चलने वाले इन परीक्षणों के दौरान यह अत्याधुनिक रेक कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर विभिन्न गति एवं परिचालन परिस्थितियों में परखी जाएगी। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के भविष्य के हाई-स्पीड फ्रेट नेटवर्क की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह देश की पहली 16 कोच वाली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू प्रोटोटाइप रेक है, जिसे भारतीय रेलवे की तेज, समयबद्ध एवं आधुनिक पार्सल तथा लॉजिस्टिक्स सेवाओं को नई गति देने के उद्देश्य से एकीकृत कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई द्वारा विकसित किया गया है। वंदे भारत तकनीक पर आधारित यह रेक भविष्य में देशभर में ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस पार्सल, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स तथा समयबद्ध माल परिवहन की अवधारणा को नया आयाम प्रदान करेगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा किए जा रहे इन परीक्षणों के लिए यह प्रोटोटाइप रेक आईसीएफ चेन्नई से कोटा मंडल पहुंची है। अब भारतीय रेलवे के सर्वाधिक उपयुक्त हाई-स्पीड परीक्षण कॉरिडोर में शामिल कोटा -नागदा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर इसके विस्तृत तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रायल श्रृंखला का औपचारिक संचालन आज 29 जुलाई 2026 से प्रारंभ हुआ। पहले दिन विशेष ट्रायल रेक प्रातः 6 बजे कोटा से महिदपुर रोड के लिए रवाना हुई। कोटा-महिदपुर रोड खंड में 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गैर-रिकॉर्डेड गति, महिदपुर रोड -भवानी मंडी खंड में 120 एवं 135 किलोमीटर प्रति घंटा की रिकॉर्डेड गति से परीक्षण किए गए। इसके बाद महिदपुर रोड से कोटा वापसी के दौरान रेक ने 145 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति प्राप्त की, जो इस ट्रायल श्रृंखला के प्रथम दिन की सर्वोच्च गति रही। परीक्षण के दौरान स्टेशनों पर निर्बाध ग्रीन सिग्नल उपलब्ध कराकर ट्रायल को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। लगभग एक माह तक होंगे अत्याधुनिक परीक्षण श्री जैन ने बताया कि 29 जुलाई 2026 से लगभग एक माह तक नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर विभिन्न चरणों में विस्तृत परीक्षण किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से— • लोडेड एवं इनफ्लेटेड स्थिति में 120, 130, 140 एवं 145 किमी प्रति घंटा की गति पर ऑसिलेशन ट्रायल • इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD) परीक्षण • कपलर फोर्स ट्रायल • कर्व परफॉर्मेंस परीक्षण • ट्रैक्शन, ब्रेकिंग एवं जर्क टेस्ट • रीजनरेटिव एनर्जी एवं पीएपीआईएस परीक्षण • सिग्नल एवं दूरसंचार इंटरफेरेंस परीक्षण • डोर ऑपरेशन एवं अन्य सुरक्षा परीक्षण • इंटीरियर सिस्टम, सीसीटीवी, लाइटिंग एवं शॉर्ट सर्किट संबंधी स्टेटिक परीक्षण संपन्न किए जाएंगे। ट्रायल के दौरान प्रतिदिन न्यूनतम दो फेरे संचालित किए जाएंगे। अधिकतम परीक्षण गति 145 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। *कोटा मंडल क्यों बना हाई-स्पीड फ्रेट ट्रायल का केंद्र* देश की अत्याधुनिक रेल परियोजनाओं के परीक्षण के लिए कोटा मंडल लगातार भारतीय रेलवे की पहली पसंद बनता जा रहा है। उत्कृष्ट ट्रैक गुणवत्ता, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली, उच्च परिचालन दक्षता तथा सुरक्षित एवं लंबा हाई-स्पीड रेलखंड उपलब्ध होने के कारण यहां पहले भी अनेक अत्याधुनिक ट्रेनसेट एवं नई तकनीकों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। अब देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का ट्रायल भी इसी रेलखंड पर होना कोटा मंडल की तकनीकी विश्वसनीयता एवं परिचालन उत्कृष्टता का प्रमाण है। *ट्रायल दल* इस महत्वपूर्ण परीक्षण