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मुंगेली जिले के ठेका नवागांव निवासी 25 वर्षीय शुभम खांडे 9 जून 2026 से लापता हैं। उनके परिवार और परिचित लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं। परिजनों ने आम लोगों से शुभम की तलाश में मदद की अपील की है। यदि किसी भी व्यक्ति को शुभम खांडे के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे कृपया 9238097362 या 9617818632 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। परिवार ने लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया है ताकि शुभम अपने परिवार के पास सुरक्षित पहुँच सकें।

1 hr ago
user_CG RIGHT TIMES NEWS
CG RIGHT TIMES NEWS
पत्रकार Pathariya, Mungeli•
1 hr ago

मुंगेली जिले के ठेका नवागांव निवासी 25 वर्षीय शुभम खांडे 9 जून 2026 से लापता हैं। उनके परिवार और परिचित लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं। परिजनों ने आम लोगों से शुभम की तलाश में मदद की अपील की है। यदि किसी भी व्यक्ति को शुभम खांडे के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे कृपया 9238097362 या 9617818632 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। परिवार ने लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया है ताकि शुभम अपने परिवार के पास सुरक्षित पहुँच सकें।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
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    सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया।

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
    user_POWER NEWS 24 BHARAT
    POWER NEWS 24 BHARAT
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलारी में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने भाजपा सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। भूपेश बघेल ने दावा किया कि किसान सोसायटियों में खाद के लिए परेशान हैं, जबकि खुले बाजार में वही खाद अधिक कीमत पर उपलब्ध हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे फसलों की उपज प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं है, तो बाजार में खाद कैसे पहुंच रही है। बघेल ने बताया कि लगभग 1350 रुपये में मिलने वाली खाद किसानों को बाजार में 1900 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और कृषि कार्यों के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। बघेल ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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    छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलारी में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने भाजपा सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रही है।

भूपेश बघेल ने दावा किया कि किसान सोसायटियों में खाद के लिए परेशान हैं, जबकि खुले बाजार में वही खाद अधिक कीमत पर उपलब्ध हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे फसलों की उपज प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं है, तो बाजार में खाद कैसे पहुंच रही है। बघेल ने बताया कि लगभग 1350 रुपये में मिलने वाली खाद किसानों को बाजार में 1900 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और कृषि कार्यों के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। बघेल ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
    user_Kishor Banjare
    Kishor Banjare
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • बिलासपुर में आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट मालिकों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया है। मंच ने बताया कि बिलासपुर में 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन और हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, वे अक्सर कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इसके अतिरिक्त, कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी और अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो, और सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग की गई है। मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।
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    बिलासपुर में आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट मालिकों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया है।

मंच ने बताया कि बिलासपुर में 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन और हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, वे अक्सर कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इसके अतिरिक्त, कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है।

मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी और अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो, और सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग की गई है। मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
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    छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नशे की हालत में वाहन चला रहे एक कार चालक और एक ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 16 जून 2026 को चलाए गए विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान, कार क्रमांक CG 07 BQ 9988 और ट्रैक्टर क्रमांक CG 04 PM 4238 के चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 185 के तहत न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय ने दोनों चालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस ने दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने आम नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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    रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नशे की हालत में वाहन चला रहे एक कार चालक और एक ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 16 जून 2026 को चलाए गए विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान, कार क्रमांक CG 07 BQ 9988 और ट्रैक्टर क्रमांक CG 04 PM 4238 के चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया।

पुलिस ने दोनों चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 185 के तहत न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय ने दोनों चालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस ने दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया है।

तिल्दा-नेवरा पुलिस ने आम नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
    user_जय जोहार छत्तीसगढ़'केसरिया हिंदुस्तान' press
    जय जोहार छत्तीसगढ़'केसरिया हिंदुस्तान' press
    Journalist टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • Post by Rajesh mishra
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    Post by Rajesh mishra
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलारी पहुँचने पर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहाँ लोगों ने "काका जिंदा है" के नारे भी लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मदन राम ठेठवार की प्रतिमा का विधिवत अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान देश के लिए प्रेरणास्रोत है और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष एवं त्याग से सीख लेनी चाहिए। इसी कार्यक्रम में कसडोल विधानसभा के विधायक संदीप साहू का जन्मदिन भी उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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    छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलारी पहुँचने पर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहाँ लोगों ने "काका जिंदा है" के नारे भी लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

