राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम उपखंड की ग्राम पंचायत अजीतगढ़ में करीब 76 लाख रुपये की लागत से सिंचाई विभाग द्वारा डीएमएफटी फंड से निर्मित पुलिया 2023 में टूट गई थी। यह पुलिया 2022 में थानेटा से सरेलीघाटी और अजीतगढ़ के बीच आवागमन के लिए बनाई गई थी। पुल के टूटने के लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और यह जस की तस हालत में पड़ी है। पुल का पुन:र्निर्माण या मरम्मत नहीं होने के कारण ग्रामीणों को थानेटा सरेलीघाटी से अजीतगढ़ आने-जाने में लगातार समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है, जिनके लिए हरदम हादसे का डर बना रहता है। बारिश का मौसम फिर से करीब आने वाला है, जिससे तालाबों के ओवरफ्लो होने की स्थिति में बच्चों के विद्यालय आने-जाने का एकमात्र रास्ता बंद होने की आशंका है। यह टूटा हुआ पुल सरेलीघाटी को मियाला खेत, परतों का चौड़ा, मियालाखेत चौराया, लसाडिया सहित लगभग आधा दर्जन गांवों से जोड़ता है। ग्रामीणों ने इस समस्या के संदर्भ में कई बार उच्च अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस उपेक्षा से ग्रामीणों में गहरा रोष है और उन्होंने मांग की है कि पुल का जल्द से जल्द पुन:र्निर्माण किया जाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम उपखंड की ग्राम पंचायत अजीतगढ़ में करीब 76 लाख रुपये की लागत से सिंचाई विभाग द्वारा डीएमएफटी फंड से निर्मित पुलिया 2023 में टूट गई थी। यह पुलिया 2022 में थानेटा से सरेलीघाटी और अजीतगढ़ के बीच आवागमन के लिए बनाई गई थी। पुल के टूटने के लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और यह जस की तस हालत में पड़ी है। पुल का पुन:र्निर्माण या मरम्मत नहीं होने के कारण ग्रामीणों को थानेटा सरेलीघाटी से अजीतगढ़ आने-जाने में लगातार समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है, जिनके लिए हरदम हादसे का डर बना रहता है। बारिश का मौसम फिर से करीब आने वाला है, जिससे तालाबों के ओवरफ्लो होने की स्थिति में बच्चों के विद्यालय आने-जाने का एकमात्र रास्ता बंद होने की आशंका है। यह टूटा हुआ पुल सरेलीघाटी को मियाला खेत, परतों का चौड़ा, मियालाखेत चौराया, लसाडिया सहित लगभग आधा दर्जन गांवों से जोड़ता है। ग्रामीणों ने इस समस्या के संदर्भ में कई बार उच्च अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस उपेक्षा से ग्रामीणों में गहरा रोष है और उन्होंने मांग की है कि पुल का जल्द से जल्द पुन:र्निर्माण किया जाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- उन घरों की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है जिन्हें बेहद तकलीफ़ में दिखाया जा रहा है। यह पूछा गया है कि क्या ये घर सरकारी मदद के योग्य हैं और क्या सरकार को उनके निर्माण का कार्य करना चाहिए।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित आसींद कस्बे के नर्सिंग द्वारा में एक भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया गया।1
- खंबा बदलने के लिए यह कार्य किया गया है।1
- ब्यावर पुलिस ने प्रदेशव्यापी “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत 25 मई से 5 जून 2026 तक एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना है, जिसके तहत जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी थानों, पुलिस लाइन और अन्य पुलिस कार्यालयों में विशेष साफ-सफाई की गई। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह से भाग लिया। उन्होंने थाना परिसरों, कार्यालय भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई कार्य किया, साथ ही अनुपयोगी सामग्री और प्लास्टिक कचरे का संग्रहण कर उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया। अभियान के दौरान, अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व और दैनिक जीवन में जल के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दिया, और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने तथा स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। जिला पुलिस अभियान की अवधि में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर रही है, जिसका लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों के प्रति सकारात्मक जागरूकता फैलाना है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे इस जन-अभियान को सफल बनाने के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपना योगदान दें।1
