logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बिलासपुर जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल इन दिनों सक्रियता से जनता की समस्याओं के समाधान में लगे हैं। मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में उन्होंने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के आवेदकों से सीधे फोन पर बात कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इसी जनदर्शन के दौरान एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई, जिसने सभी को भावुक कर दिया। जनदर्शन समाप्त होने के बाद जब कलेक्टर संजय अग्रवाल अपने कार्यालय जा रहे थे, तब उनकी नज़र जनदर्शन कक्ष के बाहर बैठी एक युवती पर पड़ी, जो दोनों पैरों से 90 प्रतिशत दिव्यांग थी। कलेक्टर ने तत्काल उसके पास पहुँचकर समस्या सुनी। युवती ने बताया कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उसने कॉलेज की शिक्षा पूरी कर ली है और आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती है, लेकिन आवागमन की सुविधा न होने के कारण उसे प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उसने दिव्यांगजन योजना के तहत स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग की। युवती के संघर्ष और जज्बे को सुनकर कलेक्टर संजय अग्रवाल भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल समाज कल्याण विभाग के उप संचालक तिलकेश भावे को मौके पर बुलाकर पूरे मामले की जांच करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने युवती से उसकी आगे की पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और अन्य आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली तथा शिक्षा सहित सभी आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की पूरे दिन चर्चा होती रही, और लोगों ने इसे प्रशासन के मानवीय और जवाबदेह चेहरे का उदाहरण बताया। दिव्यांग युवती ने भी कलेक्टर का आभार व्यक्त करते हुए स्कूटी मिलने और शिक्षा व दैनिक जीवन के आसान होने की उम्मीद जताई। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों को लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 21 जून को बहतराई स्टेडियम में होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

1 hr ago
user_Kumar Poptani National Crime N
Kumar Poptani National Crime N
Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

बिलासपुर जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल इन दिनों सक्रियता से जनता की समस्याओं के समाधान में लगे हैं। मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में उन्होंने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के आवेदकों से सीधे फोन पर बात कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इसी जनदर्शन के दौरान एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई, जिसने सभी को भावुक कर दिया। जनदर्शन समाप्त होने के बाद जब कलेक्टर संजय अग्रवाल अपने कार्यालय जा रहे थे, तब उनकी नज़र जनदर्शन कक्ष के बाहर बैठी एक युवती पर पड़ी, जो दोनों पैरों से 90 प्रतिशत दिव्यांग थी। कलेक्टर ने तत्काल उसके पास पहुँचकर समस्या

सुनी। युवती ने बताया कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उसने कॉलेज की शिक्षा पूरी कर ली है और आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती है, लेकिन आवागमन की सुविधा न होने के कारण उसे प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उसने दिव्यांगजन योजना के तहत स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग की। युवती के संघर्ष और जज्बे को सुनकर कलेक्टर संजय अग्रवाल भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल समाज कल्याण विभाग के उप संचालक तिलकेश भावे को मौके पर बुलाकर पूरे मामले की जांच करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने युवती से उसकी आगे की पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और अन्य आवश्यकताओं के बारे में भी

जानकारी ली तथा शिक्षा सहित सभी आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की पूरे दिन चर्चा होती रही, और लोगों ने इसे प्रशासन के मानवीय और जवाबदेह चेहरे का उदाहरण बताया। दिव्यांग युवती ने भी कलेक्टर का आभार व्यक्त करते हुए स्कूटी मिलने और शिक्षा व दैनिक जीवन के आसान होने की उम्मीद जताई। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों को लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 21 जून को बहतराई स्टेडियम में होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • बिलासपुर में आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट मालिकों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया है। मंच ने बताया कि बिलासपुर में 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन और हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, वे अक्सर कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इसके अतिरिक्त, कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी और अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो, और सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग की गई है। मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।
    1
    बिलासपुर में आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट मालिकों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया है।

मंच ने बताया कि बिलासपुर में 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन और हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, वे अक्सर कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इसके अतिरिक्त, कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है।

मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी और अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो, और सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग की गई है। मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
    1
    छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • बिलासपुर में बिजली बिलों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
    1
    बिलासपुर में बिजली बिलों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग कर रहे थे।

विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मैहर जिले से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक बुजुर्ग ने अपनी जमीन पर कथित अवैध अतिक्रमण का दावा करते हुए बताया कि वह वर्ष 1988 से न्याय पाने के लिए अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन आज तक उसे कोई समाधान नहीं मिला है। अपनी 37 वर्षों से चली आ रही इस लड़ाई में थक-हार कर अब बुजुर्ग सीधे सिस्टम से सवाल पूछ रहा है, "साहब, मैं किस अधिकारी के पास जाऊं? कौन मेरी सुनेगा?" यह घटना आम नागरिकों को दशकों तक न्याय के लिए भटकने की विवशता पर चिंता पैदा करती है, जहाँ आज भी बुजुर्ग को इंसाफ का इंतजार है।
    1
    मध्य प्रदेश के मैहर जिले से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक बुजुर्ग ने अपनी जमीन पर कथित अवैध अतिक्रमण का दावा करते हुए बताया कि वह वर्ष 1988 से न्याय पाने के लिए अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन आज तक उसे कोई समाधान नहीं मिला है।

