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जब शासन-प्रशासन की व्यवस्था में कमी दिखाई देती है, तो किसान अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए स्वयं पहल कर रहे हैं। इसी क्रम में किसानों ने अपनी एक पंचायत आयोजित की, जहाँ उन्होंने आपसी बातचीत के माध्यम से कई उदाहरण देते हुए मुद्दों को निपटाने का प्रयास किया। यह दर्शाता है कि किसान एकजुट होकर अपने हितों के लिए स्वयं समाधान खोजने में जुटे हैं।
राम बाबू
जब शासन-प्रशासन की व्यवस्था में कमी दिखाई देती है, तो किसान अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए स्वयं पहल कर रहे हैं। इसी क्रम में किसानों ने अपनी एक पंचायत आयोजित की, जहाँ उन्होंने आपसी बातचीत के माध्यम से कई उदाहरण देते हुए मुद्दों को निपटाने का प्रयास किया। यह दर्शाता है कि किसान एकजुट होकर अपने हितों के लिए स्वयं समाधान खोजने में जुटे हैं।
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- जब शासन-प्रशासन की व्यवस्था में कमी दिखाई देती है, तो किसान अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए स्वयं पहल कर रहे हैं। इसी क्रम में किसानों ने अपनी एक पंचायत आयोजित की, जहाँ उन्होंने आपसी बातचीत के माध्यम से कई उदाहरण देते हुए मुद्दों को निपटाने का प्रयास किया। यह दर्शाता है कि किसान एकजुट होकर अपने हितों के लिए स्वयं समाधान खोजने में जुटे हैं।1
- महिला एवं बाल विकास विभाग के बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावों के विपरीत, ग्राम पंचायत डिरोलीपार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 की जमीनी हकीकत बेहद दयनीय और बदहाल है। केंद्र की स्थिति इतनी खराब है कि यहां आने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही गंभीर खतरे में हैं। परिसर चारों ओर से झाड़-झंखाड़ और घास-फूस से भरा है, जो जंगल का रूप ले चुका है, जिससे सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा हमेशा बना रहता है। केंद्र की बाउंड्री वॉल भी जर्जर और क्षतिग्रस्त है, जिससे परिसर सुरक्षित नहीं है और आवारा पशुओं व असामाजिक तत्वों का प्रवेश कभी भी हो सकता है। सबसे शर्मनाक स्थिति पेयजल व्यवस्था को लेकर है, जहां बच्चों के लिए पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, और वे भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि साफ-सफाई, बाउंड्री निर्माण और पेयजल व्यवस्था की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे निरीक्षणों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। इस गंभीर मामले में पक्ष जानने के लिए परियोजना अधिकारी हरनौत शर्मा से कई बार दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जिससे विभाग का पक्ष सामने नहीं आ सका। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल केंद्र क्रमांक-02 डिरोलीपार की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि परिसर की साफ-सफाई, झाड़-झंखाड़ हटाने, बाउंड्री वॉल का निर्माण और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि जब आंगनबाड़ी जैसे संवेदनशील केंद्रों में बच्चों को स्वच्छ परिसर, सुरक्षित वातावरण और पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, तब महिला एवं बाल विकास विभाग आखिर किस विकास की तस्वीर पेश कर रहा है।3
- भिंड जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक 'अंधे कत्ल' का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 3 जून को ग्राम पिपरौली के पास बम्बा किनारे खेतों में एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरे पर फावड़े से वार किए गए थे। मेहगांव पुलिस ने इस जघन्य मामले को मात्र 10 दिनों में सुलझा लिया और आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रेम प्रसंग के कारण हुई थी। मुख्य आरोपी का मृतका के साथ संबंध था, लेकिन वह एक अन्य महिला से भी जुड़ा हुआ था। मृतका लगातार मुख्य आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जिसके चलते आरोपी ने अपनी दूसरी प्रेमिका और एक अन्य साथी के साथ मिलकर महिला की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत, आरोपियों ने महिला का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें साइबर सेल और एफएसएल टीम भी शामिल थी। तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक परीक्षणों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 13 जून को तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। भिंड पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मेहगांव एसडीओपी श्री संजय कौछा ने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच से इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया।1
- दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।3
