। ग्वालियर बन्हेरी सरपंच विक्रम रावत मर्डर कांड, मर्डर कांड के गवाह पर हमला का मामला गवाह पर हमले की कहानी निकली फर्जी दुश्मन को फंसाने के लिए गवाह ने रची साज़िश खुद को गोली मार दुश्मन पर लगाया हमले का आरोप पुलिस ने जांच कर फर्जी कहानी का खुलासा किया बनहेरी सरपंच विक्रम रावत हत्याकांड मामले के एक गवाह पर हुए जानलेवा हमले की कहानी फर्जी निकली है। दरअसल सरपंच हत्याकांड के गवाह ने दुश्मनों को फसाने के लिए खुद को गोली मरवाई और उसके बाद दुश्मनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने फर्जी कहानी का भंडाफोड़ कर फरियादी को ही आरोपी बनाकर के दर्ज कर लिया। वीओ- ग्वालियर के आरोन थाना क्षेत्र में बनहेरी गांव में रहने वाले अजब सिंह रावत को 3 फरवरी की रात गोली लगी थी जिसे गंभीर हालत में ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया था। अजब सिंह के साथी नितेश और रघुवीर रावत ने पुलिस को बयान देते हुए कहा था की अजब सिंह पर गांव के ही 12 लोगों ने हमला किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोन पुलिस ने तत्काल हत्या के प्रयास की FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सभी 12 आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने घटना में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। जो पुलिस ने टेक्निकल एविडेंस तलाशे तो फिर अजब सिंह को गोली लगने की फर्जी कहानी का खुलासा हो गया। दरअसल अजब सिंह के पास अवैध हथियार था एक हादसे में अजब सिंह को गोली लग गई थी। इस घटना के बाद अजब सिंह उसके साथी नितेश और रघुवीर रावत ने मिलकर इस घटना में विरोधियों को फसाने की साजिश रच ली। और फिर गांव के ही 12 लोगों के नाम हमलावरों के रूप में लिखवा दिया। इस सभी को पुराने मामले में राजीनामा करने के लिए अजब सिंह और उनके साथियों ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जब अजब सिंह नितेश और रघुवीर के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें साज़िश की बातचीत रिकॉर्ड हुई। उसी के आधार पर पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया और मामले का खुलासा कर दिया। बाइट- धर्मवीर सिंह यादव, SSP ग्वालियर । ग्वालियर बन्हेरी सरपंच विक्रम रावत मर्डर कांड, मर्डर कांड के गवाह पर हमला का मामला गवाह पर हमले की कहानी निकली फर्जी दुश्मन को फंसाने के लिए गवाह ने रची साज़िश खुद को गोली मार दुश्मन पर लगाया हमले का आरोप पुलिस ने जांच कर फर्जी कहानी का खुलासा किया बनहेरी सरपंच विक्रम रावत हत्याकांड मामले के एक गवाह पर हुए जानलेवा हमले की कहानी फर्जी निकली है। दरअसल सरपंच हत्याकांड के गवाह ने दुश्मनों को फसाने के लिए खुद को गोली मरवाई और उसके बाद दुश्मनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने फर्जी कहानी का भंडाफोड़ कर फरियादी को ही आरोपी बनाकर के दर्ज कर लिया। वीओ- ग्वालियर के आरोन थाना क्षेत्र में बनहेरी गांव में रहने वाले अजब सिंह रावत को 3 फरवरी की रात गोली लगी थी जिसे गंभीर हालत में ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया था। अजब सिंह के साथी नितेश और रघुवीर रावत ने पुलिस को बयान देते हुए कहा था की अजब सिंह पर गांव के ही 12 लोगों ने हमला किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोन पुलिस ने तत्काल हत्या के प्रयास की FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सभी 12 आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने घटना में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। जो पुलिस ने टेक्निकल एविडेंस तलाशे तो फिर अजब सिंह को गोली लगने की फर्जी कहानी का खुलासा हो गया। दरअसल अजब सिंह के पास अवैध हथियार था एक हादसे में अजब सिंह को गोली लग गई थी। इस घटना के बाद अजब सिंह उसके साथी नितेश और रघुवीर रावत ने मिलकर इस घटना में विरोधियों को फसाने की साजिश रच ली। और फिर गांव के ही 12 लोगों के नाम हमलावरों के रूप में लिखवा दिया। इस सभी को पुराने मामले में राजीनामा करने के लिए अजब सिंह और उनके साथियों ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जब अजब सिंह नितेश और रघुवीर के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें साज़िश की बातचीत रिकॉर्ड हुई। उसी के आधार पर पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया और मामले का खुलासा कर दिया। बाइट- धर्मवीर सिंह यादव, SSP ग्वालियर
