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रंका के बूथ संख्या 355-356 में वॉलिंटियर नसीम अंसारी ने घर-घर जाकर किया एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक रंका प्रखंड के कटरा पंचायत अंतर्गत बूथ संख्या 355 एवं 356 पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत आज बुधवार दो बजे दिन को वॉलिंटियर नसीम अंसारी द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक किया गया। अभियान के दौरान उन्होंने प्रत्येक परिवार से संपर्क कर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की जानकारी दी तथा समय पर फॉर्म जमा करने की अपील की। नसीम अंसारी ने लोगों को बताया कि एसआईआर फॉर्म भरना प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए आवश्यक है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म जमा नहीं किया गया तो भविष्य में मतदाता सूची से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना एसआईआर फॉर्म शीघ्र भरकर जमा करें। अभियान के तीसवें दिन भी उन्होंने बूथ क्षेत्र के विभिन्न टोले और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को मतदान के अधिकार के महत्व से अवगत कराया तथा मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान ग्रामीणों ने भी अभियान में रुचि दिखाई और समय पर फॉर्म भरने का भरोसा दिलाया। वॉलिंटियर नसीम अंसारी ने कहा कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सही रूप से मतदाता सूची में दर्ज रहे, इसके लिए जनसहयोग और जागरूकता बेहद जरूरी है।

4 hrs ago
user_Sunil singh
Sunil singh
रंका, गढ़वा, झारखंड•
4 hrs ago

रंका के बूथ संख्या 355-356 में वॉलिंटियर नसीम अंसारी ने घर-घर जाकर किया एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक रंका प्रखंड के कटरा पंचायत अंतर्गत बूथ संख्या 355 एवं 356 पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत आज बुधवार दो बजे दिन को वॉलिंटियर नसीम अंसारी द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक किया गया। अभियान के दौरान उन्होंने प्रत्येक परिवार से संपर्क कर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की जानकारी दी तथा समय पर फॉर्म जमा करने की अपील की। नसीम अंसारी ने लोगों को बताया कि एसआईआर फॉर्म भरना प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए आवश्यक है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म जमा नहीं किया गया तो भविष्य में मतदाता सूची से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना एसआईआर फॉर्म शीघ्र भरकर जमा करें। अभियान के तीसवें दिन भी उन्होंने बूथ क्षेत्र के विभिन्न टोले और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को मतदान के अधिकार के महत्व से अवगत कराया तथा मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान ग्रामीणों ने भी अभियान में रुचि दिखाई और समय पर फॉर्म भरने का भरोसा दिलाया। वॉलिंटियर नसीम अंसारी ने कहा कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सही रूप से मतदाता सूची में दर्ज रहे, इसके लिए जनसहयोग और जागरूकता बेहद जरूरी है।

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  • रंका के बूथ संख्या 355-356 में वॉलिंटियर नसीम अंसारी ने घर-घर जाकर किया एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक रंका प्रखंड के कटरा पंचायत अंतर्गत बूथ संख्या 355 एवं 356 पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत आज बुधवार दो बजे दिन को वॉलिंटियर नसीम अंसारी द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक किया गया। अभियान के दौरान उन्होंने प्रत्येक परिवार से संपर्क कर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की जानकारी दी तथा समय पर फॉर्म जमा करने की अपील की। नसीम अंसारी ने लोगों को बताया कि एसआईआर फॉर्म भरना प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए आवश्यक है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म जमा नहीं किया गया तो भविष्य में मतदाता सूची से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना एसआईआर फॉर्म शीघ्र भरकर जमा करें। अभियान के तीसवें दिन भी उन्होंने बूथ क्षेत्र के विभिन्न टोले और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को मतदान के अधिकार के महत्व से अवगत कराया तथा मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान ग्रामीणों ने भी अभियान में रुचि दिखाई और समय पर फॉर्म भरने का भरोसा दिलाया। वॉलिंटियर नसीम अंसारी ने कहा कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सही रूप से मतदाता सूची में दर्ज रहे, इसके लिए जनसहयोग और जागरूकता बेहद जरूरी है।
