कुण्डल सीएचसी की बदहाल स्थिति एक बार फिर देखने को मिली एक वैकल्पिक डॉक्टर के भरोसे 300 से ज्यादा मरीज स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम की पोल खुलती नज़र आ रही हैं। दौसा CMHO सीताराम मीणा ने मौके पर दो बार आने के बाद भी नहीं सुधर पाई व्यवस्थाएं दौसा। कुण्डल CHC में सफाई व्यवस्था हुईं ठप ,स्टाफ के पद पड़े हुए हैं खाली, हीटवेव वार्ड में भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रियलिटी चेक में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल कुण्डल सीएचसी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर से सुर्खियों 300 से ज्यादा ओपीडी,एक डॉक्टर के भरोसे इलाज 6 डॉक्टरों के पद खाली,नर्सिंग स्टाफ में भी कमी अस्पताल परिसर में गंदगी और खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट एक्सपायरी दवाएं मिलने से स्वास्थ्य विभाग पर खड़ा हो रहा हैं सवाल आखिरकार इन सब का जिम्मेदार कौन.... हीटवेव वार्ड में ना तो कोई पानी व्यवस्था, न ही बेडशीट, और कूलर भी बंद जिसका पलक भी निकला हुआ और न ही कोई एंबुलेंस चालक के बिना बनी एंबुलेंस शोपीस ग्रामीणों को ईलाज के लिए दौसा जिला चिकित्सालय जाना पड़ रहा दौसा जिले के कुण्डल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की जमीनी हकीकत ने तो सरकारी स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार भले ही स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सतर्क नजर आ रही हो, लेकिन धरातल स्तर पर हालात बिल्कुल उलटे दिखाई दे रहे हैं। कुण्डल सीएचसी अस्पताल की अव्यवस्थाएं खुलकर सामने आ रही हैं । अस्पताल में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी होने के बावजूद पूरे अस्पताल का संचालन केवल एक वैकल्पिक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। यहां स्वीकृत 6 डॉक्टरों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ में भी कमी बनी हुई है। जब संवाददाता ने मौजूद डाक्टर से सरकारी योजना अस्पताल में क्या मिलने जानकारी पूछी तो मौजूद वैकल्पिक तौर पर लगाएं गए डाक्टर साहब कुछ जवाब नहीं दे पाए अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। भवन के पीछे खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट और गंदगी के ढेर यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार अवस्था में है। इतना ही नहीं, एक्सपायरी डेट की दवाएं भी अस्पताल में पाई गईं, जो मरीजों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ देखने का मामला है। स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब हीटवेव जैसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए बनाए गए वार्ड की हकीकत सामने आती है। वार्ड में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है, न साफ-सफाई, न ही बेड पर चादरें। कूलर भी बंद हालत में पाए गए पलक भी बोर्ड में नहीं लगे हुए मिले। यह सब तब है जब सरकार ने हीटवेव को लेकर स्पष्ट एडवाइजरी जारी कर अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे। अस्पताल परिसर में शराब की खाली बोतलों का मिलना भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। विधायक मुरारी लाल मीणा के कोटे से मिली कुण्डल CHC को एक नई एंबुलेंस चालक की नियुक्ति के अभाव में केवल शोपीस बनकर खड़ी है। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को ईलाज के लिए मजबूरन दौसा जिला चिकित्सालय का रुख करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों जैसे फिजीशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कुण्डल सीएचसी की यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देते हैं और कब तक इस कुण्डल CHC अस्पताल की हालत सुधरती है या नहीं। ये तो आने वाला वक्त बतायेगा .....
