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सरकार द्वारा गाँवों के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए पंचायत सचिवालय अब मात्र 'शो-पीस' बनकर रह गए हैं, जहाँ सरकारी धन का स्पष्ट "बंदरबांट" देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए इन सचिवालयों के दरवाजे अक्सर बंद रहते हैं। विकास खंड रजपुरा क्षेत्र के सिरसा गाँव स्थित पंचायत सचिवालय इसकी एक जीती-जागती मिसाल है, जहाँ न तो पंचायत सहायक मिलते हैं और न ही ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई होती है, जिसके चलते ये भवन धूल फाँक रहे हैं। एक पड़ताल में सामने आया है कि पंचायत सचिवालय भवन के दरवाजे अमूमन बंद ही रहते हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, पंचायत सहायक को नियमित रूप से सचिवालय में बैठकर ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज करनी चाहिए और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सचिवालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है, जो इसे किसी सरकारी कार्यालय की बजाय एक बंद पड़े शोरूम जैसा दिखाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें आय, जाति या निवास प्रमाण पत्र के आवेदन या सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए घंटों चक्कर काटने पड़ते हैं, क्योंकि पंचायत सहायक को ढूँढना एक चुनौती बन गया है। सरकार ने यह सुविधा उनके घर के पास दी है, लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस लापरवाही के संदर्भ में जब संबंधित सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों द्वारा यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि यदि पंचायत सहायक सचिवालय में नहीं बैठते, तो उन्हें सरकारी वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है? ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की गहन जाँच करने और सचिवालयों में पंचायत सहायकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की माँग की है। उनका तर्क है कि यदि सरकार द्वारा मुहैया कराई गई इन सुविधाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिला, तो इन भवनों के निर्माण का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

11 hrs ago
user_Vijay kumar
Vijay kumar
Media company संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

सरकार द्वारा गाँवों के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए पंचायत सचिवालय अब मात्र 'शो-पीस' बनकर रह गए हैं, जहाँ सरकारी धन का स्पष्ट "बंदरबांट" देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए इन सचिवालयों के दरवाजे अक्सर बंद रहते हैं। विकास खंड रजपुरा क्षेत्र के सिरसा गाँव स्थित पंचायत सचिवालय इसकी एक जीती-जागती मिसाल है, जहाँ न तो पंचायत सहायक मिलते हैं और न ही ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई होती है, जिसके चलते ये भवन धूल फाँक रहे हैं। एक पड़ताल में सामने आया है कि पंचायत सचिवालय भवन के दरवाजे अमूमन बंद ही रहते हैं। सरकारी नियमों के

अनुसार, पंचायत सहायक को नियमित रूप से सचिवालय में बैठकर ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज करनी चाहिए और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सचिवालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है, जो इसे किसी सरकारी कार्यालय की बजाय एक बंद पड़े शोरूम जैसा दिखाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें आय, जाति या निवास प्रमाण पत्र के आवेदन या सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए घंटों चक्कर काटने पड़ते हैं, क्योंकि पंचायत सहायक को ढूँढना एक चुनौती बन गया है। सरकार ने यह सुविधा उनके घर के पास दी है, लेकिन उन्हें इसका

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कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस लापरवाही के संदर्भ में जब संबंधित सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों द्वारा यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि यदि पंचायत सहायक सचिवालय में नहीं बैठते, तो उन्हें सरकारी वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है? ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की गहन जाँच करने और सचिवालयों में पंचायत सहायकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की माँग की है। उनका तर्क है कि यदि सरकार द्वारा मुहैया कराई गई इन सुविधाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिला, तो इन भवनों के निर्माण का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

