सरमथुरा बसंतपुरा मोड़ से उठी टाइगर रिजर्व के विरोध की आवाज, 12 अगस्त से आंदोलन सरमथुरा | धौलपुर | राजस्थान धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व को लेकर क्षेत्र में विरोध के स्वर लगातार तेज होते जा रहे हैं। सरमथुरा के बसंतपुरा मोड़ पर स्थानीय ग्रामीणों और प्रभावित लोगों की ओर से 12 अगस्त 2026 से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया गया है। टाइगर रिजर्व के विरोध में क्षेत्र के लोगों ने अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाया है। बसंतपुरा मोड़ बनेगा आंदोलन का प्रमुख केंद्र ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की जमीन, खेती, मजदूरी, रोजगार और रोजी-रोटी की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि टाइगर रिजर्व से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों के साथ खुली बातचीत और जनसुनवाई की जाए तथा उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना कोई बड़ा फैसला न लिया जाए। प्रशासन से सीधा सवाल—ग्रामीणों की सुनेगा कौन? आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि टाइगर रिजर्व के कारण स्थानीय लोगों की आजीविका और रोजगार प्रभावित होते हैं, तो सरकार को पहले स्पष्ट नीति और उचित समाधान सामने रखना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बसंतपुरा मोड़ पर आंदोलन कर रहे लोगों की बात सुनी जाए और प्रभावित ग्रामीणों की आपत्तियों को आधिकारिक रूप से दर्ज किया जाए। सरमथुरा से आंदोलन की हुंकार आंदोलनकारियों ने कहा है कि उनकी आवाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार एवं प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी। अब सवाल यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर बातचीत करेगा या आंदोलन आगे बढ़ेगा। बसंतपुरा मोड़ से उठी यह आवाज अब धौलपुर-करौली क्षेत्र के गांवों तक पहुंच रही है। ग्रामीणों का कहना है—पहले हमारी बात सुनो, हमारी रोजी-रोटी और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करो, फिर कोई बड़ा फैसला लो। जनता का बड़ा सवाल टाइगर रिजर्व जरूरी है तो ग्रामीणों के भविष्य, जमीन और रोजी-रोटी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? आंदोलन स्थल: बसंतपुरा मोड़, सरमथुरा आंदोलन की शुरुआत: 12 अगस्त 2026 रिपोर्ट: भरत सिंह मीणा | सरमथुरा, धौलपुर राजस्थान लोकल पब्लिकशुरू ऐप | सरमथुरा धौलपुर राजस्थान
सरमथुरा बसंतपुरा मोड़ से उठी टाइगर रिजर्व के विरोध की आवाज, 12 अगस्त से आंदोलन सरमथुरा | धौलपुर | राजस्थान धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व को लेकर क्षेत्र में विरोध के स्वर लगातार तेज होते जा रहे हैं। सरमथुरा के बसंतपुरा मोड़ पर स्थानीय ग्रामीणों और प्रभावित लोगों की ओर से 12 अगस्त 2026 से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया गया है। टाइगर रिजर्व के विरोध में क्षेत्र के लोगों ने अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाया है। बसंतपुरा मोड़ बनेगा आंदोलन का प्रमुख केंद्र ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की जमीन, खेती, मजदूरी, रोजगार और रोजी-रोटी की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि टाइगर रिजर्व से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों के साथ खुली बातचीत और जनसुनवाई की जाए तथा उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना कोई बड़ा फैसला न लिया जाए। प्रशासन से सीधा सवाल—ग्रामीणों की सुनेगा कौन? आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि टाइगर रिजर्व के कारण स्थानीय लोगों की आजीविका और रोजगार प्रभावित होते हैं, तो सरकार को पहले स्पष्ट नीति और उचित समाधान सामने रखना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बसंतपुरा मोड़ पर आंदोलन कर रहे लोगों की बात सुनी जाए और प्रभावित ग्रामीणों की आपत्तियों को आधिकारिक रूप से दर्ज किया जाए। सरमथुरा से आंदोलन की हुंकार आंदोलनकारियों ने कहा है कि उनकी आवाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार एवं प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी। अब सवाल यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर बातचीत करेगा या आंदोलन आगे बढ़ेगा। बसंतपुरा मोड़ से उठी यह आवाज अब धौलपुर-करौली क्षेत्र के गांवों तक पहुंच रही है। ग्रामीणों का कहना है—पहले हमारी बात सुनो, हमारी रोजी-रोटी और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करो, फिर कोई बड़ा फैसला लो। जनता का बड़ा सवाल टाइगर रिजर्व जरूरी है तो ग्रामीणों के भविष्य, जमीन और रोजी-रोटी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? आंदोलन स्थल: बसंतपुरा मोड़, सरमथुरा आंदोलन की शुरुआत: 12 अगस्त 2026 रिपोर्ट: भरत सिंह मीणा | सरमथुरा, धौलपुर राजस्थान लोकल पब्लिकशुरू ऐप | सरमथुरा धौलपुर राजस्थान