। ग्वालियर बन्हेरी सरपंच विक्रम रावत मर्डर कांड, मर्डर कांड के गवाह पर हमला का मामला गवाह पर हमले की कहानी निकली फर्जी दुश्मन को फंसाने के लिए गवाह ने रची साज़िश खुद को गोली मार दुश्मन पर लगाया हमले का आरोप पुलिस ने जांच कर फर्जी कहानी का खुलासा किया बनहेरी सरपंच विक्रम रावत हत्याकांड मामले के एक गवाह पर हुए जानलेवा हमले की कहानी फर्जी निकली है। दरअसल सरपंच हत्याकांड के गवाह ने दुश्मनों को फसाने के लिए खुद को गोली मरवाई और उसके बाद दुश्मनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने फर्जी कहानी का भंडाफोड़ कर फरियादी को ही आरोपी बनाकर के दर्ज कर लिया। वीओ- ग्वालियर के आरोन थाना क्षेत्र में बनहेरी गांव में रहने वाले अजब सिंह रावत को 3 फरवरी की रात गोली लगी थी जिसे गंभीर हालत में ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया था। अजब सिंह के साथी नितेश और रघुवीर रावत ने पुलिस को बयान देते हुए कहा था की अजब सिंह पर गांव के ही 12 लोगों ने हमला किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोन पुलिस ने तत्काल हत्या के प्रयास की FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सभी 12 आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने घटना में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। जो पुलिस ने टेक्निकल एविडेंस तलाशे तो फिर अजब सिंह को गोली लगने की फर्जी कहानी का खुलासा हो गया। दरअसल अजब सिंह के पास अवैध हथियार था एक हादसे में अजब सिंह को गोली लग गई थी। इस घटना के बाद अजब सिंह उसके साथी नितेश और रघुवीर रावत ने मिलकर इस घटना में विरोधियों को फसाने की साजिश रच ली। और फिर गांव के ही 12 लोगों के नाम हमलावरों के रूप में लिखवा दिया। इस सभी को पुराने मामले में राजीनामा करने के लिए अजब सिंह और उनके साथियों ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जब अजब सिंह नितेश और रघुवीर के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें साज़िश की बातचीत रिकॉर्ड हुई। उसी के आधार पर पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया और मामले का खुलासा कर दिया। बाइट- धर्मवीर सिंह यादव, SSP
ग्वालियर । ग्वालियर बन्हेरी सरपंच विक्रम रावत मर्डर कांड, मर्डर कांड के गवाह पर हमला का मामला गवाह पर हमले की कहानी निकली फर्जी दुश्मन को फंसाने के लिए गवाह ने रची साज़िश खुद को गोली मार दुश्मन पर लगाया हमले का आरोप पुलिस ने जांच कर फर्जी कहानी का खुलासा किया बनहेरी सरपंच विक्रम रावत हत्याकांड मामले के एक गवाह पर हुए जानलेवा हमले की कहानी फर्जी निकली है। दरअसल सरपंच हत्याकांड के गवाह ने दुश्मनों को फसाने के लिए खुद को गोली मरवाई और उसके बाद दुश्मनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने फर्जी कहानी का भंडाफोड़ कर फरियादी को ही आरोपी बनाकर के दर्ज कर लिया। वीओ- ग्वालियर के आरोन थाना क्षेत्र में बनहेरी गांव में रहने वाले अजब सिंह रावत को 3 फरवरी की रात गोली लगी थी जिसे गंभीर हालत में ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया था। अजब सिंह के साथी नितेश और रघुवीर रावत ने पुलिस को बयान देते हुए कहा था की अजब सिंह पर गांव के ही 12 लोगों ने हमला किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोन पुलिस ने तत्काल हत्या के प्रयास की FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सभी 12 आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने घटना में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। जो पुलिस ने टेक्निकल एविडेंस तलाशे तो फिर अजब सिंह को गोली लगने की फर्जी कहानी का खुलासा हो गया। दरअसल अजब सिंह के पास अवैध हथियार था एक हादसे में अजब सिंह को गोली लग गई थी। इस घटना के बाद अजब सिंह उसके साथी नितेश और रघुवीर रावत ने मिलकर इस घटना में विरोधियों को फसाने की साजिश रच ली। और फिर गांव के ही 12 लोगों के नाम हमलावरों के रूप में लिखवा दिया। इस सभी को पुराने मामले में राजीनामा करने के लिए अजब सिंह और उनके साथियों ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जब अजब सिंह नितेश और रघुवीर के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें साज़िश की बातचीत रिकॉर्ड हुई। उसी के आधार पर पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया और मामले का खुलासा कर दिया। बाइट- धर्मवीर सिंह यादव, SSP ग्वालियर