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  • my. love my. Life you. . yar are so . sweet,, ya video so sweet
    2
    my. love my. Life  you.  . yar  are so . sweet,, ya video so sweet
    user_Badprkash
    Badprkash
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अहम बैठक में विधानसभा असमोली (32) के पूर्व कांग्रेस विधायक प्रत्याशी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य हाजी मरगूब आलम ने भी शिरकत की। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय की विशेष उपस्थिति में संगठनात्मक विषयों और भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसी क्रम में, हाजी मरगूब आलम ने राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, तौकीर आलम और सत्यनारायण पटेल सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी, पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिव पांडेय और संगठन महासचिव अनिल यादव जैसे प्रमुख पदाधिकारियों के साथ भी संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा की। हाजी मरगूब आलम ने इस अवसर पर कहा कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता और जनसमर्थन के दम पर कांग्रेस प्रदेश में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत बनाएगी।
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    लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अहम बैठक में विधानसभा असमोली (32) के पूर्व कांग्रेस विधायक प्रत्याशी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य हाजी मरगूब आलम ने भी शिरकत की।

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय की विशेष उपस्थिति में संगठनात्मक विषयों और भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसी क्रम में, हाजी मरगूब आलम ने राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, तौकीर आलम और सत्यनारायण पटेल सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी, पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिव पांडेय और संगठन महासचिव अनिल यादव जैसे प्रमुख पदाधिकारियों के साथ भी संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।

हाजी मरगूब आलम ने इस अवसर पर कहा कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता और जनसमर्थन के दम पर कांग्रेस प्रदेश में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत बनाएगी।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सरकार द्वारा गाँवों के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए पंचायत सचिवालय अब मात्र 'शो-पीस' बनकर रह गए हैं, जहाँ सरकारी धन का स्पष्ट "बंदरबांट" देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए इन सचिवालयों के दरवाजे अक्सर बंद रहते हैं। विकास खंड रजपुरा क्षेत्र के सिरसा गाँव स्थित पंचायत सचिवालय इसकी एक जीती-जागती मिसाल है, जहाँ न तो पंचायत सहायक मिलते हैं और न ही ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई होती है, जिसके चलते ये भवन धूल फाँक रहे हैं। एक पड़ताल में सामने आया है कि पंचायत सचिवालय भवन के दरवाजे अमूमन बंद ही रहते हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, पंचायत सहायक को नियमित रूप से सचिवालय में बैठकर ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज करनी चाहिए और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सचिवालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है, जो इसे किसी सरकारी कार्यालय की बजाय एक बंद पड़े शोरूम जैसा दिखाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें आय, जाति या निवास प्रमाण पत्र के आवेदन या सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए घंटों चक्कर काटने पड़ते हैं, क्योंकि पंचायत सहायक को ढूँढना एक चुनौती बन गया है। सरकार ने यह सुविधा उनके घर के पास दी है, लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस लापरवाही के संदर्भ में जब संबंधित सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों द्वारा यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि यदि पंचायत सहायक सचिवालय में नहीं बैठते, तो उन्हें सरकारी वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है? ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की गहन जाँच करने और सचिवालयों में पंचायत सहायकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की माँग की है। उनका तर्क है कि यदि सरकार द्वारा मुहैया कराई गई इन सुविधाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिला, तो इन भवनों के निर्माण का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
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    सरकार द्वारा गाँवों के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए पंचायत सचिवालय अब मात्र 'शो-पीस' बनकर रह गए हैं, जहाँ सरकारी धन का स्पष्ट "बंदरबांट" देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए इन सचिवालयों के दरवाजे अक्सर बंद रहते हैं। विकास खंड रजपुरा क्षेत्र के सिरसा गाँव स्थित पंचायत सचिवालय इसकी एक जीती-जागती मिसाल है, जहाँ न तो पंचायत सहायक मिलते हैं और न ही ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई होती है, जिसके चलते ये भवन धूल फाँक रहे हैं।

एक पड़ताल में सामने आया है कि पंचायत सचिवालय भवन के दरवाजे अमूमन बंद ही रहते हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, पंचायत सहायक को नियमित रूप से सचिवालय में बैठकर ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज करनी चाहिए और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सचिवालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है, जो इसे किसी सरकारी कार्यालय की बजाय एक बंद पड़े शोरूम जैसा दिखाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें आय, जाति या निवास प्रमाण पत्र के आवेदन या सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए घंटों चक्कर काटने पड़ते हैं, क्योंकि पंचायत सहायक को ढूँढना एक चुनौती बन गया है। सरकार ने यह सुविधा उनके घर के पास दी है, लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