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    रंका के बूथ संख्या 355-356 में वॉलिंटियर नसीम अंसारी ने घर-घर जाकर किया एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक


रंका प्रखंड के कटरा पंचायत अंतर्गत बूथ संख्या 355 एवं 356 पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत आज बुधवार दो बजे दिन को वॉलिंटियर नसीम अंसारी द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक किया गया। अभियान के दौरान उन्होंने प्रत्येक परिवार से संपर्क कर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की जानकारी दी तथा समय पर फॉर्म जमा करने की अपील की।
नसीम अंसारी ने लोगों को बताया कि एसआईआर फॉर्म भरना प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए आवश्यक है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म जमा नहीं किया गया तो भविष्य में मतदाता सूची से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना एसआईआर फॉर्म शीघ्र भरकर जमा करें।
अभियान के तीसवें दिन भी उन्होंने बूथ क्षेत्र के विभिन्न टोले और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को मतदान के अधिकार के महत्व से अवगत कराया तथा मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान ग्रामीणों ने भी अभियान में रुचि दिखाई और समय पर फॉर्म भरने का भरोसा दिलाया। वॉलिंटियर नसीम अंसारी ने कहा कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सही रूप से मतदाता सूची में दर्ज रहे, इसके लिए जनसहयोग और जागरूकता बेहद जरूरी है।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • मेटा ने PM की पोस्ट हटाने पर मांगी माफी क्या मोदी जी आपका वीडियो भी सुरक्षित नहीं है क्या मेटा ने PM की पोस्ट हटाने पर मांगी माफी क्या मोदी जी आपका वीडियो भी सुरक्षित नहीं है क्या
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    मेटा ने PM की पोस्ट हटाने पर मांगी माफी क्या मोदी जी आपका वीडियो भी सुरक्षित नहीं है क्या
मेटा ने PM की पोस्ट हटाने पर मांगी माफी क्या मोदी जी आपका वीडियो भी सुरक्षित नहीं है क्या
    user_Active line News
    Active line News
    Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • नगर परिषद गढ़वा में मनमानी और भेदभाव का आरोप आय व्यय का ब्यौरा की मांग नगर परिषद गढ़वा में मनमानी और भेदभाव का आरोप आय व्यय का ब्यौरा की मांग साफ सफाई , स्ट्रीट लाइट की मरम्मत शौचालय और पेयजल की व्यवस्था पर वार्ड पार्षदों ने खोला मोर्चा कार्यपालक अधिकारी को सौंपा आवेदन 7 दिन में सुधारिए नहीं तो करेंगे उग्र आंदोलन लेंगे कठोर निर्णय
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    नगर परिषद गढ़वा में मनमानी और भेदभाव का आरोप 
आय व्यय का ब्यौरा की मांग
नगर परिषद गढ़वा में मनमानी और भेदभाव का आरोप 
आय व्यय का ब्यौरा की मांग 
साफ सफाई , स्ट्रीट लाइट की मरम्मत 
शौचालय और पेयजल की व्यवस्था 
पर वार्ड पार्षदों ने खोला मोर्चा 
कार्यपालक अधिकारी को सौंपा आवेदन
7 दिन में सुधारिए
नहीं तो करेंगे उग्र आंदोलन
लेंगे कठोर निर्णय
    user_Shital vishwakarma
    Shital vishwakarma
    पत्रकार बिश्नुनपुर, गढवा•
    7 hrs ago
  • परम आदरणीय अति सम्मानित भारत जैसे विशाल देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हैं। जो भारत देश को विश्व गुरु बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं हमारी कामना है फिर 2029 में प्रधानमंत्री पद सुशोभित करेंगे। भारत के प्रधानमंत्री (श्री नरेंद्र मोदी) के लिए राजनीतिक मंचों और समर्थकों द्वारा 'तेजस्वी' (या प्रायः 'यशस्वी और तेजस्वी') विशेषण का प्रयोग उनके प्रभावशाली नेतृत्व, तेज-तर्रार भाषण शैली और ऊर्जावान कार्यशैली को दर्शाने के लिए किया जाता है। [1, 2] सम्मान और विशेषण के कारण ऊर्जावान नेतृत्व: उनकी कार्यशैली में देश और दुनिया के स्तर पर दिखने वाली सक्रियता और दृढ़ता। प्रभावी संवाद शैली: जनता को सीधे जोड़ने और प्रेरित करने की उनकी भाषण कला। सफलता और यश: राजनीतिक