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नारदीगंज के इचुआ गांव में धाधर नदी में आई बाढ़ से नदी पूरी तरह भर गई है। इसके प्रभाव से आसपास के तालाब और कुएँ भी पानी से भर गए हैं, जिससे किसानों को आने वाली फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद जगी है और उनके चेहरे खिल उठे हैं। नदी के लबालब होने से प्रकृति की हरियाली बढ़ गई है और पूरा वातावरण ताज़ा व सुंदर हो गया है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे की सहायता की, जिससे आपस में भाईचारा और सहयोग की भावना और मजबूत हुई है।
Ravi kumar
नारदीगंज के इचुआ गांव में धाधर नदी में आई बाढ़ से नदी पूरी तरह भर गई है। इसके प्रभाव से आसपास के तालाब और कुएँ भी पानी से भर गए हैं, जिससे किसानों को आने वाली फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद जगी है और उनके चेहरे खिल उठे हैं। नदी के लबालब होने से प्रकृति की हरियाली बढ़ गई है और पूरा वातावरण ताज़ा व सुंदर हो गया है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे की सहायता की, जिससे आपस में भाईचारा और सहयोग की भावना और मजबूत हुई है।
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- नारदीगंज के इचुआ गांव में धाधर नदी में आई बाढ़ से नदी पूरी तरह भर गई है। इसके प्रभाव से आसपास के तालाब और कुएँ भी पानी से भर गए हैं, जिससे किसानों को आने वाली फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद जगी है और उनके चेहरे खिल उठे हैं। नदी के लबालब होने से प्रकृति की हरियाली बढ़ गई है और पूरा वातावरण ताज़ा व सुंदर हो गया है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे की सहायता की, जिससे आपस में भाईचारा और सहयोग की भावना और मजबूत हुई है।1
- बिहार के नवादा में विभिन्न छात्र संगठनों के आह्वान पर शनिवार को छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जुलूस के पूरे मार्ग पर नवादा पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे, जिससे कहीं भी कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित नहीं हुई और पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हुआ। इसी जुलूस के दौरान सूत्रों के हवाले से यह चर्चा सामने आई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार या संबंधित मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी, जिसके कारण इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्र शांतिपूर्वक अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट गए। इसके बाद जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। पूरे कार्यक्रम के दौरान नवादा में कानून-व्यवस्था सामान्य रही और पुलिस-प्रशासन की सतर्कता की सराहना की गई।1
- देश भर में बढ़ती महंगाई से जनता बुरी तरह जूझ रही है और चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है, जिसको लेकर सरकार से सीधा सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर महंगाई कैसे घटेगी। इसके साथ ही NEET पेपर लीक के मुद्दे पर पूरे देश में धमाकेदार हंगामा खड़ा हो गया है, जिससे छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पूछा जा रहा है कि स्टूडेंट्स का भविष्य क्या होगा। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए जा रहे लाठीचार्ज और अत्याचार को लेकर भी तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है। सवाल उठाया गया है कि पुलिस को इस तरह लाठीचार्ज करने का आदेश आखिर किसने दिया। इसके साथ ही इथेनॉल 20 के आने से वाहनों की माइलेज घटने का मुद्दा भी सामने रखा गया है कि सड़कों पर गाड़ियाँ कैसे चलेंगी। हर एक चीज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और महंगाई का बाजार गर्म है, जिससे गरीबों की जिंदगी काटना दुभर हो गया है। टैक्स घटने की अच्छी खबर सुनने के बावजूद सामान के दाम दोगुने से भी पार हो चुके हैं। इन तमाम ज्वलंत समस्याओं पर 'बताइए ना हमारे सरकार' कहते हुए जनता के अच्छे दिन आने पर गंभीर सवाल दागे गए हैं।1
- खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के दिशानिर्देश पर प्रखंड और नगर परिषद क्षेत्र में विशेष मेगा कैंप के माध्यम से कुल 4500 नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रतिदिन नए राशन कार्ड के आवेदन एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह विशेष अभियान 5 अगस्त तक जारी रहेगा। अभियान में तेजी लाने के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रखंड सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी देवानंद कुमार सिंह, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एमो सुजाता कुमारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी विकास कुमार मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र के किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, स्वच्छता पर्यवेक्षक और आवास सहायक भी शामिल हुए, जिन्हें सभी लाभार्थियों तक पहुंचकर आवेदन संग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इस अवधि के दौरान पात्र लाभार्थी लघु स्मार्ट पीडीएस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी दर्ज कर सकते हैं।1
- ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में नालंदा के झंडू कुमार ने मेडल अपने नाम किया है। इस सफलता को हासिल करने के बाद उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए अपनी बात रखी है।1
- गया के वज़ीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सहिया गांव के पश्चिम बघार में स्थित विद्युत ट्रांसफॉर्मर ग्रामीणों के लिए जानलेवा खतरा बन चुका है। बिजली विभाग की लगातार अनदेखी के कारण ग्रामीण सिंचाई और घरेलू बिजली की आवश्यकता पूरी करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज जोड़ने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि दिन-रात मिलाकर लगभग 8 से 10 बार ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज उड़ जाता है, लेकिन सूचना देने के बाद भी विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर समय पर नहीं पहुंचता। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो महीने पूर्व बिजली विभाग के SDO को लिखित आवेदन देकर इस ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। यह ट्रांसफॉर्मर जलभराव वाले करहा के किनारे स्थित है, जहां बरसात में पानी भर जाता है और आसपास पेड़-पौधे व झाड़ियां उग आई हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इस ट्रांसफॉर्मर की चपेट में आने से पूर्व में कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं और जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि फ्यूज जोड़ते समय करंट लगने से किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी। दो महीने बीत जाने के बाद भी यदि विभाग ने ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित व ऊंचे स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया और स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो सहिया गांव के लोग सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1
- नवादा जिले के हिसुआ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तिलैया नदी में अचानक आए उफान से बाढ़ का पानी खेतों और आसपास के निचले इलाकों में फैल गया। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन किसानों के लिए यह पानी वरदान साबित हो रहा है। रजौली और झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से तिलैया नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। खेतों में पानी फैलने से धान सहित खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिल गई है, जिससे कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। जिन किसानों ने पहले से धान की नर्सरी तैयार कर रखी थी, उन्हें अब रोपनी के लिए पर्याप्त जल मिल गया है और खेतों में प्राकृतिक रूप से पानी पहुंचने से रोपनी का काम तेजी पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। सिंघौंली निवासी समाज सेवी अंकित कुमार ने बताया कि यह प्राकृतिक जल खेतों की प्यास बुझाने और खरीफ फसलों की बेहतर शुरुआत में मददगार होगा। किसान सलाहकार रामप्रवेश ने भी खेतों का निरीक्षण कर किसानों को रोपनी, जल निकासी और फसल प्रबंधन की आवश्यक सलाह दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी से किसानों का डीजल पंपों पर होने वाला खर्च बचेगा, जिससे खेती की लागत घटेगी। इसके अलावा, नदी ओवरफ्लो होने से कुओं और चापाकलों का भू-जल स्तर सुधरेगा तथा पहाड़ी क्षेत्रों से आई उपजाऊ सिल्ट मिट्टी जमने से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।1
- पटना में विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना सामने आई है। प्रदर्शन में शामिल स्टूडेंट्स को इस दौरान लाठियां खानी पड़ी हैं।1