कुण्डल सीएचसी की बदहाल स्थिति एक बार फिर देखने को मिली एक वैकल्पिक डॉक्टर के भरोसे 300 से ज्यादा मरीज स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम की पोल खुलती नज़र आ रही हैं। दौसा CMHO सीताराम मीणा ने मौके पर दो बार आने के बाद भी नहीं सुधर पाई व्यवस्थाएं दौसा। कुण्डल CHC में सफाई व्यवस्था हुईं ठप ,स्टाफ के पद पड़े हुए हैं खाली, हीटवेव वार्ड में भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रियलिटी चेक में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल कुण्डल सीएचसी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर से सुर्खियों 300 से ज्यादा ओपीडी,एक डॉक्टर के भरोसे इलाज 6 डॉक्टरों के पद खाली,नर्सिंग स्टाफ में भी कमी अस्पताल परिसर में गंदगी और खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट एक्सपायरी दवाएं मिलने से स्वास्थ्य विभाग पर खड़ा हो रहा हैं सवाल आखिरकार इन सब का जिम्मेदार कौन.... हीटवेव वार्ड में ना तो कोई पानी व्यवस्था, न ही बेडशीट, और कूलर भी बंद जिसका पलक भी निकला हुआ और न
ही कोई एंबुलेंस चालक के बिना बनी एंबुलेंस शोपीस ग्रामीणों को ईलाज के लिए दौसा जिला चिकित्सालय जाना पड़ रहा दौसा जिले के कुण्डल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की जमीनी हकीकत ने तो सरकारी स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार भले ही स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सतर्क नजर आ रही हो, लेकिन धरातल स्तर पर हालात बिल्कुल उलटे दिखाई दे रहे हैं। कुण्डल सीएचसी अस्पताल की अव्यवस्थाएं खुलकर सामने आ रही हैं । अस्पताल में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी होने के बावजूद पूरे अस्पताल का संचालन केवल एक वैकल्पिक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। यहां स्वीकृत 6 डॉक्टरों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ में भी कमी बनी हुई है। जब संवाददाता ने मौजूद डाक्टर से सरकारी योजना अस्पताल में क्या मिलने जानकारी पूछी तो मौजूद वैकल्पिक तौर पर लगाएं गए डाक्टर साहब कुछ जवाब
नहीं दे पाए अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। भवन के पीछे खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट और गंदगी के ढेर यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार अवस्था में है। इतना ही नहीं, एक्सपायरी डेट की दवाएं भी अस्पताल में पाई गईं, जो मरीजों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ देखने का मामला है। स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब हीटवेव जैसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए बनाए गए वार्ड की हकीकत सामने आती है। वार्ड में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है, न साफ-सफाई, न ही बेड पर चादरें। कूलर भी बंद हालत में पाए गए पलक भी बोर्ड में नहीं लगे हुए मिले। यह सब तब है जब सरकार ने हीटवेव को लेकर स्पष्ट एडवाइजरी जारी कर अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे। अस्पताल परिसर में शराब की खाली बोतलों का मिलना भी व्यवस्थाओं
पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। विधायक मुरारी लाल मीणा के कोटे से मिली कुण्डल CHC को एक नई एंबुलेंस चालक की नियुक्ति के अभाव में केवल शोपीस बनकर खड़ी है। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को ईलाज के लिए मजबूरन दौसा जिला चिकित्सालय का रुख करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों जैसे फिजीशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कुण्डल सीएचसी की यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देते हैं और कब तक इस कुण्डल CHC अस्पताल की हालत सुधरती है या नहीं। ये तो आने वाला वक्त बतायेगा .....
- कुण्डल सीएचसी की बदहाल स्थिति एक बार फिर देखने को मिली एक वैकल्पिक डॉक्टर के भरोसे 300 से ज्यादा मरीज स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम की पोल खुलती नज़र आ रही हैं। दौसा CMHO सीताराम मीणा ने मौके पर दो बार आने के बाद भी नहीं सुधर पाई व्यवस्थाएं दौसा। कुण्डल CHC में सफाई व्यवस्था हुईं ठप ,स्टाफ के पद पड़े हुए हैं खाली, हीटवेव वार्ड में भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रियलिटी चेक में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल कुण्डल सीएचसी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर से सुर्खियों 300 से ज्यादा ओपीडी,एक डॉक्टर के भरोसे इलाज 6 डॉक्टरों के पद खाली,नर्सिंग स्टाफ में भी कमी अस्पताल परिसर में गंदगी और खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट एक्सपायरी दवाएं मिलने से स्वास्थ्य विभाग पर खड़ा हो रहा हैं सवाल आखिरकार इन सब का जिम्मेदार कौन.... हीटवेव वार्ड में ना तो कोई पानी व्यवस्था, न ही बेडशीट, और कूलर भी बंद जिसका पलक भी निकला हुआ और न ही कोई एंबुलेंस चालक के बिना बनी एंबुलेंस शोपीस ग्रामीणों को ईलाज के लिए दौसा जिला चिकित्सालय जाना पड़ रहा दौसा जिले के