भिंड में अवसर सोशल फाउंडेशन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के अभिभावकों के लिए एक मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कुल 8 अभिभावक और 25 बच्चे उपस्थित रहे, जिसका मुख्य उद्देश्य इन परिवारों को सहयोग प्रदान करना और बच्चों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना था। बैठक के दौरान बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, उनके व्यवहारिक विकास और नियमित उपस्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया और उनसे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय व अध्ययन से जोड़े रखने का आग्रह किया गया। साथ ही, बाल श्रम से दूर रखते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवार की सक्रिय भूमिका पर भी बातचीत हुई। बैठक के अंत में, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रोत्साहन देने के लिए 20-20 किलोग्राम आटे का वितरण किया गया। अवसर सोशल फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवम सिंह राजावत ने इस अवसर पर बच्चों की शिक्षा में परिवार की सक्रिय भूमिका के महत्व को रेखांकित किया।
भिंड में अवसर सोशल फाउंडेशन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के अभिभावकों के लिए एक मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कुल 8 अभिभावक और 25 बच्चे उपस्थित रहे, जिसका मुख्य उद्देश्य इन परिवारों को सहयोग प्रदान करना और बच्चों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना था। बैठक के दौरान बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, उनके व्यवहारिक विकास और नियमित उपस्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया और उनसे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय व अध्ययन से जोड़े रखने का आग्रह किया गया। साथ ही, बाल श्रम से दूर रखते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवार की सक्रिय भूमिका पर भी बातचीत हुई। बैठक के अंत में, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रोत्साहन देने के लिए 20-20 किलोग्राम आटे का वितरण किया गया। अवसर सोशल फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवम सिंह राजावत ने इस अवसर पर बच्चों की शिक्षा में परिवार की सक्रिय भूमिका के महत्व को रेखांकित किया।
- इटावा में पीड़ित बेटी रिचा तिवारी के पिताजी, श्री कृष्णकांत तिवारी, ने अपना बयान देते हुए अपनी बात रखी है।1
- राजधानी लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र स्थित गोल मार्केट में एक व्यक्ति द्वारा खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रौब झाड़ने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह व्यक्ति एक दुकान पर बन-मक्खन खाने के बाद बिना भुगतान किए जाने लगा, और जब दुकानदार ने उससे पैसे मांगे तो उसने खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताते हुए धौंस जमाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस व्यक्ति ने दुकानदार से कहा कि वह नोएडा का आईपीएस अधिकारी है और उसे सैल्यूट किया जाए। व्यक्ति की बातों और उसके व्यवहार पर दुकानदार को संदेह हुआ, जिसके बाद उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस के सामने भी संबंधित व्यक्ति भुगतान करने में आनाकानी करता रहा, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह व्यक्ति वास्तव में कौन है और उसने खुद को आईपीएस अधिकारी बताने का दावा क्यों किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- आगरा के एमजी रोड पर स्थित आगरा कॉलेज के सामने सड़क के बीच बनी एक मजार को हटा दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी में अत्यंत शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। इस मजार को हटाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी, क्योंकि यह यातायात में बड़ी बाधा उत्पन्न कर रही थी और सड़क हादसों की आशंका भी बनी रहती थी। मजार को सड़क के बीच से हटाकर, उसके ठीक सामने स्थित एक बड़ी मजार में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस स्थानांतरण प्रक्रिया में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने एकजुटता और भाईचारे के साथ सहयोग किया। पूरी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। यह पूरी प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।2
- भिंड जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक 'अंधे कत्ल' का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 3 जून को ग्राम पिपरौली के पास बम्बा किनारे खेतों में एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरे पर फावड़े से वार किए गए थे। मेहगांव पुलिस ने इस जघन्य मामले को मात्र 10 दिनों में सुलझा लिया और आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रेम प्रसंग के कारण हुई थी। मुख्य आरोपी का मृतका के साथ संबंध था, लेकिन वह एक अन्य महिला से भी जुड़ा हुआ था। मृतका लगातार मुख्य आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जिसके चलते आरोपी ने अपनी दूसरी प्रेमिका और एक अन्य साथी के साथ मिलकर महिला की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत, आरोपियों ने महिला का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें साइबर सेल और एफएसएल टीम भी शामिल थी। तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक परीक्षणों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 13 जून को तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। भिंड पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मेहगांव एसडीओपी श्री संजय कौछा ने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच से इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया।1
