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डिडायच में कृषि कनेक्शनों की केबल चोरी से किसान परेशान, पुलिस की निष्क्रियता पर ग्रामीणों में रोष चौथ का बरवाड़ा। तहसील क्षेत्र के डिडायच गांव में कृषि कनेक्शनों पर लगी मोटरों की केबल चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले तीन माह में लगातार हो रही चोरियों से किसानों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। बार-बार वारदात होने के बावजूद चोर पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिससे ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। मंगलवार को ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की। किसान लटूरमल मीणा, कानाराम मीणा, हनुमान मीणा, कुंज बिहारी मीणा, रामजीलाल मीणा सहित अन्य किसानों ने बताया कि कृषि कनेक्शनों की केबल चोरी होने से अमरूद के बगीचों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बार-बार नई केबल लगाने में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि फसलें भी प्रभावित होने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। इससे चोरों के हौसले बुलंद हैं और किसानों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ग्रामीणों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखने तथा चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

4 hrs ago
user_Irfan Rajasthan patrika
Irfan Rajasthan patrika
Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
4 hrs ago

डिडायच में कृषि कनेक्शनों की केबल चोरी से किसान परेशान, पुलिस की निष्क्रियता पर ग्रामीणों में रोष चौथ का बरवाड़ा। तहसील क्षेत्र के डिडायच गांव में कृषि कनेक्शनों पर लगी मोटरों की केबल चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले तीन माह में लगातार हो रही चोरियों से किसानों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। बार-बार वारदात होने के बावजूद चोर पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिससे ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। मंगलवार को ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की। किसान लटूरमल मीणा, कानाराम मीणा, हनुमान मीणा, कुंज बिहारी मीणा, रामजीलाल मीणा सहित अन्य किसानों ने बताया कि कृषि कनेक्शनों की केबल चोरी होने से अमरूद के बगीचों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बार-बार नई केबल लगाने में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि फसलें भी प्रभावित होने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। इससे चोरों के हौसले बुलंद हैं और किसानों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ग्रामीणों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखने तथा चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

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  • देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के पहले सोमवार को देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के महिने में
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    देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के पहले सोमवार को
देवली गांव में आया सांप दिखाने वाला सावन के महिने में
    user_Vikram Bhadana vlog
    Vikram Bhadana vlog
    चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • शिवाड़ में पहले सोमवार को निकली 6वीं कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मार्ग शिवाड़। सावन माह के पहले सोमवार को श्री घुश्मेश्वर महादेव के आशीर्वाद से श्री महाकाल मित्र मंडल शिवाड़ के संयुक्त तत्वावधान में 6वीं कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़ यात्रा बनास नदी (देवली) से पवित्र जल लेकर शिवाड़ स्थित श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। यात्रा में भव्य झांकियां, रंग-गुलाल, ढोल-नगाड़े एवं डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। कांवड़ियों का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। आयोजन समिति की ओर से कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, चिकित्सा सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं। करीब 151 कांवड़ियों की यात्रा में भागीदारी रही। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान घुश्मेश्वर महादेव का अभिषेक किया। इस अवसर पर शिवाड़ सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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    शिवाड़ में पहले सोमवार को निकली 6वीं कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मार्ग
शिवाड़। सावन माह के पहले सोमवार को श्री घुश्मेश्वर महादेव के आशीर्वाद से श्री महाकाल मित्र मंडल शिवाड़ के संयुक्त तत्वावधान में 6वीं कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़ यात्रा बनास नदी (देवली) से पवित्र जल लेकर शिवाड़ स्थित श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। यात्रा में भव्य झांकियां, रंग-गुलाल, ढोल-नगाड़े एवं डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। कांवड़ियों का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।