अपनी 37 वर्षों से चली आ रही इस लड़ाई में थक-हार कर अब बुजुर्ग सीधे सिस्टम से सवाल पूछ रहा है, "साहब, मैं किस अधिकारी के पास जाऊं? कौन मेरी सुनेगा?" यह घटना आम नागरिकों को दशकों तक न्याय के लिए भटकने की विवशता पर चिंता पैदा करती है, जहाँ आज भी बुजुर्ग को इंसाफ का इंतजार है।
    user_POWER NEWS 24 BHARAT
    POWER NEWS 24 BHARAT
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • बिलासपुर जिले की हिर्री पुलिस ने गैरेज यार्ड से ट्रक के टायर चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस द्वारा बुधवार शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों में ऋषि धीवर (27), संदीप कश्यप (32) और शेखर चंद्राकर (20) शामिल हैं। इनमें ऋषि धीवर सेमरताल, कोनी थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि संदीप कश्यप और शेखर चंद्राकर दोनों गढ़वट, रतनपुर थाना क्षेत्र, बिलासपुर के निवासी हैं। यह मामला तब सामने आया जब प्रार्थी दीपक सिंह मरकाम ने हिर्री थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन के मुताबिक, 9 जून 2026 की रात 8 बजे से 10 जून 2026 की सुबह 9 बजे के बीच ग्राम झल्फा स्थित विश्वकर्मा गैरेज में खड़ी एक ट्रक (क्रमांक CG 04 PII 0757) के डिस्क सहित 9/20 साइज के कुल 4 नग टायर चोरी हो गए थे, जिनकी कीमत 80 हजार रुपये आंकी गई है। प्रथम दृष्टया धारा 303 (2) बीएनएस के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान, बिलासपुर के उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्रीमती नूपुर उपाध्याय से मिले आवश्यक दिशा-निर्देशों पर थाना प्रभारी हिर्री दामोदर मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। 16 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि भोजपुरी टोल प्लाजा के पास तीन लड़के ट्रकों से टायर बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने सूचना की तस्दीक की और तीनों संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की, जिन्होंने जुर्म करना स्वीकार कर लिया। ऋषि धीवर के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पता चला कि उसने 9 जून 2026 की रात अपने दोस्त संदीप कश्यप, शेखर चंद्राकर और मालटन उर्फ मीनू बैसवाड़े (तीनों गढ़बट निवासी) के साथ मिलकर चोरी की थी। 17 जून 2026 को चोरी हुए सभी टायरों को 100 प्रतिशत बरामद कर लिया गया और आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
    1
    बिलासपुर जिले की हिर्री पुलिस ने गैरेज यार्ड से ट्रक के टायर चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस द्वारा बुधवार शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों में ऋषि धीवर (27), संदीप कश्यप (32) और शेखर चंद्राकर (20) शामिल हैं। इनमें ऋषि धीवर सेमरताल, कोनी थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि संदीप कश्यप और शेखर चंद्राकर दोनों गढ़वट, रतनपुर थाना क्षेत्र, बिलासपुर के निवासी हैं।

यह मामला तब सामने आया जब प्रार्थी दीपक सिंह मरकाम ने हिर्री थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन के मुताबिक, 9 जून 2026 की रात 8 बजे से 10 जून 2026 की सुबह 9 बजे के बीच ग्राम झल्फा स्थित विश्वकर्मा गैरेज में खड़ी एक ट्रक (क्रमांक CG 04 PII 0757) के डिस्क सहित 9/20 साइज के कुल 4 नग टायर चोरी हो गए थे, जिनकी कीमत 80 हजार रुपये आंकी गई है। प्रथम दृष्टया धारा 303 (2) बीएनएस के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