कार्यक्रम के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मदन राम ठेठवार की प्रतिमा का विधिवत अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान देश के लिए प्रेरणास्रोत है और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष एवं त्याग से सीख लेनी चाहिए। इसी कार्यक्रम में कसडोल विधानसभा के विधायक संदीप साहू का जन्मदिन भी उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
    user_Kishor Banjare
    Kishor Banjare
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • रायगढ़ पुलिस ने जिले में नकली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत फरार मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। ग्राम धनागर में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद, पुलिस अब इस संगठित गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में, बुधवार को पुलिस टीम ने आरोपी के विकास नगर स्थित निवास पर पहुंचकर विधिसम्मत नोटिस चस्पा किया और उसे तीन दिनों के भीतर कोतरारोड़ थाना में उपस्थित होने का निर्देश दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जब पुलिस विकास नगर गली नंबर-3 स्थित उसके मकान पहुंची, तो घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि विनय सिंह ठाकुर और उसके परिजन कई दिनों से घर पर नहीं हैं। इसके बाद, पुलिस ने नियमानुसार मकान के प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। उल्लेखनीय है कि 8 जून 2026 की रात को रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में संचालित नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। इस कार्रवाई के दौरान, लगभग 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, फर्जी लेबल, नकली होलोग्राम, तथा शराब निर्माण और पैकेजिंग में उपयोग होने वाली सामग्री बरामद की गई थी। मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर लंबे समय से नकली शराब का कारोबार चला रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह फार्म हाउस में बड़ी मात्रा में शराब का भंडारण करके उसमें स्प्रिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाता था। शराब का रंग फीका पड़ने पर उसमें चायपत्ती का रंग मिलाकर उसे असली शराब जैसा बनाया जाता था। इसके बाद, नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में इसकी बिक्री की जाती थी। पुलिस ने पहले ही सुभाष पटेल को गिरफ्तार कर शराब निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, एल्यूमिनियम डेगची और बड़ी संख्या में खाली बोतलें बरामद की थीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के माध्यम से आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि नकली शराब का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी उपाय किए जा रहे हैं, आवश्यकता पड़ने पर उसकी संपत्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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    रायगढ़ पुलिस ने जिले में नकली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत फरार मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। ग्राम धनागर में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद, पुलिस अब इस संगठित गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में, बुधवार को पुलिस टीम ने आरोपी के विकास नगर स्थित निवास पर पहुंचकर विधिसम्मत नोटिस चस्पा किया और उसे तीन दिनों के भीतर कोतरारोड़ थाना में उपस्थित होने का निर्देश दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जब पुलिस विकास नगर गली नंबर-3 स्थित उसके मकान पहुंची, तो घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि विनय सिंह ठाकुर और उसके परिजन कई दिनों से घर पर नहीं हैं। इसके बाद, पुलिस ने नियमानुसार मकान के प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की।

उल्लेखनीय है कि 8 जून 2026 की रात को रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में संचालित नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। इस कार्रवाई के दौरान, लगभग 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, फर्जी लेबल, नकली होलोग्राम, तथा शराब निर्माण और पैकेजिंग में उपयोग होने वाली सामग्री बरामद की गई थी। मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर लंबे समय से नकली शराब का कारोबार चला रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह फार्म हाउस में बड़ी मात्रा में शराब का भंडारण करके उसमें स्प्रिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाता था। शराब का रंग फीका पड़ने पर उसमें चायपत्ती का रंग मिलाकर उसे असली शराब जैसा बनाया जाता था। इसके बाद, नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में इसकी बिक्री की जाती थी। पुलिस ने पहले ही सुभाष पटेल को गिरफ्तार कर शराब निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, एल्यूमिनियम डेगची और बड़ी संख्या में खाली बोतलें बरामद की थीं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के माध्यम से आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि नकली शराब का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी उपाय किए जा रहे हैं, आवश्यकता पड़ने पर उसकी संपत्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • बढ़ती बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित CSEB जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ पर नाराजगी जाहिर करते हुए बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है और खाद्य सामग्री, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने CSEB कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, पानी और महंगाई जैसी जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं के खिलाफ एक जनआवाज है। उनके अनुसार, इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव बना और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत देना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
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    बढ़ती बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित CSEB जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ पर नाराजगी जाहिर करते हुए बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है और खाद्य सामग्री, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने CSEB कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, पानी और महंगाई जैसी जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं के खिलाफ एक जनआवाज है। उनके अनुसार, इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव बना और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत देना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
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