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छिंदवाड़ा नगर पालिका निगम ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वार्ड 45 में एक बड़े वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। सोमवार दोपहर 12 बजे साईं मंदिर के पास आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और जन जागरूकता बढ़ाना था। महापौर विक्रम अहाके और आयुक्त सी.पी. राय के निर्देशन में, इस कार्यक्रम में फलदार, छायादार और औषधीय कई प्रजातियों के पौधे रोपे गए। इसमें स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर बादल भरद्वाज, स्वच्छता चैंपियन डॉ. मीरा पराड़कर और नगर निगम की स्वच्छता टीम सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर पौधों के संरक्षण और शहर को स्वच्छ, स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प लिया। निगम ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजनों से शहर में हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण के प्रति स्थानीय जिम्मेदारी मजबूत होगी।
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छिंदवाड़ा नगर पालिका निगम ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वार्ड 45 में एक बड़े वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। सोमवार दोपहर 12 बजे साईं मंदिर के पास आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और जन जागरूकता बढ़ाना था। महापौर विक्रम अहाके और आयुक्त सी.पी. राय के निर्देशन में, इस कार्यक्रम में फलदार, छायादार और औषधीय कई प्रजातियों के पौधे रोपे गए। इसमें स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर बादल भरद्वाज, स्वच्छता चैंपियन डॉ. मीरा पराड़कर और नगर निगम की स्वच्छता टीम सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर पौधों के संरक्षण और शहर को स्वच्छ, स्वस्थ बनाए रखने का संकल्प लिया। निगम ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजनों से शहर में हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण के प्रति स्थानीय जिम्मेदारी मजबूत होगी।
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- बदायूँ में आज धरने का सातवाँ दिन है, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, जिला चिकित्सालय के निकट जारी है।1
- छिंदवाड़ा जिले के परासिया विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत धमनिया में 33 kV विद्युत सब-स्टेशन का भूमिपूजन संपन्न हुआ। यह सब-स्टेशन परासिया विधायक सोहनलाल बाल्मीक जी के अथक प्रयासों के बाद शासन द्वारा स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना से वर्षों से बिजली की समस्या का सामना कर रही लगभग 6 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों और किसानों को राहत मिलेगी। इस 33 kV सब-स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ होगी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर बिजली उपलब्ध हो पाएगी और आमजन को भी निर्बाध विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। यह विकास कार्य क्षेत्र की जनता की सुविधा, किसानों की समृद्धि और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- दशकों पहले छिंदवाड़ा जिला, जिसे कोयले के कारण 'हीरे के नाम' से पहचाना जाता था और जहाँ परासिया, जमाई तथा दमोह जैसे विभिन्न विकासखंडों में कई खदानें संचालित होने से रोजगार एवं व्यापार में खासी रौनक थी, वहाँ अब हालात बदल गए हैं। बीते लगभग 15 वर्षों से प्रशासन द्वारा लगातार खदानें बंद की जा रही हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। मध्य भारत के इस जिले में, खासकर परासिया-पेंच और कन्हान क्षेत्र में, कभी कई भूमिगत और ओपन कास्ट कोयला खदानें थीं। ये खदानें धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं और नियमित कामगार भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी वजह से क्षेत्र के कई पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। क्षेत्र के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक लगातार कोयला मंत्रालय को पत्र लिखकर एवं उच्च अधिकारियों से मिलकर नई खदानें खोलने का अनुरोध कर रहे हैं, ताकि स्थानीय व्यापार को फिर से फायदा मिल सके। जानकारी के अनुसार, बीते कई वर्षों से कोयला मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत कई क्षेत्र निजी सेक्टर में चले गए हैं, और वर्ष 2004 के बाद से कोयला कामगारों को मिलने वाली पेंशन की सुविधा भी बंद कर दी गई है। पेंच और कन्हान क्षेत्र की पुरानी रौनक अब पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे कोयलांचल क्षेत्र का अस्तित्व ही अंतिम चरण में पहुँच गया है, जहाँ काम के अभाव के कारण व्यापार में लगातार गिरावट आ रही है।1
- दिनांक 06/07/2026, सोमवार को आसरा की रसोई ने हर माह की तरह इस बार भी विक्षिप्त एवं असहाय व्यक्तियों के लिए भोजन की व्यवस्था की। यह सेवा माननीयो के द्वारा संचालित की गई, जिसमें जरूरतमंदों को भोजन कराया गया।1
- कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को केवलारी में एक विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में स्थित प्रसिद्ध जाम सांवली हनुमान धाम में इन दिनों आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से हजारों श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से देर शाम तक भक्तों का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से बजरंगबली के चरणों में माथा टेककर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर 'जय श्रीराम' और 'जय बजरंगबली' के जयघोष से गूंज रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। धाम में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं, और मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा व व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, जिससे दर्शन सुचारु रूप से संपन्न हो रहे हैं। जाम सांवली हनुमान धाम अपनी धार्मिक आस्था और चमत्कारिक मान्यताओं के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। यही कारण है कि हर सप्ताह और विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इन दिनों उमड़ रही भक्तों की भारी भीड़ एक बार फिर इस धाम के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है।1
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