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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
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- कोरबा जिले के कटघोरा में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले चालकों, तीन सवारी बाइक सवारों और नो-एंट्री का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान ऐसे सभी नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर चालानी कार्रवाई की गई।1
- बिलासपुर जिले के रलिया गांव में एनटीपीसी डैम के बैकवॉटर से किसानों की सैकड़ों एकड़ खेती जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। खेतों में लगातार पानी भरा रहने के कारण वे दलदल में तब्दील हो चुके हैं और खेती करना नामुमकिन हो गया है। ट्रैक्टर और कृषि उपकरण भी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों का आरोप है कि इस दलदल में मवेशी भी फंस जाते हैं, जिससे कई जानवरों की मौत हो चुकी है। इससे उन्हें खेती के नुकसान के साथ-साथ पशुधन का भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने कई बार तहसील कार्यालय में आवेदन देकर और प्रशासन से शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की है। हालांकि, उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। किसानों का कहना है कि तहसीलदार हर बार "देखेंगे", "सोचेंगे" और "अगले साल कार्रवाई करेंगे" जैसे जवाब देते हैं, जबकि उनकी समस्या आज भी वैसी ही बनी हुई है। डैम के पानी से उनकी उपजाऊ जमीन बेकार हो रही है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित किसान अब प्रशासन से मुआवजे और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।2
- दिल्ली में एक फोटो खिंचवाने को लेकर शुरू हुई बहस ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला और अन्य लोगों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि बहस के दौरान महिला ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद मामला और अधिक गरमा गया। हालांकि, वायरल वीडियो की पूरी पृष्ठभूमि और सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार, संयम और आपसी सम्मान जैसे विषयों पर एक नई चर्चा छेड़ दी है।1
- बिलासपुर में आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट मालिकों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया है। मंच ने बताया कि बिलासपुर में 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन और हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, वे अक्सर कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इसके अतिरिक्त, कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी और अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो, और सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग की गई है। मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।1
- छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।1
- बिलासपुर में बिजली बिलों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।1
- बिलासपुर जिले की हिर्री पुलिस ने गैरेज यार्ड से ट्रक के टायर चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस द्वारा बुधवार शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों में ऋषि धीवर (27), संदीप कश्यप (32) और शेखर चंद्राकर (20) शामिल हैं। इनमें ऋषि धीवर सेमरताल, कोनी थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि संदीप कश्यप और शेखर चंद्राकर दोनों गढ़वट, रतनपुर थाना क्षेत्र, बिलासपुर के निवासी हैं। यह मामला तब सामने आया जब प्रार्थी दीपक सिंह मरकाम ने हिर्री थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन के मुताबिक, 9 जून 2026 की रात 8 बजे से 10 जून 2026 की सुबह 9 बजे के बीच ग्राम झल्फा स्थित विश्वकर्मा गैरेज में खड़ी एक ट्रक (क्रमांक CG 04 PII 0757) के डिस्क सहित 9/20 साइज के कुल 4 नग टायर चोरी हो गए थे, जिनकी कीमत 80 हजार रुपये आंकी गई है। प्रथम दृष्टया धारा 303 (2) बीएनएस के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान, बिलासपुर के उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा श्रीमती नूपुर उपाध्याय से मिले आवश्यक दिशा-निर्देशों पर थाना प्रभारी हिर्री दामोदर मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। 16 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि भोजपुरी टोल प्लाजा के पास तीन लड़के ट्रकों से टायर बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने सूचना की तस्दीक की और तीनों संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की, जिन्होंने जुर्म करना स्वीकार कर लिया। ऋषि धीवर के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पता चला कि उसने 9 जून 2026 की रात अपने दोस्त संदीप कश्यप, शेखर चंद्राकर और मालटन उर्फ मीनू बैसवाड़े (तीनों गढ़बट निवासी) के साथ मिलकर चोरी की थी। 17 जून 2026 को चोरी हुए सभी टायरों को 100 प्रतिशत बरामद कर लिया गया और आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।1