गया के वज़ीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सहिया गांव के पश्चिम बघार में स्थित विद्युत ट्रांसफॉर्मर ग्रामीणों के लिए जानलेवा खतरा बन चुका है। बिजली विभाग की लगातार अनदेखी के कारण ग्रामीण सिंचाई और घरेलू बिजली की आवश्यकता पूरी करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज जोड़ने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि दिन-रात मिलाकर लगभग 8 से 10 बार ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज उड़ जाता है, लेकिन सूचना देने के बाद भी विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर समय पर नहीं पहुंचता। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो महीने पूर्व बिजली विभाग के SDO को लिखित आवेदन देकर इस ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। यह ट्रांसफॉर्मर जलभराव वाले करहा के किनारे स्थित है, जहां बरसात में पानी भर जाता है और आसपास पेड़-पौधे व झाड़ियां उग आई हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इस ट्रांसफॉर्मर की चपेट में आने से पूर्व में कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं और जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि फ्यूज जोड़ते समय करंट लगने से किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी। दो महीने बीत जाने के बाद भी यदि विभाग ने ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित व ऊंचे स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया और स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो सहिया गांव के लोग सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
गया के वज़ीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सहिया गांव के पश्चिम बघार में स्थित विद्युत ट्रांसफॉर्मर ग्रामीणों के लिए जानलेवा खतरा बन चुका है। बिजली विभाग की लगातार अनदेखी के कारण ग्रामीण सिंचाई और घरेलू बिजली की आवश्यकता पूरी करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज जोड़ने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि दिन-रात मिलाकर लगभग 8 से 10 बार ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज उड़ जाता है, लेकिन सूचना देने के बाद भी विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर समय पर नहीं पहुंचता। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो महीने पूर्व बिजली विभाग के SDO को लिखित आवेदन देकर इस ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। यह ट्रांसफॉर्मर जलभराव वाले करहा के किनारे स्थित है, जहां बरसात में पानी भर जाता है और आसपास पेड़-पौधे व झाड़ियां उग आई हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इस ट्रांसफॉर्मर की चपेट में आने से पूर्व में कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं और जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि फ्यूज जोड़ते समय करंट लगने से किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी। दो महीने बीत जाने के बाद भी यदि विभाग ने ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित व ऊंचे स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया और स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो सहिया गांव के लोग सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
- गया जी के टावर चौक के पास NEET छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन किया है। प्रदर्शन के दौरान छात्र धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफा देने की अपनी मांग पर डटे रहे और टावर चौक के समीप अपना विरोध जताया।1
- गया के अनीश पंकज मेमोरियल लॉ कॉलेज में मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ₹5,000-₹5,000 की छात्रवृत्ति का चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। छात्रवृत्ति की राशि का वितरण महाविद्यालय की सचिव डॉ. प्रियंका, गवर्निंग बॉडी की सदस्य कला देवी, मीना मिश्रा और प्राचार्य प्रो. अवधेश कुमार सिंह के करकमलों द्वारा किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए सचिव डॉ. प्रियंका ने कहा कि मेधावी छात्रों को सम्मानित करना केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान नहीं है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का माध्यम है। उन्होंने प्राचार्य के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान केवल विधि शिक्षा तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को सामाजिक दायित्व, नैतिक मूल्यों और संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक करता है। वहीं प्राचार्य प्रो. अवधेश कुमार सिंह ने छात्रों की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों को भविष्य में और अधिक परिश्रम करने तथा उच्च उपलब्धियाँ प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। गवर्निंग बॉडी की सदस्य कला देवी ने भी छात्रों को ईमानदारी और अनुशासन के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया। समारोह के अंत में मीना मिश्रा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में अदिति वर्मा, पंकज कुमार, सुमित कुमार, काजल कुमारी, उमाशंकर, नीतीश कुमार, सलोनी कुमारी, उज्जवल शर्मा, नैंसी कुमारी और आफिया तबसुन शामिल हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधान लिपिक विकास कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मी भी मौजूद रहे।3
- गया शहर के माडनपुर बेलडांगा के रहने वाले भोला रविदास 21/07/2026 की शाम 5:00 बजे अपने घर से बाहर निकले थे और तब से ही लापता हैं। परिजनों और स्थानीय स्तर पर काफी छानबीन किए जाने के बावजूद अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।1
- नारदीगंज के इचुआ गांव में धाधर नदी में आई बाढ़ से नदी पूरी तरह भर गई है। इसके प्रभाव से आसपास के तालाब और कुएँ भी पानी से भर गए हैं, जिससे किसानों को आने वाली फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद जगी है और उनके चेहरे खिल उठे हैं। नदी के लबालब होने से प्रकृति की हरियाली बढ़ गई है और पूरा वातावरण ताज़ा व सुंदर हो गया है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे की सहायता की, जिससे आपस में भाईचारा और सहयोग की भावना और मजबूत हुई है।1
- गया के मोहनपुर स्थित चौवारी बाजार में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार से ध्यान देने की मांग की गई है। बाजार में सड़क की खराब हालत पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा गया है कि चौवारी बाजार की सड़क बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो सरकार गिर जाएगी।1
- फतेहपुर में मुख्यमंत्री योगी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि नकल माफिया मिट्टी में मिल जाएंगे और उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोमवार को देश की संसद में यह बिल आने वाला है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि संसद में यह बिल पेश होने के बाद मानकर चलिए कि माफिया मिट्टी में मिल जाएंगे और इस कार्रवाई को रोकने वाला कोई नहीं है।1
- गयाजी में NEET छात्रों के आंदोलन के तहत भीम आर्मी के लोगों और छात्रों ने मिलकर एक साथ प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के माध्यम से भीम आर्मी के सदस्यों और छात्रों ने एकजुट होकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है।1
- गया शहर के बहुआर चौरा स्थित हरियाणा भवन में भाजपा दक्षिणी मंडल प्रभारी विकास कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का आयोजन "मन की बात" कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने के उद्देश्य से किया गया था।1
- पुलिस एक विधायक को ही टांग कर अपने साथ ले गई है। दूसरी ओर, पटना में फिलहाल बिहार बंद का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।1