व प्रशासनिक मोर्चों पर मिलने वाली सफलताओं को सम्मान देने के लिए समर्थक इस प्रकार के विशेषणों का उपयोग करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक और बुनियादी ढांचे के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं। इस कार्यकाल की सफलता और कमियों का आकलन अलग-अलग दृष्टिकोणों से किया जाता है। [1, 2, 3] विकास और सकारात्मक पक्ष (Progress) बुनियादी ढांचा (Infrastructure): एक्सप्रेसवे, राजमार्गों (प्रतिदिन औसतन 36 किमी सड़क निर्माण), रेलवे और हवाई अड्डों के निर्माण में तेजी आई है। [1, 2] डिजिटलीकरण (Digitalization): UPI और डिजिटल इंडिया ने वित्तीय लेन-देन और सरकारी सेवाओं को आम आदमी तक आसान बनाया है। [1, 2] वैश्विक स्थिति (Global Standing): भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है और वैश्विक मंचों पर देश का प्रभाव बढ़ा है। [1, 2, 3] कल्याणकारी योजनाएं (Welfare Schemes): आवास, मुफ्त राशन, शौचालय और स्वच्छ रसोई गैस (LPG) जैसी योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों तक सीधे पहुँचा है। [1, 2] चुनौतियाँ और आलोचनात्मक पक्ष (Challenges) बेरोजगारी और रोजगार (Employment): युवाओं के लिए पर्याप्त संख्या में बेहतर और स्थायी नौकरियों का सृजन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। [1, 2] आर्थिक असमानता (Inequality): देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ी है तथा धन का संकेंद्रण कुछ ही हाथों में होने के आरोप लगते रहे हैं। [1, 2] विनिर्माण (Manufacturing): 'मेक इन इंडिया' के बावजूद कुल जीडीपी में विनिर्माण (manufacturing) का हिस्सा उम्मीद के मुताबिक तेजी से नहीं बढ़ पाया है। कांग्रेस के लंबे शासनकाल में देश की स्थिति मिश्रित रही, जिसमें बुनियादी ढांचे और शिक्षा का विकास हुआ, लेकिन गरीबी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक उथल-पुथल जैसी चुनौतियाँ भी रहीं।मुख्य उपलब्धियाँ और विकाससंस्थाओं की स्थापना: देश में आईआईटी (IIT), एम्स (AIIMS) और आईआईएम (IIM) जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों की नींव रखी गई।कृषि और उद्योग: हरित क्रांति के जरिए देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया गया और भारी उद्योगों की स्थापना हुई।विज्ञान और अंतरिक्ष: इसरो (ISRO) और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जिससे तकनीकी क्षेत्र में प्रगति हुई।प्रमुख चुनौतियाँ और समस्याएंआर्थिक संकट: 1991 से पहले देश में कई बार आर्थिक और विदेशी मुद्रा भंडार का गंभीर संकट देखा गया।आपातकाल: वर्ष 1975 से 1977 के दौरान देश में आपातकाल (Emergency) लगा, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ा।आंतरिक अशांति: आतंकवाद, भाषाई और क्षेत्रीय विवाद तथा कई राज्यों में अलगाववादी आंदोलनों का सामना करना पड़ा।
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    परम आदरणीय अति सम्मानित भारत जैसे विशाल देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हैं। जो भारत देश को विश्व गुरु बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं हमारी कामना है फिर 2029 में प्रधानमंत्री पद सुशोभित करेंगे।
भारत के प्रधानमंत्री (श्री नरेंद्र मोदी) के लिए राजनीतिक मंचों और समर्थकों द्वारा 'तेजस्वी' (या प्रायः 'यशस्वी और तेजस्वी') विशेषण का प्रयोग उनके प्रभावशाली नेतृत्व, तेज-तर्रार भाषण शैली और ऊर्जावान कार्यशैली को दर्शाने के लिए किया जाता है। [1, 2]
सम्मान और विशेषण के कारण
ऊर्जावान नेतृत्व: उनकी कार्यशैली में देश और दुनिया के स्तर पर दिखने वाली सक्रियता और दृढ़ता।
प्रभावी संवाद शैली: जनता को सीधे जोड़ने और प्रेरित करने की उनकी भाषण कला।
सफलता और यश: राजनीतिक व प्रशासनिक मोर्चों पर मिलने वाली सफलताओं को सम्मान देने के लिए समर्थक इस प्रकार के विशेषणों का उपयोग करते हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक और बुनियादी ढांचे के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं। इस कार्यकाल की सफलता और कमियों का आकलन अलग-अलग दृष्टिकोणों से किया जाता है। [1, 2, 3]
विकास और सकारात्मक पक्ष (Progress)
बुनियादी ढांचा (Infrastructure): एक्सप्रेसवे, राजमार्गों (प्रतिदिन औसतन 36 किमी सड़क निर्माण), रेलवे और हवाई अड्डों के निर्माण में तेजी आई है। [1, 2]