आयोजन समिति की ओर से कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, चिकित्सा सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं। करीब 151 कांवड़ियों की यात्रा में भागीदारी रही। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान घुश्मेश्वर महादेव का अभिषेक किया। इस अवसर पर शिवाड़ सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • श्योपुर:नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के 6 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने जिला पंचायत सभागार में नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के 6 दिवसीय इंडेक्शन प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा भावना एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। आंगनबाडी कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है, आंगनबाडी केेन्द्र बच्चों के सर्वागिण विकास की प्रमुख संस्था है। अपने गुणवत्तापूर्ण कार्यो से स्वयं के व्यक्तित्व को आगे बढाते हुए विभाग की छवि को आगे बढाने का कार्य करें। गत 30 जुलाई से 4 अगस्त तक आयोजित 6 दिवसीय इंडेक्शन प्रोग्राम के समापन अवसर पर महिला बाल विकास अधिकारी श्री श्यामबाबू खरे, सीडीपीओ श्री पवनजीत अरोरा सहित मास्टर ट्रेनर एवं पर्यवेक्षक सहित नव नियुक्त 40 आंगनबाडी कार्यकर्ताए उपस्थित रही। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने कहा कि बच्चों की देखभाल करना, उन्हें स्वस्थ रखना तथा प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार करना यह आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के दायित्वों के महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के शुरुआती विकास और समुदाय के स्वास्थ्य की आधारशिला हैं। इस अवसर पर महिला बाल विकास अधिकारी श्री श्यामबाबू खरे ने बताया कि 6 दिवसीय इंडेक्शन कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को आईसीडीएस का परिचय एवं सुदृढ़ीकरण, समेकित बाल विकास सेवा की प्रक्रिया, इसके दूरगामी उद्देश्य और आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का मैदानी स्तर पर समाधान, आंगनबाडी भूमिका एवं उत्तरदायित्व के संबंध 12 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा समापन के अवसर पर नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं मास्टर ट्रेनर्स पर्यवेक्षक को इंडेक्शन कार्यक्रम पूर्ण करने के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
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    श्योपुर:नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के 6 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन
कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने जिला पंचायत सभागार में नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के 6 दिवसीय इंडेक्शन प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा भावना एवं मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। आंगनबाडी कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है, आंगनबाडी केेन्द्र बच्चों के सर्वागिण विकास की प्रमुख संस्था है। अपने गुणवत्तापूर्ण कार्यो से स्वयं के व्यक्तित्व को आगे बढाते हुए विभाग की छवि को आगे बढाने का कार्य करें। 
गत 30 जुलाई से 4 अगस्त तक आयोजित 6 दिवसीय इंडेक्शन प्रोग्राम के समापन अवसर पर महिला बाल विकास अधिकारी श्री श्यामबाबू खरे, सीडीपीओ श्री पवनजीत अरोरा सहित मास्टर ट्रेनर एवं पर्यवेक्षक सहित नव नियुक्त 40 आंगनबाडी कार्यकर्ताए उपस्थित रही।
कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने कहा कि बच्चों की देखभाल करना, उन्हें स्वस्थ रखना तथा प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार करना यह आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के दायित्वों के महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के शुरुआती विकास और समुदाय के स्वास्थ्य की आधारशिला हैं। 
इस अवसर पर महिला बाल विकास अधिकारी श्री श्यामबाबू खरे ने बताया कि 6 दिवसीय इंडेक्शन कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को आईसीडीएस का परिचय एवं सुदृढ़ीकरण, समेकित बाल विकास सेवा की प्रक्रिया, इसके दूरगामी उद्देश्य और आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का मैदानी स्तर पर समाधान, आंगनबाडी भूमिका एवं उत्तरदायित्व के संबंध 12 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। 
कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा समापन के अवसर पर नव नियुक्त आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं मास्टर ट्रेनर्स पर्यवेक्षक को इंडेक्शन कार्यक्रम पूर्ण करने के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
    user_SHEOPUR NEWS FIRST
    SHEOPUR NEWS FIRST
    Building society Sheopur, Madhya Pradesh•
    25 min ago
  • चेतीखेड़ा डैम के विस्थापितों को मिले उपजाऊ भूमि और उचित स्थान: किसान संघ ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन । चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगें: सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं: वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए। 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए। वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए। भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे। । चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगें: सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं: वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए। 2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए। वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए। भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे।