की समग्र निगरानी आरडीएसओ के निदेशक/टेस्टिंग श्री अनन्जय मिश्रा, अभ्यंकर कमल कुमार,संजीव कुमार रंजन कर रहे हैं। आईसीएफ चेन्नई से सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर श्री सुधांशु कुमार ट्रायल दल के साथ उपस्थित हैं। कोटा मंडल की ओर से मुख्य लोको निरीक्षक श्री रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक श्री सुशील जेठवानी तथा ट्रेन मैनेजर श्री संजीव को इस विशेष रेक के संचालन हेतु तैनात किया गया है। रेक का संचालन लोको पायलट श्री अरविंद कुमार सिंह एवं श्री ओमप्रकाश राठौर द्वारा किया जा रहा है। *वंदे भारत तकनीक पर आधारित आधुनिक फ्रेट ईएमयू* यह अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू 16 कोचों की रेक है, जिसमें 2 डीटीसी (रेफर वैन), 2 एनडीटीसी तथा 12 पार्सल कोच शामिल हैं। इसमें वंदे भारत बोगियां, 20.32 टन एक्सल लोड क्षमता तथा 397.02 टन की कुल पेलोड क्षमता उपलब्ध है। इसमें रेफ्रिजरेटेड पार्सल सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन, न्यूमेटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोर, प्रति कोच चार स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग द्वार, सीसीटीवी, एलईडी लाइटिंग, अग्नि पहचान प्रणाली, कंटेनर लॉकिंग व्यवस्था तथा वंदे भारत ट्रेनसेट जैसी अत्याधुनिक ब्रेक एवं प्रोपल्शन प्रणाली उपलब्ध है। सुरक्षा की दृष्टि से 5 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति पर सभी द्वार स्वतः लॉक हो जाते हैं तथा सभी द्वार बंद होने की पुष्टि के बिना रेक का संचालन संभव नहीं है। भारतीय रेलवे का मानना है कि इस फ्रेट ईएमयू की सफलता भविष्य में देश के हाई-स्पीड पार्सल कॉरिडोर, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, शीतित माल परिवहन तथा समयबद्ध फ्रेट सेवाओं को नई दिशा देगी। वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ होने के बाद यह रेक माल परिवहन को पारंपरिक व्यवस्था से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जन सम्पर्क अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल1
- उप प्राचार्यों ने पदोन्नति विवाद में सरकार से एसएलपी दायर करने की मांग मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की जताई आशंका गंगापुर सिटी। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (उप प्राचार्य) एवं यथावत उप प्राचार्य संघर्ष समिति राजस्थान के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग की पदोन्नति एवं पदस्थापन प्रक्रिया पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। इससे प्रदेश के करीब 11 हजार वरिष्ठ उप प्राचार्यों, व्याख्याताओं और बना कॉमर्स प्रवर अध्यापकों के सेवा हित प्रभावित हो रहे हैं।पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में कार्यरत उप प्राचार्यों ने विभागीय नियमों के तहत पदोन्नति प्राप्त की है और यदि पदोन्नति निरस्त होती है तो हजारों कर्मचारियों के सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदस्थापन और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी। ज्ञापन में सरकार से निर्णय के विरुद्ध शीघ्र एसएलपी दायर करने, अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने, पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवा अधिकार सुरक्षित रखने तथा विद्यालयों में चल रही व्यवस्थाओं को प्रभावित नहीं होने देने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि जिन विद्यालयों में उप प्राचार्य के पद रिक्त हैं, वहां नियमित पदस्थापन होने तक व्याख्याताओं को समायोजित कर शिक्षण व्यवस्था सुचारु रखी जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार समय रहते सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करे, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे।1