डिजिटलीकरण (Digitalization): UPI और डिजिटल इंडिया ने वित्तीय लेन-देन और सरकारी सेवाओं को आम आदमी तक आसान बनाया है। [1, 2]
वैश्विक स्थिति (Global Standing): भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है और वैश्विक मंचों पर देश का प्रभाव बढ़ा है। [1, 2, 3]
कल्याणकारी योजनाएं (Welfare Schemes): आवास, मुफ्त राशन, शौचालय और स्वच्छ रसोई गैस (LPG) जैसी योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों तक सीधे पहुँचा है। [1, 2]
चुनौतियाँ और आलोचनात्मक पक्ष (Challenges)
बेरोजगारी और रोजगार (Employment): युवाओं के लिए पर्याप्त संख्या में बेहतर और स्थायी नौकरियों का सृजन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। [1, 2]
आर्थिक असमानता (Inequality): देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ी है तथा धन का संकेंद्रण कुछ ही हाथों में होने के आरोप लगते रहे हैं। [1, 2]
विनिर्माण (Manufacturing): 'मेक इन इंडिया' के बावजूद कुल जीडीपी में विनिर्माण (manufacturing) का हिस्सा उम्मीद के मुताबिक तेजी से नहीं बढ़ पाया है।
कांग्रेस के लंबे शासनकाल में देश की स्थिति मिश्रित रही, जिसमें बुनियादी ढांचे और शिक्षा का विकास हुआ, लेकिन गरीबी, भ्रष्टाचार और राजनीतिक उथल-पुथल जैसी चुनौतियाँ भी रहीं।मुख्य उपलब्धियाँ और विकाससंस्थाओं की स्थापना: देश में आईआईटी (IIT), एम्स (AIIMS) और आईआईएम (IIM) जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों की नींव रखी गई।कृषि और उद्योग: हरित क्रांति के जरिए देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया गया और भारी उद्योगों की स्थापना हुई।विज्ञान और अंतरिक्ष: इसरो (ISRO) और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जिससे तकनीकी क्षेत्र में प्रगति हुई।प्रमुख चुनौतियाँ और समस्याएंआर्थिक संकट: 1991 से पहले देश में कई बार आर्थिक और विदेशी मुद्रा भंडार का गंभीर संकट देखा गया।आपातकाल: वर्ष 1975 से 1977 के दौरान देश में आपातकाल (Emergency) लगा, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ा।आंतरिक अशांति: आतंकवाद, भाषाई और क्षेत्रीय विवाद तथा कई राज्यों में अलगाववादी आंदोलनों का सामना करना पड़ा।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेचरिया में विद्यालय प्रबंधन समिति का हुआ चयन। राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेचरिया में विद्यालय प्रबंधन समिति व सरस्वती वाहिनी माता समिति का हुआ चयन। संवाददाता ऊंटारी रोड़। ऊंटारी रोड़ प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेचरिया में स्थानीय वार्ड सदस्य सरिता देवी के अध्यक्षता में पर्यवेक्षक श्री अश्विनी कुमार सिंह तथा वरुण कांत दुबे के निर्देशन में निष्पक्ष एवं प्रदर्शित तरीके से विद्यालय प्रबंधन समिति एवं सरस्वती वाहिनी माता समिति का चयन किया गया जिसमें विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष संजय कुमार मेहता उपाध्यक्ष आरती देवी संयोजिका शकुंतला देवी के रूप में चयन किया गया!ईस आम सभा में मुरमाकला की मुखिया सहीत सैकडों ग्रामीनो ने भाग लिया!विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय यादव जी ने उपस्थित ग्रामीणों को आभार व्यक्त किया एवं नवनियुक्त SMC के तमाम पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बुके देकर सम्मानित किया!ईस कार्यक्रम को सफल बनाने में सैकडों ग्रामीणों के साथ-साथ शिक्षक कामेश्वर यादव,ऋषीकेश चौधरी,प्रमोद राम,चिंता राम,सुरज कुमार विश्वकर्मा ने अहम भूमिका निभाई।
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    राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेचरिया में विद्यालय प्रबंधन समिति का हुआ चयन।

राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेचरिया में विद्यालय प्रबंधन समिति व सरस्वती वाहिनी माता समिति का हुआ चयन।
संवाददाता ऊंटारी रोड़।