कुण्डल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की जमीनी हकीकत ने तो सरकारी स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार भले ही स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सतर्क नजर आ रही हो, लेकिन धरातल स्तर पर हालात बिल्कुल उलटे दिखाई दे रहे हैं। कुण्डल सीएचसी अस्पताल की अव्यवस्थाएं खुलकर सामने आ रही हैं । अस्पताल में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी होने के बावजूद पूरे अस्पताल का संचालन केवल एक वैकल्पिक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। यहां स्वीकृत 6 डॉक्टरों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ में भी कमी बनी हुई है। जब संवाददाता ने मौजूद डाक्टर से सरकारी योजना अस्पताल में क्या मिलने जानकारी पूछी तो मौजूद वैकल्पिक तौर पर लगाएं गए डाक्टर साहब कुछ जवाब नहीं दे पाए अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। भवन के पीछे खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट और गंदगी के ढेर यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार अवस्था में है। इतना ही नहीं, एक्सपायरी डेट की दवाएं भी अस्पताल में पाई गईं, जो मरीजों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ देखने का मामला है। स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब हीटवेव जैसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए बनाए गए वार्ड की हकीकत सामने आती है। वार्ड में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है, न साफ-सफाई, न ही बेड पर चादरें। कूलर भी बंद हालत में पाए गए पलक भी बोर्ड में नहीं लगे हुए मिले। यह सब तब है जब सरकार ने हीटवेव को लेकर स्पष्ट एडवाइजरी जारी कर अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे। अस्पताल परिसर में शराब की खाली बोतलों का मिलना भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। विधायक मुरारी लाल मीणा के कोटे से मिली कुण्डल CHC को एक नई एंबुलेंस चालक की नियुक्ति के अभाव में केवल शोपीस बनकर खड़ी है। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को ईलाज के लिए मजबूरन दौसा जिला चिकित्सालय का रुख करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों जैसे फिजीशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कुण्डल सीएचसी की यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देते हैं और कब तक इस कुण्डल CHC अस्पताल की हालत सुधरती है या नहीं। ये तो आने वाला वक्त बतायेगा .....4
- दौसा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय आवासीय योजना के 999 भूखंडों के लिए कुल 6270 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आमजन के जबरदस्त उत्साह को देखते हुए भूखंडों की श्रेणीवार संख्या में संशोधन किया गया है। ई-लॉटरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही आवंटन की तारीखें घोषित की जाएंगी।2
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक ट्रैफिक मार्शल पर अत्याचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घटना का वीडियो वायरल होने से लोगों में आक्रोश है और पुलिस कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- राजस्थान के दौसा स्थित खड़का स्कूल में निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जिससे ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शिक्षकों पर फर्जी हाजिरी, कर्तव्य में लापरवाही और स्कूल के पेड़ बेचकर धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने दोषी शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कार्रवाई न होने तक बच्चों का नामांकन न कराने की चेतावनी दी है।3
- जयपुर के बस्सी में एक ससुराल के शादी समारोह में कई लोग शामिल हुए। इस दौरान कुछ ऐसे पल देखने को मिले, जिनकी खूब चर्चा हो रही है।1
- लालसोट में चर्चित धर्मेंद्र मीणा गोलीकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने आज उनका जुलूस निकाला। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में आक्रोश और राहत दोनों दिखे। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने व जनता में विश्वास बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया।1
- लालसोट में दिनदहाड़े गोलीकांड: तीन आरोपी मौके पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण दिनदहाड़े गोलीकांड: तीन आरोपी मौके पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण लालसोट में 10 अप्रैल के गोलीकांड में आरोपी चेतराम उर्फ राहुल खटाणा, देशराज उर्फ देशू गुर्जर और धर्मेंद्र उर्फ कल्लू उर्फ राज बिनोरा को पुलिस ने घटना स्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया। तीनों को कोर्ट में पेश कर 8 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। हथियारों की बरामदगी व जांच जारी है।4
- प्रयागराज की हंडिया तहसील में एक शादी समारोह में बनारसी पान का विशेष इंतजाम किया गया। मेहमानों ने इसके स्वाद की खूब तारीफ की, जिसने शादी की रौनक और बढ़ा दी।1