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देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के पहले सोमवार को देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के महिने में
Vikram Bhadana vlog
देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के पहले सोमवार को देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के महिने में
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- देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के पहले सोमवार को देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के महिने में1
- शिवाड़ में पहले सोमवार को निकली 6वीं कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मार्ग शिवाड़। सावन माह के पहले सोमवार को श्री घुश्मेश्वर महादेव के आशीर्वाद से श्री महाकाल मित्र मंडल शिवाड़ के संयुक्त तत्वावधान में 6वीं कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़ यात्रा बनास नदी (देवली) से पवित्र जल लेकर शिवाड़ स्थित श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। यात्रा में भव्य झांकियां, रंग-गुलाल, ढोल-नगाड़े एवं डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। कांवड़ियों का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। आयोजन समिति की ओर से कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, चिकित्सा सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं। करीब 151 कांवड़ियों की यात्रा में भागीदारी रही। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान घुश्मेश्वर महादेव का अभिषेक किया। इस अवसर पर शिवाड़ सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।2
- चेतीखेड़ा डैम के विस्थापितों को मिले उपजाऊ भूमि और उचित स्थान: किसान संघ ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन । चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगें: सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं: वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए। 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए। वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए। भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे। । चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगें: सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं: वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए। 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए। वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए। भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे।1
- लोकेशन जिला श्योपुर मप्र रिपोर्टर मुन्ना लाल राठौर जिला ब्यूरो *सरपंच सेक्रेटरी की मिलीभगत से पिछले 6 महीने से आदिवासियों का राशन खा रहा कंट्रोल वाला* श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत मयापुर 6 महीने से आदिवासियों को सिर्फ पर्चियां देके आश्वासन दिया जा रहा है कि अभी तुम्हारा राशन नहीं आया है जबकि ग्राम वाले का कहना है कि सभी पंचायतों का राशन मिल रहा है हमारा राशन मांगने पर सरपंच सेक्रेटरी एवं कंट्रोल वाले हमको गालिया देते है एवं जान से मारने की धमकी देते है जिला आवेदन हम कलेक्ट्रेट में पिछले 3 मंगलवार को लगा चुके है जिसमें अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे आक्रोश होके आज ग्राम पंचायत के गाँव की 100-150 महिलाएं एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के बाहर बैठ करके आवेदन दे करके आज यही निर्णय पर अड़े रही कि सरपंच-सेक्रेटरी को तुरंत सस्पेंड किया जाए और हमको 6 महीने का राशन दिया जाए लोकेशन जिला श्योपुर मप्र *सरपंच सेक्रेटरी की मिलीभगत से पिछले 6 महीने से आदिवासियों का राशन खा रहा कंट्रोल वाला* श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत मयापुर 6 महीने से आदिवासियों को सिर्फ पर्चियां देके आश्वासन दिया जा रहा है कि अभी तुम्हारा राशन नहीं आया है जबकि ग्राम वाले का कहना है कि सभी पंचायतों का राशन मिल रहा है हमारा राशन मांगने पर सरपंच सेक्रेटरी एवं कंट्रोल वाले हमको गालिया देते है एवं जान से मारने की धमकी देते है जिला आवेदन हम कलेक्ट्रेट में पिछले 3 मंगलवार को लगा चुके है जिसमें अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे आक्रोश होके आज ग्राम पंचायत के गाँव की 100-150 महिलाएं एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के बाहर बैठ करके आवेदन दे करके आज यही निर्णय पर अड़े रही कि सरपंच-सेक्रेटरी को तुरंत सस्पेंड किया जाए और हमको 6 महीने का राशन दिया जाए2
- नवोदय में 150 छात्रों का ‘विद्रोह’! 8 घंटे तक हॉल में कैद रहे बच्चे, बोले- कलेक्टर से बात किए बिना नहीं खुलेंगे दरवाजे1
- अवैध रेत स्टॉक पर संयुक्त कार्रवाई, 1 हजार ट्रॉली रेत का विनष्टीकरण कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ग्राम् बड़ोदिया घाट तहसील बड़ौदा में स्टॉक कर रखी गई लगभग 1000 ट्रॉली रेत का विनिस्टीकरण करने की कार्यवाही की गई है। एसडीएम गगन सिंह मीणा के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की टीम द्वारा बडोदिया घाट पर स्टॉक में रखी गई अवैध रेत को जेसीबी के माध्यम से मिट्टी में मिलाकर खुदबुर्द करते हुए विनिष्टीकरण किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार बड़ौदा सुरेश राठौर, नायब तहसीलदार पंडोला, राजस्व निरीक्षक (आर.आई.) सहित राजस्व विभाग का अन्य अमला व बडौदा थाने की पुलिस टीम मौजूद रहें। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया कि जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी तथा ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील की है कि अवैध खनन अथवा अवैध रेत भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अवैध रेत स्टॉक पर संयुक्त कार्रवाई, 1 हजार ट्रॉली रेत का विनष्टीकरण कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ग्राम् बड़ोदिया घाट तहसील बड़ौदा में स्टॉक कर रखी गई लगभग 1000 ट्रॉली रेत का विनिस्टीकरण करने की कार्यवाही की गई है। एसडीएम गगन सिंह मीणा के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की टीम द्वारा बडोदिया घाट पर स्टॉक में रखी गई अवैध रेत को जेसीबी के माध्यम से मिट्टी में मिलाकर खुदबुर्द करते हुए विनिष्टीकरण किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार बड़ौदा सुरेश राठौर, नायब तहसीलदार पंडोला, राजस्व निरीक्षक (आर.आई.) सहित राजस्व विभाग का अन्य अमला व बडौदा थाने की पुलिस टीम मौजूद रहें। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया कि जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी तथा ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील की है कि अवैध खनन अथवा अवैध रेत भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।” इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”1
- पुलिस करेगी हम संभव मदद police adhikshak Moti Rahman श्योपुर मध्य प्रदेश पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने श्योपुर निवासियों से कहा किसी भी तरह का अपराध आप के साथ हो रहा है तो उसकी शिकायत करने के लिए सीधे पुलिस से संपर्क करें उनकी हर संभव मदद की जाएगी1
- पूरे गांव की सड़क खराब बड़े-बड़े गड्ढे निकलने में परेशानी1