ऊंटारी रोड़ प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेचरिया में स्थानीय वार्ड सदस्य सरिता देवी के अध्यक्षता में पर्यवेक्षक श्री अश्विनी कुमार सिंह तथा वरुण कांत दुबे के निर्देशन में निष्पक्ष एवं प्रदर्शित तरीके से विद्यालय प्रबंधन समिति एवं सरस्वती वाहिनी माता समिति का चयन किया गया जिसमें विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष संजय कुमार मेहता उपाध्यक्ष आरती देवी संयोजिका शकुंतला देवी के रूप में चयन किया गया!ईस आम सभा में मुरमाकला की मुखिया सहीत सैकडों ग्रामीनो ने भाग लिया!विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय यादव जी ने उपस्थित ग्रामीणों को आभार व्यक्त किया एवं नवनियुक्त SMC के तमाम पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बुके देकर सम्मानित किया!ईस कार्यक्रम को सफल बनाने में सैकडों ग्रामीणों के साथ-साथ शिक्षक कामेश्वर यादव,ऋषीकेश चौधरी,प्रमोद राम,चिंता राम,सुरज कुमार विश्वकर्मा ने अहम भूमिका निभाई।
    user_Shuru app reporter
    Shuru app reporter
    Press reporter उनतरी रोड, पलामू, झारखंड•
    5 hrs ago
  • -गोचर भूमि में जबरन कब्जा पर ग्रामीणों ने किया विवाद।. बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत कोटसरी में गोचर भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से पशुओं के चरने और बांधने के लिए उपयोग में आने वाली गोचर भूमि का अवैध तरीके से किसी दूसरे गांव के व्यक्ति के नाम पट्टा बना दिया गया है। इस फैसले के विरोध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है और कब्जा नहीं होने देने की चेतावनी देते हुए मामले पर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित जमीन लंबे समय से सार्वजनिक गोचर भूमि के रूप में इस्तेमाल होती रही है, जहां गांव के लोग अपने मवेशियों को चराते और बांधते हैं। आरोप है कि अब इस भूमि का पट्टा दूसरे गांव के व्यक्ति के नाम कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पट्टे की जांच कर उसे निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज करेंगे और किसी भी कीमत पर गोचर भूमि पर कब्जा नहीं होने देंगे। फिलहाल इस मामले को लेकर ग्रामीण लगातार विरोध जता रहे हैं। और मामले पर निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दे रहे हैं तो वहीं मामले पर बलरामपुर एसडीएम का कहना है कि मामले की जांच करने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी फिलहाल प्रशासन कार्रवाई की बात तो कर रहा है पर अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
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    -गोचर भूमि में जबरन कब्जा पर ग्रामीणों ने किया विवाद।.
बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत कोटसरी में गोचर भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से पशुओं के चरने और बांधने के लिए उपयोग में आने वाली गोचर भूमि का अवैध तरीके से किसी दूसरे गांव के व्यक्ति के नाम पट्टा बना दिया गया है। इस फैसले के विरोध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है और कब्जा नहीं होने देने की चेतावनी देते हुए मामले पर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित जमीन लंबे समय से सार्वजनिक गोचर भूमि के रूप में इस्तेमाल होती रही है, जहां गांव के लोग अपने मवेशियों को चराते और बांधते हैं। आरोप है कि अब इस भूमि का पट्टा दूसरे गांव के व्यक्ति के नाम कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पट्टे की जांच कर उसे निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज करेंगे और किसी भी कीमत पर गोचर भूमि पर कब्जा नहीं होने देंगे।
फिलहाल इस मामले को लेकर ग्रामीण लगातार विरोध जता रहे हैं। और मामले पर निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दे रहे हैं तो वहीं मामले पर बलरामपुर एसडीएम का कहना है कि मामले की जांच करने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी फिलहाल प्रशासन कार्रवाई की बात तो कर रहा है पर अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अगर आपका अकाउंट Bank of Baroda में है, तो सतर्क रहने का समय है। डेटा लीक के दावों के बीच बैंक ने कोर बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित बताया है। फिर भी पासवर्ड बदलें, अकाउंट गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तुरंत जांच करें। #bankofbaroda #dataleak #cybersecurity ... अगर आपका अकाउंट Bank of Baroda में है, तो सतर्क रहने का समय है। डेटा लीक के दावों के बीच बैंक ने कोर बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित बताया है। फिर भी पासवर्ड बदलें, अकाउंट गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तुरंत जांच करें। #bankofbaroda #dataleak #cybersecurity ...