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    चेतीखेड़ा डैम के विस्थापितों को मिले उपजाऊ भूमि और उचित स्थान: किसान संघ ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
। चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।
 नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध
किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
 विस्थापितों की प्रमुख मांगें:
सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं:
वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए।
2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए।
वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए।
 भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण
ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे।
। चेतीखेड़ा डैम परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसान और मजदूरों के पुनर्वास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ मुखर हो गया है। विस्थापितों को उचित स्थान पर कृषि योग्य भूमि दिलाने की मांग को लेकर आज किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।
नेशनल पार्क से सटी अनुपजाऊ जमीन का विरोध
किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि चेतीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव चेतीखेड़ा, सिसपुरा, दगपुरा और सेवापुर के विस्थापितों को प्रशासन द्वारा जो जमीन आवंटित की जा रही है, वह रहने और खेती के योग्य नहीं है। यह जमीन नेशनल पार्क की सीमा से लगी हुई है और पूरी तरह अनुपजाऊ (पथरीली) है। ऐसी जमीन पर खेती करना असंभव है, जिससे विस्थापित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
विस्थापितों की प्रमुख मांगें:
सौपे गए मांग पत्र में प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी गई हैं:
वैकल्पिक स्थानों पर मिले जमीन: विस्थापितों को नेशनल पार्क के बजाय जयपुरा, छिमछिम, चांदपुरा, रामपुरा बेरी बालाजी, पिपरवा, भंवरपुर या जिले के किसी अन्य सुरक्षित और उपजाऊ स्थान पर बसाया जाए।
2 हेक्टेयर कृषि भूमि और आवास: प्रत्येक प्रभावित परिवार को जीवन-यापन के लिए न्यूनतम दो हेक्टेयर उपजाऊ भूमि दी जाए। साथ ही निवास करने और मवेशियों (पशुओं) को रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाए।
वयस्क बेटों को अलग परिवार का दर्जा: पुनर्वास पैकेज का लाभ देते समय विस्थापित परिवारों के वयस्क (बालीग) लड़कों को एक पृथक परिवार माना जाए और उन्हें भी नियमानुसार अलग से मुआवजा व जमीन दी जाए।
भारी संख्या में उमड़े ग्रामीण
ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभावित गांवों के नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मूलचंद मीणा, भीम सिंह जाट, पूर्व सरपंच लाखन सिंह यादव, किसनु आदिवासी, रामसिंह हल्के पटेल, काशीराम, गंगाराम, सियाराम, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने हक के लिए आंदोलन तेज करेंगे।
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बरसात से गंगापुर सिटी तरबतर, लोगों को गर्मी से मिली राहत मंगलवार को गंगापुर सिटी में हुई झमाझम बारिश से पूरा शहर तरबतर हो गया। लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस व तेज गर्मी से बड़ी राहत मिली। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को कुछ स्थानों पर परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद लिया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। किसानों ने भी अच्छी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताते हुए संतोष व्यक्त किया। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में आगामी दिनों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
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    बरसात से गंगापुर सिटी तरबतर, लोगों को गर्मी से मिली राहत
मंगलवार को गंगापुर सिटी में हुई झमाझम बारिश से पूरा शहर तरबतर हो गया। लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस व तेज गर्मी से बड़ी राहत मिली। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को कुछ स्थानों पर परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद लिया।
बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। किसानों ने भी अच्छी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताते हुए संतोष व्यक्त किया। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में आगामी दिनों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
    user_Vipin Singhal
    Vipin Singhal
    Grain Shop सपोटरा, करौली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • लोकेशन जिला श्योपुर मप्र रिपोर्टर मुन्ना लाल राठौर जिला ब्यूरो *सरपंच सेक्रेटरी की मिलीभगत से पिछले 6 महीने से आदिवासियों का राशन खा रहा कंट्रोल वाला* श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत मयापुर 6 महीने से आदिवासियों को सिर्फ पर्चियां देके आश्वासन दिया जा रहा है कि अभी तुम्हारा राशन नहीं आया है जबकि ग्राम वाले का कहना है कि सभी पंचायतों का राशन मिल रहा है हमारा राशन मांगने पर सरपंच सेक्रेटरी एवं कंट्रोल वाले हमको गालिया देते है एवं जान से मारने की धमकी देते है जिला आवेदन हम कलेक्ट्रेट में पिछले 3 मंगलवार को लगा चुके है जिसमें अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे आक्रोश होके आज ग्राम पंचायत के गाँव की 100-150 महिलाएं एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के बाहर बैठ करके आवेदन दे करके आज यही निर्णय