इस लापरवाही के संदर्भ में जब संबंधित सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों द्वारा यह बड़ा सवाल उठाया गया है कि यदि पंचायत सहायक सचिवालय में नहीं बैठते, तो उन्हें सरकारी वेतन किस आधार पर दिया जा रहा है? ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की गहन जाँच करने और सचिवालयों में पंचायत सहायकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की माँग की है। उनका तर्क है कि यदि सरकार द्वारा मुहैया कराई गई इन सुविधाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिला, तो इन भवनों के निर्माण का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
    user_Vijay kumar
    Vijay kumar
    Media company संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • यह वीडियो डामपुरा गाँव से संबंधित है, जब वहाँ एक बरात आई थी। गाँव में बरात के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी, जिसके बाद गाँव वालों ने मिलकर रास्ता बनाने के लिए मिट्टी डाली। ग्रामीणों के इस प्रयास के बाद ही बरात आगे बढ़ पाई। पोस्ट के माध्यम से 'योगी जी' (मुख्यमंत्री) से अपील की गई है कि वे डामपुरा गाँव में आवश्यक सुधार कार्य करवाएँ। इस खबर को देखने और गाँव में सुधार करवाने के लिए डामपुरा गाँव की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया गया है।
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    यह वीडियो डामपुरा गाँव से संबंधित है, जब वहाँ एक बरात आई थी। गाँव में बरात के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी, जिसके बाद गाँव वालों ने मिलकर रास्ता बनाने के लिए मिट्टी डाली। ग्रामीणों के इस प्रयास के बाद ही बरात आगे बढ़ पाई। पोस्ट के माध्यम से 'योगी जी' (मुख्यमंत्री) से अपील की गई है कि वे डामपुरा गाँव में आवश्यक सुधार कार्य करवाएँ। इस खबर को देखने और गाँव में सुधार करवाने के लिए डामपुरा गाँव की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया गया है।
    user_Jitendar Kumar
    Jitendar Kumar
    बिलारी, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जनपद अमरोहा के गजरौला औद्योगिक क्षेत्र में देह व्यापार के विरुद्ध पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने तीन पुरुषों और दो महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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    जनपद अमरोहा के गजरौला औद्योगिक क्षेत्र में देह व्यापार के विरुद्ध पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने तीन पुरुषों और दो महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
    user_UP-23-News सच्ची खबर सबसे पहले
    UP-23-News सच्ची खबर सबसे पहले
    News Anchor हसनपुर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र के सुरेंचा (देवीपुर सुरैचा) गांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ, तीन बच्चों की एक माँ ने अपने प्रेमी के साथ रहने की ज़िद पर अड़कर एक मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दी। इस घटना के कारण इलाके में हाई वोल्टेज ड्रामा की स्थिति बन गई। पुलिस की समझाइश और प्रयासों के बाद महिला को टावर से सुरक्षित नीचे उतारा गया।
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    उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र के सुरेंचा (देवीपुर सुरैचा) गांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ, तीन बच्चों की एक माँ ने अपने प्रेमी के साथ रहने की ज़िद पर अड़कर एक मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दी। इस घटना के कारण इलाके में हाई वोल्टेज ड्रामा की स्थिति बन गई। पुलिस की समझाइश और प्रयासों के बाद महिला को टावर से सुरक्षित नीचे उतारा गया।
    user_JAI HIND MEDIA
    JAI HIND MEDIA
    Newspaper publisher Moradabad, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • अमरोहा जनपद के थाना डिडौली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह लापता हुआ एक बालक गांव के पास खेत में घायल अवस्था में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घायल बालक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की गहन जांच के निर्देश दिए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगभग 6:30 बजे डायल-112 पर ग्राम नरथो निवासी बंटी के पुत्र कमलजीत के घर से लापता होने की सूचना मिली थी। इस पर पीआरवी-5356 तुरंत मौके पर पहुँची और बालक की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान, कमलजीत गांव के समीप एक खेत में घायल अवस्था में मिला और उसके शरीर पर चोटों के निशान पाए गए। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक थाना डिडौली भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और बालक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोया भेजा, जहाँ उसका इलाज जारी है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने घटनास्थल पर पहुँचकर बारीकी से मुआयना किया और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने साक्ष्यों के वैज्ञानिक और निष्पक्ष संकलन, हर पहलू की गहनता से जाँच तथा घटना के शीघ्र खुलासे के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस ने बताया है कि इस पूरे मामले की सभी पहलुओं से गंभीरतापूर्वक जाँच की जा रही है और जाँच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    अमरोहा जनपद के थाना डिडौली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह लापता हुआ एक बालक गांव के पास खेत में घायल अवस्था में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घायल बालक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की गहन जांच के निर्देश दिए।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगभग 6:30 बजे डायल-112 पर ग्राम नरथो निवासी बंटी के पुत्र कमलजीत के घर से लापता होने की सूचना मिली थी। इस पर पीआरवी-5356 तुरंत मौके पर पहुँची और बालक की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान, कमलजीत गांव के समीप एक खेत में घायल अवस्था में मिला और उसके शरीर पर चोटों के निशान पाए गए। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक थाना डिडौली भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और बालक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोया भेजा, जहाँ उसका इलाज जारी है।

पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने घटनास्थल पर पहुँचकर बारीकी से मुआयना किया और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने साक्ष्यों के वैज्ञानिक और निष्पक्ष संकलन, हर पहलू की गहनता से जाँच तथा घटना के शीघ्र खुलासे के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस ने बताया है कि इस पूरे मामले की सभी पहलुओं से गंभीरतापूर्वक जाँच की जा रही है और जाँच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_Kapil kumar Chawla Amroha
    Kapil kumar Chawla Amroha
    Local News Reporter Amroha, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • संभल जिले में सौ करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी भूमि घोटाले में एक बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसमें संभल नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी और वर्तमान में शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। उन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी भूमि बेचने और भूमाफियाओं को साठगांठ कर अवैध लाभ पहुंचाने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को सौ करोड़ रुपये से अधिक की हानि हुई है। पुलिस का दावा है कि यह सरकारी भूमि को निजी लोगों के पक्ष में कराने की एक सोची-समझी साजिश थी। गुप्ता पर यह भी आरोप है कि उन्होंने हाईकोर्ट में एक निजी शपथ पत्र देकर एक रिट को खत्म कराया। यह गिरफ्तारी कई गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत हुई है। DM अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के नेतृत्व में यह कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को दबोचा गया है, और फिलहाल फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें सक्रिय हैं। यह मामला संभल सदर इलाके से संबंधित है, जिसकी जानकारी एसपी संभल कृष्ण कुमार विश्नोई ने दी है।
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    संभल जिले में सौ करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी भूमि घोटाले में एक बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसमें संभल नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी और वर्तमान में शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। उन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी भूमि बेचने और भूमाफियाओं को साठगांठ कर अवैध लाभ पहुंचाने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को सौ करोड़ रुपये से अधिक की हानि हुई है। पुलिस का दावा है कि यह सरकारी भूमि को निजी लोगों के पक्ष में कराने की एक सोची-समझी साजिश थी।

गुप्ता पर यह भी आरोप है कि उन्होंने हाईकोर्ट में एक निजी शपथ पत्र देकर एक रिट को खत्म कराया। यह गिरफ्तारी कई गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत हुई है। DM अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के नेतृत्व में यह कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को दबोचा गया है, और फिलहाल फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें सक्रिय हैं। यह मामला संभल सदर इलाके से संबंधित है, जिसकी जानकारी एसपी संभल कृष्ण कुमार विश्नोई ने दी है।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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