- ब्यावर जिला पुलिस द्वारा प्रदेशव्यापी "वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत एक विशेष स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने बताया कि यह अभियान 25 मई से 5 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी थाना, पुलिस लाइन और अन्य पुलिस कार्यालयों में सफाई कार्य किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने कार्यालय परिसरों, थाना भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की। इस दौरान अनुपयोगी सामग्री और प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करके उसका सही तरीके से निस्तारण भी किया गया। अधिकारियों ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें दैनिक जीवन में पानी का समझदारी से उपयोग करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने स्वच्छता को केवल एक अभियान नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। जिला पुलिस इस अभियान की अवधि में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कई गतिविधियाँ आयोजित कर रही है, ताकि आमजन में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति सकारात्मक जागरूकता पैदा हो सके। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे जल संरक्षण और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर इस पर्यावरण संरक्षण जन-अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दें।4
- आज जयपुर, राजस्थान में बॉलीवुड गायक और अभिनेता कृष्णा वीर गुर्जर ने एक न्यूज़ ऑफिस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह घटना जयपुर में हुई और इस दौरान कृष्णा वीर गुर्जर अपनी पहचान के साथ वहां मौजूद थे।1
- राजस्थान सरकार के 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने पाली जिले के सुमेरपुर में मिलावटी मसालों के अवैध कारोबार के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई की है। इस संयुक्त अभियान में जयपुर मुख्यालय की केंद्रीय टीम और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पाली शामिल थे, जिन्होंने कुल 7 नमूने लिए और 7,990 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी मसाला जब्त किया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) भगवत सिंह और पाली के सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के नेतृत्व में हुई। प्राप्त सूचना के आधार पर, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सुमेरपुर के रीको इंडस्ट्रियल एरिया और शीतला चौक स्थित गोदाम पर संचालित चामुंडा ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारा, जिसके मालिक मुकेश परमार बताए गए हैं। कार्रवाई के दौरान, सीटीसी ब्रांड के 500 ग्राम पैक में पैक किए जा रहे हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) के तहत लिए गए। गोदाम से 4,740 पैकेटों में भरा कुल 2,370 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी मसाला सीज किया गया। इसके अतिरिक्त, निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया, जहां मिर्च पाउडर के दो, हल्दी पाउडर का एक और धनिया पाउडर का एक नमूना लिया गया, तथा निर्माण इकाई से कुल 5,620 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी मसाला जब्त किया गया। पाली सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बड़े स्तर पर खाद्य पदार्थों में मिलावट कर आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का प्रतीत होता है। विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, जयपुर भेजे गए हैं, और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आमजन से खाद्य पदार्थों में मिलावट संबंधी किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने की अपील भी की है, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। डॉ. विकास मारवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान जिले में आगे भी निरंतर जारी रहेगा।1
- आसींद विधानसभा क्षेत्र की जगपुरा ग्राम पंचायत के गांव रायरा में मनरेगा श्रमिकों को उनके किए गए कार्य के लिए उचित दरें नहीं मिलने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है। मनरेगा मेटों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने निर्धारित माप के अनुसार ही कार्य पूरा किया है, लेकिन उन्हें मिलने वाली मजदूरी की दरें काफी कम हैं। उनका आरोप है कि अन्य स्थानों पर चल रहे मनरेगा कार्यों में भले ही केवल खानापूर्ति की जा रही हो, वहाँ श्रमिकों को सही दरें मिल रही हैं, जबकि रायरा में मेहनत के बावजूद कम भुगतान हो रहा है। मनरेगा में कार्यरत महिला श्रमिकों ने भी अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरी निष्ठा से और माप के अनुरूप कार्य किया है। हालांकि, उन्हें जो दरें मिली हैं, उनसे परिवार का गुजर-बसर करना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दिनभर घर-परिवार को छोड़कर काम करने के बावजूद उन्हें मिलने वाली मजदूरी बेहद कम है, जिससे श्रमिकों में गहरा विरोध और चिंता का माहौल है।1