भिंड जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक 'अंधे कत्ल' का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 3 जून को ग्राम पिपरौली के पास बम्बा किनारे खेतों में एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरे पर फावड़े से वार किए गए थे। मेहगांव पुलिस ने इस जघन्य मामले को मात्र 10 दिनों में सुलझा लिया और आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रेम प्रसंग के कारण हुई थी। मुख्य आरोपी का मृतका के साथ संबंध था, लेकिन वह एक अन्य महिला से भी जुड़ा हुआ था। मृतका लगातार मुख्य आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जिसके चलते आरोपी ने अपनी दूसरी प्रेमिका और एक अन्य साथी के साथ मिलकर महिला की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत, आरोपियों ने महिला का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें साइबर सेल और एफएसएल टीम भी शामिल थी। तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक परीक्षणों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 13 जून को तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। भिंड पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मेहगांव एसडीओपी श्री संजय कौछा ने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच से इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
भिंड जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक 'अंधे कत्ल' का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 3 जून को ग्राम पिपरौली के पास बम्बा किनारे खेतों में एक अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरे पर फावड़े से वार किए गए थे। मेहगांव पुलिस ने इस जघन्य मामले को मात्र 10 दिनों में सुलझा लिया और आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रेम प्रसंग के कारण हुई थी। मुख्य आरोपी का मृतका के साथ संबंध था, लेकिन वह एक अन्य महिला से भी जुड़ा हुआ था। मृतका लगातार मुख्य आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जिसके चलते आरोपी ने अपनी दूसरी प्रेमिका और एक अन्य साथी के साथ मिलकर महिला की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत, आरोपियों ने महिला का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें साइबर सेल और एफएसएल टीम भी शामिल थी। तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक परीक्षणों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 13 जून को तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। भिंड पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मेहगांव एसडीओपी श्री संजय कौछा ने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच से इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
- ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में, अज्ञात चोरों ने अब घरों के बजाय मंदिरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिससे एक संवेदनशील मामला सामने आया है। भितरवार के सबसे पुराने जैन मंदिर, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन जिनालय से लाखों रुपये के अष्टधातु के कलश चोरी हो गए हैं। चोर नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित पुराना बाजार के इस मंदिर के शिखर पर लगे अष्टधातु के लाखों रुपये के लगभग 24 कलश चुरा ले गए। इसके साथ ही मंदिर परिसर के शौचालयों में लगी स्टील और पीतल की पानी की कई टोंटियां भी गायब मिलीं। यह वारदात सोमवार और मंगलवार की रात को हुई, जिसकी जानकारी जैन समुदाय के लोगों को मंगलवार की देर शाम तब लगी जब वे रोजाना की तरह मंदिर पहुंचे। वर्ष 2020 में नववेदी निर्माण के बाद मंदिर के शिखर पर ये छोटे-बड़े अष्टधातु के कलश लगाए गए थे। मंगलवार शाम को सिंघई ऋषभ कुमार जैन जब पूजा-अर्चना के बाद मंदिर पहुंचे, तो उनकी नजर अचानक शिखर पर लगे कलशों पर पड़ी और उन्हें गायब देखकर वे हतप्रभ रह गए। उन्होंने तुरंत अपने परिवार के सदस्यों और जैन समुदाय के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कई लोग मंदिर पर पहुंच गए। समुदाय के लोगों ने तत्काल भितरवार पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद भितरवार एसडीओपी जितेंद्र नगाइच और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जैन समुदाय के लोगों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और मौजूद पुलिस बल को तकनीकी साक्ष्य जुटाने तथा चोरों की शीघ्र तलाश शुरू करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कलश कब चोरी हुए, लेकिन चोरी की पुष्टि हुई है। मामले की जांच तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है, और सुबह फिंगरप्रिंट व डॉग एक्सपर्ट टीम को भी तहकीकात के लिए बुलाया जाएगा।3
- ग्वालियर की बीजेपी जिला मंत्री प्रिया तोमर को उनके जन्मदिवस के अवसर पर भाजपा परिवार और ग्वालियर शहरवासियों की ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ प्राप्त हुईं। शहर के लोगों ने उन्हें इस खास दिन पर अपनी शुभकामनाएं दीं।1
- अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी किए जाने के बाद उन्होंने टिप्पणी करने वालों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम के बाद, योगी ने अखिलेश यादव को नसीहत दी।1
- दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।3
- ग्वालियर के एसपी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई है। युवक ने आरोप लगाया है कि उसका ताऊ का लड़का उसे लगातार झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहा है।1
- अमावस्या के अवसर पर सेवड़ा के प्रसिद्ध सनकुआं धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े, जिससे वहां भक्तों का जनसैलाब उमड़ आया। इस दौरान क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से भगवान भरोसे नजर आई। व्यवस्थाओं के अभाव के कारण कई श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू यातायात सुनिश्चित करने में समस्याएँ उत्पन्न हुईं।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक युवक पेट्रोल पंप से अपनी कार में डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए ही भाग निकला। झाड़ौली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना के बाद, पेट्रोल पंप संचालक ने तुरंत उस युवक का पीछा किया और उसे भितरवार अस्पताल के पास सड़क पर ही पकड़ लिया। संचालक युवक को उसकी कार से बाहर निकालकर अपने साथ ले गया। इस दौरान युवक की कार सड़क के बीचो-बीच खड़ी रह गई, जिससे उस क्षेत्र में लंबा यातायात जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार की चाबी न होने के कारण उसे तुरंत रास्ते से हटाना संभव नहीं हो पाया। आखिरकार, पुलिस ने कार की चाबी मंगवाकर उसे सड़क से हटवाया, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका और जाम खुला।1
- भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की जान भी चली गई है। इन गंभीर घटनाओं के बाद भी भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और सवाल खड़े हो गए हैं। देश की जनता अब यह बड़ा सवाल उठा रही है कि इन हमलों के बाद सरकार अभी तक मौन क्यों है। लोगों की प्रमुख चिंता यह है कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सकेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा या भारत सरकार ऐसे ही मौन रहेगी।1
- दतिया से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक जीजा अपनी बहन के पति का रिश्ता तुड़वाना चाहता है। इस ब्लैकमेलिंग और गंभीर आरोपों के चलते दंपति गहरी चिंता में है, जिसके परिणामस्वरूप ससुराल वालों ने लड़की को छोड़ दिया है। बताया गया है कि यह जीजा तेरावी बटालियन का कर्मचारी योगेश सेन है, जो शिवपुरी जिले में पदस्थ है।1