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15 अगस्त से चालान का खेल बदल सकता है?😱 सूचना जनहित में जारी.. ✌️ 15 अगस्त से चालान का खेल बदल सकता है?😱 सूचना जनहित में जारी.. ✌️
Ashutosh Trivedi
15 अगस्त से चालान का खेल बदल सकता है?😱 सूचना जनहित में जारी.. ✌️ 15 अगस्त से चालान का खेल बदल सकता है?😱 सूचना जनहित में जारी.. ✌️
More news from राजस्थान and nearby areas
- देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के पहले सोमवार को देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के महिने में1
- शिवाड़ में पहले सोमवार को निकली 6वीं कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मार्ग शिवाड़। सावन माह के पहले सोमवार को श्री घुश्मेश्वर महादेव के आशीर्वाद से श्री महाकाल मित्र मंडल शिवाड़ के संयुक्त तत्वावधान में 6वीं कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़ यात्रा बनास नदी (देवली) से पवित्र जल लेकर शिवाड़ स्थित श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। यात्रा में भव्य झांकियां, रंग-गुलाल, ढोल-नगाड़े एवं डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। कांवड़ियों का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। आयोजन समिति की ओर से कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, चिकित्सा सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं। करीब 151 कांवड़ियों की यात्रा में भागीदारी रही। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान घुश्मेश्वर महादेव का अभिषेक किया। इस अवसर पर शिवाड़ सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।2
- JAYSINGH AADIVASI 💥☠️‼️ #viral video hii jklnekjhjknbj JAYSINGH AADIVASI 💥 #viral #video #Aatitude #reels1
- अलवर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल पहुंचे बच्चे सुरक्षित, #rajasthan #alwar_news1
- तो अब तक मामले में कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एक साल पहले हुई चोरी का मामला अब फिर सुर्खियों में है।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चोरी की घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। मामले में अब एक और गंभीर बात सामने आई है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, जिस व्यक्ति पर चोरी का आरोप है, उसने पुलिस के सामने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि “हमने चोरी की है।” इसके बावजूद सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस के सामने चोरी की बात स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है, तो अब तक मामले में कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एक साल पहले हुई चोरी का मामला अब फिर सुर्खियों में है।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चोरी की घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। मामले में अब एक और गंभीर बात सामने आई है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, जिस व्यक्ति पर चोरी का आरोप है, उसने पुलिस के सामने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि “हमने चोरी की है।” इसके बावजूद सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस के सामने चोरी की बात स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है, तो अब तक मामले में कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एक साल पहले हुई चोरी का मामला अब फिर सुर्खियों में है।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चोरी की घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। मामले में अब एक और गंभीर बात सामने आई है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, जिस व्यक्ति पर चोरी का आरोप है, उसने पुलिस के सामने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि “हमने चोरी की है।” इसके बावजूद सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस के सामने चोरी की बात स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है, तो अब तक मामले में कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?1
- श्योपुर:नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के 6 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने जिला पंचायत सभागार में नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के 6 दिवसीय इंडेक्शन प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा भावना एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। आंगनबाडी कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है, आंगनबाडी केेन्द्र बच्चों के सर्वागिण विकास की प्रमुख संस्था है। अपने गुणवत्तापूर्ण कार्यो से स्वयं के व्यक्तित्व को आगे बढाते हुए विभाग की छवि को आगे बढाने का कार्य करें। गत 30 जुलाई से 4 अगस्त तक आयोजित 6 दिवसीय इंडेक्शन प्रोग्राम के समापन अवसर पर महिला बाल विकास अधिकारी श्री श्यामबाबू खरे, सीडीपीओ श्री पवनजीत अरोरा सहित मास्टर ट्रेनर एवं पर्यवेक्षक सहित नव नियुक्त 40 आंगनबाडी कार्यकर्ताए उपस्थित रही। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने कहा कि बच्चों की देखभाल करना, उन्हें स्वस्थ रखना तथा प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार करना यह आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के दायित्वों के महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के शुरुआती विकास और समुदाय के स्वास्थ्य की आधारशिला हैं। इस अवसर पर महिला बाल विकास अधिकारी श्री श्यामबाबू खरे ने बताया कि 6 दिवसीय इंडेक्शन कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को आईसीडीएस का परिचय एवं सुदृढ़ीकरण, समेकित बाल विकास सेवा की प्रक्रिया, इसके दूरगामी उद्देश्य और आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का मैदानी स्तर पर समाधान, आंगनबाडी भूमिका एवं उत्तरदायित्व के संबंध 12 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा समापन के अवसर पर नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं मास्टर ट्रेनर्स पर्यवेक्षक को इंडेक्शन कार्यक्रम पूर्ण करने के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।1
- चेतीखेड़ा डैम के विस्थापितों को मिले उपजाऊ भूमि और उचित स्थान: किसान संघ ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन । चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगें: सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं: वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए। 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए। वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए। भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे। । चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगें: सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं: वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए। 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए। वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए। भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे।1
- बरसात से गंगापुर सिटी तरबतर, लोगों को गर्मी से मिली राहत मंगलवार को गंगापुर सिटी में हुई झमाझम बारिश से पूरा शहर तरबतर हो गया। लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस व तेज गर्मी से बड़ी राहत मिली। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को कुछ स्थानों पर परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद लिया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। किसानों ने भी अच्छी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताते हुए संतोष व्यक्त किया। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में आगामी दिनों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।1
- श्योपुर जिले के कराहल का मामला.... स्मैक पीने वाले आरोपी को स्थानीय लोगों ने चोरी करते पकड़ा.... आरोपी स्मैक लेने वाले लोगों का नाम कर रहा उजागर..... पुलिस मूक दर्शक1