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इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।” इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”

2 hrs ago
user_Meera gadriya
Meera gadriya
श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।” इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • चेतीखेड़ा डैम के विस्थापितों को मिले उपजाऊ भूमि और उचित स्थान: किसान संघ ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन । चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगें: सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं: वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए। 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए। वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए। भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे। । चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगें: सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं: वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए। 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए। वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए। भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे।
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    चेतीखेड़ा डैम के विस्थापितों को मिले उपजाऊ भूमि और उचित स्थान: किसान संघ ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
। चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।
 नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध
किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
 विस्थापितों की प्रमुख मांगें:
सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं:
वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए।
2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए।
वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए।
 भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण
ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे।
। चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।
नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध
किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
विस्थापितों की प्रमुख मांगें:
सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं:
वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए।
2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए।
वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए।
भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण
ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे।
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पुलिस करेगी हम संभव मदद police adhikshak Moti Rahman श्योपुर मध्य प्रदेश पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने श्योपुर निवासियों से कहा किसी भी तरह का अपराध आप के साथ हो रहा है तो उसकी शिकायत करने के लिए सीधे पुलिस से संपर्क करें उनकी हर संभव मदद की जाएगी
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    पुलिस करेगी हम संभव मदद police adhikshak Moti Rahman श्योपुर मध्य प्रदेश
पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने श्योपुर निवासियों से कहा किसी भी तरह का अपराध आप के साथ हो रहा है तो उसकी  शिकायत करने के लिए सीधे पुलिस  से संपर्क करें उनकी हर संभव मदद की जाएगी
    user_Irsad News
    Irsad News
    Court reporter श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • डिडायच में कृषि कनेक्शनों की केबल चोरी से किसान परेशान, पुलिस की निष्क्रियता पर ग्रामीणों में रोष चौथ का बरवाड़ा। तहसील क्षेत्र के डिडायच गांव में कृषि कनेक्शनों पर लगी मोटरों की केबल चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले तीन माह में लगातार हो रही चोरियों से किसानों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। बार-बार वारदात होने के बावजूद चोर पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिससे ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। मंगलवार को ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की। किसान लटूरमल मीणा, कानाराम मीणा, हनुमान मीणा, कुंज बिहारी मीणा, रामजीलाल मीणा सहित अन्य किसानों ने बताया कि कृषि कनेक्शनों की केबल चोरी होने से अमरूद के बगीचों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बार-बार नई केबल लगाने में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि फसलें भी प्रभावित होने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। इससे चोरों के हौसले बुलंद हैं और किसानों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ग्रामीणों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखने तथा चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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    डिडायच में कृषि कनेक्शनों की केबल चोरी से किसान परेशान, पुलिस की निष्क्रियता पर ग्रामीणों में रोष
चौथ का बरवाड़ा। तहसील क्षेत्र के डिडायच गांव में कृषि कनेक्शनों पर लगी मोटरों की केबल चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले तीन माह में लगातार हो रही चोरियों से किसानों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। बार-बार वारदात होने के बावजूद चोर पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिससे ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।
मंगलवार को ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट देकर  कार्रवाई की मांग की। किसान लटूरमल मीणा, कानाराम मीणा, हनुमान मीणा, कुंज बिहारी मीणा, रामजीलाल मीणा सहित अन्य किसानों ने बताया कि कृषि कनेक्शनों की केबल चोरी होने से अमरूद के बगीचों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बार-बार नई केबल लगाने में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि फसलें भी प्रभावित होने लगी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। इससे चोरों के हौसले बुलंद हैं और किसानों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ग्रामीणों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखने तथा चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के पहले सोमवार को देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के महिने में
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    देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के पहले सोमवार को
देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के महिने में
    user_Vikram Bhadana vlog
    Vikram Bhadana vlog
    चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • फव्वारा चौक पर गूंजे भोलेनाथ के भजन, तड़के तक जमा रहा श्रद्धालुओं का रंग शिवाड़। जय बाबा भोला मंडल लालसोट की ओर से बीती रात शिव मंदिर स्थित फव्वारा चौक पर भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नामचीन कलाकारों ने भगवान शिव की महिमा से जुड़े सुरिले भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों ने आकर्षक धार्मिक झांकियों की प्रस्तुति भी दी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भजनों और झांकियों के बीच पूरा परिसर हर-हर महादेव एवं ओम नमः शिवाय के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे और कलाकारों की प्रस्तुतियों पर जमकर तालियां बजाईं। भजन संध्या का दौर तड़के तक चलता रहा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
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    फव्वारा चौक पर गूंजे भोलेनाथ के भजन, तड़के तक जमा रहा श्रद्धालुओं का रंग
शिवाड़। जय बाबा भोला मंडल लालसोट की ओर से बीती रात शिव मंदिर स्थित फव्वारा चौक पर भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नामचीन कलाकारों ने भगवान शिव की महिमा से जुड़े सुरिले भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों ने आकर्षक धार्मिक झांकियों की प्रस्तुति भी दी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भजनों और झांकियों के बीच पूरा परिसर हर-हर महादेव एवं ओम नमः शिवाय के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे और कलाकारों की प्रस्तुतियों पर जमकर तालियां बजाईं। भजन संध्या का दौर तड़के तक चलता रहा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • 15 अगस्त से चालान का खेल बदल सकता है?😱 सूचना जनहित में जारी.. ✌️ 15 अगस्त से चालान का खेल बदल सकता है?😱 सूचना जनहित में जारी.. ✌️
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    15 अगस्त से चालान का खेल बदल सकता है?😱
सूचना जनहित में जारी.. ✌️
15 अगस्त से चालान का खेल बदल सकता है?😱
सूचना जनहित में जारी.. ✌️
    user_Ashutosh Trivedi
    Ashutosh Trivedi
    Video Creator सवाई माधोपुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।” इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”
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    इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।
मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?”
“ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”
इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।
मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?”
“ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • नवोदय में 150 छात्रों का ‘विद्रोह’! 8 घंटे तक हॉल में कैद रहे बच्चे, बोले- कलेक्टर से बात किए बिना नहीं खुलेंगे दरवाजे
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    नवोदय में 150 छात्रों का ‘विद्रोह’! 8 घंटे तक हॉल में कैद रहे बच्चे, बोले- कलेक्टर से बात किए बिना नहीं खुलेंगे दरवाजे
    user_SHEOPUR NEWS FIRST
    SHEOPUR NEWS FIRST
    Building society Sheopur, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | श्योपुर अवैध रेत के बड़े स्टॉक पर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, 1000 ट्रॉली रेत का किया विनिष्टीकरण श्योपुर जिले में कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशन में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ौदा तहसील के ग्राम बड़ोदिया घाट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित लगभग 1000 ट्रॉली रेत का जेसीबी से विनिष्टीकरण कर दिया। एसडीएम गगन सिंह मीणा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में तहसीलदार सुरेश राठौर, नायब तहसीलदार, राजस्व अमला एवं बड़ौदा थाना पुलिस मौजूद रही। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। – इरशाद पठान 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | श्योपुर अवैध रेत के बड़े स्टॉक पर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, 1000 ट्रॉली रेत का किया विनिष्टीकरण श्योपुर जिले में कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशन में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ौदा तहसील के ग्राम बड़ोदिया घाट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित लगभग 1000 ट्रॉली रेत का जेसीबी से विनिष्टीकरण कर दिया। एसडीएम गगन सिंह मीणा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में तहसीलदार सुरेश राठौर, नायब तहसीलदार, राजस्व अमला एवं बड़ौदा थाना पुलिस मौजूद रही। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। – इरशाद पठान
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    🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | श्योपुर

अवैध रेत के बड़े स्टॉक पर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, 1000 ट्रॉली रेत का किया विनिष्टीकरण

श्योपुर जिले में कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशन में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ौदा तहसील के ग्राम बड़ोदिया घाट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित लगभग 1000 ट्रॉली रेत का जेसीबी से विनिष्टीकरण कर दिया।

एसडीएम गगन सिंह मीणा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में तहसीलदार सुरेश राठौर, नायब तहसीलदार, राजस्व अमला एवं बड़ौदा थाना पुलिस मौजूद रही।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

– इरशाद पठान


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अवैध रेत के बड़े स्टॉक पर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, 1000 ट्रॉली रेत का किया विनिष्टीकरण
श्योपुर जिले में कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशन में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ौदा तहसील के ग्राम बड़ोदिया घाट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित लगभग 1000 ट्रॉली रेत का जेसीबी से विनिष्टीकरण कर दिया।
एसडीएम गगन सिंह मीणा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में तहसीलदार सुरेश राठौर, नायब तहसीलदार, राजस्व अमला एवं बड़ौदा थाना पुलिस मौजूद रही।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
– इरशाद पठान
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    Court reporter श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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