विवेचना के दौरान, बिलासपुर के उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्रीमती नूपुर उपाध्याय से मिले आवश्यक दिशा-निर्देशों पर थाना प्रभारी हिर्री दामोदर मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। 16 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि भोजपुरी टोल प्लाजा के पास तीन लड़के ट्रकों से टायर बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने सूचना की तस्दीक की और तीनों संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की, जिन्होंने जुर्म करना स्वीकार कर लिया। ऋषि धीवर के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पता चला कि उसने 9 जून 2026 की रात अपने दोस्त संदीप कश्यप, शेखर चंद्राकर और मालटन उर्फ मीनू बैसवाड़े (तीनों गढ़बट निवासी) के साथ मिलकर चोरी की थी। 17 जून 2026 को चोरी हुए सभी टायरों को 100 प्रतिशत बरामद कर लिया गया और आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    7 hrs ago
  • बिलासपुर के व्यापार विहार इलाके में एक महिला के साथ करोड़ों रुपये की जमीन की रजिस्ट्री बिना कोई भुगतान किए किए जाने का बड़ा धोखा हुआ है। पीड़ित महिला अपनी समस्या लेकर जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट पहुंची थी।
    1
    बिलासपुर के व्यापार विहार इलाके में एक महिला के साथ करोड़ों रुपये की जमीन की रजिस्ट्री बिना कोई भुगतान किए किए जाने का बड़ा धोखा हुआ है। पीड़ित महिला अपनी समस्या लेकर जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट पहुंची थी।
    user_News30live
    News30live
    Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
    9 hrs ago
  • मुंगेली के फास्टरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एसएसपी भोजराम पटेल और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने शिरकत की। इस अवसर पर एसएसपी भोजराम पटेल ने बच्चों को सफलता का मंत्र दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का महत्व समझाया गया। साथ ही, बच्चों में उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें साइकिल, पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए। अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ न्योता भोज में भी भाग लिया, जिससे उनका और भी उत्साहवर्धन हुआ।
    1
    मुंगेली के फास्टरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एसएसपी भोजराम पटेल और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने शिरकत की। इस अवसर पर एसएसपी भोजराम पटेल ने बच्चों को सफलता का मंत्र दिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का महत्व समझाया गया। साथ ही, बच्चों में उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें साइकिल, पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए। अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ न्योता भोज में भी भाग लिया, जिससे उनका और भी उत्साहवर्धन हुआ।
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    20 hrs ago
  • रायगढ़ पुलिस ने जिले में नकली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत फरार मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। ग्राम धनागर में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद, पुलिस अब इस संगठित गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में, बुधवार को पुलिस टीम ने आरोपी के विकास नगर स्थित निवास पर पहुंचकर विधिसम्मत नोटिस चस्पा किया और उसे तीन दिनों के भीतर कोतरारोड़ थाना में उपस्थित होने का निर्देश दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जब पुलिस विकास नगर गली नंबर-3 स्थित उसके मकान पहुंची, तो घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि विनय सिंह ठाकुर और उसके परिजन कई दिनों से घर पर नहीं हैं। इसके बाद, पुलिस ने नियमानुसार मकान के प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। उल्लेखनीय है कि 8 जून 2026 की रात को रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में संचालित नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। इस कार्रवाई के दौरान, लगभग 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, फर्जी लेबल, नकली होलोग्राम, तथा शराब निर्माण और पैकेजिंग में उपयोग होने वाली सामग्री बरामद की गई थी। मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर लंबे समय से नकली शराब का कारोबार चला रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह फार्म हाउस में बड़ी मात्रा में शराब का भंडारण करके उसमें स्प्रिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाता था। शराब का रंग फीका पड़ने पर उसमें चायपत्ती का रंग मिलाकर उसे असली शराब जैसा बनाया जाता था। इसके बाद, नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में इसकी बिक्री की जाती थी। पुलिस ने पहले ही सुभाष पटेल को गिरफ्तार कर शराब निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, एल्यूमिनियम डेगची और बड़ी संख्या में खाली बोतलें बरामद की थीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के माध्यम से आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि नकली शराब का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी उपाय किए जा रहे हैं, आवश्यकता पड़ने पर उसकी संपत्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
    4
    रायगढ़ पुलिस ने जिले में नकली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत फरार मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। ग्राम धनागर में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद, पुलिस अब इस संगठित गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में, बुधवार को पुलिस टीम ने आरोपी के विकास नगर स्थित निवास पर पहुंचकर विधिसम्मत नोटिस चस्पा किया और उसे तीन दिनों के भीतर कोतरारोड़ थाना में उपस्थित होने का निर्देश दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जब पुलिस विकास नगर गली नंबर-3 स्थित उसके मकान पहुंची, तो घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि विनय सिंह ठाकुर और उसके परिजन कई दिनों से घर पर नहीं हैं। इसके बाद, पुलिस ने नियमानुसार मकान के प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की।

उल्लेखनीय है कि 8 जून 2026 की रात को रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में संचालित नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। इस कार्रवाई के दौरान, लगभग 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, फर्जी लेबल, नकली होलोग्राम, तथा शराब निर्माण और पैकेजिंग में उपयोग होने वाली सामग्री बरामद की गई थी। मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर लंबे समय से नकली शराब का कारोबार चला रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह फार्म हाउस में बड़ी मात्रा में शराब का भंडारण करके उसमें स्प्रिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाता था। शराब का रंग फीका पड़ने पर उसमें चायपत्ती का रंग मिलाकर उसे असली शराब जैसा बनाया जाता था। इसके बाद, नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में इसकी बिक्री की जाती थी। पुलिस ने पहले ही सुभाष पटेल को गिरफ्तार कर शराब निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, एल्यूमिनियम डेगची और बड़ी संख्या में खाली बोतलें बरामद की थीं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के माध्यम से आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि नकली शराब का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी उपाय किए जा रहे हैं, आवश्यकता पड़ने पर उसकी संपत्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.