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- । ग्वालियर बन्हेरी सरपंच विक्रम रावत मर्डर कांड, मर्डर कांड के गवाह पर हमला का मामला गवाह पर हमले की कहानी निकली फर्जी दुश्मन को फंसाने के लिए गवाह ने रची साज़िश खुद को गोली मार दुश्मन पर लगाया हमले का आरोप पुलिस ने जांच कर फर्जी कहानी का खुलासा किया बनहेरी सरपंच विक्रम रावत हत्याकांड मामले के एक गवाह पर हुए जानलेवा हमले की कहानी फर्जी निकली है। दरअसल सरपंच हत्याकांड के गवाह ने दुश्मनों को फसाने के लिए खुद को गोली मरवाई और उसके बाद दुश्मनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने फर्जी कहानी का भंडाफोड़ कर फरियादी को ही आरोपी बनाकर के दर्ज कर लिया। वीओ- ग्वालियर के आरोन थाना क्षेत्र में बनहेरी गांव में रहने वाले अजब सिंह रावत को 3 फरवरी की रात गोली लगी थी जिसे गंभीर हालत में ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया था। अजब सिंह के साथी नितेश और रघुवीर रावत ने पुलिस को बयान देते हुए कहा था की अजब सिंह पर गांव के ही 12 लोगों ने हमला किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोन पुलिस ने तत्काल हत्या के प्रयास की FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सभी 12 आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने घटना में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। जो पुलिस ने टेक्निकल एविडेंस तलाशे तो फिर अजब सिंह को गोली लगने की फर्जी कहानी का खुलासा हो गया। दरअसल अजब सिंह के पास अवैध हथियार था एक हादसे में अजब सिंह को गोली लग गई थी। इस घटना के बाद अजब सिंह उसके साथी नितेश और रघुवीर रावत ने मिलकर इस घटना में विरोधियों को फसाने की साजिश रच ली। और फिर गांव के ही 12 लोगों के नाम हमलावरों के रूप में लिखवा दिया। इस सभी को पुराने मामले में राजीनामा करने के लिए अजब सिंह और उनके साथियों ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जब अजब सिंह नितेश और रघुवीर के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें साज़िश की बातचीत रिकॉर्ड हुई। उसी के आधार पर पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया और मामले का खुलासा कर दिया। बाइट- धर्मवीर सिंह यादव, SSP ग्वालियर2
- स्यावनी खास क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात। जनपद पंचायत पलेरा , जिला टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत स्यावनी खास में अनुसूचित जाति के बच्चों के निवास हेतु 50 सीटर प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास निर्माण के लिए ₹499.78 लाख (लगभग 5 करोड़ रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होना क्षेत्र के लिए गर्व और खुशी का विषय है। यह छात्रावास गरीब, जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर आवास, शिक्षा के अनुकूल वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में नई राह देगा। माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी एवं विभागीय मंत्री जी केएवम भारतीय जनता पार्टी की सरकार के प्रति मेरी ओर से हार्दिक आभार। साथ ही क्षेत्र की समस्त जनता को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।2
- Post by Rajeev Tiwari2
- ललिता यादव की कुछ बातें उनकी जुबानी चैत्र नवरात्रि पर जय श्री राम 🚩🚩🙏🙏🙏1
- Post by Jatin Rai1
- छतरपुर में चुरहट विधानसभा से विधायक और मध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया का भव्य स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता शिव सिंह यादव द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। राहुल भैया के इस दौरे को लेकर छतरपुर में सियासी माहौल भी गरमा गया है। इस वीडियो में देखिए पूरा कार्यक्रम, स्वागत और राहुल भैया की खास बातें। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल Ankit Speaks को सब्सक्राइब करना न भूलें।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1