- मध्य प्रदेश के डबरा अंतर्गत भितरवार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन जिनालय को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया है। पुराना बाजार के वार्ड क्रमांक 12 में बने इस मंदिर के शिखर पर लगे लाखों रुपये मूल्य के अष्टधातु के कलश अज्ञात चोर चोरी कर ले गए हैं। यह चोरी मंगलवार देर शाम उस समय सामने आई जब श्रद्धालु पूजा-वंदना के लिए मंदिर पहुंचे और उन्होंने शिखर से कलश गायब देखे, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया गया है कि ये कीमती अष्टधातु कलश वर्ष 2020 में नववेदी निर्माण के बाद मंदिर के शिखर पर स्थापित किए गए थे। घटना की सूचना मिलते ही भितरवार थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा अपने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्य जुटाकर अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी हुई है।3
- ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में, अज्ञात चोरों ने अब घरों के बजाय मंदिरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिससे एक संवेदनशील मामला सामने आया है। भितरवार के सबसे पुराने जैन मंदिर, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन जिनालय से लाखों रुपये के अष्टधातु के कलश चोरी हो गए हैं। चोर नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित पुराना बाजार के इस मंदिर के शिखर पर लगे अष्टधातु के लाखों रुपये के लगभग 24 कलश चुरा ले गए। इसके साथ ही मंदिर परिसर के शौचालयों में लगी स्टील और पीतल की पानी की कई टोंटियां भी गायब मिलीं। यह वारदात सोमवार और मंगलवार की रात को हुई, जिसकी जानकारी जैन समुदाय के लोगों को मंगलवार की देर शाम तब लगी जब वे रोजाना की तरह मंदिर पहुंचे। वर्ष 2020 में नववेदी निर्माण के बाद मंदिर के शिखर पर ये छोटे-बड़े अष्टधातु के कलश लगाए गए थे। मंगलवार शाम को सिंघई ऋषभ कुमार जैन जब पूजा-अर्चना के बाद मंदिर पहुंचे, तो उनकी नजर अचानक शिखर पर लगे कलशों पर पड़ी और उन्हें गायब देखकर वे हतप्रभ रह गए। उन्होंने तुरंत अपने परिवार के सदस्यों और जैन समुदाय के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कई लोग मंदिर पर पहुंच गए। समुदाय के लोगों ने तत्काल भितरवार पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद भितरवार एसडीओपी जितेंद्र नगाइच और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जैन समुदाय के लोगों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और मौजूद पुलिस बल को तकनीकी साक्ष्य जुटाने तथा चोरों की शीघ्र तलाश शुरू करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कलश कब चोरी हुए, लेकिन चोरी की पुष्टि हुई है। मामले की जांच तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है, और सुबह फिंगरप्रिंट व डॉग एक्सपर्ट टीम को भी तहकीकात के लिए बुलाया जाएगा।3
- सेंवढ़ा में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी सुनील बनौरिया ने की, जिसमें मुस्लिम और हिंदू समाज के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मोहर्रम जुलूस, ताजिया मार्ग, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी सुनील बनौरिया ने सभी उपस्थित लोगों से भाईचारे और सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील करते हुए अफवाहों से दूर रहने का संदेश दिया। समाज के वरिष्ठजनों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने और मोहर्रम पर्व को परंपरागत एवं शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का भरोसा दिलाया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी समुदायों के बीच समन्वय स्थापित कर मोहर्रम पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना रहा। पुलिस प्रशासन और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने मिलकर सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया, ताकि यह पर्व आपसी एकता के साथ मनाया जा सके।1
- भिड जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ररुआ नं 2 में खेतों से होकर गुजर रही हाइटेंशन बिजली लाइन किसानों के लिए जानलेवा खतरा बन गई है। इन दिनों हंकाई और जुताई की तैयारी शुरू होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खेतों में झूल रहे बिजली के तारों के चलते खेती कार्य के दौरान कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के बारे में आलमपुर जेइ और लाइनमैन को सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। ररुआ निवासी उदय वीर सिंह ने विशेष रूप से बताया कि उनके खेत से गुजर रही 11 केवी की बिजली लाइन के तार जमीन से करीब पांच फीट ऊपर लटक रहे हैं, जिससे ट्रैक्टर से हंकाई और जुताई करते समय करंट लगने का खतरा रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर इन बिजली लाइनों को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे से बचा जा सके।1