पर अड़े रही कि सरपंच-सेक्रेटरी को तुरंत सस्पेंड किया जाए और हमको 6 महीने का राशन दिया जाए लोकेशन जिला श्योपुर मप्र *सरपंच सेक्रेटरी की मिलीभगत से पिछले 6 महीने से आदिवासियों का राशन खा रहा कंट्रोल वाला* श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत मयापुर 6 महीने से आदिवासियों को सिर्फ पर्चियां देके आश्वासन दिया जा रहा है कि अभी तुम्हारा राशन नहीं आया है जबकि ग्राम वाले का कहना है कि सभी पंचायतों का राशन मिल रहा है हमारा राशन मांगने पर सरपंच सेक्रेटरी एवं कंट्रोल वाले हमको गालिया देते है एवं जान से मारने की धमकी देते है जिला आवेदन हम कलेक्ट्रेट में पिछले 3 मंगलवार को लगा चुके है जिसमें अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे आक्रोश होके आज ग्राम पंचायत के गाँव की 100-150 महिलाएं एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के बाहर बैठ करके आवेदन दे करके आज यही निर्णय पर अड़े रही कि सरपंच-सेक्रेटरी को तुरंत सस्पेंड किया जाए और हमको 6 महीने का राशन दिया जाए
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    लोकेशन जिला श्योपुर मप्र 
रिपोर्टर मुन्ना लाल राठौर जिला ब्यूरो 

*सरपंच सेक्रेटरी की मिलीभगत से पिछले 6 महीने से आदिवासियों का राशन खा रहा कंट्रोल वाला*

श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत मयापुर 6 महीने से आदिवासियों को सिर्फ पर्चियां देके आश्वासन दिया जा रहा है कि अभी तुम्हारा राशन नहीं आया है जबकि ग्राम वाले का कहना है कि सभी पंचायतों का राशन मिल रहा है हमारा राशन मांगने पर सरपंच सेक्रेटरी एवं कंट्रोल वाले हमको गालिया देते है एवं जान से मारने की धमकी देते है जिला आवेदन हम कलेक्ट्रेट में पिछले 3 मंगलवार को लगा चुके है जिसमें अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे आक्रोश होके आज ग्राम पंचायत के गाँव की 100-150 महिलाएं एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के बाहर बैठ करके आवेदन दे करके आज यही निर्णय पर अड़े रही कि सरपंच-सेक्रेटरी को तुरंत सस्पेंड किया जाए और हमको 6 महीने का राशन दिया जाए
लोकेशन जिला श्योपुर मप्र 
*सरपंच सेक्रेटरी की मिलीभगत से पिछले 6 महीने से आदिवासियों का राशन खा रहा कंट्रोल वाला*
श्योपुर जिले की ग्राम पंचायत मयापुर 6 महीने से आदिवासियों को सिर्फ पर्चियां देके आश्वासन दिया जा रहा है कि अभी तुम्हारा राशन नहीं आया है जबकि ग्राम वाले का कहना है कि सभी पंचायतों का राशन मिल रहा है हमारा राशन मांगने पर सरपंच सेक्रेटरी एवं कंट्रोल वाले हमको गालिया देते है एवं जान से मारने की धमकी देते है जिला आवेदन हम कलेक्ट्रेट में पिछले 3 मंगलवार को लगा चुके है जिसमें अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे आक्रोश होके आज ग्राम पंचायत के गाँव की 100-150 महिलाएं एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट के बाहर बैठ करके आवेदन दे करके आज यही निर्णय पर अड़े रही कि सरपंच-सेक्रेटरी को तुरंत सस्पेंड किया जाए और हमको 6 महीने का राशन दिया जाए
    user_Irsad News
    Irsad News
    Court reporter श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।” इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?” “ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”
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    इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।
मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?”
“ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”
इस वक्त मौके पर मौजूद हूं, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।
मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर समस्या के समाधान की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की इस आवाज पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में समस्या का समाधान जमीन पर दिखाई देता है?”
“ग्रामीणों ने अपनी बात कह दी है, अब बारी प्रशासन की है। सवाल सिर्फ आश्वासन का नहीं, बल्कि मौके पर वास्तविक कार्रवाई का है। कैमरे की नजर अब जिम्मेदारों के अगले कदम पर रहेगी।”
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पुलिस करेगी हम संभव मदद police adhikshak Moti Rahman श्योपुर मध्य प्रदेश पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने श्योपुर निवासियों से कहा किसी भी तरह का अपराध आप के साथ हो रहा है तो उसकी शिकायत करने के लिए सीधे पुलिस से संपर्क करें उनकी हर संभव मदद की जाएगी
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    पुलिस करेगी हम संभव मदद police adhikshak Moti Rahman श्योपुर मध्य प्रदेश
पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने श्योपुर निवासियों से कहा किसी भी तरह का अपराध आप के साथ हो रहा है तो उसकी  शिकायत करने के लिए सीधे पुलिस  से संपर्क करें उनकी हर संभव मदद की जाएगी
    user_Irsad News
    Irsad News
    Court reporter श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • नवोदय में 150 छात्रों का ‘विद्रोह’! 8 घंटे तक हॉल में कैद रहे बच्चे, बोले- कलेक्टर से बात किए बिना नहीं खुलेंगे दरवाजे
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    नवोदय में 150 छात्रों का ‘विद्रोह’! 8 घंटे तक हॉल में कैद रहे बच्चे, बोले- कलेक्टर से बात किए बिना नहीं खुलेंगे दरवाजे
    user_SHEOPUR NEWS FIRST
    SHEOPUR NEWS FIRST
    Building society Sheopur, Madhya Pradesh•
    14 hrs ago
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