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उन घरों की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है जिन्हें बेहद तकलीफ़ में दिखाया जा रहा है। यह पूछा गया है कि क्या ये घर सरकारी मदद के योग्य हैं और क्या सरकार को उनके निर्माण का कार्य करना चाहिए।
Jalampura AC morcha adhyaks D.
उन घरों की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है जिन्हें बेहद तकलीफ़ में दिखाया जा रहा है। यह पूछा गया है कि क्या ये घर सरकारी मदद के योग्य हैं और क्या सरकार को उनके निर्माण का कार्य करना चाहिए।
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- उन घरों की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है जिन्हें बेहद तकलीफ़ में दिखाया जा रहा है। यह पूछा गया है कि क्या ये घर सरकारी मदद के योग्य हैं और क्या सरकार को उनके निर्माण का कार्य करना चाहिए।1
- खंबा बदलने के लिए यह कार्य किया गया है।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित आसींद कस्बे के नर्सिंग द्वारा में एक भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया गया।1
- भीलवाड़ा के मांडलगढ़ नगर में पाँच करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। यह समारोह आंबा की बावड़ी परिसर में आयोजित किया गया, जहाँ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने इन कार्यों की शुरुआत की। इन विकास परियोजनाओं में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गुप्तेश्वर महादेव सड़क का लोकार्पण, जालेश्वर तालाब के जीर्णोद्धार का शिलान्यास, तीन करोड़ रुपये की लागत वाली सीवरेज लाइन का शिलान्यास, किले के लिए बारी से रास्ते का शिलान्यास, देवतालाब की पाठ्य मरम्मत कार्य का शिलान्यास और होड़ाबारी सड़क का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर विधायक गोपाल खंडेलवाल के साथ नगर पालिका अध्यक्ष संजय डांगी, विधानसभा संयोजक अनिल पारीक, नगर अध्यक्ष अशोक जीनगर, अर्जुन ब्रह्म भट्ट, भाजपा महिला नेत्री अनिता सुराणा, लादू खटीक, पूर्व मंडल अध्यक्ष जमना लाल सेन, पूर्व मंडी अध्यक्ष रतनलाल खटीक, श्यामलाल अहीर, महावीर सेन, अधिशासी अधिकारी देवी सिंह राठौड़ सहित नगर पालिका स्टाफ मौजूद रहा।4
- राजसमंद जिले के रेलमगरा कस्बे में शनिवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ नींबू के आकार के ओले गिरने के साथ मूसलाधार बारिश हुई। दिनभर की उमस और तेज गर्मी के बाद, शाम करीब 5 बजे तेज हवाएँ चलीं, जिसके बाद आसमान में घने बादल छा गए। बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली की चमक के बीच शुरू हुई बूंदाबांदी देखते ही देखते भारी बारिश में बदल गई। बारिश के साथ उपखंड क्षेत्र के कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिसमें रेलमगरा कस्बे में नींबू के आकार के ओले गिरने से लोग हैरान रह गए। ओलावृष्टि काफी देर तक जारी रही, जिससे सड़कों और खुले स्थानों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। मौसम के इस अचानक बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली, और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस तेज बारिश और ओलावृष्टि से तैयार खड़ी फसलों, सब्जियों और फलों को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, किसानों का एक वर्ग इस बारिश को खरीफ सीजन के लिए बेहद लाभकारी मान रहा है। किसानों के अनुसार, इस बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे आगामी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनेंगी और भूजल स्तर को भी लाभ मिलेगा। बारिश के कारण कस्बे के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। खासकर रेलमगरा बस स्टैंड क्षेत्र में उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण गटर का पानी सड़कों पर फैल गया। सड़क पर गंदा पानी भर जाने से वाहन चालकों और राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, और कई लोगों को मजबूरी में इसी पानी से होकर गुजरना पड़ा। इस मौसमी बदलाव से जहाँ आमजन को गर्मी से राहत मिली, वहीं जलभराव और ओलावृष्टि ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ भी बढ़ा दी हैं।4
- आसींद विधानसभा क्षेत्र की जगपुरा ग्राम पंचायत के गांव रायरा में मनरेगा श्रमिकों को उनके किए गए कार्य के लिए उचित दरें नहीं मिलने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है। मनरेगा मेटों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने निर्धारित माप के अनुसार ही कार्य पूरा किया है, लेकिन उन्हें मिलने वाली मजदूरी की दरें काफी कम हैं। उनका आरोप है कि अन्य स्थानों पर चल रहे मनरेगा कार्यों में भले ही केवल खानापूर्ति की जा रही हो, वहाँ श्रमिकों को सही दरें मिल रही हैं, जबकि रायरा में मेहनत के बावजूद कम भुगतान हो रहा है। मनरेगा में कार्यरत महिला श्रमिकों ने भी अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरी निष्ठा से और माप के अनुरूप कार्य किया है। हालांकि, उन्हें जो दरें मिली हैं, उनसे परिवार का गुजर-बसर करना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दिनभर घर-परिवार को छोड़कर काम करने के बावजूद उन्हें मिलने वाली मजदूरी बेहद कम है, जिससे श्रमिकों में गहरा विरोध और चिंता का माहौल है।1
- भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा थाना क्षेत्र में बजरी खनन की शिकायत करने के बाद सरदार नगर निवासी सत्यनारायण तेली पर जानलेवा हमला किया गया। सरपंच के साथ आए लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया, जिसमें सत्यनारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले बनेड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ हालत की गंभीरता को देखते हुए भीलवाड़ा के महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। फिलहाल, घायल सत्यनारायण का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। घायल सत्यनारायण तेली ने रविवार शाम करीब 4 बजे जिला अस्पताल में बताया कि वे और सोहन कुमावत शोभागपुरा बस स्टैंड पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान सरपंच के दो पुत्रों के साथ मुख्तियार मंसूरी, कैलाश माली और 8 से 10 अन्य लोग वहाँ पहुँचे और उन पर अचानक लाठियों, सरियों व स्टील के पाइपों से हमला कर दिया। इस हमले में उनके सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। सत्यनारायण के अनुसार, यह हमला क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और रेत से भरे ट्रैक्टरों की शिकायत करने के कारण हुआ है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सरदार नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है, जिससे जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और पशुओं तथा वन्य जीवों के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की बजरी खनन में सरपंच के साथ सांठगांठ है, जिसके कारण शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और हमलावरों के हौसले बुलंद हैं। सत्यनारायण तेली ने प्रशासन से मांग की है कि सरदार नगर क्षेत्र में खनन विभाग की विशेष जांच टीम भेजकर अवैध बजरी खनन की निष्पक्ष जांच कराई जाए और हमले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1