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राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित आसींद कस्बे के नर्सिंग द्वारा में एक भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया गया।
आसींद मंजूर
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित आसींद कस्बे के नर्सिंग द्वारा में एक भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया गया।
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- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित आसींद कस्बे के नर्सिंग द्वारा में एक भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया गया।1
- उन घरों की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है जिन्हें बेहद तकलीफ़ में दिखाया जा रहा है। यह पूछा गया है कि क्या ये घर सरकारी मदद के योग्य हैं और क्या सरकार को उनके निर्माण का कार्य करना चाहिए।1
- खंबा बदलने के लिए यह कार्य किया गया है।1
- ब्यावर पुलिस ने प्रदेशव्यापी “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत 25 मई से 5 जून 2026 तक एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना है, जिसके तहत जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी थानों, पुलिस लाइन और अन्य पुलिस कार्यालयों में विशेष साफ-सफाई की गई। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह से भाग लिया। उन्होंने थाना परिसरों, कार्यालय भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई कार्य किया, साथ ही अनुपयोगी सामग्री और प्लास्टिक कचरे का संग्रहण कर उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया। अभियान के दौरान, अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व और दैनिक जीवन में जल के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दिया, और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने तथा स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। जिला पुलिस अभियान की अवधि में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर रही है, जिसका लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों के प्रति सकारात्मक जागरूकता फैलाना है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे इस जन-अभियान को सफल बनाने के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपना योगदान दें।1
- ब्यावर जिला पुलिस द्वारा प्रदेशव्यापी "वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत एक विशेष स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने बताया कि यह अभियान 25 मई से 5 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी थाना, पुलिस लाइन और अन्य पुलिस कार्यालयों में सफाई कार्य किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने कार्यालय परिसरों, थाना भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की। इस दौरान अनुपयोगी सामग्री और प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करके उसका सही तरीके से निस्तारण भी किया गया। अधिकारियों ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें दैनिक जीवन में पानी का समझदारी से उपयोग करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने स्वच्छता को केवल एक अभियान नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। जिला पुलिस इस अभियान की अवधि में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कई गतिविधियाँ आयोजित कर रही है, ताकि आमजन में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति सकारात्मक जागरूकता पैदा हो सके। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे जल संरक्षण और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर इस पर्यावरण संरक्षण जन-अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दें।4
- क्षेत्र में संत गोपाल दास का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया है। उनके इस असमय और संदिग्ध निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक छा गया है। साथ ही, स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।1
- राजस्थान के ब्यावर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा है। यह पावन कथा श्रीमती बीना पंडिया जी द्वारा अपनी मधुर वाणी में सुनाई जा रही है, जिसने बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित किया है।1
- आसींद विधानसभा क्षेत्र की जगपुरा ग्राम पंचायत के गांव रायरा में मनरेगा श्रमिकों को उनके किए गए कार्य के लिए उचित दरें नहीं मिलने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है। मनरेगा मेटों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने निर्धारित माप के अनुसार ही कार्य पूरा किया है, लेकिन उन्हें मिलने वाली मजदूरी की दरें काफी कम हैं। उनका आरोप है कि अन्य स्थानों पर चल रहे मनरेगा कार्यों में भले ही केवल खानापूर्ति की जा रही हो, वहाँ श्रमिकों को सही दरें मिल रही हैं, जबकि रायरा में मेहनत के बावजूद कम भुगतान हो रहा है। मनरेगा में कार्यरत महिला श्रमिकों ने भी अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरी निष्ठा से और माप के अनुरूप कार्य किया है। हालांकि, उन्हें जो दरें मिली हैं, उनसे परिवार का गुजर-बसर करना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दिनभर घर-परिवार को छोड़कर काम करने के बावजूद उन्हें मिलने वाली मजदूरी बेहद कम है, जिससे श्रमिकों में गहरा विरोध और चिंता का माहौल है।1