- सरमथुरा : टाइगर सेंचुरी के विरोध में बाजार रहे बंद @Bharat सरमथुरा : टाइगर सेंचुरी के विरोध में बाजार रहे बंद @Bharat1
- सर्व समाज के बैनर तले 14वें दिन भी धरना जारी, DKTR के विरोध में सरमथुरा बंद,बाजार बंद, हाईवे पर यातायात प्रभावित; जेसीबी पर सवार होकर पहुंचे प्रदर्शनकारी, महिलाओं और ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी सरमथुरा। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (DKTR) के विरोध में सर्व समाज के बैनर तले बसंतपुरा मोड़ पर चल रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में सरमथुरा कस्बे का बाजार बंद रहा, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं के धरना स्थल पर पहुंचने से आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया। धरना स्थल पर उमड़ी भारी भीड़ के चलते हाईवे पर आवागमन भी प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जेसीबी मशीन पर सवार होकर धरना स्थल तक पहुंचे। सर्व समाज के बैनर तले चल रहे आंदोलन में ग्रामीणों ने DKTR को लेकर विस्थापन, पलायन, रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं जताईं। धरना में महिलाओं और ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी धरना स्थल पर उपखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टाइगर रिजर्व की प्रक्रिया से क्षेत्र के लोगों की जमीन, खेती, रोजगार और आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान किए बिना आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। बाजार बंद से आंदोलन को मिला समर्थन DKTR के विरोध में सरमथुरा कस्बे में बाजार बंद रहा। बाजार बंद के जरिए व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। धरना स्थल पर लगातार बढ़ती भीड़ के कारण क्षेत्र में आंदोलन का असर साफ दिखाई दिया। सर्व समाज की एकजुटता बनी आंदोलन की ताकत सर्व समाज के बैनर तले जारी धरने में किसान, ग्रामीण, महिलाएं और विभिन्न वर्गों के लोग एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें क्षेत्र के लोगों के भविष्य, रोजगार और आजीविका से जुड़ी हैं। जब तक उनकी समस्याओं और आशंकाओं पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बसंतपुरा मोड़ पर 14वें दिन भी जारी धरना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सर्व समाज की बढ़ती भागीदारी के साथ आंदोलन लगातार जोर पकड़ता नजर आ रहा है। समाधान जरूरी है।धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी भी आंदोलन की व्यापकता को दर्शा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों और चिंताओं पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कस्बे से गांवों तक लामबंद हुए ग्रामीण DKTR के विरोध में सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के ग्रामीण लगातार लामबंद हो रहे हैं। मंगलवार को बाजार बंद के साथ लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया। बसंतपुरा मोड़ पर चल रहे धरने में लगातार बढ़ती भीड़ के चलते प्रशासन के लिए भी स्थिति पर नजर बनाए रखना चुनौती बनी हुई है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक गांव या क्षेत्र की नहीं, बल्कि किसानों, ग्रामीणों, रोजगार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। धरना स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ के बीच “विस्थापन नहीं, रोजगार चाहिए” जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। 14वें दिन भी आंदोलन जारी रहने से क्षेत्र में आंदोलन का असर लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।4
- मुरैना के सबलगढ़ में सवर्ण समाज के द्वारा गुंजा आरक्षण का मुद्दा उग नायब तहसीलदार को सोपा ज्ञापन3
- सपोटरा शहर में गंदगी के जगह-जगह लग रहे ढेर, मौसमी बीमारियों को दे रहे दावत उपखंड मुख्यालय सपोटरा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने से मौसमी बीमारियां फैलने लगी है नगर पालिका द्वारा सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं दिए जाने के विरोध में सफाई कर्मचारी विगत 20 दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं ऐसे में सपोटरा शहर के बाजार की सड़कों पर खुलेआम जगह जगह गंदगी के ढेर लगे होने से फैल रही मौसमी बीमारियों से लोग बड़े परेशान हो रहे हैं लेकिन शासन प्रशासन का इस कोई ध्यान नहीं है ऐसा लगता है मानो जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंख बंद कर सो रहे हो शहर के लोगों ने गंदगी से निजात दिलाने की मांग उठाई है।2