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    अगर आपका अकाउंट Bank of Baroda में है, तो सतर्क रहने का समय है। डेटा लीक के दावों के बीच बैंक ने कोर बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित बताया है। फिर भी पासवर्ड बदलें, अकाउंट गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तुरंत जांच करें।

#bankofbaroda #dataleak #cybersecurity ...
अगर आपका अकाउंट Bank of Baroda में है, तो सतर्क रहने का समय है। डेटा लीक के दावों के बीच बैंक ने कोर बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित बताया है। फिर भी पासवर्ड बदलें, अकाउंट गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तुरंत जांच करें।
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    user_Active line News
    Active line News
    Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • सड़क हादसे से ज्यादा अस्पताल की बदहाली बनी चर्चा, डॉक्टर नहीं मिले, एंबुलेंस ने भी खड़े किए हाथ, इलाज के इंतजार में तड़पते रहे दो गंभीर घायल, निजी वाहन से गढ़वा भेजना पड़ा चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनिया थाना क्षेत्र के बिलैतीखैर गांव में मंगलवार की शाम करीब सात बजे एक भीषण सड़क हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब तीन युवक हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल से छत्तीसगढ़ से अपने घर लौट रहे थे। बिलैतीखैर गांव के पास बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घायलों की पहचान छतैलिया गांव निवासी कमलेश कोरवा (22 वर्ष), पिता सोमारू कोरवा तथा प्रेम कोरवा (18 वर्ष), पिता मोहन कोरवा के रूप में हुई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों घायलों को चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। अस्पताल में एएनएम बबीता कुमारी एवं सुशीला टोप्पो ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण दोनों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा रेफर कर दिया गया। इस दौरान अस्पताल की बदहाल व्यवस्था सामने आ गई। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद एंबुलेंस चालक ने वाहन के टायर खराब होने की बात कहकर गढ़वा ले जाने में असमर्थता जताई। घटना की सूचना मिलते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी मोहम्मद फरीद खान अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी से फोन पर बात कर तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। इस दौरान मोहम्मद फरीद खान तथा ग्रामीण रामसागर यादव ने स्थानीय विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनका कहना था कि स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से इस दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने सांसद पर भी अस्पताल की लचर व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन हालात में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। अंततः परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था कर दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा। घटना के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में डॉक्टर और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होते तो घायल मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार मिल सकता था।
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    सड़क हादसे से ज्यादा अस्पताल की बदहाली बनी चर्चा, डॉक्टर नहीं मिले, एंबुलेंस ने भी खड़े किए हाथ, इलाज के इंतजार में तड़पते रहे दो गंभीर घायल, निजी वाहन से गढ़वा भेजना पड़ा
चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट
चिनिया थाना क्षेत्र के बिलैतीखैर गांव में मंगलवार की शाम करीब सात बजे एक भीषण सड़क हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब तीन युवक हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल से छत्तीसगढ़ से अपने घर लौट रहे थे। बिलैतीखैर गांव के पास बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
घायलों की पहचान छतैलिया गांव निवासी कमलेश कोरवा (22 वर्ष), पिता सोमारू कोरवा तथा प्रेम कोरवा (18 वर्ष), पिता मोहन कोरवा के रूप में हुई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों घायलों को चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
अस्पताल में एएनएम बबीता कुमारी एवं सुशीला टोप्पो ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण दोनों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा रेफर कर दिया गया। इस दौरान अस्पताल की बदहाल व्यवस्था सामने आ गई। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद एंबुलेंस चालक ने वाहन के टायर खराब होने की बात कहकर गढ़वा ले जाने में असमर्थता जताई।
घटना की सूचना मिलते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी मोहम्मद फरीद खान अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी से फोन पर बात कर तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
इस दौरान मोहम्मद फरीद खान तथा ग्रामीण रामसागर यादव ने स्थानीय विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनका कहना था कि स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से इस दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं दिख रहे हैं।
उन्होंने सांसद पर भी अस्पताल की लचर व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन हालात में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
अंततः परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था कर दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा। घटना के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में डॉक्टर और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होते तो घायल मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार मिल सकता था।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
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