छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
- बढ़ती बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित CSEB जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ पर नाराजगी जाहिर करते हुए बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है और खाद्य सामग्री, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने CSEB कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, पानी और महंगाई जैसी जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं के खिलाफ एक जनआवाज है। उनके अनुसार, इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव बना और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत देना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।4
- केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मंगलवार को बोदरी स्थित सांस्कृतिक भवन में एक विशेष पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। नई दुनिया प्रतिनिधि अमित दीक्षित जी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस शिविर में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया और योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ अपना पंजीकरण भी करवाया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित, चकरभाटा-बिल्हा वितरण केंद्र, बिलासपुर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उपस्थित लोगों को योजना के लाभ, सब्सिडी की प्रक्रिया और सोलर रूफटॉप स्थापना के संबंध में पूरी जानकारी प्रदान की। शिविर में जूनियर इंजीनियर (JE) अनुराग सोनी, टीडी (TD) रामानंद शर्मा और टीडी (TD) गौरी शंकर भारद्वाज विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने लोगों को इस योजना से अधिक से अधिक जुड़ने और अपने घरों में सौर ऊर्जा अपनाकर बिजली बिलों में राहत पाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना है। शिविर में उपस्थित लोगों ने इस योजना के प्रति अत्यधिक उत्साह दिखाया और बड़ी संख्या में पंजीकरण करवाया। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह के जन जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की मांग की, ताकि छत्तीसगढ़ मुफ्त बिजली की दिशा में और आगे बढ़ सके।1
- Post by Rajesh mishra3
- बच्चों को स्कूल आकर सभी कक्षाओं में पढ़ने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यह बुलावा विशेष रूप से कक्षा 1 से लेकर कक्षा 11 तक के छात्रों के लिए है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।1
- एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जनपद पंचायत के एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई।1
- रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नशे की हालत में वाहन चला रहे एक कार चालक और एक ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 16 जून 2026 को चलाए गए विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान, कार क्रमांक CG 07 BQ 9988 और ट्रैक्टर क्रमांक CG 04 PM 4238 के चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 185 के तहत न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय ने दोनों चालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस ने दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया है। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने आम नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।1
- बिलासपुर जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल इन दिनों सक्रियता से जनता की समस्याओं के समाधान में लगे हैं। मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में उन्होंने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के आवेदकों से सीधे फोन पर बात कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इसी जनदर्शन के दौरान एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई, जिसने सभी को भावुक कर दिया। जनदर्शन समाप्त होने के बाद जब कलेक्टर संजय अग्रवाल अपने कार्यालय जा रहे थे, तब उनकी नज़र जनदर्शन कक्ष के बाहर बैठी एक युवती पर पड़ी, जो दोनों पैरों से 90 प्रतिशत दिव्यांग थी। कलेक्टर ने तत्काल उसके पास पहुँचकर समस्या सुनी। युवती ने बताया कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उसने कॉलेज की शिक्षा पूरी कर ली है और आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती है, लेकिन आवागमन की सुविधा न होने के कारण उसे प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उसने दिव्यांगजन योजना के तहत स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग की। युवती के संघर्ष और जज्बे को सुनकर कलेक्टर संजय अग्रवाल भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल समाज कल्याण विभाग के उप संचालक तिलकेश भावे को मौके पर बुलाकर पूरे मामले की जांच करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने युवती से उसकी आगे की पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और अन्य आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली तथा शिक्षा सहित सभी आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की पूरे दिन चर्चा होती रही, और लोगों ने इसे प्रशासन के मानवीय और जवाबदेह चेहरे का उदाहरण बताया। दिव्यांग युवती ने भी कलेक्टर का आभार व्यक्त करते हुए स्कूटी मिलने और शिक्षा व दैनिक जीवन के आसान होने की उम्मीद जताई। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों को लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 21 जून को बहतराई स्टेडियम में होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।3
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा बलौदाबाजार के नगर भवन में तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। 16 से 18 जून तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का शुभारंभ 17 जून 2026 को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने किया। यह प्रदर्शनी केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और राष्ट्र निर्माण की उपलब्धियों को आकर्षक चित्रों व जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित कर रही है, जिसका अवलोकन उद्घाटन के अवसर पर जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने किया। उद्घाटन के दौरान गौरीशंकर अग्रवाल ने जोर दिया कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिसमें सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया गया है। उन्होंने प्रदर्शनी को आमजन को केंद्र सरकार की उपलब्धियों और विकास यात्रा से परिचित कराने का एक प्रभावी माध्यम बताया और नागरिकों से प्रदर्शनी देखकर योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना की, यह कहते हुए कि उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाई है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भागीदार बनने का आग्रह किया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम श्री स्कूल, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चित्रों के माध्यम से दर्शाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, आधारभूत संरचना, डिजिटल इंडिया, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से संबंधित उपलब्धियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। योजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी दी जा रही है। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, जिला अध्यक्ष आनंद यादव और टेसू लाल धुरंधर सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री मयंक गुर्जर के निर्देश पर नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत, नॉर्थ जोन क्षेत्रांतर्गत गुढ़ियारी, पण्डरी और उरला पुलिस ने कुल 4 आरोपियों को 13 किलो 451 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए गांजे की कुल कीमत लगभग 6,72,550 रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध खरीदी-बिक्री रोकने के उद्देश्य से की गई, जिसमें पुलिस राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को सूचनाएं जुटाने के निर्देश दिए गए थे। इस अभियान के तहत तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। पहले मामले में, 17 जून 26 को थाना गुढ़ियारी पुलिस टीम ने कबीर चौक स्थित ओवरब्रिज के नीचे से दो अंतर्राज्यीय आरोपी आकाश रायकवाड़ (उम्र 21 साल) और धीरज रायकवाड़ (उम्र 21 साल), दोनों निवासी झांसी, उत्तर प्रदेश, को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 9 किलो 866 ग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 4,93,000 रुपये है। इनके खिलाफ गुढ़ियारी थाने में नारकोटिक एक्ट की धारा 20बी के तहत कार्रवाई की गई है। दूसरे मामले में, 16 जून 26 को थाना पण्डरी पुलिस टीम ने दलदल सिवनी कचरा गोदाम के पास से कमलेश पटेल (उम्र 20 वर्ष) निवासी पण्डरी, रायपुर को गांजा बेचते हुए रंगेहाथ पकड़ा। उसके पास से 2 किलो 285 ग्राम गांजा, जिसकी कीमत लगभग 1,20,000 रुपये है, जब्त किया गया और पण्डरी थाने में धारा 20बी नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। तीसरे मामले में, 16 जून 26 को ही थाना उरला पुलिस टीम ने बीरगांव स्थित बुधवारी बाजार के पास से संतराम निषाद (उम्र 36 साल) निवासी उरला, रायपुर को गांजा बेचते हुए गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 1 किलो 300 ग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 53,000 रुपये है। उरला थाने में उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 272/26 धारा 20बी नारकोटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।1