- जब शासन-प्रशासन की व्यवस्था में कमी दिखाई देती है, तो किसान अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए स्वयं पहल कर रहे हैं। इसी क्रम में किसानों ने अपनी एक पंचायत आयोजित की, जहाँ उन्होंने आपसी बातचीत के माध्यम से कई उदाहरण देते हुए मुद्दों को निपटाने का प्रयास किया। यह दर्शाता है कि किसान एकजुट होकर अपने हितों के लिए स्वयं समाधान खोजने में जुटे हैं।1
- महिला एवं बाल विकास विभाग के बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावों के विपरीत, ग्राम पंचायत डिरोलीपार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 की जमीनी हकीकत बेहद दयनीय और बदहाल है। केंद्र की स्थिति इतनी खराब है कि यहां आने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही गंभीर खतरे में हैं। परिसर चारों ओर से झाड़-झंखाड़ और घास-फूस से भरा है, जो जंगल का रूप ले चुका है, जिससे सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा हमेशा बना रहता है। केंद्र की बाउंड्री वॉल भी जर्जर और क्षतिग्रस्त है, जिससे परिसर सुरक्षित नहीं है और आवारा पशुओं व असामाजिक तत्वों का प्रवेश कभी भी हो सकता है। सबसे शर्मनाक स्थिति पेयजल व्यवस्था को लेकर है, जहां बच्चों के लिए पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, और वे भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि साफ-सफाई, बाउंड्री निर्माण और पेयजल व्यवस्था की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे निरीक्षणों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। इस गंभीर मामले में पक्ष जानने के लिए परियोजना अधिकारी हरनौत शर्मा से कई बार दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जिससे विभाग का पक्ष सामने नहीं आ सका। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल केंद्र क्रमांक-02 डिरोलीपार की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि परिसर की साफ-सफाई, झाड़-झंखाड़ हटाने, बाउंड्री वॉल का निर्माण और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि जब आंगनबाड़ी जैसे संवेदनशील केंद्रों में बच्चों को स्वच्छ परिसर, सुरक्षित वातावरण और पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, तब महिला एवं बाल विकास विभाग आखिर किस विकास की तस्वीर पेश कर रहा है।3
- इटावा जनपद के बकेवर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने 16 जून को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर एक व्यक्ति पर लगातार उत्पीड़न, धमकी और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। बस्ती महेवा निवासी रिया तिवारी पत्नी कृष्णकांत तिवारी ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि करीब दो वर्ष पूर्व एक व्यक्ति उनके घर आया था, जिसे उनके परिवार के एक सदस्य ने पहचान लिया था। महिला का आरोप है कि उक्त व्यक्ति कई बार जेल जा चुका है और लोगों को फर्जी पुलिस अधिकारी तथा पत्रकार बनकर फोन पर धमकाता और दबाव बनाता है। रिया तिवारी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उनके परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं। इसके साथ ही, वह फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दे रहा है, जिसके कारण उनका परिवार मानसिक तनाव और भय के माहौल में जीवन यापन कर रहा है। महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए गए इस प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने की संभावना है।1
- आगरा के फतेहाबाद में एक तेज रफ्तार थार गाड़ी के कहर से ससुराल से लौट रहे एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में भीषण बवाल मच गया। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल भी हुआ, जबकि चालक अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। युवक की मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया, जिससे जनाक्रोश भड़क उठा। गुस्साए लोगों ने फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया, जिससे तनाव का माहौल बन गया। हंगामे और पथराव के दौरान एक दरोगा भी घायल हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा और हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। पुलिस ने सड़क जाम करने और विरोध प्रदर्शन करने वाले चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। हादसे के बाद से फरार थार चालक की तलाश में पुलिस ने दबिश तेज कर दी है और उसे पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक, सड़क जाम हटा लिया गया था, चार प्रदर्शनकारी पुलिस हिरासत में थे और फरार चालक की तलाश अभी भी जारी थी। फतेहाबाद में पूरे दिन यह 'हाई वोल्टेज ड्रामा' चलता रहा, जिसमें रफ्तार ने एक जान छीन ली और विरोध करने वालों पर भी कार्रवाई हुई।2