- ब्रेकिंग मुरैना - मुरैना जिले की जनपद पंचायत पहाड़गढ़ की ग्राम पंचायत बंधपुरा के सचिव और सरपंच की गांव के ही कुछ लोगों द्वारा मारपीट करने के आरोप लगाये है और जातिगत अपमान का भी लगाया आरोप, मुरैना पुलिस अधीक्षक से की शिकायत।जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल।1
- गांव भैंसा में राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से की शिकायत टोडाभीम क्षेत्र के गांव भैंसा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत दिए जाने वाले राशन में कथित घटतौली और अनियमितता का मामला सामने आया है।ग्रामीणों ने राशन डीलर पर निर्धारित मात्रा से कम सामग्री वितरण करने का गंभीर आरोप लगाया है।ग्रामीणों ने मंगलवार पत्थर 3:00 बजे बताया कि 40 किलोग्राम की पात्रता होने के बावजूद उन्हें तौल में केवल 38 किलो 500 ग्राम गेहूं ही दिया गया।बार-बार टोकने के बाद भी राशन डीलर द्वारा नियमों की अनदेखी करने का आरोप है। मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने टोडाभीम उप जिला कलेक्टर (SDM) को लिखित ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी डीलर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।इस दौरान कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- धौलपुर में रातभर रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद सुबह घने काले बादलों ने दिन में ही अंधेरा कर दिया। बारिश के चलते कई सड़कों पर पानी भर गया और वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। मौसम ठंडा होने से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं बाजारों में भी चहल-पहल कम रही। किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि खरीफ फसलों के लिए यह बारिश अमृत समान मानी जा रही है।1
- सरमथुरा बसंतपुरा मोड़ से उठी टाइगर रिजर्व के विरोध की आवाज, 12 अगस्त से आंदोलन सरमथुरा | धौलपुर | राजस्थान धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व को लेकर क्षेत्र में विरोध के स्वर लगातार तेज होते जा रहे हैं। सरमथुरा के बसंतपुरा मोड़ पर स्थानीय ग्रामीणों और प्रभावित लोगों की ओर से 12 अगस्त 2026 से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया गया है। टाइगर रिजर्व के विरोध में क्षेत्र के लोगों ने अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाया है। बसंतपुरा मोड़ बनेगा आंदोलन का प्रमुख केंद्र ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की जमीन, खेती, मजदूरी, रोजगार और रोजी-रोटी की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि टाइगर रिजर्व से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों के साथ खुली बातचीत और जनसुनवाई की जाए तथा उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना कोई बड़ा फैसला न लिया जाए। प्रशासन से सीधा सवाल—ग्रामीणों की सुनेगा कौन? आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि टाइगर रिजर्व के कारण स्थानीय लोगों की आजीविका और रोजगार प्रभावित होते हैं, तो सरकार को पहले स्पष्ट नीति और उचित समाधान सामने रखना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बसंतपुरा मोड़ पर आंदोलन कर रहे लोगों की बात सुनी जाए और प्रभावित ग्रामीणों की आपत्तियों को आधिकारिक रूप से दर्ज किया जाए। सरमथुरा से आंदोलन की हुंकार आंदोलनकारियों ने कहा है कि उनकी आवाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार एवं प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी। अब सवाल यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर बातचीत करेगा या आंदोलन आगे बढ़ेगा। बसंतपुरा मोड़ से उठी यह आवाज अब धौलपुर-करौली क्षेत्र के गांवों तक पहुंच रही है। ग्रामीणों का कहना है—पहले हमारी बात सुनो, हमारी रोजी-रोटी और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करो, फिर कोई बड़ा फैसला लो। जनता का बड़ा सवाल टाइगर रिजर्व जरूरी है तो ग्रामीणों के भविष्य, जमीन और रोजी-रोटी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? आंदोलन स्थल: बसंतपुरा मोड़, सरमथुरा आंदोलन की शुरुआत: 12 अगस्त 2026 रिपोर्ट: भरत सिंह मीणा | सरमथुरा, धौलपुर राजस्थान लोकल पब्लिकशुरू ऐप | सरमथुरा धौलपुर राजस्थान1